इस वर्ष दीपावली के शुभ अवसर पर, सामाजिक कार्यकर्ता श्री रितेश सिन्हा और उनके परिवार ने एक अनूठी पहल की है। उन्होंने बिरसानगर स्थित आनंद मार्ग शिशु सदन की बालिका बच्चों के जीवन में खुशियों की रोशनी भरने और साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए, एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम के तहत, श्री सिन्हा और उनके परिवार ने सभी बच्चियों के बीच स्वादिष्ट मिठाइयों के साथ-साथ पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) पटाखों का वितरण किया। श्री सिन्हा और उनके परिवार का मुख्य उद्देश्य मुस्कान, अपनत्व और हरित दिवाली मनाने का प्रयास है और आम लोगों में एक संदेश देने का भी काम किया है।

इस प्रयास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि समाज के अन्य बच्चों की तरह, शिशु सदन की ये बेटियाँ भी त्योहार के उल्लास से वंचित महसूस न करें और उनके चेहरों पर सच्ची मुस्कान आ सके।
श्री रितेश सिन्हा ने इस मौके पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा, “दीपावली पर इन बच्चों को अकेलापन महसूस न हो, यही हमारा लक्ष्य है। हमने जानबूझकर पर्यावरण-अनुकूल पटाखों का चुनाव किया, ताकि हम इन्हें खुशियाँ देते हुए, प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा सकें। हमारी छोटी सी पहल से अगर इन बेटियों को अपनत्व और खुशी मिलती है, तो यही हमारी सबसे बड़ी दिवाली है।”
वितरण के दौरान बच्चों की खुशी देखने लायक थी। नई मिठाइयाँ और इको-फ्रेंडली पटाखे पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे, और उन्होंने उत्साह के साथ रितेश सिन्हा और उनके परिवार का धन्यवाद किया।
आनंद मार्ग शिशु सदन के पदाधिकारियों ने श्री सिन्हा और उनके परिवार की इस संवेदनशील और पर्यावरण-जागरूक पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह कार्य समाज को प्रेरित करता है कि त्योहारों को समावेशी और जिम्मेदार तरीके से मनाया जाए।
यह सराहनीय कदम न केवल बालिका सशक्तिकरण के प्रति रितेश सिन्हा के समर्पण को दर्शाता है, बल्कि एक स्वच्छ और हरित दिवाली का भी सशक्त संदेश देता है।











