एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर: भालूबासा के जम्बू अखाड़ा में सजेगा रामनवमी का महाकुम्भ, 19 मार्च से शुरू होगा भक्ति का संगम

जमशेदपुर। धर्म, आस्था और परंपरा की त्रिवेणी भालूबासा स्थित श्री श्री बजरंग विजय मंदिर, जम्बू अखाड़ा में इस वर्ष भी चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य रामनवमी महोत्सव-2026 का आयोजन होने जा रहा है। 19 मार्च से शुरू होने वाला यह धार्मिक-सांस्कृतिक महाकुम्भ 28 मार्च को विशाल विसर्जन शोभा यात्रा के साथ संपन्न होगा। अखाड़ा के संरक्षक बंटी सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा साझा की है।

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भक्ति और संगीत का 48 घंटे का अनवरत प्रवाह

​महोत्सव का शुभारंभ 19 मार्च (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) को श्री हरि राम नाम संकीर्तन के साथ होगा।

  • अखंड कीर्तन: 19 से 21 मार्च तक बंगाल और झारखंड की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियां 48 घंटों तक निरंतर हरि नाम का जयघोष करेंगी।
  • रामायण पाठ: इसके पश्चात 22 और 23 मार्च को 36 घंटे का संपूर्ण रामायण पाठ आयोजित किया जाएगा, जिससे पूरा क्षेत्र राममय हो जाएगा।

24 मार्च को निकलेगी भव्य कलश यात्रा

​महोत्सव का एक मुख्य आकर्षण 24 मार्च (षष्ठी तिथि) को निकलने वाली कलश यात्रा होगी।

  • जलाहरण: शाम 5 बजे 15 व्रतधारी युवक कलश लेकर जम्बू अखाड़ा से मानगो गांधी घाट तक जाएंगे।
  • विशेष आकर्षण: यात्रा में डंका, ताशा, सिंह बाजा और हरियाणा के अमित अरोड़ा एंड ग्रुप का नृत्य प्रमुख होगा। साथ ही तिरुपति बालाजी, द्वारकाधीश और पंचमुखी हनुमान की जीवंत झांकियां श्रद्धालुओं का मन मोह लेंगी।
  • भजन संध्या: उसी शाम तराना ग्रुप द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

प्रतिदिन सुरम्य भजन संध्या और अखाड़ा प्रदर्शन

​25 से 27 मार्च तक प्रतिदिन विशेष पूजन और शस्त्र प्रदर्शन के साथ-साथ देश के नामचीन कलाकार अपनी सुरीली आवाज से भक्तों को मंत्रमुग्ध करेंगे:

  • 25 मार्च (सप्तमी): मानवी सिंह (धनबाद)
  • 26 मार्च (अष्टमी): दीपक राठौर (प्रयागराज)
  • 27 मार्च (रामनवमी): श्रद्धा दास (जमशेदपुर)

​पूरे प्रांगण को पश्चिम बंगाल के चंदन नगर की प्रसिद्ध विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा, जो आकर्षण का केंद्र होगी।

28 मार्च: ऐतिहासिक विसर्जन शोभा यात्रा

​महोत्सव का समापन 28 मार्च (विजयादशमी) को होगा। इस भव्य विसर्जन यात्रा में:

  • झांकियां: भगवान बुद्ध का शांति संदेश, श्रवण कुमार की पितृभक्ति, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी।
  • अघोरी नृत्य: हरियाणा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत अघोरी नृत्य इस यात्रा का विशेष आकर्षण होगा।

सुरक्षा और सेवा के पुख्ता इंतजाम

​श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अखाड़ा समिति के 150 सक्रिय सदस्य तैनात रहेंगे। पूरे मार्ग और मंदिर प्रांगण की निगरानी CCTV कैमरों से की जाएगी। साथ ही प्रतिदिन भोग-प्रसाद और शीतल जल की निर्बाध व्यवस्था रहेगी।

​जम्बू अखाड़ा समिति ने समस्त नगरवासियों और धर्मप्रेमियों से इस पावन उत्सव में सपरिवार शामिल होने की अपील की है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

जमशेदपुर: एमजीएम अस्पताल में मैनपावर सप्लाई के नाम पर ‘महाघोटाला’? तड़पते मरीज और दावों की खुली पोल

जमशेदपुर। कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, एमजीएम (MGM) की बदहाली एक बार फिर चर्चा में है। मानगो शंकोसाई निवासी द्वारा साझा किए गए एक विचलित करने वाले वीडियो ने अस्पताल प्रबंधन और मैनपावर सप्लाई करने वाले संवेदक के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि अस्पताल में मैनपावर की भारी कमी के कारण मरीज इलाज के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

वीडियो में दिखा दर्द: एक्स-रे के लिए तड़प रहे मरीज

​विकास साव द्वारा बुधवार शाम करीब 4:30 बजे साझा किए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेबस मरीज एक्स-रे करवाने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं और तड़प रहे हैं। वीडियो साझा करने वाले युवक का कहना है कि यह स्थिति केवल एक विभाग की नहीं, बल्कि पूरे अस्पताल की है।

क्या मैनपावर सप्लाई में हो रहा है खेल?

​सोशल मीडिया पर इस वीडियो के साथ ही जिला प्रशासन (DC) का ध्यान एक गंभीर मुद्दे की ओर खींचा गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एमजीएम अस्पताल में मैनपावर सप्लाई के नाम पर झारखंड का सबसे बड़ा ‘महाघोटाला’ चल रहा है।

  • मुख्य आरोप: संवेदक (ठेकेदार) और अस्पताल प्रशासन के बीच हुए इकरारनामे (Agreement) के अनुसार जितने कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए, धरातल पर उसकी आधी संख्या भी नजर नहीं आती।
  • इकरारनामे का उल्लंघन: अगर संवेदक द्वारा 100% मैनपावर की सप्लाई ईमानदारी से की जाए, तो एमजीएम अस्पताल की व्यवस्था देश के बेहतरीन अस्पतालों जैसी हो सकती है। लेकिन फिलहाल, कागजों पर मैनपावर दिखाकर भुगतान उठाने का खेल जारी है।

अस्पताल की साख पर सवाल

​मरीजों का कहना है कि भारी-भरकम बजट और नई बिल्डिंग बनने के बावजूद अगर बुनियादी सुविधाएं और स्टॉफ की कमी बनी हुई है, तो इसके लिए सीधे तौर पर मैनपावर सप्लाई करने वाली एजेंसी जिम्मेदार है।

​युवक ने इस मामले में उपायुक्त (DC) से हस्तक्षेप की मांग करते हुए पूछा है कि क्या गरीब मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले इन संवेदकों पर कभी कड़ी कार्रवाई होगी?

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज़

वाराणसी: गंगा में नाव पर इफ्तार और नॉन-वेज के अवशेष फेंकने का वीडियो वायरल, 14 युवक गिरफ्तार

वाराणसी। धर्मनगरी काशी में गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और मां गंगा की शुचिता भंग करने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने मदनपुरा इलाके के 14 युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

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क्या है पूरा मामला?

​मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें 15-20 मुस्लिम युवक गंगा में एक चलती नाव पर बैठकर इफ्तार करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में नाव पर रखी खाद्य सामग्रियों के साथ भारी मात्रा में चिकन बिरयानी भी दिखाई दे रही है। आरोप है कि इन युवकों ने न केवल प्रतिबंधित क्षेत्र में मां गंगा के ऊपर मांसाहार का सेवन किया, बल्कि उसके अवशेष (हड्डियां आदि) भी पवित्र नदी में फेंक दिए।

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हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश

​वीडियो सामने आते ही भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) समेत कई हिंदू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संगठनों का कहना है कि गंगा करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र हैं और इस तरह की हरकत से धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाई गई है। भाजयुमो नेता रजत जायसवाल ने इस मामले में कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

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पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

​एसीपी कोतवाली, विजय प्रताप ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

  • गिरफ्तारी: अब तक मदनपुरा क्षेत्र के 14 युवकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
  • मुख्य आरोपी: वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले युवक तहसीम को भी हिरासत में लिया गया है।
  • धाराएं: आरोपियों पर BNS की धारा 298, 299, 296(1B), 270 और 279 के तहत कार्रवाई की गई है।

जांच जारी

​पुलिस प्रशासन का कहना है कि वीडियो 15 मार्च को अपलोड किया गया था। फिलहाल वीडियो में दिख रहे अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और नाव चलाने वाले नाविक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर संयम बरतने की अपील की है।

रिपोर्ट: ब्यूरो, तीसरी धारा न्यूज

सरायकेला-खरसावां में फैक्ट्रियों के ‘काले धुएं’ से घुट रहा दम: मानवाधिकार सहायता संघ ने प्रदूषण बोर्ड से की सख्त कार्रवाई की मांग

सरायकेला/आदित्यपुर: सरायकेला-खरसावां जिला इन दिनों औद्योगिक विकास की चमक के पीछे ‘काले धुएं’ की चादर में लिपटा नजर आ रहा है। जिले के आदित्यपुर, गम्हरिया, कांड्रा, कोलाबिरा, मुड़िया और सीनी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले काले धुएं ने आम जनजीवन को नरक बना दिया है। इस गंभीर समस्या को लेकर मानवाधिकार सहायता संघ (अंतरराष्ट्रीय) की जिला महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती सुमन कारूवा ने आवाज उठाई है।

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घरों में कालिख और सेहत पर वार

​श्रीमती सुमन कारूवा ने झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निदेशक को पत्र लिखकर जिले के बिगड़ते हालात से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले बेतहाशा धुएं के कारण लोगों के घरों की दीवारें और छतें काली पड़ रही हैं। आलम यह है कि बाहर सूख रहे कपड़ों पर कालिख की परत जम रही है।

​प्रदूषण का असर केवल संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की सेहत के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। क्षेत्र के निवासियों में:

  • ​सांस फूलने की बीमारी
  • ​लगातार खांसी
  • ​आंखों में जलन और संक्रमण जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

कानूनों की उड़ रही धज्जियां

​श्रीमती कारूवा ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्रियों का यह रवैया एयर एक्ट 1981, वाटर एक्ट 1974 और पर्यावरण संरक्षण एक्ट 1986 का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने प्रदूषण बोर्ड और जिला प्रशासन से मांग की है कि इन क्षेत्रों का तत्काल ‘स्पॉट निरीक्षण’ (Spot Inspection) किया जाए और नियमों की अनदेखी करने वाली फैक्ट्रियों पर अति सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

स्वच्छ हवा का अधिकार

​मानवाधिकार सहायता संघ ने जिला प्रशासन से अपील की है कि इस ज्वलंत जनसमस्या को शीघ्र संज्ञान में लिया जाए। जिले के नागरिकों को संविधान के तहत स्वच्छ हवा और स्वस्थ पर्यावरण में रहने का अधिकार है। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकती है।

तीसरी धारा न्यूज़ की अपील: विकास की दौड़ में पर्यावरण और इंसानी जान की कीमत नहीं चुकाई जानी चाहिए। प्रशासन को प्रदूषण मानकों की कड़ाई से जांच करनी चाहिए।

युद्ध की आग के बीच वतन लौट रहा है जमशेदपुर का लाल: शिवालिक जहाज पर तैनात इंजीनियर अंश त्रिपाठी की सुरक्षित वापसी का इंतज़ार

जमशेदपुर: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के संकट ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। इस संघर्ष के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) जैसे तनावपूर्ण क्षेत्र में फंसे जहाजों को लेकर भारी चिंता बनी हुई थी। लेकिन जमशेदपुर के लिए एक राहत भरी खबर है—भारत के दो एलपीजी टैंकर इसी रास्ते से वतन वापसी कर रहे हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण जहाज ‘शिवालिक’ पर जमशेदपुर के अंश त्रिपाठी सेकंड इंजीनियर के तौर पर तैनात हैं।

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मिसाइलों के साये में कर्तव्य की पुकार

​जमशेदपुर के पारडीह काली मंदिर के पास रहने वाले अंश त्रिपाठी जहाज के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। युद्ध की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंश ने अपने परिवार को एक वीडियो भेजा था, जिसमें एक मिसाइल उनके जहाज के ठीक ऊपर से गुजरती दिखाई दी। इस मंजर ने परिवार को डरा दिया था, लेकिन भारत सरकार की सक्रियता और प्रधानमंत्री की पहल ने अब उनकी सुरक्षित वापसी का रास्ता साफ कर दिया है।

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जमशेदपुर से मरीन इंजीनियरिंग तक का सफर

​अंश त्रिपाठी का शैक्षणिक और पेशेवर सफर शहर के युवाओं के लिए मिसाल है:

  • स्कूली शिक्षा: जमशेदपुर से पूरी की।
  • इंजीनियरिंग: BIT से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री ली।
  • विशेषज्ञता: कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (केरल) से मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
  • करियर: श्रीलंका से जहाज पर अपने करियर की शुरुआत की।
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एक समर्पित परिवार की कहानी

​अंश का परिवार सेवा और अनुशासन की पृष्ठभूमि से आता है। उनके पिता मिथिलेश त्रिपाठी भारतीय वायु सेना में देश की सेवा कर चुके हैं और UCIL से रिटायर हुए हैं। उनकी माता चंदा त्रिपाठी एक शिक्षिका हैं, जबकि पत्नी चंदा टाटा स्टील में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के पद पर कार्यरत हैं। घर में उनका डेढ़ साल का बेटा और पूरा परिवार बस टीवी पर नजरें गड़ाए बैठा है कि कब ‘शिवालिक’ भारतीय तट पर सुरक्षित पहुंचे।

“बेटे पर गर्व है”

​पूर्व वायु सेना कर्मी होने के नाते अंश के पिता युद्ध की परिस्थितियों को समझते हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “घबराहट तो होती है, लेकिन मुझे गर्व है कि मेरे बेटे ने वह कर दिखाया जो मैं खुद नहीं कर पाया। हमें भारत सरकार पर पूरा भरोसा है।” उन्होंने देशवासियों से भी अपील की है कि वे धैर्य रखें, जल्द ही स्थितियां सामान्य हो जाएंगी।

भारत की विरासत को सहेजने की बड़ी पहल: 1 करोड़ पांडुलिपियों के लिए शुरू हुआ देशव्यापी डिजिटल सर्वे

नई दिल्ली/जमशेदपुर: भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक चेतना को सुरक्षित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। संस्कृति मंत्रालय ने सोमवार को भारत की विशाल पांडुलिपि विरासत की मैपिंग के लिए एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण (Nationwide Survey) का शंखनाद किया। ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के तहत शुरू हुआ यह अभियान अपनी तरह का पहला और सबसे बड़ा प्रयास है।

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तीन महीने में तैयार होगा ‘डिजिटल खजाना’

​यह अभियान जिला स्तर से शुरू होकर ऊपर की ओर बढ़ेगा। इसका मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने में बिखरी पांडुलिपियों का पता लगाकर उनका एक एकीकृत डेटाबेस तैयार करना है।

  • जियोटैगिंग और सुरक्षा: सर्वे के दौरान मिलने वाली पांडुलिपियों को जियोटैग किया जाएगा, ताकि उनके संरक्षण और डिजिटलीकरण की सटीक योजना बनाई जा सके।
  • ज्ञान भारतम पोर्टल: सभी रिकॉर्ड ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के केंद्रीय पोर्टल पर बनी एक राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में जमा किए जाएंगे।

निजी संरक्षकों का भी मिलेगा साथ

​अधिकारियों के अनुसार, यह सर्वे केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें विभिन्न मठों, मंदिरों और निजी संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों को भी रिकॉर्ड और डॉक्यूमेंट किया जाएगा। संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम’ मोबाइल ऐप की मदद से टीमें मौके पर ही जानकारी अपलोड कर सकेंगी, जिससे शोधकर्ताओं और आम जनता के लिए ये ऐतिहासिक दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो पाएंगे।

‘बौद्धिक चोरी’ पर लगेगी लगाम

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मिशन को “भारत की संस्कृति, साहित्य और चेतना की घोषणा” बताया है।

  • दुनिया का सबसे बड़ा संग्रह: अनुमान है कि भारत के पास लगभग 1 करोड़ पांडुलिपियां हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक हैं।
  • बजट 2025-26: इस मिशन के लिए बजट 2025-26 में विशेष घोषणा की गई थी। पीएम मोदी के अनुसार, डिजिटलीकरण से भारतीय ज्ञान की “बौद्धिक चोरी” (Intellectual Theft) को रोकने में मदद मिलेगी।

प्रशासनिक स्तर पर तैयारी

​सर्वेक्षण को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए राज्य स्तर पर मुख्य सचिवों और जिला स्तर पर जिलाधिकारियों (DC/DM) की अध्यक्षता में विशेष समितियां गठित की गई हैं। मंत्रालय पहले से डिजिटाइज़ हो चुकी लगभग 10 लाख पांडुलिपियों को भी इस नए पोर्टल के साथ एकीकृत करने पर काम कर रहा है।

तीसरी धारा न्यूज की बात: यह मिशन न केवल हमारी प्राचीन लिपियों को बचाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली वैज्ञानिक और साहित्यिक इतिहास से भी रूबरू कराएगा।

सावधान! आधार कार्ड में ये जानकारियां जीवन में सिर्फ एक बार ही बदल सकते हैं, UIDAI ने जारी किए सख्त नियम

जमशेदपुर: आज के डिजिटल युग में आधार कार्ड महज एक दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारी पहचान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। बैंक खाता खुलवाना हो, सरकारी योजनाओं का लाभ लेना हो या सिम कार्ड खरीदना—हर जगह आधार अनिवार्य है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आधार में दर्ज हर जानकारी को आप बार-बार नहीं बदल सकते? भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने अपडेट को लेकर कुछ बेहद सख्त नियम बनाए हैं।

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इन जानकारियों के लिए मिलता है सिर्फ एक मौका

​UIDAI के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आधार कार्ड की कुछ मुख्य जानकारियों को अपडेट करने की एक सीमा तय की गई है। अगर आप इन सीमाओं को पार कर लेते हैं, तो भविष्य में सुधार करवाना लगभग असंभव हो जाता है:

  • जन्मतिथि (Date of Birth): आधार में जन्मतिथि बदलने का मौका जीवन में केवल एक बार मिलता है। इसके लिए वैध दस्तावेज जैसे जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट की गहन जांच की जाती है। एक बार सुधार होने के बाद दोबारा बदलाव की अनुमति नहीं दी जाती।
  • लिंग (Gender): आधार में जेंडर की जानकारी भी पूरे जीवन में सिर्फ एक बार ही अपडेट की जा सकती है।
  • नाम (Name): नाम में सुधार के लिए अधिकतम दो बार की अनुमति दी गई है।

क्यों जरूरी है सावधानी?

​देश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी के पास आधार है। स्कूल एडमिशन से लेकर एयरपोर्ट पर ‘डिजियात्रा’ ऐप के इस्तेमाल तक, हर जगह डेटा का सटीक होना अनिवार्य है। यदि आपकी जन्मतिथि या अन्य महत्वपूर्ण जानकारी गलत है और आप अपनी अपडेट लिमिट खत्म कर चुके हैं, तो आपको कई सरकारी और वित्तीय सेवाओं से वंचित होना पड़ सकता है।

अपडेट कराते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. वैध दस्तावेज: हमेशा मूल (Original) और अधिकृत दस्तावेजों का ही उपयोग करें।
  2. डाटा क्रॉस-चेक: आधार केंद्र पर ऑपरेटर द्वारा जानकारी दर्ज करते समय स्क्रीन पर खुद डेटा चेक करें।
  3. सटीकता: स्पेलिंग और तारीखों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही फाइनल सबमिट करें।

तीसरी धारा न्यूज की सलाह: आधार कार्ड में किसी भी तरह का बदलाव करवाते समय पूरी सावधानी बरतें, क्योंकि एक छोटी सी गलती आपके लिए भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।

साकची में झामुमो की इफ्तार पार्टी: साझा विरासत और अमन-चैन के लिए उठी दुआएं, सैकड़ों लोग हुए शामिल

जमशेदपुर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला संयोजक मंडली की ओर से सोमवार को साकची स्थित संपर्क कार्यालय में भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। झामुमो के वरिष्ठ नेता प्रमोद लाल और शेख बदरुद्दीन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में गंगा-जमुनी तहजीब का अनूठा नजारा देखने को मिला।

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देश की साझा विरासत का प्रतीक

​इफ्तार के दौरान पार्टी के पूर्व उपाध्यक्ष फैयाज खान ने संबोधित करते हुए कहा कि “यह आयोजन देश की साझा विरासत का प्रतीक है। यहाँ सभी धर्म और जाति के लोग एक साथ बैठकर खुदा से अपने राज्य और देश की खुशहाली के लिए दुआ करते हैं।”

​वहीं, प्रमोद लाल और शेख बदरुद्दीन ने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई हिस्सों में अशांति का माहौल है। इफ्तार के अवसर पर विशेष रूप से दुआ मांगी गई कि ईश्वर मानव जाति को सद्बुद्धि प्रदान करें, ताकि पूरी दुनिया में अमन-चैन और भाईचारा कायम रहे।

इन दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

​इफ्तार पार्टी में सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नेता उपस्थित रहे:

मोहन कर्मकार, राजू गिरी, देवजीत मुखर्जी, लालटू महतो, मानवर हुसैन, अजय रजक, उमानाथ झा, अभय पांडेय, प्रीतम हेंब्रम, विजय महतो, अरुण प्रसाद, संजय लकड़ा, गुरमीत सिंह गिल, झरना पाल, नीता सरकार, उज्ज्वल दास, पिंटू लाल, उमर खान, कन्हैया रजक, परमेश्वर दास, बबलू अख्तर, मोहम्मद अजहर उद्दीन, तनवीर अहमद, उमेश गिरी, सद्दाम हुसैन, विशु कुमार, मोहम्मद सलाम, गोपाल महतो, सपन राय, प्रभात सिंह, प्रहलाद लोहरा और विष्णु प्रधान।

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नमाज के बाद दुआओं के साथ खुला रोजा

​रोजा खोलने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से नमाज अदा की और देश की अखंडता व शांति के लिए प्रार्थना की। आयोजन में महिलाओं और युवाओं की भी खासी भागीदारी रही, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में अपना भरपूर सहयोग दिया।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

रेलवे का बड़ा फैसला: तेजस राजधानी और वंदे भारत समेत 12 ट्रेनों का रूट बदला, अब मूरी के बजाय चांडिल-पुरुलिया होकर चलेंगी

धनबाद/जमशेदपुर: रेल यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। रेलवे ने गोमो और बोकारो होकर चलने वाली कई प्रीमियम और महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में स्थाई बदलाव (Permanent Diversion) करने का निर्णय लिया है। अब भुवनेश्वर-नई दिल्ली तेजस राजधानी, टाटा-पटना वंदे भारत और नीलांचल एक्सप्रेस जैसी 12 ट्रेनें अपने पुराने रूट ‘मूरी’ के बजाय चांडिल और पुरुलिया होकर चलेंगी।

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​रेलवे ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। मार्ग परिवर्तन के बाद अब इन ट्रेनों की दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी।

क्यों बदला गया रूट?

​रेलवे के अनुसार, यह निर्णय यात्री सुविधाओं और रेल परिचालन को सुगम बनाने के लिए लिया गया है। मूरी रेल खंड पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए चांडिल-पुरुलिया रेल मार्ग का उपयोग किया जाएगा, जो अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन के लिए पूरी तरह सक्षम है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव भी कम होगा।

इन 12 ट्रेनों का बदला रास्ता:

  1. 22823/22824 भुवनेश्वर-नई दिल्ली-भुवनेश्वर तेजस राजधानी एक्सप्रेस
  2. 22805/22806 भुवनेश्वर-आनंद विहार-भुवनेश्वर सुपरफास्ट
  3. 18427/18428 पुरी-आनंद विहार-पुरी एक्सप्रेस
  4. 12875/12876 पुरी-आनंद विहार-पुरी नीलांचल एक्सप्रेस
  5. 21895/21896 टाटा-पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस
  6. 20893/20894 टाटा-पटना-टाटा वंदे भारत एक्सप्रेस

नोट: रेलवे जल्द ही इन ट्रेनों का नया टाइम टेबल और बदलाव की प्रभावी तिथि जारी करेगा।

धनबाद स्टेशन का होगा कायाकल्प: सुविधाओं पर जोर

​दूसरी ओर, धनबाद स्टेशन के पुनर्विकास (Redevelopment) को लेकर हलचल तेज हो गई है। बुधवार को पूर्व मध्य रेल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (CCM) अमिताभ प्रभाकर ने डीआरएम कार्यालय में अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • ​स्टेशन के दोनों छोर पर दो चरणों में होने वाले कार्यों के मास्टर प्लान पर चर्चा।
  • ​यात्री सुविधा, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश।
  • ​स्टेशन परिसर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

जमशेदपुर: बिस्टुपुर बाजार की साइकिल दुकान में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी

जमशेदपुर: शहर के व्यस्ततम इलाके बिस्टुपुर थाना अंतर्गत बिस्टुपुर बाजार में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ‘भारत साइकिल कंपनी’ नामक दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते दुकान से धुएं का गुबार और आग की लपटें उठने लगीं, जिससे पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

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शॉर्ट सर्किट से भड़की आग

​प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण दुकान में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के दुकानदार और राहगीर अपनी सुरक्षा को देखते हुए दुकानों से बाहर निकल आए।

दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

​घटना की सूचना मिलते ही टाटा स्टील फायर ब्रिगेड की तीन दमकल गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुँचीं। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। समय रहते दमकल टीम के पहुँचने से एक बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा आग बाजार की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले सकती थी।

नुकसान का आकलन जारी

​इस अगलगी में दुकान के भीतर रखी साइकिलें और अन्य कीमती सामान जलकर खाक हो गए हैं। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। फिलहाल दुकान मालिक और प्रशासन की ओर से हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क

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