एक नई सोच, एक नई धारा

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झारखंड: नगर निकाय चुनाव के कारण बदला 8वीं बोर्ड परीक्षा का शेड्यूल; अब 2 मार्च को होगी परीक्षा

रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट के बाद अब आठवीं की बोर्ड परीक्षा की तिथियों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। राज्य में होने वाले नगर निकाय चुनावों के मद्देनजर शिक्षा विभाग की सहमति से यह निर्णय लिया गया है।

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📌 परीक्षा का नया शेड्यूल

​अब यह परीक्षा 2 मार्च को दो पालियों (Shifts) में आयोजित की जाएगी:

  • पहली पाली (09:45 AM – 01:00 PM): हिंदी, अंग्रेजी और अतिरिक्त भाषा।
  • दूसरी पाली (02:00 PM – 05:15 PM): गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान।

🗓️ जरूरी तारीखें और निर्देश

  • एडमिट कार्ड: परीक्षार्थी 20 फरवरी से जैक की आधिकारिक वेबसाइट से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
  • आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment): स्कूलों को 5 मार्च से 15 मार्च के बीच अंकों की ऑनलाइन एंट्री करने का निर्देश दिया गया है।
  • सावधानी: जैक ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की अन्य सभी शर्तें और नियम पहले की तरह ही रहेंगे।
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जमशेदपुर में दुस्साहस: पुलिस स्टेशन के पास ताबड़तोड़ फायरिंग, फल कारोबारी को गोलियों से भूना

जमशेदपुर, 11 फरवरी 2026: लौहनगरी जमशेदपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। बुधवार को शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले गोलमुरी थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर सनसनी फैला दी गई। बाइक सवार अपराधियों ने फल कारोबारी कन्हैया यादव पर हमला कर कई राउंड गोलियां बरसाईं और मौके से फरार हो गए।

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​पुलिस की नाक के नीचे हुई इस वारदात ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती: अचानक हुई फायरिंग से मची भगदड़

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कन्हैया यादव अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त था, तभी तेज रफ्तार बाइक पर आए अपराधियों ने उसे निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

​हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद बड़ी आसानी से फरार होने में सफल रहे।

​घायल की स्थिति नाजुक, TMH में भर्ती

​स्थानीय लोगों की तत्परता से घायल कन्हैया यादव को तुरंत टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ले जाया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, कन्हैया को तीन से अधिक गोलियां लगी हैं और उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। फिलहाल वे चिकित्सकों की कड़ी निगरानी में हैं।

​कौन है कन्हैया यादव?

  • निवास: नामदाबस्ती ए-ब्लॉक, रेल लाइन किनारे (हनुमान मंदिर के पास)।
  • पेशा: परसुडीह मंडी से फल का व्यवसाय संचालित करते हैं।
  • पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता (स्व. पहलवान) टिनप्लेट चौक पर फल का ठेला लगाते थे और क्षेत्र में काफी चर्चित थे।

​पुलिसिया जांच और कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी सिटी सुधीर चौधरी और गोलमुरी थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

  • CCTV फुटेज: पुलिस आसपास की दुकानों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
  • छापेमारी: अपराधियों की धरपकड़ के लिए शहर के बाहर निकलने वाले रास्तों पर नाकेबंदी कर छापेमारी शुरू कर दी गई है।
  • जांच का केंद्र: पुलिस पुरानी रंजिश या व्यावसायिक विवाद जैसे पहलुओं पर भी जांच कर रही है।
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WhatsApp का ‘हरा’ दौर खत्म! अब पिंक, ब्लू और नियॉन रंग में चमकेगा आपका चैटिंग ऐप

गैजेट डेस्क: क्या आप भी सालों से WhatsApp का वही पुराना सिग्नेचर ग्रीन इंटरफेस देखकर ऊब चुके हैं? यदि हाँ, तो तैयार हो जाइए, क्योंकि मेटा (Meta) आपके चैटिंग एक्सपीरियंस को एक नया और कलरफुल मेकओवर देने जा रहा है। अब WhatsApp का मतलब सिर्फ ‘हरा रंग’ नहीं रह जाएगा।

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​जल्द ही आपके पास यह आजादी होगी कि आप अपने मूड और पसंद के हिसाब से ऐप का रंग, बटन और यहाँ तक कि उसका आइकन भी बदल सकेंगे।

​14 नए अवतारों में दिखेगा WhatsApp आइकन

​WABetaInfo की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, WhatsApp के Android बीटा वर्जन 2.26.6.1 में कस्टमाइजेशन के कुछ धमाकेदार टूल्स देखे गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव इसके आइकन में होने जा रहा है। अब आप होम स्क्रीन पर दिखने वाले हरे आइकन की जगह 14 नए विकल्प चुन सकेंगे:

  • सिंगल कलर्स: ब्लू, पिंक, ऑरेंज और पर्पल।
  • स्टाइलिश डिजाइन्स: Aurora, Galaxy और Neon जैसे ट्रेंडी लुक्स।
  • क्लासिक मोड: जो लोग पुराने WhatsApp को पसंद करते हैं, उनके लिए पुराने डिजाइन का विकल्प भी मौजूद रहेगा।

​19 रंगों की थीम और एक्सेंट कलर्स

​सिर्फ आइकन ही नहीं, ऐप के अंदर का नजारा भी बिल्कुल बदल जाएगा। WhatsApp यूजर्स को 19 अलग-अलग कलर शेड्स देने की तैयारी में है।

थीम कैटेगरीसंभावित शेड्स
रॉयल लुक्सरॉयल ब्लू, डार्क ऑलिव ग्रीन
वाइब्रेंट कलर्सकोरल, टील, पिंक
क्लासिकओरिजिनल ग्रीन

इन रंगों की मदद से आप ऐप के अंदर मौजूद बटन, टैब और नोटिफिकेशन बार का रंग बदल सकेंगे। इसके लिए आपको किसी असुरक्षित ‘थर्ड-पार्टी’ ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी, यह फीचर खुद WhatsApp के सेटिंग्स में मौजूद होगा।

​कब तक मिलेगा यह फीचर?

​फिलहाल यह फीचर टेस्टिंग मोड में है और केवल कुछ बीटा टेस्टर्स के लिए उपलब्ध है। हालांकि, मेटा जिस तेजी से इस पर काम कर रहा है, उम्मीद है कि आगामी कुछ हफ्तों में इसे सभी आम यूजर्स (Global Rollout) के लिए जारी कर दिया जाएगा।

प्रो टिप: जैसे ही यह फीचर रोलआउट होगा, आप WhatsApp की Settings > Chats > Theme में जाकर अपना मनपसंद रंग चुन पाएंगे।

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जमशेदपुर: चक्का जाम से पहले खूनी संघर्ष, ट्रेलर ओनर यूनियन अध्यक्ष पर जानलेवा हमला

जमशेदपुर, 11 फरवरी 2026: शहर में ड्राइवरों के मानदेय को लेकर चल रहा आंदोलन हिंसक हो उठा है। 11 फरवरी को प्रस्तावित ‘चक्का जाम’ हड़ताल से ठीक एक रात पहले, जमशेदपुर लोकल ट्रेलर ओनर यूनियन के अध्यक्ष जयकिशोर सिंह पर जानलेवा हमला किया गया है। 20 से अधिक हमलावरों द्वारा किए गए इस हमले में अध्यक्ष गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

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​यह घटना शहर के औद्योगिक क्षेत्र में तनाव पैदा कर रही है, क्योंकि यह हमला सीधे तौर पर आंदोलन को कुचलने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

​घटना का विवरण: कार्यालय के बाहर घेराबंदी

​जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार रात की है जब जयकिशोर सिंह बर्मामाइंस स्थित यूनियन कार्यालय के पास मुख्य सड़क पर मौजूद थे। तभी अचानक करीब 20 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे। लहूलुहान हालत में उन्हें सहयोगियों द्वारा तत्काल एमजीएम (MGM) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका उपचार चल रहा है।

​सीधे आरोप: “आंदोलन को दबाने की साजिश”

​अस्पताल में भर्ती जयकिशोर सिंह ने इस हमले के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने सीधे तौर पर कुछ बड़े नाम लिए हैं:

  • अजित वर्मा पर आरोप: सिंह का दावा है कि कंपनी पदाधिकारी अजित वर्मा से जुड़े लोगों और टाटा कंपनी के कुछ वेंडरों ने मिलकर इस हमले की साजिश रची है।
  • मकसद: उन्होंने कहा कि ड्राइवरों के मानदेय (Salary/Stipend) बढ़ाने की मांग को लेकर जो आंदोलन 11 फरवरी (आज) होने वाला है, उसे कमजोर करने और डराने के लिए यह खून-खराबा किया गया है।

​स्थिति तनावपूर्ण, हड़ताल पर असर?

​यूनियन अध्यक्ष पर हमले के बाद ड्राइवरों और ट्रेलर मालिकों में भारी रोष व्याप्त है। यूनियन सदस्यों का कहना है कि वे इस कायरतापूर्ण हमले से डरने वाले नहीं हैं।

  • पुलिस जांच: बर्मामाइंस पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
  • सुरक्षा व्यवस्था: औद्योगिक क्षेत्रों में तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
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12 फरवरी को बैंक हड़ताल: SBI समेत बड़े बैंकों ने ग्राहकों को किया अलर्ट, चरमरा सकती हैं सेवाएं

नई दिल्ली/जमशेदपुर, 11 फरवरी 2026: यदि आपका कल यानी 12 फरवरी को बैंक से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम है, तो उसे आज ही निपटा लें। देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सहित कई प्रमुख बैंकों ने कल होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर ग्राहकों को चेतावनी जारी की है।

​विभिन्न बैंक यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर 12 फरवरी को काम ठप रखने का फैसला किया है, जिससे देश भर में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की पूरी आशंका है।

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​बैंकों ने जारी की एडवाइजरी: डिजिटल सेवाएं रहेंगी सहारा

​SBI ने शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा है कि बैंक ने हड़ताल के दिन कामकाज सामान्य रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए हैं, लेकिन फिर भी बैंकिंग सेवाएं आंशिक रूप से प्रभावित हो सकती हैं।

  • Bank of Baroda और IDBI: इन बैंकों ने भी स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि हड़ताल के कारण शाखाओं और कार्यालयों के संचालन पर असर पड़ सकता है।
  • डिजिटल बैंकिंग: बैंकों ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल बैंकिंग, UPI और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहने की उम्मीद है। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे नकद निकासी और चेक क्लियरिंग जैसे काम पहले ही पूरे कर लें।

​क्यों हो रही है हड़ताल? (मुख्य मांगें)

​यह हड़ताल केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे नीतिगत मुद्दे हैं:

  1. नए श्रम कानूनों का विरोध: बैंक यूनियनें सरकार द्वारा लाए गए 4 नए श्रम कोड्स का विरोध कर रही हैं। उनका दावा है कि ये कानून कर्मचारियों के अधिकारों को कमजोर करते हैं और यूनियन बनाने की प्रक्रिया को कठिन बनाते हैं।
  2. 5-Day Work Week: लंबे समय से लंबित ‘5 दिन का कार्य सप्ताह’ (शनिवार की छुट्टी) लागू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है।
  3. निजीकरण पर रोक: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण की कोशिशों के खिलाफ यूनियनें एकजुट हैं।
  4. ट्रेड यूनियन एकजुटता: इस हड़ताल को AIBEA, AIBOA और BEFI जैसे प्रमुख संगठनों का समर्थन प्राप्त है, जो 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।

​आम जनता पर क्या होगा असर?

​12 फरवरी को आधिकारिक बैंक अवकाश नहीं है, इसलिए शाखाएं तकनीकी रूप से खुली रहेंगी। हालांकि, कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण निम्नलिखित सेवाएं बाधित हो सकती हैं:

  • नकद लेनदेन (कैश डिपॉजिट/विड्रॉल)
  • चेक क्लियरिंग और डिमांड ड्राफ्ट (DD) जारी करना
  • लोन प्रोसेसिंग और केवाईसी (KYC) अपडेट
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जमशेदपुर: नई श्रम संहिताओं के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल, ट्रेड यूनियनों ने भरी हुंकार

जमशेदपुर, 10 फरवरी 2026: कोल्हान क्षेत्र के ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को साकची में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूनियनों ने घोषणा की कि 12 फरवरी को चार नए श्रम संहिताओं (Labour Codes) और ‘श्रम शक्ति नीति-2025’ के विरोध में संपूर्ण भारत में राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी।

​यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल श्रमिकों की नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने की है।

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​मुख्य आपत्तियां और चिंताएं

​प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए एटक (AITUC), सीटू (CITU) और बीमा व बैंक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने सरकार पर तीखे हमले किए:

  • श्रम कानूनों का ‘कॉर्पोरेटीकरण’: आरोप लगाया गया कि कोविड महामारी के दौरान बिना किसी चर्चा के पारित किए गए ये कोड 70% कारखानों को श्रम कानूनों के दायरे से बाहर कर देंगे। इससे न्यूनतम वेतन, कार्य के घंटे और सामाजिक सुरक्षा जैसे अधिकार समाप्त हो जाएंगे।
  • श्रम शक्ति नीति-2025: यूनियनों का मानना है कि इस नीति के तहत सरकार ने अपनी भूमिका ‘नियामक’ से घटाकर केवल एक ‘सुविधा प्रदाता’ की कर दी है, जिससे श्रमिकों के कानूनी संघर्ष की शक्ति कमजोर होगी।
  • बजट 2026-27 और निजीकरण: सार्वजनिक उपक्रमों (जैसे HEC) के निजीकरण, बीमा क्षेत्र में 100% FDI और मनरेगा के स्वरूप को बदलने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।
  • व्यापार समझौते का विरोध: अमेरिका के साथ हालिया व्यापार समझौते को ‘जन-विरोधी’ बताया गया, जिसमें भारतीय सामानों पर 18% टैरिफ के मुकाबले अमेरिकी सामानों पर शून्य टैरिफ का प्रावधान है।

​मांग पत्र की मुख्य बातें

​ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच ने निम्नलिखित मांगों को लेकर हड़ताल का आह्वान किया है:

  1. ​चारों नए श्रम संहिताओं को तत्काल रद्द किया जाए।
  2. समान काम के लिए समान वेतन और स्थायी रोजगार सुनिश्चित हो।
  3. ​ठेकाकरण और आउटसोर्सिंग प्रथा को समाप्त किया जाए।
  4. ​कृषि क्षेत्र के लिए वैधानिक MSP और ऋण माफी की गारंटी दी जाए।
  5. ​परमाणु ऊर्जा विकास (SHANTI) अधिनियम जैसे कानूनों को वापस लिया जाए।

​आंदोलन की रूपरेखा: मशाल जुलूस से विशाल प्रदर्शन तक

​हड़ताल को सफल बनाने के लिए कोल्हान में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया है। आगामी कार्यक्रम इस प्रकार हैं:

तिथिसमयकार्यक्रमस्थान
11 फरवरीशाम 5:30 बजेविशाल मशाल जुलूसआमबगान मैदान से साकची चौक
12 फरवरीसुबह सेकार्यस्थल पर धरनासभी औद्योगिक एवं निजी क्षेत्र
12 फरवरीदोपहर 12:00 बजेमहा-प्रदर्शनजुबली

​”सरकार काम को ‘अधिकार’ के बजाय ‘धर्म’ की संज्ञा देकर श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों को छीनना चाहती है। यह हड़ताल कॉर्पोरेट लूट के खिलाफ एक निर्णायक संघर्ष है।”

बिश्वजीत देब, सीटू प्रतिनिधि

​आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबुज ठाकुर, बिश्वजीत देब, सुभाष करण, हीरा अरकाने, वीरेंद्र कुमार, पीयूष गुप्ता और ओम प्रकाश सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। मंच ने समाज के सभी वर्गों से इस हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।

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तीसरी धारा न्यूज: सड़क दुर्घटना

खड़गपुर में फिर थमी सांसें: NH-16 पर बस और ट्रक की भीषण टक्कर, 15 यात्री घायल; ओवरटेक के चक्कर में हुआ हादसा

खड़गपुर | जिला ब्यूरो

पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर ग्रामीण थाना क्षेत्र में सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को सांकुआ अंचल में हुए दर्दनाक बस हादसे की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि मंगलवार दोपहर खड़गपुर-बालेश्वर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-16) एक बार फिर खून से लाल हो गया। खड़िगेड़िया इलाके में एक निजी बस और ट्रक के बीच हुई जोरदार टक्कर में 15 यात्री घायल हो गए।

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कैसे हुआ हादसा? (घटनाक्रम)

​मंगलवार दोपहर मेदिनीपुर सेंट्रल बस स्टैंड से यात्रियों को लेकर ‘रामकृष्ण’ नामक निजी बस (WB-33 C-4572) बेलदा की ओर रवाना हुई थी।

  • टक्कर का कारण: चश्मदीदों के अनुसार, खड़िगेड़िया मोड़ पर बस चालक ने आगे चल रहे एक ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान बस अनियंत्रित हो गई और ट्रक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
  • असर: टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में बस चालक के साथ-साथ ट्रक के चालक और खलासी भी घायल हुए हैं।
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राहत और बचाव कार्य

​घटना की सूचना मिलते ही खड़गपुर ग्रामीण पुलिस और NHAI की टीम मौके पर पहुंची।

  1. अस्पताल में भर्ती: सभी 15 घायलों को तत्काल खड़गपुर महकमा अस्पताल ले जाया गया।
  2. रेफरल: गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (MMCH) रेफर कर दिया गया है।
  3. पुलिस कार्रवाई: पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर लिया है और चालक की लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।

यात्रियों का आरोप: “आगे निकलने की होड़ बनी जानलेवा”

​बस में सवार यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बस अक्सर तेज रफ्तार में रहती है। यात्रियों ने बताया कि चालक लगातार खतरनाक तरीके से ओवरटेक कर रहा था, जिससे मोड़ पर संतुलन बिगड़ गया।

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तीसरी धारा न्यूज: विकास की पटरी

आदित्यपुर स्टेशन बनेगा ‘वर्ल्ड क्लास’: टाटानगर का बोझ होगा कम; एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और लिफ्ट-एस्केलेटर को मिली हरी झंडी

आदित्यपुर | ब्यूरो रिपोर्ट

एशिया की सबसे बड़ी औद्योगिक नगरी आदित्यपुर के निवासियों और यहां काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब लंबी दूरी की ट्रेनें पकड़ने के लिए उन्हें टाटानगर स्टेशन की भाग-दौड़ नहीं करनी होगी। मंगलवार को दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (GM) अनिल कुमार मिश्रा के औचक निरीक्षण के बाद आदित्यपुर स्टेशन को एक ‘सैटेलाइट स्टेशन’ के रूप में विकसित करने की योजना पर मुहर लग गई है।

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स्टेशन का कायाकल्प: मिलेगी हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं

​निरीक्षण के दौरान जीएम मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्टेशन को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए। इसके तहत स्टेशन पर निम्नलिखित सुविधाएं विकसित की जाएंगी:

  • आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियां (एस्केलेटर) लगाई जाएंगी।
  • सुरक्षा व्यवस्था: पूरे स्टेशन परिसर की निगरानी के लिए चप्पे-चप्पे पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे।
  • नया फुट ओवर ब्रिज (FOB): यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एक नया और चौड़ा फुट ओवर ब्रिज बनाने का प्रस्ताव है।
  • शेड और पेयजल: प्लेटफार्मों पर नए शेड और पर्याप्त पेयजल (डीप बोरिंग के माध्यम से) की व्यवस्था की जाएगी।

एक्सप्रेस ट्रेनों का होगा ठहराव: टाटानगर पर घटेगा दबाव

​रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आदित्यपुर स्टेशन पर कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की तैयारी पूरी कर ली गई है।

  • लाभ: इससे आदित्यपुर और गम्हरिया के औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले लाखों यात्रियों को सुविधा होगी।
  • ट्रेनों की लिस्ट: जल्द ही उन ट्रेनों की आधिकारिक सूची जारी की जाएगी जो यहाँ रुकेंगी। वर्तमान में स्वर्णरेखा एक्सप्रेस, आसनसोल एक्सप्रेस और हटिया-टाटा मेमू जैसी ट्रेनों को यहाँ से चलाने या ठहराव देने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

सैटेलाइट हब के रूप में विकास

​निरीक्षण के दौरान चक्रधरपुर रेल मंडल के DRM तरुण हुरिया भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि आदित्यपुर को टाटानगर के ‘सैटेलाइट टर्मिनल’ के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि मुख्य स्टेशन (टाटानगर) पर ट्रेनों और यात्रियों का बढ़ता दबाव कम किया जा सके। भविष्य में यहाँ से कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी ट्रेनें भी शुरू हो सकती हैं।

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तीसरी धारा न्यूज: चुनावी पंचनामा

मानगो-जुगसलाई में ‘वोटर लिस्ट’ ने बिगाड़ा खेल: एक ही छत के नीचे रहने वाला परिवार चार वार्डों में बंटा; प्रत्याशी बने ‘टूरिस्ट गाइड’

जमशेदपुर | विशेष संवाददाता

मानगो में पहली बार और जुगसलाई में 43 वर्षों के लंबे ‘वनवास’ के बाद जब नगर निकाय चुनाव का बिगुल बजा, तो लगा था कि लोकतंत्र का उत्सव मनेगा। लेकिन वर्तमान स्थिति उत्सव से ज्यादा किसी ‘भूलभुलैया’ जैसी नजर आ रही है। चुनाव आयोग की नई मतदाता सूची ने ऐसा गणित उलझाया है कि मतदाताओं के साथ-साथ प्रत्याशियों के भी सुर-ताल गड़बड़ा गए हैं।

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संयुक्त परिवार बना ‘संयुक्त राष्ट्र’: घर एक, वार्ड अनेक

​जुगसलाई और मानगो के इलाकों में मतदाता सूची का हाल ऐसा है मानो ताश के पत्तों की तरह वोटरों को फेंट दिया गया हो। नाश्ते की मेज पर अब विकास की नहीं, बल्कि ‘खोज अभियान’ की चर्चा हो रही है।

  • अजीबोगरीब बंटवारा: हालात ये हैं कि पति वार्ड संख्या 4 में है, तो पत्नी वार्ड 5 की वोटर बन गई है। वहीं बेटा किसी तीसरे वार्ड का मुसाफिर है।
  • भ्रम की स्थिति: एक ही घर में रहने वाले सदस्य अब अलग-अलग राजनीतिक सीमाओं में बंट गए हैं, जिससे बूथ ढूंढना किसी शोध (Research) से कम नहीं रह गया है।

प्रत्याशी कम, ‘गाइड’ ज्यादा

​चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की हालत सबसे दयनीय है। वे जनता को ‘विकास का रोडमैप’ समझाने के बजाय ‘वार्ड का नक्शा’ समझाने में जुटे हैं।

  • पसीना पोंछते प्रत्याशी: जनसंपर्क के दौरान प्रत्याशी वादों की पोटली बाद में खोलते हैं, पहले वोटर लिस्ट का पन्ना पलटकर यह कन्फर्म करते हैं कि सामने खड़ा व्यक्ति उनके वार्ड का है भी या नहीं।
  • गलतफहमी का शिकार: कई बार प्रत्याशी जिसे अपना ‘पक्का वोटर’ समझकर गले लगाने दौड़ते हैं, पता चलता है कि आयोग की कलम ने उसे पड़ोसी वार्ड में ट्रांसफर कर दिया है।

“बैटिंग करना मुश्किल”: हेमंत गुप्ता

​इसी आपाधापी के बीच जुगसलाई नगर परिषद के वार्ड 4 से प्रत्याशी हेमंत गुप्ता को चुनाव चिन्ह ‘बल्ला’ आवंटित हुआ है। उन्होंने सिस्टम पर तंज कसते हुए कहा कि इस बार वार्ड निर्धारण और बूथ व्यवस्था को इतना जटिल बना दिया गया है कि मैदान पर टिकना मुश्किल हो रहा है।

“एक ही परिवार के चार लोगों को चार अलग वार्डों में भेजना न केवल हास्यास्पद है, बल्कि मतदाताओं को मानसिक तनाव देना है। प्रत्याशी को पता नहीं प्रचार कहां करें और वोटर को पता नहीं जाना कहां है। यह सिस्टम की गंभीर विफलता है।”हेमंत गुप्ता, प्रत्याशी (वार्ड-4)

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तीसरी धारा न्यूज: सियासी संग्राम

संवैधानिक संस्थाओं पर हमले बर्दाश्त नहीं: संबित पात्रा का राहुल गांधी पर प्रहार; बोले- “जनता ने जिन्हें ‘इम्पीच’ किया, वो दुनिया को ‘इम्पीच’ करने निकले हैं”

नई दिल्ली | ब्यूरो रिपोर्ट

संसद के भीतर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव और संवैधानिक पदों पर महाभियोग की चर्चाओं के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद डॉ. संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति को देश के लिए ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया।

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“राहुल गांधी को राजनीति से बाहर करने का समय”

​संबित पात्रा ने विपक्ष के व्यवहार को ‘नया फैशन’ बताते हुए कहा कि जिन लोगों को जनता ने चुनावों में नकार (इम्पीच) दिया है, वे अब देश की हर संवैधानिक संस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

  • विदेशी हाथ का आरोप: पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अमेरिकी उद्यमी जॉर्ज सोरोस के एजेंडे पर चलकर भारतीय लोकतंत्र को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि अब समय आ गया है जब राहुल गांधी और कांग्रेस को राजनीति से बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए।

पीएम की कुर्सी का अपमान और सुरक्षा पर चिंता

​संसद में हुए हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की कुर्सी किसी व्यक्ति या पार्टी की नहीं, बल्कि लोकतंत्र के मंदिर की गरिमा का प्रतीक है।

  • घेराबंदी का आरोप: उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस की महिला सांसदों ने जिस तरह प्रधानमंत्री की कुर्सी की घेराबंदी की, वह न केवल अशोभनीय है बल्कि उनकी सुरक्षा के प्रति एक संकीर्ण मानसिकता को भी दर्शाता है।

महाभियोग की राजनीति पर तंज

​लोकसभा अध्यक्ष और चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष के कड़े रुख पर डॉ. पात्रा ने पुरानी घटनाओं को याद दिलाया:

  • न्यायपालिका पर हमला: उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले भी मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ महाभियोग लाने की कोशिश कर चुकी है।
  • संस्थाओं को अस्थिर करना: पात्रा के अनुसार, कांग्रेस की नीति है कि जो भी संस्था उनके खिलाफ निर्णय दे, उसके प्रमुख पर महाभियोग या अविश्वास प्रस्ताव का दबाव बनाया जाए।

ममता बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट का जवाब

​सांसद पात्रा ने बंगाल में एसआइआर (SIR) मामले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के ‘झूठे नैरेटिव’ को खारिज कर दिया है।

  • कोर्ट के निर्देश: कोर्ट ने बंगाल डीजीपी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और 8505 अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं। पात्रा ने चुनौती दी कि अब ममता बनर्जी को इन तथ्यों पर जवाब देना चाहिए।
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