एक नई सोच, एक नई धारा

सर्वजन हिन्दू समिति के तत्वावधान में होगा चरणबद्ध आंदोलन, 25 अप्रैल को तुलसी भवन में होगा महाजुटान

झारखंड की हेमंत सरकार के इशारे पर जिला प्रशासन द्वारा विगत दिनों जमशेदपुर के शास्त्रीनगर एवं जुगसलाई के निर्दोष हिन्दू युवाओं को झूठी शिकायतों एवं गलत धाराएं लगाकर जेल भेजने के खिलाफ पूरे कोल्हान का हिन्दू जनमानस उद्देलित है। जिला प्रशासन की इस एकतरफा अलोकतांत्रिक कार्रवाई का विरोध करने हेतु सभी हिन्दू राष्टवादी संगठन एक मंच तले आ गए है और सर्वजन हिन्दू समिति के तत्वावधान में लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन चलाकर जिला प्रशासन के इस कृत्य का विरोध किया जा रहा है। इस आंदोलन को धारदार करने एवं इस आंदोलन से शहर के प्रमुख संगठनों एवं आम जनता को जोड़ने हेतु समिति की एक बैठक बिस्टुपुर के तुलसी भवन में समिति के संयोजक डॉ दिनेशानंद गोस्वामी की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमे आंदोलन के विभिन्न पहलुओं पर विचार विमर्श किया गया। इस संदर्भ में डॉ दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि शहर के इतिहास में यह पहली बार है कि राज्य सरकार के इशारे पर जिला प्रशासन द्वारा बहुसंख्यक हिन्दू समाज पर प्रशासनिक अत्याचार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूर्वाग्रह से ग्रस्त है एवं तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है।किसी भी निर्दोष युवा को बिना किसी पुख्ता प्रमाण के गैर जमानती धाराओं में जेल में डाल देना पुलिस की हिटलरशाही का नमूना है। प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई से प्रतीत होता है कि जैसे शहर में अघोषित आपातकाल लागू हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को जनता को बताना चहिये की वो इस घटना की न्यायिक जांच से क्यों घबरा रही है। यह प्रकरण जमशेदपुर के प्रशासनिक इतिहास पर एक काले धब्बे के समान है। इस प्रकरण से शहर के राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के साथ साथ आम जनता में भी भारी आक्रोश है। जनता के इस आक्रोश को स्वर देने एवं जेल में बंद निर्दोष हिंदुओं को न्याय दिलाने हेतु समिति चरणबद्ध आंदोलन चला रही है। आंदोलन के पहले चरण में शहर के विभिन्न स्थानों पर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा चुका है। समिति के इस आंदोलन को रफ्तार देने एवं इसके स्वरूप को व्यापक बनाने हेतु समिति के तत्वावधान में आगामी 25 अप्रैल, मंगलवार, को शाम 4 बजे से बिष्टुपुर के तुलसी भवन सभागार में एक बड़ी “महाबैठक” का आयोजन किया गया गया है। इस बैठक में सभी के सुझावों से आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी। उन्होनें शहर के सभी जिम्मेदार नागरिको,राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं एवं सामाजिक संगठनों से आग्रह किया कि वे इस बैठक में आकर अपने सुझावों से आंदोलन को सशक्त बनाये।

इस बैठक में मुख्य रूप से डॉ दिनेशानंद गोस्वामी,देवेंद्र सिंह, विनोद सिंह,चंद्रशेखर मिश्रा,मनोज सिंह,डॉ राजीव कुमार,निर्भय सिंह,सुबोध श्रीवास्तव,अनिल मोदी,संजीव सिन्हा,राजीव सिंह,मुचिराम बाउरी,हलधर नारायण साह,अमित शर्मा,रामनाथ सिंह,रवि प्रकाश सिंह,अवतार सिंह गांधी,अरुण सिंह,अमित मिश्रा,अमिताभ सेनापति,अभिमन्यु सिंह एवं अन्य उपस्थित थे।

जमशेदपुर : ईद की खुशियाँ मातम में तब्दील, नदी में डूबने से 22 वर्षीय युवक की मौत

जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची थाना अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी में डूबने से मानगो मुंशी मोहल्ला निवासी 22 वर्षीय हनीफ जशन की मौत हो गई जबकि उसे बचाने गया साथी शेख फरहान बाल बाल बच गया। घटना के बाद स्थानीय मछुआरों ने दोनो को नदी से बाहर निकाला और पुलिस की मदद से एमजीएम अस्पताल पहुंचाया जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने हनीफ को मृत घोषित कर दिया। इधर सूचना पाकर हनीफ के परिजन भी एमजीएम पहुंचे।

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हनीफ के दोस्तों ने बताया कि वह शेख फरहान के साथ घूमने निकला था। उन्हें पुलिस ने घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया हनीफ नदी में नहाने गया था तभी वह गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए फरहान भी कूद पड़ा और डूबने लगा। पास मौजूद मछुआरों ने दो को नदी से बाहर निकाला। हनीफ दो भाईयों में बड़ा था। पिता विदेश में काम करते है जबकि हनीफ भी तीन दिनों बाद विदेश जाने वाला था। हनीफ की मौत से घर में ईद की खुशियां मातम में बदल गई।

सत्यपाल मलिक पर भड़के अमित शाह, बोले- गवर्नर रहते कहां गई थी अंतरात्मा

हाल ही में जम्मू कश्मीर को पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा की गई बयानबाजी पर आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार किया है.

अमित शाह ने कहा कि सत्यपाल मिलक जो कह रहे हैं, वो उन्होंने जम्मू-कश्मीर का गवर्नर रहते क्यों नहीं कहा. सत्ता में रहते उनकी अंतरात्मा क्यों नहीं जागी. दरअसल, एक मीडिया हाउस के प्रोग्राम में पहुंचे अमित शाह से जब सत्यपाल मलिक के पुलवामा अटैक वाले बयान को लेकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा कि बीजेपी से अलग होने पर ही सत्यपाल मलिक को ये सब बातें याद आ रही हैं. उस समय उन्होंने क्यों अपनी आत्मा की आवाज नहीं सुनी, जब वो सत्ता में बैठे थे. अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में ऐसा कुछ भी नहीं, जिसको छिपाने की जरूरत पड़े.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, सत्यपाल मलिक ने हाल ही में एक यूट्यूब चैनल के साथ इंटरव्यू में जम्मू कश्मीर व पुलवामा हमले लेकर बड़े-बड़े आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि पुलवामा अटैक केन्द्र सरकार की लापरवाही का नतीजा था. उन्होंने कहा कि सेना का इतना बड़ा कॉन्वॉय कभी सड़क मार्ग से नहीं गुजरता. इसलिए सीआरपीएफ ने गृह मंत्रालय ने हवाई जहाज की व्यवस्था करने को कहा था, लेकिन गृह मंत्रालय ने प्लेन उपलब्ध कराने से साफ इनकार कर दिया था. सत्यपाल मलिक ने कहा था कि क्योंकि सेना अर्द्ध सैनिक बलों का सीधा संबंध गृह मंत्रालय से होता है, इसलिए मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि अगर सीआरपीएफ ने उनसे हवाई जहाज मांगे होते तो वो कैसे भी करके उनको हवाई जहाज उपलब्ध कराते.

300 करोड़ रुपए के ऑफर पर सीबीआई करेगी पूछताछ

सत्यपाल मलिक ने कहा था कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर सरकार की लापरवाही होने की बात बताई थी, लेकिन उन्होंने मुझे चुप रहने के लिए बोल दिया. जिसके बाद एनएसए अजित डोभाल ने भी उनको फोन करके इस मामले में चुप रहने को कहा था. उन्होंने यह भी कहा था कि जम्मू-कश्मीर का गवर्नर रहते हुए उनको दो मामलों में 300 करोड़ रुपए का ऑफर भी दिया गया था. वहीं, सीबीआई ने अब सत्यपाल मलिक को तलब किया है. माना जा रहा है कि सीबीआई 300 करोड़ रुपए के मामले में उनसे पूछताछ कर सकती है.

320 फीट ऊंचे पहाड़ पर बरिया के पेड़ के नीचे निकली थी भगवान परशुराम की प्रतिमा

दमोह जिले में एकमात्र भगवान परशुराम का मंदिर दमोह की परशुराम टेकरी पर है। यहां भगवान परशुराम मंदिर आने वाले भक्तों की संतान प्राप्ति की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

भगवान की प्रतिमा 320 फीट ऊंचे पहाड़ पर बरिया के पेड़ के नीचे खुदाई के दौरान सपना देकर निकली थी। भगवान ने बैजनाथ श्रीवास्तव किशुनगंज वाले दादा को 12 साल लगातार स्वपन दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपने साथी तुलसीराम से इस बारे में चर्चा की और जब पॉलिटेक्निक कॉलेज के बाजू से बने इस पहाड़ पर खुदाई की और बरिया के पेड़ को हटाया तो वहां भगवान परशुराम की अद्भुत प्रतिमा निकली। तभी से यह स्थान परशुराम टेकरी के नाम से पहचाना जाने लगा। जहां दमोह जिले के अलावा कई जिलों से श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर आते हैं।

मंदिर निर्माण रुकवाने से हुआ था विवाद

मंदिर के पुजारी पंडित कृष्ण कुमार गर्ग ने बताया कि साल 1981 में बैजनाथ श्रीवास्तव के द्वारा इस पहाड़ पर खुदाई करवाई थी और बरिया के पेड़ के नीचे भगवान परशुराम की प्रतिमा निकली थी। 12 साल तक लगातार भगवान परशुराम उन्हें स्वप्न देते रहे इसके बाद जब उन्होंने खुदाई करवाई तब यह प्रतिमा बाहर निकली। इसके बाद यहां पूजन अर्चन शुरू हुआ और 1 साल के बाद 1982 में मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। चूंकि यह पूरी जगह वन विभाग के अंतर्गत आती है इसलिए उस समय तत्कालीन डीएफओ अली साहब के द्वारा मंदिर निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया। जैसे ही लोगों को इस बात की जानकारी लगी की वन विभाग के अधिकारी ने मंदिर का निर्माण कार्य रुकवा दिया है तो यहां विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और काफी विवाद के हालात बन गए। उस दौरान तत्कालीन कलेक्टर ने इस विवाद को शांत करवाया और 48 घंटे के अंदर यहां मंदिर निर्माण कार्य शुरू करवाया और लाइट की व्यवस्था करवाई।श्री गर्ग बताते हैं कि भगवान परशुराम ने सपने में दादा बैजनाथ श्रीवास्तव को यह भी बताया था कि आपके यहां तो कोई संतान नहीं होगी, लेकिन इसके बाद जो भी व्यक्ति अपनी संतान की मनोकामना लेकर मंदिर आएगा उसकी झोली जरूर भर जाएगी और आज यहां से कोई भी मां खाली हाथ नहीं लौटी। मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष रूप से भगवान का पूजन करने के लिए लोग आते हैं और अपनी मनोकामना भगवान परशुराम से मांगते हैं। सैकड़ों लोगों के यहां संतान की प्राप्ति हुई है इस बात का दावा भी मंदिर के पुजारी गर्ग करते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में भगवान परशुराम का कहीं भी दूसरा मंदिर नहीं है केवल दमोह में पॉलिटेक्निक कॉलेज के बाजू से जमीन से 320 फीट की ऊंचाई पर पहाड़ पर यह मंदिर है जिसे परशुराम टेकरी के नाम से जाना जाता है।

अक्षय तृतीया के दिन निकली थी प्रतिमा

श्री गर्ग ने बताया कि अप्रैल महीने में अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मनाया जाता है उसी दिन यह प्रतिमा बरिया के पेड़ के नीचे से खुदाई के दौरान मिली थी। यहां हजारों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग भगवान परशुराम का पूजन करने अक्षय तृतीया के दिन आते हैं। पहले यह पूरा क्षेत्र जंगली एरिया हुआ करता था इसलिए लोग बहुत कम ही मंदिर तक आ पाते थे, लेकिन धीरे-धीरे विकास कार्य हुआ और दमोह शहर का विकास आगे बढ़ा और आज स्थिति यह है कि यह मंदिर शहर के बीचो-बीच स्थित है। जंगल तो अब यहां कहीं नहीं दिखाई देते चारों ओर वन विभाग की भूमि जरूर पड़ी हुई है जहां लोग अपना निवास बनाकर रह रहे हैं। आज भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मंदिर में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा क्योंकि जिले में एकमात्र मंदिर होने की वजह से हजारों की संख्या में यहां पर समाज के लोग हवन, पूजन करने आते हैं और इसके बाद एक भव्य शोभायात्रा पूरे शहर में निकाली जाती है।

24 अप्रैल को साकची में होगा अग्निशमन मॉक ड्रिल, स्कूल बसों में पानी रखने का आदेश, लू से मरने वालों को मिलेगा 4 लाख मुआवजा

जमशेदपुर : जमशेदपुर की उपायुक्त विजया जाधव द्वारा आपदा प्रबंधन प्राधिकार समिति की बैठक में भीषण गर्मी को देखते हुए सभी सरकारी कार्यालयों, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी केन्द्रों में पेयजल की समुचित व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया है। उन्होने सभी बीडीओ एवं नगर निकाय पदाधिकारियों को निदेशित करते हुए कहा कि 19 से 25 अप्रैल तक सभी निजी एवं सरकारी विद्यालय तथा सहायता प्राप्त विद्यालयों के स्कूल टाइमिंग में सरकार के स्तर से बदलाव किया गया है, आपके पोषक क्षेत्र में स्थित सभी विद्यालय उक्त आदेश का अनुपालन करेंगे, इसे सुनिश्चित करें।

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स्कूलों से बात करें कि बस में भी पानी की व्यवस्था रहे तथा सभी बच्चे पानी का बोतल लेकर जरूर आएं। हीट स्ट्रोक या लू से होने वाली जनहानि में 4 लाख रूपये मुआवजा का प्रावधान है। सिविल सर्जन को उक्त मुआवजा का अनुशंसा करने के लिए एक कमिटी गठन का निदेश दिया गया। उपायुक्त द्वारा बढ़ती गर्मी को देखते हुए किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए 24 अप्रैल को अग्निशामक विभाग को जमशेदपुर के साकची बाजार में मॉक ड्रिल करने का निर्देश दिया गया है।

जिला परिवहन द्वारा 23 अप्रैल से लगाया जा रहा कैम्प, ड्राइविंग लाइसेंस, लाइसेंस रिन्यूअल, टैक्स भुगतान जैसी समस्याओं का होगा निराकरण

नया ड्राइविंग लाइसेंस बनाना हो या पुराने का रिन्यूअल कराना, साथ ही टैक्स जमा करने में कोई समस्या आ रही हो तो जिला परिवहन कार्यालय द्वारा आगामी 23 अप्रैल से 2 मई तक आयोजित किये जाने वाले कैम्प में शामिल होकर अपनी समस्याओं का समाधान पा सकते हैं। उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव के आदेशानुसार धालभूम अनुमंडल अंतर्गत शहरी क्षेत्र में 4 स्थान तथा घाटशिला अनुमंडल में 1 स्थान पर यह शिविर आयोजित होने जा रहा। जनसाधारण से अपील है कि बड़ी संख्या में कैम्प में शामिल होते हुए अपनी समस्याओं का निराकरण कराएं तथा कैम्प को सफल बनायें।

कैम्प की तिथि एवं स्थान निम्नवत हैं-

  1. 23 एवं 24 अप्रैल- मानगो नगर निगम कार्यालय
  2. 25 एवं 26 अप्रैल- मिनी बस स्टैंड, साक्ची
  3. 27 एवं 28 अप्रैल- जुगसलाई नगर परिषद कार्यालय
  4. 29 एवं 30 अप्रैल- घाटशिला अनुमंडल कार्यालय
  5. 01 एवं 02 मई- सिदगोड़ा टाउन हॉल
गोलमुरी में बंद पड़ी कंपनी की दीवार के नीचे दबकर 1 व्यक्ति की मौत

बड़ी खबर जमशेदपुर से जहांगोलमुरी थाना अंतर्गत बंद पड़ी आईबीपी कंपनी की दीवार अचानक एक शख्स पर गिर गई. दीवार गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी.

सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को दीवार के नीचे से निकालने के प्रयास में जुट गई है. मृतक की पहचान नहीं हो सकी है. घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ महिला बंद पड़ी कंपनी आईबीपी के पास लकड़ी चुनने गई थी. तभी उनकी नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

पौधरोपण कर आधुनिक पावर ने मनाया पृथ्वी दिवस

पॉलिथीन नकारें, और अधिक पौधे लगाकर पेड़ बनने तक उसकी सेवा करें: अरुण मिश्रा

पदमपुर स्थित बिजली बनाने वाली कंपनी आधुनिक पावर एंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (एपीएनआरएल) के कर्मचारियों और अधिकारीयों ने पौधे रोपकर 53वां पृथ्वी दिवस मनाया। शनिवार को कंपनी परिसर में महादेव उद्यान में पौधे लगाकर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी और दायित्व का निर्वहन किया।

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मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएनआरएल कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अरुण कुमार मिश्रा ने कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण पर चिंतन एक गंभीर विषय है। उन्होंने कहा की पॉलीथिन के उपयोग को नकारें और अन्य लोगों को भी इसके इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित करें। श्री मिश्रा ने कहा कि पौधे जरूर लगाएं परन्तु उसके वृक्ष बनने तक पौधे की सेवा भी करते रहें। पर्यावरण विभाग के कमलेश कुमार ने अथितियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी एमएन सिंह, राजेश कुमार शर्मा, अजय बांगड़े, अमल बैद्या, संजीत सिन्हा एवं बिराज कुमार ने भी पौधरोपण किया। रवि शर्मा और कालीपदो सरदार सहित पर्यावरण विभाग के सभी कर्मचारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय सहयोग किया।
गौरतलब है कि दुनियाभर के देश हर साल 22 अप्रैल को अर्थ डे या पृथ्वी दिवस मनाते हैं। पृथ्वी और इसके वातावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने के लिए पृथ्वी दिवस मनाया जाता है।

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शहर के तमाम मस्जिदों में ईद का नमाज पढ़ा गया और ईद की एक दूसरे को दी बधाई

जमशेदपुर शहर में धूमधाम से ईद का पर्व मनाया गया जहां 1 महीने के रोजा पावन महीना का समापन होने के बाद आज इन लोगों ने मनाया जहां सुबह-सुबह जमशेदपुर शहर के तमाम मस्जिदों में ईद का नमाज पढ़ा गया जिसके बाद सभी ने ईद की एक दूसरे को बधाई दी,

तो वही लोगों ने एक दूसरे से गले मिला कर भाईचारा का संदेश दिया इतना ही नहीं क्या बच्चे क्या बड़े सभी लोग ईद के पर्व में सुबह मस्जिद में नमाज पढ़ा और उसके बाद एक दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दी वही ईद पर्व को लेकर शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, वही मुस्लिम भाइयों ने कहा कि 1 महीने का रोजा का समापन होने के बाद आज हम ईद मनाते हैं जहां ईद पर्व की सभी को बधाई देते हैं साथ ही साथ आज हमारे घरों में सेवई खाने हमारे तमाम धर्म के लोग आते हैं और हम उनके साथ सेवई खाकर ईद पर्व धूमधाम से मनाते हैं शहर शांत रहे और हम सब धर्म के लोग एक होकर शांति का संदेश देते हैं ।

इस अक्षय तृतीया की पूजा में इन बातों का ध्यान रखने से घर में होगी धन वर्षा

शास्त्रों में ऐसा वर्णित है कि इसी तिथि पर द्वापर युग की समाप्ति हुई थी. सतयुग, त्रेता और द्वापर तीनो युगों में भगवान विष्णु ने अवतार लिया. अक्षय तृतीय के दिन भगवान विष्णु की उनकी पत्नी लक्ष्मी के साथ पूजा की जाती है. सभी देवी देवताओं की पूजा के अलग- अलग नियम हैं. अगर आपको इन नियमों की जानकारी होगी तो आपके द्वारा की जाने वाली पूजा और भी अधिक फलदायी होगी. इन छोटे मगर महत्त्वपूर्ण नियमों के बारे में जानें.

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किसी भी पूजा की शुरुआत गणेश पूजा के साथ होती हैं. गणेश भगवान को कभी भी तुलसी अर्पित न करें. इसके पीछे की कथा ये है कि तुलसी के कारण एक बार भगवान गणेश के तप में विघ्न पड़ा था. इस कारण वह देवी तुलसी से नाराज हो गए थे. इसलिए आज भी उनकी पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता. अपने घर के मंदिर में एक साथ गणेश जी की तीन मूर्तियां ना रखें. इसे बहुत ही अशुभ माना जाता है.

भगवान विष्णु की पूजा के समय ध्यान रखें कि उनको अक्षत यानि चावल का टीका ना लगाएं . अगर आप लगाना भी चाहते हैं तो चावल को हल्दी या चन्दन में मिलाकर पीला कर लें. पीला रंग भगवान विंष्णु को बहुत पसंद है. माता लक्ष्मी को कुमकुम मिलाकर अक्षत का टीका लगा सकते हैं.

भगवान विष्णु को शंख अति प्रिय है. शंख को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है. इसलिए पूजा घर में एक से ज्यादा शंख ना रखें. पूजा के समय शंख को पूरा आदर दें और इसको खाली जमीन पर ना रखें.

पूजा में बैठने से पहले अपना आसन तैयार कर लें. बिना आसन के पूजा करने पर पूजा अधूरी मानी जाती है. पूजा के समय हमारे पैर सीधे धरती को ना छुएं. इसलिए पूरा और स्वच्छ आसन बिछाकर ही भगवान विष्णु की पूजा की शुरुआत करें.

भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती अवश्य गाएं और दोनों हाथों से आरती करें. एक हाथ से कभी भी आरती नहीं लेनी चाहिए.

भगवान सत्यनारायण की पूजा में पंचामृत अवश्य बनाएं. किन्तु पंचामृत कभी भी एक हाथ से नहीं लेना चाहिए. पंचामृत की एक भी बूंद धरती पर नहीं गिरनी चाहिए. पंचामृत पीने के बाद हाथों को अपनी आंखों मलें.

ध्यान रखें कि पूजा के दौरान दरवाजे पर जूते चप्पल ना फैले हों. दरवाजे पर स्वच्छता हो इस बात का विशेष ध्यान रखें. माता लक्ष्मी फटे-पुराने वस्त्रों और टूटे जूते चपल्लों को घर में रखने से रुष्ट हो जाती है.

परिवार में सूतक हो तो लक्ष्मी पूजा के लिए चौकी ना लगाएं. महिलाओं को मासिक धर्म चल रहा हो तो उन्हें भी अक्षय तृतीय की पूजा नहीं करनी चाहिए.

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