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वायरल वीडियो : ट्रैफिक चेकिंग का अनोखा अंदाज़ जमशेदपुर में! देखें वीडियो

जमशेदपुर से एक वायरल वीडियो सामने आया है जिसमें ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग का अनोखा तरीका देखने को मिल रहा है। यह घटना बिस्टुपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आदित्यपुर पुलिया के पहले की बताई जा रही है।

वीडियो में दिख रहा है कि चेकिंग के दौरान पुलिस कर्मी और वाहन चालकों के बीच कहासुनी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग जमशेदपुर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से इस वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं शहर में अक्सर देखने को मिलती हैं।

स्थान: आदित्यपुर पुलिया, बिस्टुपुर थाना क्षेत्र, जमशेदपुर
वीडियो वायरल: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किया जा रहा है।
रिपोर्ट: टीम तीसरी धारा न्यूज़

आइए जानते हैं इस बार छठ पूजा की तारीख

कार्तिक मास व्रतों और त्योहारों का महीना माना जाता है. 20 अक्टूबर को पूरे देश में दिवाली मनाई गई. अब लोकआस्था के महापर्व छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं. छठ पूजा छठी मैया और भगवान सूर्य की पूजा का अनूठा त्योहार है. इस त्योहार में प्रकृति और आस्था का संगम देखने को मिलता है. इस पर्व में महिलाओं और पुरुषों द्वारा संतान के जीवन की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा जाता है.

छठ पूजा का त्योहार चार दिनों तक चलाता है. ये पर्व नहाय-खाय के साथ शुरू होता है और उदयगामी यानी उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही इस पर्व की समाप्ति होती है. ये पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है. आइए जानते हैं कि इस साल छठ पूजा के पर्व की शुरुआत कब से हो रही है? साथ ही जानते हैं नहाय-खाय, खरना और अर्घ्य की तारीख.

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छठ पूजा 2025 तारीख

पंचांग के अनुसार, इस साल छठ पूजा की शुरुआत 25 अक्टूबर से होगी. ये त्योहार 28 अक्टूबर तक चलेगा. 25 अक्टूबर को ये पर्व नहाय-खाय के साथ शुरू होगा. दूसरे दिन 26 अक्टूबर को खरना होगा. फिर तीसरे दिन 27 अक्टूबर को अस्ताचलगामी यानी डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. छठ पूजा के आखिरी दिन 28 अक्टूबर को उदयागामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. इसी के साथ ये पर्व समाप्त हो जाएगा.

आइए जानते हैं छठ पूजा की संपूर्ण विधि पहले दिन से आखरी दिन तक

पहले दिन नहाय-खाय

इस दिन व्रती सुरज निकलने से पहले गंगा या किसी पवित्र नदी में डुबकी लगाते हैं. यानी स्नान करते हैं. इसके बाद घरों में साफ-सफाई की जाती है. फिर चना दाल, कद्दू और चावल का प्रसाद तैयार किया जाता है. ये प्रसाद व्रती और उसके परिवार द्वारा ग्रहण किया जाता है. स्कंद पूराण में बताया गया है कि इस दिन से छठी मैया की कृपा शुरु होती है.

दूसरे दिन खरना

छठ पूजा के दूसरे दिन खरना होता है. इस दिन व्रतियों द्वारा लकड़ी के चूल्हे पर गुड़ की खीर और रोटी बनाई जाती है. फिर इसके बाद व्रती प्रसाद को खाते हैं. इसके बाद शुरू होता है 36 घंटे का निर्जला व्रत. मान्यताओं के अनुसार, खरना के बाद से छठी मैया घर में विराजमान होती हैं.

तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य

छठ पूजा के तीसरे दिन निर्जला उपवास रखते हुए डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. सूर्यदेव को ये अर्घ्य बांस के सूप में फल, ठेकुआ और मिठाई के साथ दिया जाता है.

चौथे दिन उदयगामी सूर्य को अर्घ्य

छठ पूजा के चौथे यानी आखिरी दिन व्रती नदी किनारे उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देते हैं. फिर उसके बाद सात या ग्यारह परिक्रमा करते हैं. इसके बाद व्रत खोलते हैं.

पंसस ने बागबेड़ा कॉलोनीवासियों को दिया आरओ प्लांट का उपहार

जमशेदपुर : दीपावली के अवसर पर बागबेड़ा कॉलोनी के पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने स्थानीय लोगों को शुद्ध पेयजल की सौगात दी। उन्होंने अपने पंचायत मद से लगभग 7 लाख रुपये की लागत से एक आरओ फिल्टर प्लांट का निर्माण कराया है, जिसे कुंवर सिंह मैदान सामुदायिक भवन के समीप स्थापित किया गया है।
आरओ प्लांट का विधिवत उद्घाटन वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया।

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पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने बताया कि बागबेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से शुद्ध पेयजल की समस्या थी। इसे देखते हुए यह योजना शुरू की गई है ताकि आम लोग शुद्ध पानी का लाभ उठा सकें।
प्लांट के संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय समिति को दी गई है। सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि 20 लीटर पानी के लिए 5 रुपये लिए जाएंगे, जिससे प्लांट के रख-रखाव की व्यवस्था की जाएगी।
ज्ञात हो कि जमशेदपुर प्रखंड में यह पहला आरओ प्लांट है, जिसे पंचायत स्तर पर स्थापित किया गया है। भविष्य में जरूरत के अनुसार अन्य पंचायतों में भी ऐसे प्लांट लगाने की योजना है।
उद्घाटन समारोह में पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, उपमुखिया संतोष ठाकुर, वार्ड सदस्य कुमुद रंजन सिंह, सीमा पांडेय, समाजसेवी मिथलेश सिंह, विशाल, रमेश सिंह, अखिलेश सिंह, सीनू राव सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित थे।

‘अंग्रेजों के ज़माने के जेलर’ की 84 वर्ष की आयु में हुआ निधन

बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और एक्टर असरानी का 84 वर्ष का आयु में निधन हो गया है. वो पिछले पांच दिन से अस्पताल में थे. बॉलीवुड के सदाबहार हास्य कलाकार असरानी का पूरा नाम गोवर्धन असरानी था.

1 जनवरी 1941 को जयपुर में जन्मे असरानी ने 1960 के दशक से अपने करियर की शुरुआत की और 400 से अधिक फिल्मों में काम किया. उनकी कॉमिक टाइमिंग और अनोखा अंदाज उन्हें बॉलीवुड का बेमिसाल सितारा बनाता है. ‘शोले’ में उनकी ‘अंग्रेज़ों के जमाने का जेलर’ वाली भूमिका आज भी दर्शकों को हँसाती है. ‘खट्टा मीठा’ और ‘चुपके चुपके’ जैसी फिल्मों में उनके किरदार हमेशा याद रहते हैं.

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असरानी के मैनेजर बाबूभाई थीबा ने बताया कि असरानी का निधन आज जुहू के आरोग्य निधि अस्पाताल में हुआ. उनका अंतिम संस्कार भी आज शाम को सांताक्रूज वेस्ट के शास्त्री नगर शवदाह गृह में कर दिया गया. इस मौके पर उनके परिजन और करीबी लोग ही मौजूद थे.

असरानी शुरुआती पढ़ाई सेंट जेवियर स्कूल जयपुर से करने के बाद वह ग्रेजुएशन के लिए राजस्थान कॉलेज चले गए. पढ़ाई खत्म होने के बाद असरानी ने बतौर रेडियो आर्टिस्ट काम किया. असरानी की वाइफ मंजू बंसल ईरानी हैं. असरानी अपनी पत्नी के साथ कई फिल्मों में नजर आ चुके हैं. असरानी ने राजनीति में भी हाथ आजमाया था. उन्होंने साल 2004 में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण ली थी. लोकसभा चुनावों के दौरान उन्होंने पार्टी में काफी बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लिया था

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असरानी के लिए बॉलीवुड में पैर जमाना आसान नहीं था. असरानी ने काफी स्ट्रगल के बाद जया भादुड़ी स्टारर फिल्म ‘गुड्डी’ से डेब्यू किया. फिल्म हिट रही और असरानी को भी फिल्म में काफी पसंद किया गया, लेकिन इसके बाद भी उनका स्ट्रगल खत्म नहीं हुआ.

असरानी ने एक इंटरव्यू बताया था कि लोग उनको कमर्शियल एक्टर नहीं समझते थे और उन लोगों में गुलजार भी शामिल थे. उन्होंने बताया था, ‘गुलजार साहब ने कहा था ना ना…मुझे वो कमर्शियल एक्टर नहीं समझते थे…बोले कुछ अजीब सा चेहरा है.’ लेकिन जब उन्होंने एक्टिंग में हाथ दिखाए तो फिर उन्हें पीछे मुड़कर देखने का मौका नहीं मिला.

कोशिश (1973), बावर्ची (1972), चुपके चुपके (1975), छोटी सी बात (1975) और शोले (1975) उनका यादगार फिल्मों में से हैं. बेशक असरानी अब इस दुनिया में नहीं हैं. लेकिन वे अपने किरदारों से हमेशा जिंदा रहेंगे.

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श्री श्री काली पूजा समिति भुइयाडीह पूजा पंडाल का हुआ उद्धघाटन

“आज श्री श्री काली पूजा समिति भुइयांडीह रोड नो 03 मे पंडाल का उद्घाटन संपन्न हुआ । उद्धघाटन समारोह समारोह मे युवा समाज सेवी यश दुर्गे जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्धघाटन किया साथ ही उन्होंने कहा कि यह पंडाल के सभी कार्यकर्ता अपनी मेहनत एवं लगन के साथ इस पूजा का सफल आयोजन किये है, उन्होंने समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया ।

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साथ ही उन्होने कहा कि सभी सदस्य मुझे इस महापर्व के महत्वपूर्ण पल का हिस्सा बनने का अवसर दिया । काली माता का आशीर्वाद से आप सभी के जीवन में सुख, शांति और संपन्नता लेकर आए। आप सभी का जीवन उज्जवल हो,आपका परिवार स्वस्थ और खुशहाल रहे, यही कामना करता हूं। अंत में उन्होंने सभी को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं दी।

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📰 जुगसलाई नगर परिषद पार्क में अवैध पटाखा कारोबार पर प्रशासन बैकफुट पर!

जमशेदपुर के जुगसलाई नगर परिषद पार्क में बिना लाइसेंस चल रहे पटाखा कारोबार को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। कुछ दिन पहले नगर परिषद और प्रशासन की टीम ने इस अवैध दुकान पर कार्रवाई करते हुए दुकान में ताला जड़ा था, लेकिन अब उसी जगह पर फिर से पटाखों की बिक्री धड़ल्ले से जारी है।

सूत्रों के मुताबिक, बिना किसी लाइसेंस और सुरक्षा अनुमति के पटाखों की बिक्री की जा रही है, जिससे आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी यह दुकान दोबारा कैसे खुल गई?

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प्रशासन की ढिलाई और प्रभावशाली लोगों के दबाव में कार्रवाई ठंडे बस्ते में जाती दिख रही है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में फिर से सख्त कदम उठाता है या नहीं

टीम तीसरी धारा की नज़र इस पूरे मामले पर बनी हुई है।
हम इस मुद्दे पर अगली रिपोर्ट में प्रशासनिक जवाब भी पेश करेंगे।

📍जगह: जुगसलाई नगर परिषद पार्क, जमशेदपुर
🎙️रिपोर्टर: टीम तीसरी धारा

​दिवाली पर ‘पर्यावरण और स्नेह का संदेश’: रितेश सिन्हा और परिवार ने आनंद मार्ग शिशु सदन की बच्चियों संग मनाई इको-फ्रेंडली खुशियाँ


​इस वर्ष दीपावली के शुभ अवसर पर, सामाजिक कार्यकर्ता श्री रितेश सिन्हा और उनके परिवार ने एक अनूठी पहल की है। उन्होंने बिरसानगर स्थित आनंद मार्ग शिशु सदन की बालिका बच्चों के जीवन में खुशियों की रोशनी भरने और साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए, एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया।

​कार्यक्रम के तहत, श्री सिन्हा और उनके परिवार ने सभी बच्चियों के बीच स्वादिष्ट मिठाइयों के साथ-साथ पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) पटाखों का वितरण किया। श्री सिन्हा और उनके परिवार का मुख्य ​उद्देश्य मुस्कान, अपनत्व और हरित दिवाली मनाने का प्रयास है और आम लोगों में एक संदेश देने का भी काम किया है।

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​इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि समाज के अन्य बच्चों की तरह, शिशु सदन की ये बेटियाँ भी त्योहार के उल्लास से वंचित महसूस न करें और उनके चेहरों पर सच्ची मुस्कान आ सके।

​श्री रितेश सिन्हा ने इस मौके पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “दीपावली पर इन बच्चों को अकेलापन महसूस न हो, यही हमारा लक्ष्य है। हमने जानबूझकर पर्यावरण-अनुकूल पटाखों का चुनाव किया, ताकि हम इन्हें खुशियाँ देते हुए, प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा सकें। हमारी छोटी सी पहल से अगर इन बेटियों को अपनत्व और खुशी मिलती है, तो यही हमारी सबसे बड़ी दिवाली है।”

वितरण के दौरान बच्चों की खुशी देखने लायक थी। नई मिठाइयाँ और इको-फ्रेंडली पटाखे पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे, और उन्होंने उत्साह के साथ रितेश सिन्हा और उनके परिवार का धन्यवाद किया।

​आनंद मार्ग शिशु सदन के पदाधिकारियों ने श्री सिन्हा और उनके परिवार की इस संवेदनशील और पर्यावरण-जागरूक पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्य समाज को प्रेरित करता है कि त्योहारों को समावेशी और जिम्मेदार तरीके से मनाया जाए।

​यह सराहनीय कदम न केवल बालिका सशक्तिकरण के प्रति रितेश सिन्हा के समर्पण को दर्शाता है, बल्कि एक स्वच्छ और हरित दिवाली का भी सशक्त संदेश देता है।

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देशभर में दिवाली के उल्लास के बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रवासियों को शुभकामनाएं दी हैं।

अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा “दिवाली के पावन अवसर पर मैं भारत और दुनिया भर में सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। यह त्योहार सभी के जीवन में खुशियां, समृद्धि और शांति लेकर आए।” उन्होंने आगे कहा कि दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस त्योहार को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और सामाजिक सद्भाव की भावना के साथ मनाएं।

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राष्ट्रपति भवन में भी आज दीपोत्सव की विशेष सजावट की गई है, जहां पारंपरिक दीपों से परिसर जगमगा उठा है।

झारखंड के उद्योग जगत को बड़ा झटका, मशहूर उद्योगपति रामचंद्र रुंगटा का निधन

झारखंड के जाने-माने उद्योगपति रामचंद्र रुंगटा का रविवार को दिल्ली में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की सूचना मिलते ही झारखंड के व्यापार एवं उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

जीवनी एवं करियर

रामचंद्र रुंगटा ने वर्ष 1975 में कोयला व्यापार के साथ अपने औद्योगिक सफर की शुरुआत की थी। उन्होंने झारखंड इस्पात, आलोक स्टील, मां छिन्नमस्तिका जैसी फैक्ट्रियों की स्थापना की। उन्हें कर्मनिष्ठ, सरल स्वभाव के उद्योगपति के रूप में जाना जाता था, कर्म के प्रति समर्पित, कर्मचारी-सहयोगियों के बीच लोकप्रिय। समाजसेवी के रूप में भी उनकी पहचान थी और वे झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के विशिष्ट संरक्षक सदस्य थे।

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निधन एवं शोक

उन्होंने तीन पुत्र—अभिषेक रुंगटा, आलोक रुंगटा और आशीष रुंगटा —के पीछे अपनी विरासत छोड़ी है,उनके निधन पर व्यवसायिक, सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उद्योग-परिसर में यह एक ऐसी क्षति मानी जा रही है जिसे जल्दी भुलाया नहीं जा सकेगा।

प्रभाव और विचार

रुंगटा जी का जाना सिर्फ एक व्यक्ति का क्षरण नहीं बल्कि झारखंड के औद्योगिक विकास के एक युग का अंत भी माना जा रहा है। उन्होंने स्थानीय संसाधनों (कोयला, लौह आइस्पन) को उद्योग में बदलने का उदाहरण पेश किया, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिली। अब उनके जाने के बाद यह देखने की बात होगी कि उनके द्वारा प्रारंभ किये गए उद्योग और योजनाएँ किस तरह आगे बढ़ते हैं—क्या नए नेतृत्व के साथ यह विरासत और भी मज़बूत होगी या चुनौतियों का सामना करेगी। साथ ही यह भी ध्यान देने योग्य है कि उद्योग-क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों, निवेश एवं स्थानीय समुदायों पर इस घटना का कैसा मनो-सामाजिक असर होगा।

आज हम एक ऐसे उद्योग-पथप्रदर्शक को अलविदा कह रहे हैं जिन्होंने न केवल आर्थिक विकास में योगदान दिया बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अपनी पहचान बनाई। उनके विचार, कर्म और आत्मीयता आज भी प्रेरणास्रोत बनी रहेगी। हम दुख एवं शोक व्यक्त करते हैं और दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवारजनों को धैर्य व साहस की प्रार्थना करते हैं।

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जुगसलाई नगर परिषद पार्क में पटाखा दुकान विवाद

जमशेदपुर के जुगसलाई नगर परिषद पार्क में बिना अनुमति लगाए गए पटाखा दुकान के मामले ने तूल पकड़ लिया है।

सूत्रों के मुताबिक, नगर परिषद प्रशासन ने इस अवैध दुकान के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा मेसर्स कैलाश स्टील को नोटिस जारी किया गया था, जिसमें पार्क बंदोबस्ती के नियमों का उल्लंघन स्पष्ट रूप से बताया गया।

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नोटिस में कहा गया है कि यदि अवैध दुकान तुरंत नहीं हटाई गई, तो बंदोबस्ती रद्द कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह स्थिति स्पष्ट नहीं है कि दुकान पूरी तरह से हटाई गई है या नहीं।
स्थानीय लोग और व्यापारी दोनों ही इस कार्रवाई पर नज़र बनाए हुए हैं।

इस पूरे मामले पर टीम तीसरी धारा न्यूज़ की पैनी नज़र बनी हुई है।

📍जुगसलाई से रिपोर्ट – टीम तीसरी धारा न्यूज़

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