सीनी/सरायकेला: सीनी स्थित रेलवे सुरक्षा बल (RPF) बैरैक परिसर में माँ गायत्री यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।
यज्ञ के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया। पूजा की समाप्ति के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद (भोग) का वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत आरपीएफ के ‘सरकार सर’ द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई।
इन क्षेत्रों के श्रद्धालुओं की रही सहभागिता
इस आध्यात्मिक कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न क्षेत्रों से आए सेवादारों और श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा:
आदित्यपुर से: श्याम जी, दीक्षा बालचंद साहू और संजना मुखी।
युवाओं और महिलाओं में दिखा उत्साह
यज्ञ के आयोजन में स्थानीय महिलाओं और युवा वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आरपीएफ बैरैक में आयोजित इस शांति पाठ और यज्ञ का मुख्य उद्देश्य लोक कल्याण और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना था। कार्यक्रम के सफल संचालन में आरपीएफ कर्मियों और स्थानीय भक्तों का विशेष सहयोग रहा।
जमशेदपुर/नई दिल्ली: भारत सरकार ने देश के सभी 33 करोड़ घरेलू एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता अब अपनी तेल कंपनी के मोबाइल ऐप और ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप के जरिए घर बैठे ही यह वेरिफिकेशन पूरा कर सकते हैं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पश्चिम एशिया (ईरान-इजरायल) में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और घरेलू गैस की कीमतों में उछाल आया है।
घर बैठे कैसे करें e-KYC? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए सरकार ने प्रमाणीकरण की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया है:
अपने स्मार्टफोन पर संबंधित गैस कंपनी (Indane, HP, या Bharatgas) का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।
गूगल प्ले स्टोर से ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप इंस्टॉल करें।
गैस कंपनी के ऐप में ‘e-KYC’ विकल्प चुनें और चेहरे के बायोमेट्रिक्स (Face Authentication) के जरिए प्रक्रिया पूरी करें। नोट: जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर सकते, वे अपने नजदीकी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाकर बायोमेट्रिक मशीन के जरिए वेरिफिकेशन करा सकते हैं।
उज्ज्वला योजना लाभार्थियों के लिए विशेष नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के 10.5 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए साल में एक बार e-KYC कराना अनिवार्य है।
सब्सिडी के लिए जरूरी: सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य है।
रिफिल नियम: e-KYC न होने पर भी एक वित्तीय वर्ष में 7 रिफिल तक की आपूर्ति नहीं रोकी जाएगी, लेकिन 7 से अधिक सिलेंडर के लिए e-KYC अनिवार्य होगा।
महंगी हुई रसोई गैस: दिल्ली में ₹913 हुआ दाम
वैश्विक संकट के चलते 7 मार्च 2026 को घरेलू सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की भारी बढ़ोतरी की गई है।
सामान्य उपभोक्ता: दिल्ली में 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपये हो गई है।
उज्ज्वला लाभार्थी: सब्सिडी के बाद इन्हें सिलेंडर 613 रुपये में मिलेगा।
बुकिंग के बदले नियम: अब करना होगा लंबा इंतजार
जमाखोरी रोकने और आपूर्ति प्रबंधन के लिए सरकार ने दो सिलेंडरों के बीच ‘लॉक-इन पीरियड’ बढ़ा दिया है:
शहरी क्षेत्र: अब 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं होगा।
ग्रामीण क्षेत्र: अब 45 दिन से पहले दूसरी बुकिंग नहीं की जा सकेगी।
क्यों कड़े किए गए नियम?
ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसे समुद्री मार्गों से गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कालाबाजारी रोकने और वास्तविक उपभोक्ताओं तक गैस पहुँचाने के लिए e-KYC और नए बुकिंग नियमों को कड़ाई से लागू किया जा रहा है।
न्यूयॉर्क/राँची: वित्तीय बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती ताकत का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने विशेषज्ञों को भी अचंभे में डाल दिया है. अमेरिका के एक ट्रेडर ने दावा किया है कि उसके पूरी तरह स्वायत्त एआई एजेंट (Autonomous AI Agent) ने उसे तड़के 3:47 बजे जगाकर एक बड़े निवेश की मंजूरी मांगी, और फिर चंद घंटों में ही लाखों का मुनाफा कमा कर दे दिया.
कैसे हुआ यह करिश्मा? टाइमज़ोन आर्बिट्राज का खेल
ट्रेडर के अनुसार, अनुमति मिलने के बाद इस एआई बॉट ने महज कुछ घंटों के भीतर 12,000 डॉलर (लगभग 11.11 लाख रुपये) के शुरुआती निवेश को 43,800 डॉलर (लगभग 40.55 लाख रुपये) में बदल दिया. इस भारी-भरकम मुनाफे के पीछे एआई की ‘टाइमज़ोन आर्बिट्राज’ (Timezone Arbitrage) तकनीक का हाथ था.
दरअसल, यह एआई एजेंट लगातार एशियाई और यूरोपीय बाजारों से सूचनाएं एकत्र कर रहा था. जब अमेरिका में रात थी और अधिकांश निवेशक सो रहे थे, तब एआई ने उन वैश्विक खबरों को ट्रैक किया जिनका सीधा असर प्रेडिक्शन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘पॉलीमार्केट’ (Polymarket) पर पड़ना तय था. एआई ने समय के इस अंतर (Time Gap) का चतुराई से फायदा उठाया और खबर के सार्वजनिक होने से पहले ही दांव लगा दिया.
नींद के दौरान ही बन गए लाखों
ट्रेडर ने बताया कि एआई द्वारा जगाए जाने के बाद उन्होंने केवल निवेश के प्रस्ताव को मंजूरी दी और वापस सो गए. सुबह उठने पर उन्होंने देखा कि उनके पोर्टफोलियो में 40 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा थी. एआई की इस अचूक तेजी ने बाजार के उन उतार-चढ़ाव को पकड़ लिया, जो मानवीय क्षमता के लिए उस समय पर मुमकिन नहीं थे.
क्या है पॉलीमार्केट और एआई की भूमिका?
पॉलीमार्केट एक लोकप्रिय प्रेडिक्शन मार्केट है जहां लोग भविष्य की घटनाओं, जैसे चुनाव परिणाम या आर्थिक आंकड़ों पर सट्टा लगाते हैं. एआई एजेंट अब इतने उन्नत हो चुके हैं कि वे दुनिया भर की न्यूज फीड और डेटा को इंसानों से कई गुना तेजी से प्रोसेस कर सकते हैं. इस मामले में, एआई ने सूचनाओं को पॉलीमार्केट तक पहुंचने और कीमतों में प्रतिबिंबित होने से पहले ही प्रोसेस कर लिया, जिससे उसे कम कीमत पर ट्रेड करने और अधिकतम मुनाफा कमाने का मौका मिला.
भविष्य की ट्रेडिंग का संकेत, लेकिन जोखिम भी बरकरार
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना निवेश के भविष्य की एक झलक है. जहां पहले केवल बड़े हेज फंड्स इस तरह की अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करते थे, वहीं अब व्यक्तिगत ट्रेडर्स भी एआई बॉट्स का सहारा ले रहे हैं.
हालांकि, विशेषज्ञों ने आगाह भी किया है कि इस तरह की ट्रेडिंग में जोखिम बहुत अधिक होता है, क्योंकि एल्गोरिदम में एक छोटी सी तकनीकी गलती भी भारी नुकसान का कारण बन सकती है.
राँची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इस बार असम विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरने का मन बना लिया है। पार्टी विशेष रूप से उन 20 से अधिक सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है, जहाँ ‘टी-ट्राइब्स’ (चाय बागान श्रमिक) मतदाताओं का दबदबा है। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने स्पष्ट किया है कि यदि कांग्रेस गठबंधन के तहत सम्मानजनक सीटें नहीं देती है, तो पार्टी वहां के स्थानीय छोटे दलों के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरेगी।
हेमंत सोरेन और गौरव गोगोई के बीच हुई अहम चर्चा
पिछले दिनों असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई ने राँची का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ करीब एक घंटे तक गहन चर्चा की। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने असम में झामुमो की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए ही गोगोई को राँची भेजा था। बैठक में मुख्य रूप से उन 35-40 सीटों पर चर्चा हुई जहाँ झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से जाकर बसे आदिवासी समुदाय के लोग निर्णायक भूमिका में हैं।
ग्राउंड लेवल पर झामुमो की सक्रियता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पिछले छह महीनों में दो बार असम का दौरा कर चुके हैं। अपनी रैलियों में उन्होंने टी-ट्राइब्स की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। इसके अलावा, झामुमो की नजर वहां के मुस्लिम मतदाताओं पर भी है, जिसका संकेत मुख्यमंत्री के इफ्तार पार्टी में शामिल होने से मिला है।
नेताओं ने डाला डेरा
पार्टी की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और राजमहल सांसद विजय हांसदा असम में लगातार कैंप कर रहे हैं। झामुमो की एक विशेष टीम वहां हफ्तों रहकर जमीनी स्तर पर होमवर्क कर रही है ताकि चुनाव में मजबूती से उतरा जा सके।
धनबाद: कोयलांचल में आतंक का पर्याय बने प्रिंस खान गिरोह के खिलाफ धनबाद पुलिस को सोमवार सुबह एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भागाबांध ओपी क्षेत्र के केंदुआडीह बस्ती के पास पुलिस और अपराधियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में गिरोह का मुख्य हैंडलर कुबेर और एक अन्य अपराधी गोली लगने से घायल हो गए हैं। वहीं, भागने की कोशिश में एक तीसरा अपराधी गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका पैर फ्रैक्चर हो गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सटीक सूचना मिली थी कि प्रिंस खान गिरोह के कुछ सक्रिय सदस्य केंदुआडीह इलाके में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के इरादे से छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी शुरू की।
दोनों ओर से हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
जैसे ही पुलिस टीम अपराधियों के ठिकाने के करीब पहुंची, घेरा टूटता देख अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। काफी देर तक दोनों ओर से हुई गोलीबारी के बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया। इस मुठभेड़ में:
कुबेर (हैंडलर): गोली लगने से घायल।
दूसरा अपराधी: गोली लगने से घायल।
तीसरा अपराधी: भागने के दौरान गिरने से पैर फ्रैक्चर।
सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ पुलिस की कड़ी निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।
मौके पर पहुँचे एसएसपी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी प्रभात कुमार स्वयं मौके पर पहुँचे और पूरे सर्च ऑपरेशन की कमान संभाली। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। वर्तमान में पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और फरार अन्य अपराधियों की तलाश में सघन तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया जा रहा है।
तीसरी धारा न्यूज (Teesri Dhara News) के लिए धनबाद से रिपोर्ट।
नई दिल्ली/जमशेदपुर (तीसरी धारा न्यूज़): नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन स्वामियों के लिए एक जरूरी खबर है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने फास्टैग एनुअल पास (FASTag Annual Pass) की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
कितनी बढ़ी कीमतें?
NHAI द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एनुअल पास की फीस में 75 रुपये का इजाफा किया गया है।
पुरानी फीस: 3,000 रुपये
नई फीस: 3,075 रुपये
कब से लागू: 1 अप्रैल, 2026 से
गौरतलब है कि ‘तीसरी धारा न्यूज़’ ने पहले ही इस बढ़ोतरी की संभावना जताई थी, जिस पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है।
क्या है फास्टैग एनुअल पास के फायदे?
यह पास उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं।
लिमिट: एक बार फीस देने पर एक साल की वैलिडिटी या अधिकतम 200 टोल प्लाजा क्रॉसिंग की सुविधा मिलती है।
झंझट से मुक्ति: इससे वाहन मालिकों को बार-बार FASTag रिचार्ज करने की जरूरत नहीं पड़ती।
समय की बचत: टोल प्लाजा पर बिना रुके ‘फर्राटा’ भरने की सुविधा मिलती है।
कैसे लें यह पास?
यह पास केवल उन नॉन-कमर्शियल (गैर-व्यावसायिक) वाहनों के लिए मान्य है जिनके पास वैध FASTag है। इसे प्राप्त करना बेहद आसान है:
राजमार्ग यात्रा ऐप (Rajmarg Yatra App) या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
एकमुश्त फीस का भुगतान करें।
भुगतान के मात्र 2 घंटे के भीतर यह पास आपके मौजूदा फास्टैग पर एक्टिवेट हो जाएगा।
56 लाख से अधिक लोग उठा रहे लाभ
NHAI के आंकड़ों के मुताबिक, देश में वर्तमान में 56 लाख से ज्यादा वाहन मालिक इस एनुअल पास सुविधा का इस्तेमाल कर रहे हैं। प्राधिकरण ने बताया कि यह संशोधन राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के प्रावधानों के तहत किया गया है।
दुबई/तेहरान (तीसरी धारा न्यूज): पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल के साथ सीधे संघर्ष के बीच ईरान ने सोमवार तड़के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के सबसे महत्वपूर्ण ठिकाने दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अपना निशाना बनाया है। इस ड्रोन हमले के बाद एयरपोर्ट के पास भीषण आग लग गई है, जिससे पूरी दुनिया की विमानन सेवाओं में हड़कंप मच गया है।
दुबई एयरपोर्ट के पास धमाका और अफरा-तफरी
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह तड़के एक के बाद एक कई ड्रोन हमलों से दुबई दहल उठा। दुबई मीडिया ऑफिस ने पुष्टि की है कि अधिकारी फिलहाल एयरपोर्ट के पास लगी भीषण आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा गया है कि यात्रियों और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
ईरान की खुली चेतावनी के बाद हुआ हमला
यह हमला ईरान की उस भयावह चेतावनी के चंद घंटों बाद हुआ है, जिसमें उसने कहा था कि दुबई और दोहा (कतर) के ठिकानों पर अमेरिकी सैन्य कर्मी छिपे हुए हैं। ईरान के सरकारी टीवी ने बाकायदा उन ठिकानों की सूची जारी की थी और आम लोगों से उन जगहों को तुरंत खाली करने की अपील की थी। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने ईरान के मुख्य तेल टर्मिनल ‘खार्ग द्वीप’ पर हमला करने के लिए UAE के बंदरगाहों और डॉक का इस्तेमाल किया है।
युद्ध का खौफनाक आंकड़ा:
पिछले कुछ हफ्तों से जारी इस जंग ने भारी तबाही मचाई है:
ईरान: अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस के अनुसार, ईरान में अब तक 1,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 202 बच्चे शामिल हैं।
खाड़ी देश: ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में अब तक 12 आम लोगों (ज्यादातर प्रवासी मजदूर) की जान गई है।
इजरायल व अमेरिका: इजरायल में 12 और अमेरिका के कम से कम 13 सैनिकों की मौत हुई है।
लेबनान: हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायली कार्रवाई में 800 से अधिक लोग मारे गए हैं और 8.5 लाख लोग बेघर हो गए हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार
इस संघर्ष ने केवल जान-माल का ही नुकसान नहीं किया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। फारस की खाड़ी में तनाव के कारण:
तेल निर्यात बाधित: दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई चेन टूट गई है।
ईंधन की कीमतों में उछाल: पेट्रोल-डीजल के दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आसमान छू रहे हैं।
विमानन संकट: दुबई जैसे व्यस्ततम एयरपोर्ट पर हमले से हजारों उड़ानें रद्द या डाइवर्ट कर दी गई हैं।
ईरान के गंभीर आरोप और UAE का खंडन
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सीधे तौर पर अमेरिका पर हमलावर होते हुए कहा कि यूएई की धरती का इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए किया जा रहा है। हालांकि, यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
तीसरी धारा न्यूज की नजर इस बड़ी खबर पर बनी हुई है। पल-पल के अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
ओडिशा के कटक स्थित प्रसिद्ध SCB मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से सोमवार की सुबह एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में देर रात लगी भीषण आग ने 10 मासूम जिंदगियों को निगल लिया। यह हादसा सोमवार तड़के करीब 3 बजे हुआ, जिसने पूरे अस्पताल परिसर में हड़कंप मचा दिया।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, आग अस्पताल की पहली मंजिल पर स्थित ट्रॉमा केयर इमरजेंसी डिपार्टमेंट में अचानक भड़की। देखते ही देखते धुएं के गुबार ने पूरे ICU को अपनी चपेट में ले लिया। उस वक्त वार्ड में कई गंभीर मरीज भर्ती थे, जिनके बीच अफरा-तफरी मच गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन और राहत कार्य
आग लगते ही अस्पताल के अपने फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट ने मोर्चा संभाला। सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां (फायर टेंडर) भी मौके पर पहुंच गईं। राहत बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों ने खिड़कियां तोड़कर मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन जहरीले धुएं ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।
10 मरीजों की मौत, 5 की हालत गंभीर
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हादसे में अब तक 10 मरीजों की मौत हो चुकी है।
कुछ मरीजों की मौत ICU के अंदर दम घुटने (Suffocation) के कारण हुई।
कुछ मरीजों ने दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने के दौरान रास्ते में दम तोड़ दिया। फिलहाल 5 मरीजों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें लाइफ सपोर्ट पर रखा गया है। रेस्क्यू के दौरान अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी घायल हुए हैं।
प्रशासनिक जांच के आदेश
हादसे के बाद अस्पताल में चीख-पुकार मची हुई है। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन घटना के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्राथमिक तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।
लौहनगरी जमशेदपुर के धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में एक गहरा शून्य पैदा हो गया है। नारायण गोस्वामी अखाड़ा (मानगो) के लाइसेंसी अशोक गौड़, शीतला मंदिर (साकची) के लाइसेंसी राजू बाजपेई और बारीडीह के लाइसेंसी विद्युत साव के आकस्मिक निधन पर शहर के हिंदू समाज और अखाड़ा समितियों में शोक की लहर है।
आज मानगो स्थित त्रिवेदी अखाड़ा परिसर में जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी अखाड़ा समिति के पदाधिकारियों द्वारा एक विशेष शोक सभा का आयोजन किया गया, जहाँ इन दिवंगत विभूतियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
“अभिभावक और मित्र खो दिया हमने” – अरुण सिंह
शोक सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष अरुण सिंह अत्यंत भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “अशोक गौड़ जी हमारे मार्गदर्शक थे, जबकि राजू बाजपेई और विद्युत साव मेरे अत्यंत प्रिय मित्र थे। इन तीनों के जाने से शहर में रामनवमी और दुर्गा पूजा के भव्य आयोजनों में जो कमी आएगी, उसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। यह पूरे हिंदू समाज के लिए एक बड़ी क्षति है।”
मानगो की एकता के सूत्रधार थे अशोक गौड़
त्रिवेदी अखाड़ा के लाइसेंसी नितिन त्रिवेदी ने अशोक गौड़ जी को याद करते हुए कहा कि वे केवल एक अखाड़ा संचालक नहीं, बल्कि एक कुशल अभिभावक थे। मानगो क्षेत्र में जब भी कोई धार्मिक या सामाजिक समस्या उत्पन्न होती थी, वे सभी अखाड़ा समितियों को एकजुट कर समाधान निकालने में माहिर थे।
उपस्थित गणमान्य
श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से विजय तिवारी, संजय मुखर्जी, अंबिका पांडे, गोपाल यादव, हरविंद्र सिंह और नीतीश कुमार सहित कई अन्य अखाड़ा समितियों के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की।
लौहनगरी जमशेदपुर में इस वर्ष रामनवमी का उत्सव अभूतपूर्व और ऐतिहासिक होने जा रहा है। बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में जमशेदपुर केंद्रीय रामनवमी समिति और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘संवाद कार्यक्रम’ में शहर के तमाम अखाड़ा समितियों ने एक स्वर में पारंपरिक उल्लास और पूर्ण सौहार्द के साथ अखाड़ा निकालने का संकल्प लिया।
प्रमुख निर्णय और घोषणाएं
बैठक का शुभारंभ ‘वंदे मातरम’ और प्रभु श्री राम के भक्ति गीतों के साथ हुआ। सर्वसम्मति से तय किया गया कि:
27 मार्च: पूरे विधि-विधान के साथ रामनवमी पूजा संपन्न होगी।
28 मार्च: शहर की सड़कों पर अखाड़ों का पारंपरिक जुलूस और शौर्य प्रदर्शन दिखेगा।
प्रशासन के समक्ष रखी गई मांगें
केंद्रीय समिति के संरक्षक अभय सिंह और अध्यक्ष अरुण सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी समिति को आने वाली प्रशासनिक अड़चनों को दूर करने के लिए केंद्रीय समिति जिला प्रशासन के साथ सेतु का काम करेगी। संवाद के दौरान अखाड़ा समितियों ने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए:
ट्रैफिक मैनेजमेंट: दशमी की शोभायात्रा के दौरान टकराव से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग और ट्रैफिक रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित हो।
सुरक्षा घेरा: संवेदनशील क्षेत्रों (सेंसिटिव जोन) में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग की गई।
घाटों की सफाई: विसर्जन से पूर्व नदियों में डैम का पानी छोड़ने का आग्रह किया गया ताकि घाटों पर गंदगी न रहे।
स्थानीय मुद्दे: भुइयांडीह के उदय सिंह अखाड़ा ने थानों में केवल संबंधित समितियों के साथ बैठक करने और पारडीह श्रमिक बजरंग अखाड़ा ने अतिक्रमण हटाए जाने तक अखाड़ा न निकालने की बात प्रमुखता से रखी।
रामोत्सव का संदेश
विहिप जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने भारतीय नववर्ष (19 मार्च) से लेकर हनुमान जन्मोत्सव तक ‘रामोत्सव’ मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए प्रभु श्री राम के जीवन का अनुसरण करना अनिवार्य है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस विशाल संवाद कार्यक्रम में कदमा, सोनारी, साकची, मानगो, जुगसलाई, बिष्टुपुर, गोलमुरी, बागबेड़ा और परसुडीह सहित पूरे शहर के अखाड़ा प्रतिनिधि, विहिप और हिंदूपीठ के अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के सफल संचालन में कोषाध्यक्ष दिलजय बोस की विशेष भूमिका रही।