एक नई सोच, एक नई धारा

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शिक्षा के क्षेत्र में “सिख विजडम” के रूप में सीजीपीसी की बड़ी शुरुआत, भविष्य के स्कॉलर्स बनाएगा सीजीपीसी संचालित ‘सिख विजडम’

सिख छात्र-छात्राओं के बीच अलख जगाने हेतु सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) ने शिक्षा विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक मुहिम छेड़ दी है और इस मुहिम का नाम दिया गया है ‘सिख विजडम’। भविष्य के स्कॉलर्स बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ‘सिख विजडम’ जैसे मंच की स्थापना की गयी है।

शिक्षा विकास में वरदान साबित होगा सिख विजडम: भगवान सिंह

मंगलवार को एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में इस पर विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने बताया की शिक्षा विकास को लेकर वे और उनकी पूरी टीम विशेषकर शिक्षा विंग पूरी तरह मुस्तैद व गंभीर है। भगवान सिंह का कहना है ‘सिख विजडम’ शिक्षा विकास क्षेत्र में वरदान साबित होगा कर भविष्य के स्कॉलर्स पैदा करेगा।
शिक्षा विंग के कुलविंदर सिंह पन्नू और महासचिव अमरजीत सिंह ने साफ किया कि पिछले दिनों जो सिख बच्चों के लिए ग्यारहवीं और बारहवीं की कक्षा तक की निःशुल्क कोचिंग की घोषणा की गयी थी दरअसल उसी मुहिम का नामकरण करते हुए ‘सिख विजडम’ नाम दिया गया है।

मनप्रीत भाटिया क्लासेज व मास्टर माइंडस के शिक्षाविद देंगे कोचिंग

भगवान सिंह ने बताया की शहर के जानेमाने शिक्षाविद ‘मनप्रीत भाटिया क्लासेज’ के मनप्रीत सिंह भाटिया और ‘मास्टर माइंडस’ के मनदीप सिंह भाटिया ने कोचिंग सेवा देने की सहर्ष सहमति दी है। पंजीकरण की प्रक्रिया अभी भी चल रही है इच्छुक सिख छात्र-छात्रायें व परिजन 15 जून तक अपना नाम दर्ज करा सकतें हैं।
परविंदर सिंह सोहल ने बताया कि जमशेदपुर में सेन्ट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के द्वारा सिख छात्रों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ावा देने हेतु नि:शुल्क कोचिंग क्लासेस की शुरुवात की जा रही है, शहर के दो प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटर के द्वारा छात्रों को शिक्षा दी जाएगी।
शिक्षाविद मनप्रीत सिंह भाटिया और मनदीप सिंह भाटिया ने विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि कोचिंग सेंटर की शुरुआत आगामी 18 जून को होगी जहां कक्षा 11वीं तथा 12वीं के तीनो स्ट्रिम के छात्रों का नामांकन यहाँ लिया जा रहा है, और इसके लिए रेजिस्ट्रेशन शुरू हो चूका है, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस कोचिंग सेंटर मे उच्च स्तर के शिक्षा के लिए तैयार किया जायेगा। मौके पर सिजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने बताया की सिख गुरुओं ने तीन तरह के लंगर की शुरुआत की थी जिसमे भोजन के अलावे शिक्षा और स्वास्थ्य था, और फिलहाल भोजन के अलावे बाकि दोनों लंगरों मे हम पीछे है, और अब शिक्षा के लंगर को आगे बढ़ाने हेतु यह आगाज किया जा रहा है। साकची गुरुद्वारा साहिब संचालित मॉर्डन स्कुल में कोचिंग सेंटर बनाया गया है जहाँ क्लास होगीं। पहले चरण मे अब तक करीब 100 से अधिक छात्रों का रेजिस्ट्रेशन किया जा चूका है, हर तबके के सिख छात्र यहाँ नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर पाएंगे।

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सीजीपीसी के अध्यक्ष भगवान सिंह ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कुछ बेहतर करने के उद्देश्य से काफी दिनों के मंथन चल रहा था। अंतत: प्राइवेट कोचिंग के तर्ज पर सिख समुदाय के बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करने पर सहमति बनी। जिसके लिए 13 सदस्यों की कमिटी शिक्षा विंग बनाई गई। भगवान सिंह ने बताया कि सिख विजडम के नाम से कोचिंग क्लास का संचालन शिक्षाविद् मनप्रीत सिंह भाटिया एवं मनदीप सिंह करेंगे। मनप्रीत सिंह भाटिया ने बताया कि शुरुआती दौर में आईसीएसई और सीबीएसई के 11वीं एवं 12वीं कक्षा के आर्टस्, कॉमर्स और साइंस के लिए कोचिंग शुरू की जाएगी। छात्रों के रुझान को देखते हुए इसमें बदलाव किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को विषय के अलावा उनके व्यक्तिव विकास के लिए क्लास होंगे साथ ही उन्हें इंगलिश स्पीकिंग कोर्स भी कराया जाएगा। मास्टर माइंड्स के मनदीप सिंह भाटिया ने कहा कि आगामी 18 जून को इंडक्शन क्लास का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों से सुझाव लेकर क्लास का समय निर्धारित किया जाएगा। उन्होंने कहा 9234061313 पर फोन करके इच्छुक छात्र-छात्रायें अपना पंजीकरण अभी भी करवा सकते हैं।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि जैसै लोगों के विचार प्राप्त होंगे उसके आधार पर प्रतियोगिता परीक्षा एवं जैक बोर्ड के लिए भी कोचिंग क्लासेस की शुरुआत की जाएगी। इस अवसर पर महासचिव अमरजीत सिंह, सलाहकार गुरुचरण सिंह बिल्ला, शिक्षा विंग के कुलविंदर सिंह पन्नू,परविंदर सिंह सोहेल,अमरजीत भामरा, सुखदेव सिंह बिट्टू सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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“पेड़ है तो कल है” के तहत नवभारत सेवा शक्ति ने किया पौधरोपण

जमशेदपुर : नवभारत सेवा शक्ति सामाजिक संस्था की ओर से पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर “पेड़ है तो कल है” कार्यक्रम के तहत विश्व पर्यावरण दिवस के दिन बारीडीह के पार्क मे पौधारोपण किया गया, कार्यक्रम मे मुख्यरूप से संस्था के संरक्षक शैलेश गुप्ता,अधिवक्ता सूरज प्रकाश, सौरभ चौधरी, चन्दन भारती, जग्गी सिंह, सुखराज सिंह, लालटू, विशाल कुमार एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

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न सरोपा न फूलमाला, बिल्कुल सादे तरीके से चुना गया अकाली दल का मुखी

सुखदेव सिंह खालसा फिर चुने गए अकाली दल के प्रधान, हरजिंदर सिंह होंगे ऑडिटर

वर्तमान प्रधान सुखदेव सिंह खालसा को अगले तीन वर्ष के लिए फिर से अकाली दल, जमशेदपुर का प्रधान चुन लिया गया है। अतिविशेष बात यह रही की सर्वसम्मति से हुए इस चुनाव में न सरोपा दिया गया और न ही फूलमालायें पहनायीं गयीं। मंगलवार को सादे तरीके से हुए चुनाव में हरजिंदर सिंह को ऑडिटर चुना गया।
मनीफिट स्थित सोखी कॉलोनी में संपन्न हुए चुनाव में सिखों के नारे बोले सो निहाल, सत्श्रीअकाल के साथ ही अकाली दल का मुखी चुन लिया गया। संदेश देता यह चुनाव दर्शाता है कि अन्य गुरद्वारों में भी सरोपा और फूलमालाओं के बिना सादे व शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव आसानी से करवाया जा सकता है।
मुखी चुने जाने के उपरांत ज्ञानी सुखदेव सिंह खालसा ने संगत के नाम सन्देश में कहा कि सिख धर्म प्रचार और अमृत संचार को बढ़ावा देना तथा गुरुओं की बाणी को घर-घर तक पहुँचाना उनके एजेंडे में शामिल है। वे जल्द ही बैठक आयोजित कर बाकी कमिटी की घोषणा करेंगे।

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अकाली दल सदस्य भाई जरनैल सिंह, भाई रामकिशन सिंह, भाई रविंदर सिंह, भाई रविंदरपाल सिंह, भाई कुलदीप सिंह, भाई अजीत सिंह, भाई कुलदीप सिंह बिरसानगर वाले, भाई अमृतपाल सिंह, भाई इंदरजीत सिंह तथा भाई प्रितपाल सिंह की मौजूदगी में चुनाव संपन्न हुआ।

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अभय सिंह मामले में राँची हुई प्रेस वार्ता, जिला प्रशासन के कार्रवाई पर उठे कई सवाल

जमशेदपुर : कदमा के शास्त्री नगर मामले में गिरफ्तार अभय सिंह और इन दिनों उनके परिवार पर नए नए मामले दर्ज होने को लेकर राँची प्रेस क्लब में एक प्रेस वार्ता रखी गयी थी जिसमें पूर्व विधायक प्रवीण सिंह, कोल्हान के प्रभारी ओबीसी मोर्चा हल्दर नारायण शाह, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय मंत्री वीरेंद्र साहू एवं जमशेदपुर रामनवमी अखाड़ा समिति के महामंत्री नरेश अग्रवाल ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि विगत दिनों जमशेदपुर कदमा थाना अंतर्गत शास्त्रीनगर उपद्रव में दो समुदायों की झड़प और आगजनी होती है। इस घटना का प्रमुख कारण 8 अप्रैल 2023 को एक बजरंग बली के झंडे में माँस के टुकड़े लटके हुए मिलता है। जिसकी खबर आने के बाद 2 समुदायों के बीच तनाव पूर्ण माहौल हो जाता है और ऐसे माहौल को देखते हुए पूरे थाना क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल लगा दी जाती है। रात तक मामला शांत हो जाता है। लेकिन 9 अप्रैल को घटना स्थल से लगभग 600 मीटर दूर स्थित गणेश पूजा मैदान में एक बहुत बड़ी इफ़्तार पार्टी होती है। इफ़्तार पार्टी के उपरांत पार्टी में शामिल लोग भारी मात्रा में ईंटा पत्थर लेकर घटना स्थल में पहुंचती है और घटना स्थल के समीप स्थित बजरंग जटाधारी मंदिर पर ईंटा पत्थर फेंकने लगते है। वे लोग घटना कर फिर सामने वाले मस्जिद जाते है, फिर पुनः हज़ारों की संख्या में ईंट, पत्थर, डंडा, आग्नेय अस्त्र लेकर जटाधारी मंदिर में हमला बोल देते हैं।

पुलिस डायरी में जिक्र के अनुसार उनलोगों द्वारा किये गए पथराव एवं डंडे से बहुत पुलिस वालों को भी चोटें आई। उस वक़्त भाजपा जिला स्तर के नेता, कदमा मंडल के बहुत से नेता एवं कार्यकर्ता घिर जाते हैं और वे लोग किसी प्रकार अपनी जान बचाकर भाग जाते हैं। वहाँ बहुत सारे मीडिया के लोग भी उपस्थित रहते हैं।
आक्रोशित समुदाय की भीड़ हज़ारों की संख्या में होने से पुलिस को भी पीछे हटना पड़ता है लेकिन तत्काल प्रभाव से पुलिसिया कार्रवाई करते हुए उस समय उक्त स्थान से बहुतों को गिरफ्तार किया जाता है। पुलिस तब तक सही दिशा में काम करती है, पुलिस तत्कालीन प्रभाव से कदमा थाना क्षेत्र में 144 धारा एवं घटना स्थल के 300 मीटर के मौखिक निषेधाज्ञा लगा देती है। गणेश पूजा मैदान के इफ्तार पार्टी में सम्मिलित नेताओं में से करीब 20 लोगों को पुलिस गिरफ्तार करती है लेकिन एक मंत्री के दबाव में गिरफ्तार लोगों को छोड़ दिया जाता है। उसी रात घटना स्थल के करीब एक गली में कई कारें एवं मोटरसाइकिल को तोड़फोड़ दिया जाता है। सूत्रों के अनुसार कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस तोड़ी और कुछ लोग कहते हैं कि इफ्तार पार्टी वाले लोगों ने ही तोड़ा।

जिला पुलिस प्रशासन घटना छिपाने के उद्देश्य से, अल्पसंख्यक समुदाय को खुश रखने के लिए, मंत्री को खुश करने के लिए एवं तबादला न हो और इस संदर्भ को दबाने के लिए मंत्री के घोर विरोधी कदमा थाना से लगभग 6 किलोमीटर दूर में रहने वाले हिंदूवादी नेता सह भाजपा नेता श्री अभय सिंह को आनन फानन में 10 अप्रैल को सुबह 6 बजे घर से ताला तोड़कर गिरफ्तार करती है। इसका मंशा केवल एक मंत्री को खुश करने, घटना को गुमराह करने एवं अपने को तबादला न झेलना पड़े और पुलिस प्रशासन पुरानी खुन्नस, रामनवमी में जो अखाड़ा समिति से उनकी नहीं बनती है उसको लेकर जिला प्रशासन जमशेदपुर में इस काम को अंजाम देती है।
ज्ञात हो अभय सिंह जिला पुलिस प्रशासन एवं राज्य सरकार के नीति का विरोध हमेशा मुखर होकर करना ही उनकी गिरफ्तारी का प्रमुख कारण बना। मंत्री अपने विधानसभा के प्रमुख प्रतिद्वंद्वी अभय सिंह को मानकर चलते हैं और अभय सिंह को दबाने का यही प्रमुख कारण बना है। अभय सिंह ने कोरोना काल से मुखर होकर मंत्री के नापाक इरादों को हमेशा सड़कों में उतरकर विरोध किया है। वार्ता में कहा गया कि प्रेस एवं चैनलों के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि यह मामला जमशेदपुर प्रशासनिक अधिकारियों के दुर्भावना से प्रेरित है। मनगढ़ंत कहानी बनाकर व्यक्तिगत रूप से लांछन लगाते हुए अभय सिंह को मानसिक उत्पीड़न एवं व्यक्तिगत लोकप्रियता को नुकसान पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है, इसलिए प्रेस के माध्यम से न्याय हेतु राज्य सरकार के कानों तक यह बात जाए।

अभय सिंह को जेल भेजने के प्रमुख कारण :

1) जमशेदपुर के तत्कालीन डी.सी सूरज कुमार, बन्ना गुप्ता से साँठ गाँठ करके जुबली पार्क गेट हमेशा के लिए बंद करवा देते हैं। अभय सिंह उस गेट को नागरिक सुविधा मंच के साझा कार्यक्रम कर उसे खुलवा दिया, जिससे मंत्री पद पर आसीन बन्ना गुप्ता के मंसूबों पर पानी फिर गया।

2) मंत्री के तुष्टिकरण नीति के तहत एवं कोरोना के आड़ में 2021 दुर्गापूजा में श्री अभय सिंह के दुर्गापूजा पंडाल में तत्कालीन डी.सी सूरज कुमार द्वारा आकर सभी माँ दुर्गा के भक्तों के साथ अभद्र व्यवहार करना, जब पूजा कमेटी एवं अभय सिंह ने इसका डटकर विरोध किया तब डीसी सूरज कुमार द्वारा स्थानीय एवं प्रदेश के चैनलों और अखबारों में अपने इंटरव्यू में गलतफहमी कहकर अपने गलती का लीपा पोती किये। इसका फुटेज आप तत्कालीन समय के अभय सिंह एवं अन्य के फेसबुक और चैनलों से प्राप्त कर सकते हैं। कहा जाता है कि इसके पीछे भी मंत्री श्री बन्ना गुप्ता का ही हाथ था। बाद में 4 महीने उपरांत सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस कर दिया जाता है।

3) जमशेदपुर मानगो थाना के अंतर्गत गांधी मैदान में दुर्गा पूजा न हो, अल्पसंख्यकों के सुविधा व लाभ पहुंचाने के लिए स्टेडियम बनाकर पूजा स्थल की घेराबंदी का विरोध करना भी मंत्री एवं जिला प्रशासन और राज्य सरकार को नागवार लगा। इसके अलावा संक्षेप में सभी लोग जानते है। सर्व विदित है जमशेदपुर में रामनवमी अखाड़ा बड़े धूमधाम से मानया जाता है। सरकार के मुस्लिम तुष्टिकरण के नतीजा का ही परिणाम है कि शांति समिति के बैठक में एसएसपी श्री प्रभात कुमार जी के द्वारा धमकी भरे लहजे में पूरे अखाड़ा समिति एवं शांति समिति के समस्त सदस्यों पर अमर्यादित व्यवहार का जो प्रयोग किया गया वह जमशेदपुर के इतिहास में प्रशासनिक और पुलिस की ओर से ऐसा कभी देखने को नहीं मिला था। उसके उपरांत दूसरे दिन ही इसका विरोध, अभय सिंह द्वारा फेसबुक के माध्यम से ऐसे कार्यों का विरोध किया गया। एसएसपी चाहते थे कि रामनवमी झंडे में टेलर का न प्रयोग हो न डीजे बजे। अभय सिंह ने विरोध कर यह बताया कि भारत मे ऐसा कोई कानून नहीं बना है जो भारत सरकार निर्देशित जो टेलर और डीजे नहीं बजाना चाहिए और मैं इसका विरोध करता हूँ। रामनवमी के समय ही पूरे रामनवमी अखाड़ा की समिति ने अभय सिंह के अगुवाई में यह निर्णय लिया कि हमलोग झण्डा नहीं निकालेंगे। ऐसे कई अखाड़ा समिति के लोगो को डराया गया, धमकाया गया, टेलर जब्त किया गया जिसमें एक प्रमुख अखाड़ा साकची थाना के अंतर्गत बाल मंदिर अखाड़ा भी थी जिसके प्रबल विरोध के कारण और प्रशासन के हठधर्मिता के कारण पूरे शहर में तनावपूर्ण माहौल हो गया।

4) कदमा थाना के अंतर्गत घटना के लगभग एक महीना पहले नाबालिग लड़की को लव जिहाद से विशेष समुदाय के लड़के को जेल भेजवाया और कदमा थाना में प्रदर्शन भी किया गया, यह भी एक कारण बना अभय सिंह को जेल भेजने का।

5) घटना के 4 -5 माह पूर्व जिला भाजपा जमशेदपुर द्वारा उपायुक्त का घेराव में एसएसपी श्री प्रभात कुमार द्वारा भाजपा ले सभी प्रतिष्ठित नेताओं को तुम ताम करना और जबरन माइक भाजपाइयों से लेकर धमकाना, इसका भी श्री अभय सिंह ने तत्कालीन समय मे एसएसपी का विरोध करना और माइक वापस लेना भी प्रमुख कारण है।

6) भारतीय जनता युवा मोर्चा के आंदोलन जिसमें साकची ग्रेजुएट कॉलेज में बच्चियां सुरक्षित रहें, जिसके लिए आंदोलन हुआ क्योंकि कॉलेज के सामने कब्रिस्तान का गेट खुलना, वहाँ अल्पसंख्यकों का जमावड़ा का विरोध किया गया था, इस आंदोलन को भी श्री अभय सिंह का प्रमुखता से साथ मिला, वह स्थान भी मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही आता है। इससे छात्राओं के परिवार को लव जिहाद का डर बना रहता था।

7) पिछले दिनों देहाती अंचल बोड़ाम थाना में डीएसपी द्वारा मंडल महामंत्री जो आदिवासी समुदाय से है उनकी पिटाई कर सरेआम बाजार में घुमाया गया था, उसके विरोध में जमशेदपुर भाजपा के बैनर में सभी बोड़ाम थाना अंतर्गत धरना प्रदर्शन हुआ और डीएसपी पर मुकदमा दायर हुआ था, इस घटना के पीछे वे लोग अभय सिंह को मानते है। उस धरना में सांसद श्री विधुत वरण महतो, जिलाध्यक्ष गुँजन यादव और अन्य भी थे।

8) तत्कालीन डीसी सूरज कुमार 2021 में दुर्गा पूजा के समय सोनारी स्थित माँ दुर्गा की प्रतिमा 21 फ़ीट को तोड़कर छोटा करने का निवेदन किया था, इसका विरोध अभय सिंह ने पंडाल में धरना देकर किया था। यह भी क्षेत्र मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के अंदर ही आता है।

9) कदमा थाना अंतर्गत शास्त्रीनगर 4 नम्बर लाइन में भाजपा कार्यकर्ता श्री अशोक दुबे जी के बगल में अल्पसंख्यकों के अवैध ऊंची बिल्डिंग का विरोध “गोपनीयता भंग” को संवैधानिक मौलिक अधिकार के रूप में रखकर घटना से 3-4 माह पूर्व से लगातार किया गया, क्योंकि कदमा थाना क्षेत्र मंत्री का विधानसभा क्षेत्र है, यह भी एक कारण है अभय सिंह को दबाने का।

महाशय प्रेस वार्ता के माध्यम से अभय सिंह की गिरफ्तारी शास्त्रीनगर दंगे मामले में हुआ, जबकि अभय सिंह शास्त्री नगर वाले दंगे में नहीं थे तो फिर आप उन्हें गिरफ्तार कर झूठे मामले में ले जाते हैं। जिस दिन अभय की गिरफ्तारी होती है अभय घर में होते हैं। गिरफ्तारी के बाद उन्हें बिष्टुपुर थाना में पुलिस प्रशासन रखती है। जो अभय सिंह के थाने के अंतर्गत नहीं आता है। जब अभय सिंह को करीब 7 घंटे तक थाना में बिठा करके रखते हैं तो तत्कालीन समय के जमशेदपुर पूर्वी क्षेत्र के विधायक सरयू राय भी मिलने जाते हैं, जिला अध्यक्ष गुंजन यादव भी जाते हैं, प्रदेश अध्यक्ष श्री दिनेश गोस्वामी भी जाते हैं। वह सभी जाकर गिरफ्तारी का कारण पूछते हैं। गिरफ्तारी का कारण बिष्टुपुर पुलिस थाना नहीं बता पाती है। वह लोग सभी एसएसपी से फोन में बात करते हैं एसएसपी ने अपना पल्ला झाड़ते हुए यह कहते हैं कि यह दुर्गा पूजा भोग वितरण का मामला है। जब अभय सिंह की बात रांची भाजपा मुख्यालय में पहुंचती है तो दूसरे दिन 11 तारीख को रांची 11 अप्रैल को सचिवालय घेराव का कार्यक्रम की तैयारी चल रही थी। फिर भी इतनी व्यस्तता क्रम के रहते तैयारी के बावजूद प्रदेश द्वारा 3 सदस्य टीम जमशेदपुर रवाना करती है, हकीकत जानने के लिए। उसमें भाजपा नेता जेपी तुबिद, भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह, पूर्व डीआईजी, सांसद विद्युत वरण महतो पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भाजपा श्री दिनेश चंद्र गोस्वामी एवं जमशेदपुर जिला अध्यक्ष श्री गुंजन यादव कि एक 5 सदस्य टीम की जमशेदपुर सर्किट हाउस में पुलिस प्रशासन के साथ एक बैठक होती है। उस बैठक में वर्तमान उपायुक्त और एसएसपी श्री प्रभात कुमार भी मौजूद रहते हैं जब उनसे सभी प्रतिनिधियों ने पूछा अभय सिंह का दोष क्या है व शास्त्री नगर के दंगे में उनकी संगलिग्ता है या नहीं, या विशेष बैठक 45 मिनट तक चला। किसी के पास भी कोई जवाब नहीं था। केवल यह कहा कि इनकी पुरानी केस है जिसमें वारंट है सरकारी बाधा के तहत 353 की धारा लगी हुई है और यह धारा गैर जमानती है इसलिए हम लोग जेल भेज रहे हैं। वह लोग यह बात सुनकर के वापस रांची लौट आते हैं, लेकिन इधर जमशेदपुर में उनके लौटने के साथ ही इनको जमशेदपुर कोर्ट पेशी के समय शास्त्री नगर वाले दंगे की धारा लगाकर जेल भेज दिया जाता है। आखिर यह किस दबाव के कारण स्थानीय पुलिस प्रशासन ने किया ?

पुलिस प्रशासन, सरकार एवं जनता के सामने कुछ सवाल भी रखे गए

1) जिस वक्त अभय सिंह पर दंगे में शामिल होने का इल्जाम लगाया क्या उस वक्त अभय सिंह मौके पर मौजूद थे?
2) क्या ऐसा कोई भी सबूत है जिससे यह साबित हो कि अभय सिंह दंगाइयों को दिशा निर्देश दे रहे थे ?
3) आज सोशल मीडिया और मीडिया के जमाने में जब एक मामूली चोर को भी पुलिस पकड़ती है तो प्रेस के सामने लाइन हाजिर कर सबूतों के साथ प्रस्तुत करती है मानते हैं केस कोर्ट में sub judice है, पर क्या एक भी सबूत प्रशासन पेश कर पाई ?
4) आज सबसे बड़ा सबूत इंसान का मोबाइल फोन होता है। अभय सिंह का मोबाइल 1 दिन में थाना ने परिवार को सुपुर्द कर दिया। जिसका सीधा मतलब है कि पुलिस के पास मोबाइल से कोई सबूत नहीं मिला।
5) गिरफ्तारी के बाद लगभग 12:00 बजे तक भाजपा के नेता, विधायक सरयू राय, सांसद विद्युत वरण महतो तक को यह नहीं बता पाए पुलिस की अभय सिंह को गिरफ्तार किस मुद्दे पर किया गया है। 2021 भोग प्रकरण की बात कर दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया गया। अगर भाजपा के नेताओं को मान भी लिया जाए कि वह किसी संवैधानिक पद पर नहीं है तो क्या एक विधायक या सांसद को भी जानने का अधिकार नहीं था कि मामला क्या है ?
6) बिष्टुपुर थाना में करीब 6 घंटे के बाद अचानक से दंगे के सारे धाराओं को लगाकर अभय सिंह का चालान कर दिया जाता है 6 घंटे लग गया यह सोचने में की धारा कौन सा लगाया जाए?

इधर नई केस का उदय

7) जिस बिल्डिंग पर पिछले कई वर्षों से धोखाधड़ी का आरोप हमने लगाया है, जिसके जवाब में पुलिस या कहते आ रही है कि बिल्डर पकड़ में नहीं आ रहा। आज अचानक बिल्डर और उसका पार्टनर आकर हम पर वसूली और गुंडई का आरोप लगाया जाता है।
8) जब बिना किसी सबूत के एक जनमानस के नेता को उठाकर जेल में बंद कर दिया जा सकता है और खोज खोज कर केस डायरी सबमिट होने के बाद उन पर धाराएं जोड़ी जा रही है, तो यह कैसे मान लिया जाए कि शासन के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी राजनीति खेलने में व्यस्त नहीं है ?
9) जिस बिल्डिंग के नाम से हम पर मुकदमा कर रघुवंशी एंटरप्राइजेज के नाम से ईट गिट्टी बालू जबरन सप्लाई करने का इल्जाम लगता है, वह बिल्डिंग बने 4 वर्ष से ज्यादा हो चुका है, जो कि गैरकानूनी तरीके से बनाया गया है। वहीं 2 महीना पहले जिस फर्म का नाम भी नहीं सोचा गया था उस पर से 5 साल पहले ईट बालू सप्लाई करने का इल्जाम लगाना हास्यास्पद है।
10) अभय सिंह द्वारा कदमा लव जिहाद प्रकरण, बोड़ाम थाना क्षेत्र में तत्कालीन डीएसपी द्वारा भाजपा महामंत्री के बीच सड़क कमर में रस्सी बांधकर घुमाने का प्रकरण, दुर्गा पूजा भोग वितरण का प्रकरण, प्रशासन द्वारा हेलमेट चेक के नाम पर वसूली, बन्ना गुप्ता द्वारा गांधी मैदान घेरने का प्रकरण, साकची कब्रिस्तान गेट कॉलेज की ओर से खोलने के प्रकरण का पुरजोर विरोध किया गया।
11) साथी रामनवमी में जिस प्रकार प्रशासनिक तानाशाही और तुष्टीकरण का विरोध अभय सिंह ने किया उससे हम पर पुलिसिया एक्शन की तलवार लटक रही थी, किन्तु जिस प्रकार राजनीतिक और प्रशासनिक षड्यंत्रकारी अब पूरे परिवार को घेर रहा है क्या इसे उचित ठहराया जा सकता है ?
12) एसएसपी ही दोषी है, शांति भंग प्रायोजित किया बन्ना गुप्ता के साठगांठ से , जाँच हो।
13) जो मामले बिल्डर और अभय सिंह के बड़े भाई दिलीप सिंह के साथ चल रहा है उसको एसएसपी द्वारा गुमराह में रखी हुई है। इसका प्रमुख कारण जो मामले कोर्ट में चल रहे हैं वैसे मामले में भी अनावश्यक जबरन मनगढ़ंत नौटंकी ढंग से बिल्डर के पार्टनर से केस करवाना और उसको साफ झूठा साबित करके थाना में काउंटर हो जाता है तो दूसरे दिन बिल्डर के पार्टनर मोहम्मद सागिर के द्वारा दूसरे थाना में केस करवाना जिससे की छवि धूमिल हो। हो सकता है कि अभय सिंह को बेल हो जाए लेकिन इतने केस उनके ऊपर हो जाए जिससे की प्रोसेस के तहत उनको बाहर आने में महीनों लग जाये। जमशेदपुर के एसएसपी एक सोची समझी राजनीति के तहत दुर्भावना से प्रेरित होकर, कानून को ताक में रखकर, विश्व अस्मिता को ताक में रखकर, अभय सिंह से बदले की भावना किसके कहने पर ले रहे हैं यह समझ से परे है। अगर अभय सिंह दंगे में लिप्त है तो पुलिस सिर्फ एक सबूत जनता के सामने पेश कर दिखाए।

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भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने वृक्षारोपण करके मनाया पर्यावरण दिवस

जमशेदपुर : आज भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन परिवार की तरफ से विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस उपलक्ष्य में वृक्षारोपण कार्यक्रम पाथिपानी ग्राम में किया गया। जहाँ पर्यावरण को दूषित होने से बचाने एवं पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने का संकल्प भी लिया।

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इस मौके पर कोल्हान अध्यक्ष रवि राज दुबे ने कहा कि हम सबको पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्पित होने की आवश्यकता है, सिर्फ एक दिन वृक्षारोपण करना हमारा उद्देश्य नहीं होना चाहिए, हमें प्रत्येक दिन पर्यावरण संरक्षण के लिए कुछ न कुछ करते रहना चाहिए।
वहीं कोल्हान उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पर्यावरण हमारी माँ के समान है जो सिर्फ हमें देना जानती है लेकिन मौजूदा वक्त में हम इन्हें क्या दे रहें है सिर्फ प्रदूषित कर रहें हैं यदि ऐसा ही रहा तो हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो जाएगा। हम सब को इस पर चिंतन करने की आवश्यकता है और पर्यावरण संरक्षण के लिए वचनबद्ध होने की आवश्यकता है।

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इस मौके पर कोल्हान अध्यक्ष श्री रवि राज दुबे कोल्हान उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह ,सुभाष घोष किताब उद्दीन ,संतोष , जिला अध्यक्ष शिवनाथ पाल, सुशांत ओझा, बाबू माझी, सैयद हक ,प्रकाश ,अमर, दुर्गाबाई, संतोष, राहुल, राजकुमार एवं संगठन के अन्य सदस्य मौजूद थे।

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एक पौधा ट्रेन हादसे के मृतकों के नाम लगा आधुनिक पॉवर में मनाया गया पर्यावरण दिवस

सरायकेला-खरसावां जिले की बिजली बनाने वाली कंपनी आधुनिक पावर एंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (एपीएनआरएल) के कर्मचारियों और अधिकारीयों ने एक पौधा बालासोर ट्रेन हादसे में मृत यात्रियों के याद में लगाकर 50वां पर्यावरण दिवस मनाया। सोमवार को कंपनी परिसर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से एक साइकिल रैली का भी आयोजन किया गया था जिसमे विभिन्न गांवो के ग्रामीण और कर्मचारियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए नारे भी लगाये।

प्लास्टिक प्रदुषण पुरे विश्व के लिए बहुत बड़ा खतरा: अरुण मिश्रा

उड़ीसा के बालासोर में ट्रेन हादसे में मारे गए यात्रियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रख कर उनके नाम का पौधरोपण भी किया गया।
आधुनिक पॉवर एंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड, पदमपुर के सीईओ सह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण कुमार मिश्रण ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्लास्टिक प्रदुषण पुरे विश्व के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गया है और पूरी पृथ्वी को नुकसान पंहुचा रहा है। इसलिए सभी को प्लास्टिक का इस्तेमाल पर अंकुश लगाते हुए पर्यावरण का बचाव करना सबकी जिम्मेदारी है।

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कंपनी ने उन बच्चों को भी सम्मानित किया जिन्होंने इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण मुहीम को सूंदर चित्रकला बनाकर पोस्टर पर उकेरा। साथ ही साथ 10वीं परीक्षा में सर्वाधिक फीसद अंक पाने वाले छात्र कोमल कुमारी, यश कुमार शर्मा और नीलम कुमारी को भी सम्मानित किया गया।

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इस अवसर पर कंपनी में 2400 पौधे रोपे गए जबकि 350 पौधे बांटे भी गए। कंपनी के अधिकारीयों में मुख्य रूप से एम एन सिंह, राजेश शर्मा, अमल वैद्यया, संजीव चौधरी, एसके परवेज, अजय मनोहर बांगड़े, डॉ जी पी मुर्मू, अमित सिंह, संजीत सिन्हा, मनिंदर सिंह, शिरीष वाघमारे, प्रकाश धर, मनोज आचार्य व कमलेश कुमार ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण का कार्य सम्पूर्ण किया। इस मौके पर कर्मचारियों व अधिकारियों ने वृक्षारोपण कर प्रकृति को हरा-भरा रखने तथा पर्यावरण सरक्षण की शपथ ली। कार्यक्रम का संचालन व मुख्य अतिथि का स्वागत पर्यावरण विभाग के कमलेश कुमार झा ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन एसके परवेज ने किया।

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अभय सिंह मामले में सरकार से सहमत नहीं सरयू राय, कहा- दंगा हुआ कहाँ ?

जमशेदपुर : शास्त्रीनगर प्रकरण मामले में जेल में बंद भाजपा नेता अभय सिंह की सुनवाई के दौरान सरकार का पक्ष रखने वाले अधिवक्ता भोला नाथ ओझा ने खंडपीठ को बताया कि दंगा भड़काने की साजिश में शामिल थे अभय सिंह। इस बात पर पूर्वी सिंहभूम के विधायक सरयू राय ने अपनी असहमति जताते हुए एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर मेरी अभय सिंह से मतभेद होने के बावजूद मैं हेमन्त सरकार से सहमत नहीं हूँ कि अभय सिंह दंगा में शामिल थे।

उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी लिखा कि वस्तुतः इसमें दंगा जैसा कुछ था ही नहीं। रामनवमी में हिन्दुहितों पर आघात हुआ, इफ़्तार की भीड़ ने हनुमान मंदिर पर हमला किया। पुलिस ने हमलावरों को खदेड़ा, फिर दंगा हुआ कहाँ ?
गौरतलब हो कि अभय सिंह के गिरफ्तारी के समय भी पूर्वी सिंहभूम के विधायक सरयू राय ने अपने राजनीतिक मतभेद को दर किनार करके अभय सिंह के पक्ष में खुलकर सामने आए थे।

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चरित्रहीन मंत्री और एक आईपीएस के इशारे पर दर्ज किया गया एफआईआर : निर्भय सिंह

जमशेदपुर : भाजपा नेता अभय सिंह समेत उनके भाई दिलीप सिंह और निर्भय सिंह पर मानगो थाने में रंगदारी का एफआइआर किया गया जिसके बाद अभय सिंह के भाई निर्भय सिंह ने दूसरे दिन शनिवार को अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह मामला व्यक्तिगत है और इसके पीछे एक मंत्री और एक आइपीएस अफसर का हाथ है। उन्होंने मंत्री के नाम का खुलासा करते हुए कहा कि उनका नाम बन्ना गुप्ता है और वर्तमान में झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। उन्हें चरित्रहीन मंत्री बताते हुये कहा कि उनके भाई और चालक पर दुष्कर्म करने का मामला जमशेदपुर शहर के थाने में ही दर्ज है।
निर्भय सिंह ने कहा कि मो. सगीर के पहले उसके पार्टनर शेखर से एक साल पहले साकची थाने में केस कराया गया था। तब 10 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया था। इस बार पांच लाख रुपये का आरोप लगाया गया है। पिछले मामले में वे जमानत ले चुके हैं। वे भी इस मामले में एक केस कर चुके हैं। उनके मामले को वर्तमान एसएसपी की ओर से दबाकर रखा गया है।

मंत्री और आईपीएस अफसर मिलकर सरकार को गुमराह कर रहे हैं

निर्भय सिंह ने कहा कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और एक आइपीएस अफसर झारखंड सरकार को गुमराह करके रखे हुए हैं। मंत्री बन्ना गुप्ता की लोकप्रियता घट गयी है। बेवजह अभय सिंह का नाम कदमा में दंगा भड़काने में डाल दिया गया है। लोगों को मैनेज करके आंदोलन होने से रोका गया है। हम डर से भागने वाले नहीं हैं। पूरे मामले में निर्भय सिंह ने कहा कि अभय सिंह को कदमा में दंगा भड़काने का मामला बनाकर बेवजह जेल भेजा गया है। उन्हें जमानत नहीं मिले ऐसा प्रयास पुलिस की ओर से किया जा रहा है। पुलिस मानसिक रूप से तीनों भाइयों को प्रताड़ित करने का काम कर रही है।

लोगों के सामने दूध का दूध और पानी का पानी होगा


मो. सगीर की ओर से बिल्डिंग बनाने के बारे में कहा कि उसे 1.8 में बनाना था, लेकिन उसके स्थान पर 9.8 में बिल्डिंग बना दिया गया है। यह तो जांच का विषय है। इसकी जांच होने पर बिल्डिंग की सच्चाई खुद-ब-खुद सामने आ जायगी और लोगों के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

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अभय सिंह मामले में आज हाइकोर्ट में भी नहीं हुई सुनवाई, बहुत जल्द दूध का दूध, पानी का पानी होगा- निर्भय सिंह

जमशेदपुर : जमशेदपुर महानगर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता अभय सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में टल गयी। इस मामले में सरकार की ओर से अभियोजन पक्ष से महाधिवक्ता खुद कोर्ट में खड़े हुए और जमानत याचिका का विरोध किया। वैसे अमूमन इस तरह की घटनाओं में जमानत के केस में एडवोकेट जेनरल (महाधिवक्ता) खड़े नहीं होते है। लेकिन इस मामले में खुद महाधिवक्ता खड़े हो गये। इस बीच जमानत पर सुनवाई की तिथि आगे बढ़ गयी। अब 12 जून को इसकी अगली सुनवाई होगी।

दूसरी ओर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मानगो निवासी एक बिल्डर मोहम्मद सागिर ने भी मानगो थाना में अभय सिंह, भाई दिलीप सिंह और निर्भय सिंह के खिलाफ रंगदारी और मकान कब्जा करने की शिकायत दज करा दी है।

बहुत जल्द ही दूध का दूध, पानी का पानी होगा- निर्भय सिंह

जिसके बाद निर्भय सिंह से बात करने पर उन्होंने कहा कि यह सब शासन और प्रशासन के मिली भगत से एक राजनीतिक साजिश के तहत अभय सिंह और उनके परिवार पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। निर्भय सिंह ने कहा कि काशीडीह मकान संख्या 256 के मालिक चंद्रशेखर और बिल्डर मोहम्मद सागिर ने मिलकर निर्भय सिंह को ठगने का कार्य किया था। बिल्डर मोहम्मद सागिर पूरी तरह से 420 व्यक्ति है और उसके द्वारा किया गया केस भी बेबुनियाद है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।

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शुकराना यात्रा पर पटना साहिब पंहुचा सीजीपीसी का जत्था

जमशेदपुर : सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (सीजीपीसी) के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने अगुवाई में सीजीपीसी सदस्यों का 55-सदस्यीय जत्था गुरु गोबिंद सिंह जी की नगरी तख्त श्री हरमंदिर साहिब (पटना) साहिब पंहुचा।
शुक्रवार को सीजीपीसी कार्यालय से पटना साहिब रवाना होने से पूर्व श्रद्धालु सदस्यों ने यात्रा की सफलता के लिए अरदास की। इस बाबत प्रधान भगवान सिंह ने बताया की प्रधानगी की जिम्मेदारी मिलने के बाद वे सभी सदस्यों के साथ गुरु महाराज का शुकराना अदा करने के लिए पटना साहिब में माथा टेकने के लिए जाना चाह रहे थे।
उन्होंने कहा कि पटना साहिब गुरुद्वारा में वे गुरु महाराज से असीम कृपा और मेहर भरा हाथ हमेशा सीजीपीसी और उसके सदस्यों के सर पर बनाये रखने की अरदास करेंगे जिससे वे और अधिक नेक कार्य करने की ऊर्जा से सराबोर रहें। जत्था पटना में विभिन्न गुरुद्वारों के भी दर्शन करेगा।
यात्रा जत्थे में प्रधान भगवान सिंह के अलावा चेयरमैन शैलेंदर सिंह, गुरमीत सिंह तोते, साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशान सिंह, कुलविंदर सिंह, ज्ञानी कुलदीप सिंह, हरविंदर सिंह, चंचल सिंह, परमजीत सिंह काले, गूरुचरण सिंह बिल्ला, सुखदेव सिंह बिट्टू, हरदीप सिंह छनिया, परबिंदर सिंह सोहल, परमजीत सिंह विकी, जगजीत सिंह गाँधी, जसवंत सिंह, गुरनाम सिंह बेदी, सुरेंद्र सिंह छिंदे, जसबीर सिंह गाँधी, रघुवीर सिंह, जसवंत सिंह जस्सू, आर एस मठारु, दमनप्रीत सिंह, जगदीप सिंह, सुखविंदर सिंह राजू, सुरजीत सिंह खुशीपुर, बीबी कमलजीत कौर, बीबी जसविंदर कौर, बीबी स्वर्ण कौर व बीबी सुरेंद्र कौर मुख्यरूप से शामिल थे।
सड़क मार्ग से रवाना हुए जत्थे में 12 वाहनों में कुल 55 सदस्य यात्रा करते हुए पटना साहिब पहुंचे। जत्था 5 जून को जमशेदपुर वापस लौटेगा।

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