सरायकेला: निषेध मादक पदार्थ के दुरुपयोग एवं अवैध व्यापार के विरुद्ध चलाए जा रहे नशा मुक्त अभियान के तहत जिला मुख्यालय सरायकेला सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी कड़ी में समाहरणालय परिसर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जिले के अधिकारियों, कर्मियों, आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहियाओं ने समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
उपायुक्त ने दिलाई शपथ, रवाना किया जागरूकता रथ
उपायुक्त (DC) नितीश कुमार सिंह ने समाहरणालय परिसर में उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने “नशामुक्त जीवन हो हमारा” का संदेश लेकर तैयार किए गए विशेष जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
उपायुक्त का संदेश: “सरायकेला जिले को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता बेहद आवश्यक है। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे नशे से दूर रहकर एक स्वस्थ जीवन शैली को अपनाएं।”


नशे का दुष्प्रभाव पूरे परिवार पर: उप विकास आयुक्त
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त (DDC) रीना हांसदा ने कहा कि नशे की समस्या केवल किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका घातक दुष्प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ जन जागरूकता ही सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने बताया कि समाज में नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक माहौल बनाने और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस व्यापक अभियान को चलाया जा रहा है।
राजनगर के टीटीडीह में नुक्कड़ नाटक की धूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निषेध मादक पदार्थ के विरुद्ध 10 जून से 26 जून तक संचालित राज्यव्यापी जागरूकता अभियान तथा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर (26 मई से 26 जून तक) विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
इसी क्रम में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा नशामुक्त झारखंड अभियान के तहत राजनगर प्रखंड के टीटीडीह में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान नाट्य कर्मियों ने अपने कलात्मक और जीवंत अभिनय के माध्यम से उपस्थित ग्रामीणों को मादक पदार्थों और तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले शारीरिक, आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
– तीसरी धारा न्यूज ब्यूरो











