राजस्थान में कोटा शहर की ख्याति प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तो है ही, लेकिन इस शहर को अब सुसाइड सिटी के रूप में भी कुख्याति मिलने लगी है. सुसाइड के मामले यहां थमते नजर नहीं आ रहे है.
इस साल के बीते आठ महीने में ही यहां 23 छात्र छात्राओं ने सुसाइड किया है. इनमें 23वीं सुसाइड मंगलवार को हुई है. इस बार नीट की तैयारी करने आई एक छात्रा ने सुसाइड किया है. यह छात्रा पांच महीने पहले ही यहां आई और विज्ञान नगर थाना क्षेत्र में रह कर एक कोचिंग में पढ़ाई कर रही थी.
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. यह छात्रास झारखंड की रहने वाली थी. पुलिस ने छात्रा के परिजनों को सूचित करने के साथ ही घटना के कारणों की जांच पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक इस साल कोटा में छात्रों के सुसाइड के मामले बेतहाशा बढ़े हैं. इस वर्ष ही 23 स्टूडेंट मौत का विकल्प चुनते हुए फांसी लगा चुके हैं.
विज्ञाननगर थाने के एएसआई अमर कुमार ने बताया कि छात्रा की पहचान मूल रूप से रांची झारखंड की रहने वाली रिचा सिन्हा (16) के रूप में हुई है. पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि रिचा कोटा में रहकर नीट की तैयारी के लिए पांच महीने पहले मई महीने में ही आई थी. यहां उसने इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स स्थित हॉस्टल में कमरा लिया था. पड़ोस में रह रही अन्य छात्राओं से पूछताछ में पता चला है कि वह मंगलवार की शाम से ही कमरे से बाहर नहीं आई थी.
संदेह होने पर बुधवार की सुबह दरवाजा की झिरी से झांककर देखा गया और कमरे की स्थिति देखकर दरवाजा तोड़ा गया. मौके पर मौजूद लोगों ने उसे फंदे से उतार कर अस्पताल पहुंचाया, जहां से पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार देर रात का है. पुलिस को तलवंडी स्थित निजी अस्पताल से सूचना मिली थी. इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लिया है. पुलिस ने बताया कि फिलहाल शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है. परिजनों के आने पर पोस्टमार्टम कराया जाएगा.
जमशेदपुर : साकची गुरुद्वारा द्वारा प्रकाशोत्सव को समर्पित निकाली गयी शोभा यात्रा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के सम्मान में ‘धन्य है धन्य है धन्य है पंथ खालसा धन्य है’ और ‘सब सिख्खण को हुक्म है गुरु मान्यो ग्रन्थ’ के जयकारे के साथ संगत ने साकची गुरुद्वारा की नयी पालकी में गुरु ग्रन्थ साहिब को विराजमान किया। बुधवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के प्रकाशोत्सव के मौके पर साकची गुरुद्वारा में अरदास उपरांत एक शोभा यात्रा निकाली गयी जहाँ सिख संगत ने पुरे उत्साह, श्रद्धा भाव और सत्कार से शामिल होकर शोभा यात्रा को सफल बनाया। (जारी…)
शोभा यात्रा साकची गुरुद्वारा साहिब से शुरू होकर कालीमाटी रोड, बसंत टॉकीज गोलचक्कर, काशीडीह मोड़ गोलचक्कर होते हुए वापस साकची गुरुद्वारा में संपन्न हुई। शोभा यात्रा की अगुवाई स्त्री सत्संग सभा और सुखमणि साहिब जत्था की बीबियों ने किया। प्रधान निशान सिंह, ट्रस्टी सतनाम सिंह सिद्धू-अवतार सिंह फुर्ती-जगजीत सिंह, महासचिव परमजीत सिंह काले, जोगिन्दर सिंह जोगी, सतनाम सिंह घुम्मन, देवेंद्र सिंह मारवाह, जगमिंदर सिंह, ताज सिंह, मनमोहन सिंह, जसबीर सिंह गाँधी, महेंद्र सिंह, सुखविंदर सिंह निक्कू, त्रिलोचन सिंह तोची, बलबीर सिंह, अवतार सिंह, अमरपाल सिंह, नानक सिंह, कीताडीह के अर्जुन सिंह वालिया समेत साकची कमिटी के सभी सदस्य शोभा यात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल हुए। जबकि मनप्रीत सिंह के नेतृत्व में नौजवान सभा के युवकों ने ट्रैफिक कंट्रोलर की भूमिका बखूबी निभाई। शोभा यात्रा समाप्ति की अरदास के बाद गुरु ग्रन्थ साहिब को श्रद्धा भाव और सम्मानपूर्वक नयी पालकी साहिब में विराजमान किया गया। साकची गुरुद्वारा के ग्रंथी अमृतपाल सिंह मन्नण ने अखंड पाठ आरम्भ किया जिसमे सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला, सुखदेव सिंह बिट्टू, सरबजीत सिंह ग्रेवाल, जसपाल सिंह और सुखविंदर सिंह राजू भी शामिल हुए। (जारी…)
बाद में साकची के प्रधान निशान सिंह और महासचिव परमजीत सिंह काले ने बताया कि अखंड पाठ की समाप्ति 15 सितम्बर को होगी तथा 15 और 16 सितम्बर को दो-दिवसीय विशेष कीर्तन समागम का आयोजन किया जायेगा जहां दोपहर में दोनों दिन गुरु का अटूट लंगर बरताया जायेगा। दरबार साहिब, अमृतसर के कीर्तनीये हजूरी रागी जत्था भाई साहब भाई संदीप सिंह और भाई साहब भाई दिलजीत सिंह भोपालवाले अपने रसभरे कीर्तन से संगत को निहाल करेंगे जबकि भाई साहब भाई भूपिंदर सिंह जोगी ढाढ़ी जत्था मोहाली संगत को धार्मिक बयार से मंत्रमुग्ध करेंगे। इनके अलावा साकची गुरुद्वारा के ग्रंथी ज्ञानी अमृतपाल सिंह मनन और सरदार करतार सिंह भी गुरु ग्रन्थ साहिब की महिमा का बखान संगत के बीच करेंगे। निशान सिंह ने अपील की है कि जमशेदपुर की तमाम सिख संगत कीर्तन दरबार में हाजिरी भरकर गुरु घर की खुशियां जरूर प्राप्त करे।
यतीन्द्र नाथ दास उर्फ जतीन्द्र नाथ दास उर्फ जतिन दास। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का अनमोल हीरा, जिनकी आज यानी 13 सितंबर को पुण्यतिथि है। कोलकाता में जन्म हुआ। नौ साल के थे तभी मां ने दुनिया छोड़ दी। पिता बड़े जतन से उन्हें पढ़ने को प्रेरित कर रहे थे। वे पढ़ने तो जाते लेकिन उस समय आजादी का आंदोलन देश में चल रहा था, धीरे-धीरे बालक यतीन्द्र ने देश की आजादी में अपना योगदान देने का फैसला किया। महज 17 साल की उम्र में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन में कूद पड़े।
अंग्रेज पुलिस ने उन्हें अन्य आंदोलनकारियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। अब वे स्कूल की जगह जेल पहुंच गए। आंदोलन जब धीमा पड़ा तो कुछ दिन बाद जेल से रिहा कर दिए गए।
जब यतीन्द्र नाथ का खून खौल उठा
जेल में रहने के दौरान उनमें देश प्रेम का ज्वार बढ़ने लगा था। अब वे कुछ बड़ा योगदान देना चाहते थे। भारत माता को जल्दी से जल्दी आजाद देखना चाहते थे। जब वे असहयोग आंदोलन में कूदे तो उसे अंतिम जंग मान लिया। उन्हें लगा कि अंग्रेज इसी से देश छोड़कर भाग जाएंगे। पर, अंग्रेज कहीं नहीं गए। हां, असहयोग आंदोलन एक तरह से वापस ले लिया गया। वह महात्मा गांधी का अपना तरीका था। यतीन्द्र को यह बात पसंद नहीं आई। उनका खून खौल रहा था।
वे कुछ नया सोचते हुए आंदोलन में शामिल होते रहे और पिता के सुझाव पर कोलकाता में बीए करने को राजी हो गए। एडमिशन हो गया, कुछ दिन क्लासेज भी चलीं लेकिन इसी दौरान उनकी गतिविधियों को देखते हुए अंग्रेज पुलिस ने फिर गिरफ्तार कर लिया।
जेल पहुंचकर उन्होंने देखा कि राजनीतिक कैदियों के साथ अफसर दुर्व्यवहार कर रहे हैं। जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। इनकी मांग को लेकर पहले उन्होंने अफसरों से बातचीत की। जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने जेल में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी। उस समय यह कोई आसान काम नहीं था और 21 की उम्र में तो बिल्कुल नहीं। पहले जेल अफसरों ने उनके आंदोलन को गंभीरता से नहीं लिया।
20 दिन तक भूख हड़ताल पर रहे
जेफ अफसरों को लग रहा था कि दो-चार दिन में आंदोलन की हवा निकल जाएगी। पर, यतीन्द्र तो 20 दिन तक भूख हड़ताल पर डटे रहे। अंत में जेल अधीक्षक ने न केवल उनसे माफी मांगी बल्कि रिहा भी कर दिया। भूखे रहने के बावजूद जब वे जेल से छूटे तो उत्साह दोगुना हो चुका था। अंग्रेज अफसर ने उनसे माफी जो मांग ली थी। जेल से निकल कर वे हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के संस्थापक शचीन्द्र नाथ सान्याल से मिले जो गर्म दल के आंदोलनकारी थे। थोड़ी देर में ही यतीन्द्र को लगा कि यह सही जगह है और वे गहरे तक उनसे जुड़ गए. वहीं यतीन्द्र न बम बनाना सीख लिया। अब वे पूरी तरह से स्वतंत्रता आंदोलन में डूब चुके थे।
भगत सिंह और चंद्रशेखर से मुलाकात
साल 1928 में उनकी मुलाकात सरदार भगत सिंह से हुई। फिर चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल भी मिले। उनकी प्रेरणा से यतीन्द्र ने हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के लिए बम बनाना शुरू कर दिया। उन्हीं के बनाए बम से भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल 1929 को सेंटर असेंबली पर बम फेंका था। यह एक ऐसा हमला था जिससे ब्रिटिश सरकार हिल गई।
आनन-फानन सबकी गिरफ़्तारी के आदेश हुए और एक-एक कर सब जेल भेज दिए गए, यतीन्द्र भी पकड़े गए। लाहौर जेल में रखकर इन पर सशस्त्र विद्रोह का आरोप लगाया गया। लाहौर जेल में यतीन्द्र ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। उनके साथ अन्य क्रान्तिकारी भी थे। मांग जरूरी सुविधाओं की थी, जो नहीं मिल पा रही थीं। बहुत कठिन परिस्थितियों में भारतीय क्रांतिकारी जेल में समय काट रहे थे।
जब उनके आंदोलन से अंग्रेज भी सहम गए
यतीन्द्र का यह आंदोलन धीरे-धीरे चर्चा का विषय बन गया। अंग्रेज अफसर भी सहम से गए। उन्हें जबरन पाइप से दूध पिलाने का प्रयास किया गया। दर्द बढ़ता गया लेकिन वे झुके नहीं। आंदोलन जारी रखा। 63 दिन तक लगातार चले इस आंदोलन के बाद 13 सितंबर 1929 को उन्होंने अंतिम सांस ली। 27 अक्तूबर 1904 को दुनिया में आया एक बालक महज 25 साल की उम्र में देश पर मर मिटा।
अंतिम संस्कार में 5 लाख से अधिक लोग शामिल
यतीन्द्र के अंतिम संस्कार में पांच लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। सड़कों पर लोगों का हुजूम था। लाहौर से कोलकाता तक रास्ते में बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेहरू, गणेश शंकर विद्यार्थी ने उन्हें कानपुर स्टेशन पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। हावड़ा स्टेशन पर सुभाष चंद्र बोस ने उनके अंतिम दर्शन किए। एक आंदोलनकारी की असमय जेल में मृत्यु के बाद उसकी लोकप्रियता ने अंग्रेजों के माथे पर बल ला दिया।
इसके बाद से उन्होंने किसी भी आंदोलनकारी का शव परिवार को नहीं सौंपा। फांसी के बाद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शव गुपचुप सतलुज नदी के किनारे आधी रात अंतिम संस्कार कर दिए। सुभाष चंद्र बोस ने उनकी तुलना ऋषि दधीचि से की थी। उनकी मौत के बाद देश भर में प्रदर्शन हुए।
राँची : रिम्स में इलाजरत हत्या का आरोपी वारिस मीर मंगलवार की शाम हथकड़ी के साथ फरार हो गया। वारिस मीर को दो दिन पहले ही बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा से इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था। वारिस को मई माह में पत्नी को जलाकर मार डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। (जारी…)
मंगलवार की रात आठ बजे वह कैदी वार्ड में हथकड़ी के साथ घूम रहा था। उस वक्त उसकी निगरानी में लगे पुलिसकर्मी इधर-उधर घूम रहे थे। उसी का फायदा उठाकर वह कैदी वार्ड से फरार हो गया। कुछ देर बाद जब पुलिसकर्मी वार्ड में पहुंचे तो देखा कि कैदी नहीं है। इसके बाद रिम्स परिसर में खोजा, मगर कुछ पता नहीं चला। सूचना मिलने के बाद बरियातू पुलिस पहुंची और रिम्स परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। फुटेज में वह रिम्स परिसर से भागता हुआ दिख रहा है। पुलिस अब उसकी तलाश में जुट गई है। बता दें कि 16 अक्तूबर 2022 को हजारीबाग और गुमला से लाए गये दो कैदी रिम्स से फरार हो गये थे। कैदियों को इलाज के लिए रिम्स लाया गया था। दोनों कैदी मौका मिलते ही ग्रिल तोड़कर फरार हो गये थे।उसे पत्नी की हत्या के आरोप में जेल भेजा गया था। (जारी…)
इटकी टिकरा टोली निवासी वारिस मीर की पत्नी की मौत मई 2023 में आग से झुलसने से हुई थी। इस मामले में विवाहिता के परिजनों ने वारिस के खिलाफ इटकी थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। परिजनों का आरोप था कि दहेज के लिए वारिस ने पत्नी को जलाकर मार दिया। दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने इसी साल मई में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस समय से वह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद था।
हाथ काटकर पहुंचा रिम्स अस्पताल
जेल प्रशासन के अनुसार, आरोपी वारिस ने बीते 10 सितंबर को खुद से हाथ काट लिया था। इसके बाद उसे 10 सितंबर को ही रिम्स में भर्ती कराया गया था। उस समय से आरोपी रिम्स के कैदी वार्ड में भर्ती था।
हत्या के आरोपी वारिस मीर रिम्स से फरार हुआ है। उसकी तलाश की जा रही है। आरोपी को 10 सितंबर को रिम्स में भर्ती कराया गया था। मामले की जांच की जा रही है। संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होगी। – राज कुमार मेहता, सिटी एसपी रांची
चाईबासा : कोल्हान के जंगल में नक्सलियों ने मंगलवार को आईईडी विस्फोट कर सीआरपीएफ का सामान ले जा रहे ट्रैक्टर को उड़ा दिया। चाईबासा के गोईलकेरा के कुईड़ा के पास हुई इस घटना में टैक्ट्रर के खलासी की मौत हो गई, जबकि चालक का चाईबासा के सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। ट्रैक्टर सोनुवा से गोईलकेरा के हाथीबुरू सीआरपीएफ कैंप जा रहा था। घटना दोपहर करीब बारह बजे की है। पुलिस और सेना के जवान छानबीन में जुट गये हैं। (जारी…)
जानकारी के मुताबिक, सोनुवा से सीआरपीएफ कैंप के लिए चार ट्रैक्टर सामग्री लेकर जा रहे थे। सबसे आगे चल रहा ट्रैक्टर कुईड़ा के पास नक्सलियों द्वारा लगाये गये आईईडी की चपेट में आ गया। इस विस्फोट में ट्रैक्टर क्षतिग्रस्त हो गया और चालक पकलू बोदरा (30) और खलासी लोबो गोप (32) बुरी तरह घायल हो गये। खलासी के दोनो पैरों तथा चालक के दाहिने हाथ में चोट लगी। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान खलासी की मौत हो गई। खलासी लोबो सोनुवा के तैरा गांव का रहने वाला था,जबकि चालक पकलू गोईलकेरा का रहने वाला है। वह वर्तमान में सोनुवा के आहरबेड़ा गांव में ससुराल में रह रहा है।
आईईडी ब्लास्ट में इस साल 11 की मौत
कोल्हान के जंगल में नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए गई लैंडमाइंस में इस वर्ष अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सात घायल हुए हैं। जनवरी से पूरे कोल्हान में जांच अभियान चल रहा है, जबकि टोंटो और गोईलकेरा में मई से जांच अभियान को तेज किया गया।
नक्सलियों द्वारा लैंडमाइंस की चपेट में आकर मरने वालों में टोंटो थाना क्षेत्र के रेगड़ाहातु गांव निवासी चेतन कोड़ा (45) और जोना कोड़ा (35), गोईलकेरा थाना क्षेत्र के छोटाकुड़ाई निवासी सिंगराय पूर्ति, मेरालगड़ा गांव निवासी हरीश चन्द्र गोप, ईचाहातु गांव निवासी कृष्णा पूर्ति, मुफस्सिल थाना क्षेत्र निवासी गुरुवारी तामसोय शामिल हैं। वहीं घायलों में जेमा बहांदा, नंदी पूति, चंद्रो कुई, सेलाय कुंटिया,लोबो गोप सहित दो बालक शामिल हैं। इनमें अलावा एसआई और दो पुलिस के जवान भी शहीद हुए हैं।
जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े कारोबारी और उद्यमी संस्था सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स का चुनाव को लेकर माहौल गर्माता नजर आ रहा है। मंगलवार और बुधवार को नामांकन होना है। मंगलवार को दो लोगों ने नामांकन किया। सिंहभूम चेंबर के महासचिव के पद पर मुकेश मित्तल ने दावेदारी कर माहौल को नये सिरे से गरम कर दिया है। हालांकि, वे अध्यक्ष का भी नामांकन फार्म लिये थे। वे अभी चैंबर में उपाध्यक्ष के पद पर है। बुधवार को अंतिम दिन है। बुधवार को चेंबर के अध्यक्ष पद के लिए पूर्व अध्यक्ष सुरेश सोंथालिया और वर्तमान अध्यक्ष विजय आनंद मूनका नामांकन करेंगे। (जारी…)
इसको लेकर दोनों गुटों की ओर से बैठकों का दौर जारी है। बताया जाता है कि विजय आनंद मूनका पूरी टीम के साथ नामांकन करेंगे। शाम को पांच बजे का समय निर्धारित किया गया है। बुधवार को सामूहिक तौर पर सारे लोग अपना नामंकम करेंगे। वहीं, सुरेश सोंथालिया भी अपना नामांकन दाखिल करेंगे और अपनी दावेदारी पेश करेंगे। विजय आनंद मुनका ने बताया कि उनकी टीम में जोश और होश का सामंजस्य है। (जारी…)
उन्होंने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में उद्योग और व्यापार का परिवेश बदल रहा है। सूचना और तकनीक की दक्षता ही आज के दौर में उद्यमिता की संजीवनी है। इन्ही बातों को दृष्टिगत रखते हुए टीम ने अपने क्षेत्र के दक्ष युवाओं को जोड़कर एक संतुलित टीम तैयार की है। उन्होनें कहा कि वे वादा करने में विश्वास नहीं रखते अपितु काम में ज्यादा फोकस करते है। उन्होंने कहा कि उनका दो वर्षों का कार्यकाल इसकी मिसाल है। दूसरी ओर, सुरेश सोंथालिया ने कहा कि वे लोग चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है। पूरी टीम जोश से लबरेज है। (जारी…)
चैंबर के सारे सदस्यों के साथ मिलकर हमने काम किया है, जिसका प्रतिफल भी सामने आयेगा। दूसरी ओर, महामंत्री के पद पर नामांकन करने वाले मुकेश मित्तल ने कहा है कि वे जनहित और व्यापारी उद्यमी हित की आवाज उठाते रहे है। चाहे जुगसलाई रेलवे ओवरब्रिज के लंबित कार्य को शुरू करने से संबंधित मुद्दों हो या सैरात बाजार की दुकानों का, हर किसी के मामले को उठाया गया है। जमशेदपुर में महिलाओं के विशेष उपयोग के लिए बाजारों में पिंक टॉयलेट, कानून-व्यवस्था की स्थिति, कॉरपोरेट कल्चर में दो दिवसीय चैम्बर क्रिकेट लीग, चैंबर परिसर में दिवाली और होली मिलन कार्यक्रमों के सफल आयोजन के साथ-साथ आक्रामक तरीके से अपनी बात रखी और सभी मुद्दों पर बिना किसी डर के अपनी राय दी।
कोलंबो : गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने एशिया कप में श्रीलंका को मंगलवार को यहां 41 रन से हराकर सुपर फोर चरण में लगातार दूसरी जीत के साथ फाइनल का टिकट कटा लिया. कुलदीप ने 9.3 ओवर में 43 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि रवींद्र जडेजा ने 10 ओवर में 33 रन पर दो विकेट चटकाए. जसप्रीत बुमराह ने दो तो वहीं मोहम्मद सिराज और हार्दिक पंड्या को एक-एक सफलता मिली. (जारी…)
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.1 ओवर में 213 रन बनाने के बाद श्रीलंका की पारी को 41.3 ओवर में 172 रन पर समेट दी. इसके साथ ही एकदिवसीय में श्रीलंका को लगातार 13 जीत के बाद हार का स्वाद चखना पड़ा. श्रीलंका के लिए दुनिथ वेलालगे का हरफनमौला खेल काफी साबित नहीं हुआ. मैन ऑफ द मैच वेलालगे ने पांच विकेट चटकाने के बाद नाबद 42 रन की पारी खेली. वहीं श्रीलंका ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 99 रन तक छह विकेट गंवा दिए थे लेकिन वेलालगे और धनंजय डिसिल्वा ने 75 गेंद में 63 रन की साझेदारी कर टीम के लिए उम्मीदें बनाए रखी लेकिन इस साझेदारी के टूटने के बाद भारत को ज्यादा परेशानी नहीं हुई. (जारी…)
बाएं हाथ के स्पिनर वेलालगे ने 10 ओवर में 40 रन देते हुए करियर में पहली बार पांच विकेट चटकाए तो वहीं इस मुकाबले से पहले अपने 38 मैच के वनडे करियर में महज एक विकेट लेने वाले दाएं हाथ के कामचलाऊ गेंदबाज असलंका ने अपने नौ ओवर में महज 18 रन खर्च कर चार विकेट लिए. महीश तीक्षणा को एक सफलता मिली. भारतीय टीम के खिलाफ एकदिवसीय में पहली बार स्पिनरों ने सभी 10 विकेट झटके. (जारी…)
भारतीय टीम ने एक दिन पहले इसी मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ दो विकेट पर 356 रन बनाकर रिकॉर्ड 228 रन से जीत दर्ज की थी. भारत के लिए कप्तान रोहित शर्मा ने 48 गेंद में 53 रन की तेज तर्रार पारी खेलने के साथ शुभमन गिल (13) के साथ पहले विकेट के लिए 80 रन की साझेदारी की. वेलालगे ने अपने शुरुआती तीन ओवर में गिल, विराट कोहली (तीन रन) और रोहित को आउट कर भारतीय टीम को बैकफुट पर धकेल दिया. पाकिस्तान के खिलाफ नाबाद शतकीय पारी खेलने वाले लोकेश राहुल (39) और ईशान किशन (33) ने चौथे विकेट के लिए 89 गेंद में 63 रन की साझेदारी कर मैच में वापसी की कोशिश की लेकिन वेलालगे ने राहुल को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा. इसके बाद असलंका ने किशन को चलता किया और फिर निचले क्रम के बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखायी.
जमशेदपुर : जमशेदपुर के मानगो पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान दाईगुट्टू इलाके में अवैध कारोबार पर दबिश दी गई है। इस क्षेत्र के करमू चौक में लगातार अवैध रूप से शराब की बिक्री होती थी इससे लोगों के परिवार उजड़ रहे थे। इसकी शिकायत लोगों ने मानगो पुलिस से की। उसके बाद मंगलवार की रात मानगो थाना प्रभारी विनय कुमार के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने करमू चौक पर दबिश दी। यहां के चार शराब अड्डों पर छापेमारी कर वहां जितने भी लोग मिले उन पर कार्रवाई की गयी। इससे पहले दोपहर में पुलिस की टीम ने फॉरेस्ट एरिया में छापेमारी के दौरान पूरे इलाके को घेर लिया गया था लेकिन फिर भी नशेड़ी दीवार कूद कर भागने में सफल रहे। फॉरेस्ट और दाईगुट्टू के कुछ इलाकों में लगातार ब्राउन शुगर बेचा जा रहा है। अवैध रूप से इस इलाके में नशे का कारोबार होता है। (जारी…)
कुछ शराब भट्ठियां ऐसी है जहां पैसे कम कर लौटने वालों को शराब पिलाकर ठग लिया जाता है। उनके पैसे ऐंठ लिए जाते हैं। उनके सामानों को चुरा लिया जाता है। लेकिन नशे में होने के कारण लोगों के द्वारा कोई शिकायत नहीं की जाती है। यह आमतौर पर करमू चौक में होता है। करमू चौक के इलाके को अवैध शराब के कारोबारी ने अपना अड्डा बना लिया है। मानगो थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि इस करमू चौक में अब लगातार छापेमारी की जाएगी और जो भी व्यक्ति शराब पीने के लिए आएगा उसे पर भी कार्रवाई होगी। दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में अवैध कारोबारी पर कार्रवाई करने का काम आबकारी विभाग का है लेकिन आबकारी विभाग के द्वारा यहां कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, बल्कि विभाग के कुछ लोग यहां आकर पैसे लेकर चले जाते हैं। यहां स्थानीय लोगों की भी शिकायत है। लोगों ने मांग की है कि पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर इस क्षेत्र में विशेष रूप से करमू चौक में अवैध कारोबार शराब की भठियों को बंद करें, जिससे कि यहां के लोगों की जिंदगी सुरक्षित रह सके।
जमशेदपुर : बागबेड़ा थाना में जान से मारने और घर हड़पने का एक मामला पहुँचा। बताया जा रहा है कि बागबेड़ा थाना अंतर्गत गाराबासा निवासी अजीत सिंह चंद्रवंशी ने रास बिहारी रवानी उर्फ साधु जी के खिलाफ लिखित शिकायत देते हुए कहा है कि 9 महीने पहले उन्होंने रास बिहारी से खाली जमीन कोर्ट एग्रीमेंट के जरिये 2.5 लाख रुपये में खरीदी थी और अब उसमें घर बना कर रह रहे हैं, किन्तु अब उस जमीन और उसपर बने उनके घर को हड़पने के इरादे से रास बिहारी और उनके परिजनों द्वारा आये दिन गाली गलौज, मारपीट एवं घर छोड़कर नहीं जाने पर पूरे परिवार को जान से मार देने की धमकी दी जाती है। जिससे अजीत सिंह सहित उनका पूरा परिवार डरा हुआ है। (जारी…)
बताया जाता है कि रास बिहारी उर्फ साधु जी और उनके परिवार परिवार के ऊपर बस्ती वासियों से मारपीट, गौ हत्या एवं मर्डर जैसे मामले में केस दर्ज है और उनमें से कई लोगों ने जेल की सजा भी काट चुके हैं। जिससे डर का माहौल और बन गया है। अजीत सिंह द्वारा प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की माँग की गई है।
जमशेदपुर : आईआईटी के प्रोफेसर दिव्या द्वारा इंटरनेशनल न्यूज़ के एक साक्षात्कार में भारतीय संस्कृति और भारत के विश्व मे बढ़ते कद को मीडिया का प्रभाव बताए जाने के बाद पूरे देश मे इसकी आलोचना हो रही है और इस बाबत भाजपा कृषि मोर्चा, बारीडीह मंडल के महामंत्री कुमार विश्वजीत ने कहा कि G20 सम्मेलन की सफलता की चर्चा जहां पूरे विश्व में हो रही है और हमारा भारत अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान बना रहा है। (जारी…)
वहीं इस उल्लेखनीय उपलब्धि के चलते कईयों को मरोड़ उठ रहा है। दिल्ली आईआईटी में सोशल साइंस की एसोसिएट प्रोफेसर दिव्या ने “फ्रांस24” नामक न्यूज नेटवर्क को अपने साक्षात्कार के दौरान भारतीय सनातन संस्कृति के बारे में बहुत ही अशोभनीय बातें कहीं हैं। उन्होंने अपने “घृणित” वक्तव्य में कहा कि भविष्य में भारत से हिंदुत्व ही खत्म हो जाएगा। साथ ही भारत की टेक्नोलॉजी समेत अनेक क्षेत्रों में बढ़ती धाक और लोकप्रियता को उन्होंने मीडिया द्वारा गढ़ी गई कहानी बताया तथा भारत में कुछेक लोगों (10प्रतिशत) द्वारा आमजन को (90प्रतिशत) को दबाए, कुचले जाने की बात कही। उनके इस देश विरोधी बयान की मीडिया द्वारा कड़ी आलोचना तो हो रही है पर चिंतन की जरूरत है। (जारी…)
उन्होंने कहा कि आज जहां पूरा विश्व भारत के सामर्थ्य का लोहा मान रहा है वहीं देश के ही कुछेक घृणित मानसिकता वाले लोगों के चलते देश की इज्जत को बट्टा लगता है और मैं प्रोफेसर दिव्या के बयान की कड़ी भर्त्सना करता हूं और उन्हें सूचित करना चाहूंगा कि हमारा देश पुरातन सनातन संस्कृति के चलते जिंदाबाद था, है और रहेगा।