एक नई सोच, एक नई धारा

image
कपाली: पुलिस को मिली बड़ी सफलता, 2017 से फरार वारंटी मोहम्मद अल्तमस गिरफ्तार, चुनाव से पहले सुरक्षा सख्त

कपाली/जमशेदपुर: आगामी नगरपालिका आम चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए सरायकेला-खरसावां पुलिस ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में कपाली ओपी पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर पिछले 7 सालों से फरार चल रहे वारंटी मोहम्मद अल्तमस को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

1002335547
1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275

7 साल बाद चढ़ा पुलिस के हत्थे

​कपाली ओपी प्रभारी धीरंजन कुमार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने अपराधियों को सख्त संदेश दिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद अल्तमस (25 वर्ष), पिता मोहम्मद इस्लाम के रूप में हुई है।

  • अपराधिक इतिहास: आरोपी के खिलाफ वर्ष 2017 में जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना में मामला दर्ज हुआ था।
  • छिपने का ठिकाना: गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। हाल के दिनों में वह अल-कबीर पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास गुप्त रूप से रह रहा था, जहाँ से उसे दबोच लिया गया।
1002321701
1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
1002322465

चुनाव को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति

​पुलिस अधीक्षक सरायकेला-खरसावां के निर्देश पर जिले में फरार वारंटियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। ओपी प्रभारी ने स्पष्ट किया कि:

  • ​नगरपालिका चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
  • ​संदिग्ध गतिविधियों और कानून तोड़ने वालों पर पुलिस की पैनी नजर है।
  • ​फरार वारंटियों को चेतावनी दी गई है कि वे सरेंडर करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
1002321910
1002321932
1002321710
1002321783
1002322372
1002321698

न्यायिक हिरासत में भेजा गया जेल

​गिरफ्तारी के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर मोहम्मद अल्तमस को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस छापेमारी अभियान में कपाली ओपी प्रभारी के साथ शस्त्रबल के जवान भी मुस्तैद रहे।

560302 1700564281
जमशेदपुर: एटीएम कार्ड बदलकर खाते से उड़ाए ₹76,000, शातिर जालसाजों ने बैंक और पुलिस की बढ़ाई चिंता

जमशेदपुर: लौहनगरी में डिजिटल और बैंकिंग धोखाधड़ी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के एक एटीएम में मदद के बहाने एक अज्ञात जालसाज ने बड़ी चालाकी से कार्ड बदलकर एक नागरिक के खाते से 76,000 रुपये साफ कर दिए। इस घटना ने एक बार फिर एटीएम सुरक्षा और नागरिकों की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275
1002321701

कैसे हुई वारदात?

​पीड़ित के अनुसार, वे एटीएम से पैसे निकालने गए थे, तभी वहां मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने धोखे से उनका कार्ड बदल दिया। पीड़ित को इसकी भनक तब लगी जब उनके मोबाइल पर बिना अनुमति के बड़ी निकासी के मैसेज आने लगे। शातिर अपराधी ने न केवल कार्ड बदला, बल्कि संभवतः पिन (PIN) भी देख लिया था।

1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
1002322465

पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज

​शिकायत मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया:

  • फुटेज की जांच: एटीएम और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
  • ट्रांजैक्शन हिस्ट्री: उन जगहों को चिन्हित किया जा रहा है जहाँ से पैसे निकाले गए या शॉपिंग की गई।
  • गिरोह की आशंका: पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह किसी संगठित गिरोह का काम है जो शहर के एटीएम में सक्रिय है।

बैंक की भूमिका और आश्वासन

​संबंधित बैंक ने मामले में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि वे तकनीकी सुरक्षा को और पुख्ता कर रहे हैं। पीड़ित को राहत देने और खोई हुई राशि की रिकवरी के लिए बैंकिंग नियमों के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

1002321910
1002321932
1002321710
1002321783
1002322372
1002321698

सावधानी ही बचाव है: विशेषज्ञों की सलाह

​बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएम कार्ड की धोखाधड़ी (Card Swapping/Skimming) से बचने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:

  1. मदद न लें: एटीएम के अंदर किसी भी अनजान व्यक्ति की मदद न लें और न ही उन्हें अपना कार्ड छूने दें।
  2. पिन छुपाएं: पिन दर्ज करते समय कीपैड को दूसरे हाथ से ढक लें।
  3. कार्ड पर नजर: लेनदेन के बाद यह सुनिश्चित करें कि कार्ड आपका ही है (कार्ड के पीछे अपना हस्ताक्षर जरूर करें)।
  4. अलर्ट रहें: किसी भी संदिग्ध उपकरण या कैमरे के लिए एटीएम मशीन की जांच करें।
1002335519
जमशेदपुर: विजय गार्डन में विवाहिता ने दी जान, ऑस्ट्रेलिया से लौटे देवर पर प्रताड़ना का आरोप, थाने में हंगामा

जमशेदपुर: सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बारीडीह स्थित पॉश सोसाइटी विजय गार्डन में एक विवाहिता प्रियंका कुमारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका के मायके वालों ने प्रियंका के देवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस स्टेशन में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

1002335519
1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275

क्या है पूरा मामला?

​प्रियंका कुमारी का विवाह साल 2017 में विजय गार्डन निवासी प्रशांत कुमार के साथ हुआ था, जो टाटा स्टील में कार्यरत हैं। प्रियंका के दो छोटे बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ समय से घर में कलह की स्थिति बनी हुई थी। बुधवार को प्रियंका ने अपने आवास में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली।

1002321701
1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
1002322465

देवर पर संगीन आरोप और थाने में बवाल

​प्रियंका की मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष के लोग सिदगोड़ा थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया। परिजनों ने प्रियंका के देवर अमन पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।

  • ऑस्ट्रेलिया से लौटा है आरोपी: परिजनों ने बताया कि अमन ऑस्ट्रेलिया में रहता है और महज दो दिन पहले ही जमशेदपुर लौटा था।
  • प्रताड़ना का दावा: आरोप है कि अमन के वापस आने के बाद से ही प्रियंका को प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे तंग आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
1002321910
1002321932
1002321710
1002321710
1002321783
1002322372
1002321698

पुलिस की कार्रवाई

​सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने घटना स्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी का बयान: “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों के लिखित बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। आरोपी देवर अमन से पूछताछ की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।”

मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया

​इस घटना में सबसे हृदयविदारक पहलू मृतका के दो छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है। विजय गार्डन जैसे शांत इलाके में हुई इस घटना से स्थानीय निवासी भी स्तब्ध हैं।

1002335468
समान नागरिक संहिता (UCC) — समानता का पथ या परंपराओं पर प्रहार? एक विस्तृत विश्लेषण

नई दिल्ली: भारत में व्यक्तिगत कानूनों (Personal Laws) को लेकर जारी बहस के बीच ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code – UCC) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। संविधान के अनुच्छेद 44 में उल्लिखित इस सिद्धांत का मुख्य उद्देश्य देश के हर नागरिक के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार के एक समान नियम बनाना है।

1002335468
1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275
1002321701

क्या है वर्तमान स्थिति?

​वर्तमान में भारत में विभिन्न धर्मों के अपने अलग कानून हैं। हिंदू, मुस्लिम, ईसाई और पारसी समुदायों के लिए पारिवारिक मामले अलग-अलग संहिताओं के तहत सुलझाए जाते हैं। UCC इन सभी को हटाकर एक ‘एक देश, एक कानून’ की व्यवस्था की वकालत करता है।

UCC लागू करने के पक्ष में तर्क: क्यों है इसकी जरूरत?

  1. लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण: वर्तमान में अलग-अलग कानूनों के कारण महिलाओं के अधिकारों में असमानता है। UCC लागू होने से महिलाओं को विरासत, संपत्ति और तलाक के मामलों में पुरुषों के बराबर अधिकार मिलेंगे।
  2. समानता का संवैधानिक अधिकार: संविधान हर नागरिक को बराबरी का हक देता है। धर्म के आधार पर अलग कानून इस मूल भावना के विपरीत माने जाते हैं।
  3. न्यायिक और प्रशासनिक सरलता: अदालतों में हजारों मामले अलग-अलग धर्मों की जटिलताओं के कारण लंबित हैं। एक समान कानून से न्याय प्रक्रिया तेज और सरल होगी।
  4. राष्ट्रीय एकता: अलग-अलग कानूनों से उत्पन्न होने वाले सांप्रदायिक तनाव को कम कर यह समाज में समरसता और एकता को बढ़ावा देगा।
1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
1002322465
1002321910

चुनौतियां और विरोध के सुर

​UCC को लागू करना जितना क्रांतिकारी है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी। इसके मुख्य विरोध के बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • धार्मिक हस्तक्षेप: कई समुदायों का मानना है कि यह उनके धार्मिक अधिकारों और सदियों पुरानी परंपराओं में सीधा हस्तक्षेप है।
  • सांस्कृतिक विविधता का डर: आलोचकों का तर्क है कि भारत की खूबसूरती इसकी ‘विविधता’ में है। UCC लागू होने से स्थानीय रीति-रिवाज और जनजातीय परंपराएं लुप्त हो सकती हैं।
  • राजनीतिक पेच: यह मुद्दा अक्सर राजनीतिक ध्रुवीकरण का कारण बनता है, जिससे वास्तविक चर्चा के बजाय विवाद अधिक बढ़ता है।
1002321932
1002321710
1002321783
1002322372
1002321698

निष्कर्ष और भविष्य की राह

​सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार कहा है कि UCC लागू करने का निर्णय संसद के अधिकार क्षेत्र में है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसे केवल कानून थोपकर नहीं, बल्कि सभी समुदायों के साथ सार्थक संवाद और संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञ मत: “यदि UCC को लैंगिक न्याय और सामाजिक समानता के चश्मे से देखा जाए, तो यह भारत के भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रख सकता है।”

1002335463
जमशेदपुर अलर्ट: 11 फरवरी को ‘चक्का जाम’ का ऐलान, थम सकता है टाटा स्टील और टाटा मोटर्स का उत्पादन

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में एक बार फिर बड़े श्रमिक आंदोलन की आहट सुनाई दे रही है। विभिन्न मजदूर संगठनों के संयुक्त मोर्चे ने अपनी मांगों के समर्थन में 11 फरवरी को शहरव्यापी ‘चक्का जाम’ की घोषणा की है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों में उत्पादन पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।

1002335463
1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275

क्यों आक्रोशित हैं मजदूर?

​मजदूर संगठनों का आरोप है कि प्रबंधन लंबे समय से उनकी बुनियादी समस्याओं की अनदेखी कर रहा है। आंदोलन के मुख्य मुद्दे निम्नलिखित हैं:

  • वेतन विसंगति: महंगाई के अनुपात में वेतन वृद्धि न होना।
  • ठेका मजदूरों का मुद्दा: वर्षों से कार्यरत ठेका श्रमिकों का नियमितीकरण और ‘समान काम-समान वेतन’ की मांग।
  • सुरक्षा और बोनस: कार्यस्थल पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम और सामाजिक सुरक्षा लाभों में सुधार।
1002321701
1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
1002322465

11 फरवरी की रणनीति: थम जाएगी शहर की रफ्तार

​संयुक्त मोर्चा के नेताओं के अनुसार, 11 फरवरी की सुबह से ही शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और औद्योगिक क्षेत्रों की घेराबंदी की जाएगी।

  1. उत्पादन ठप करने की चेतावनी: टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और अन्य संबद्ध इकाइयों में कामकाज रोकने की योजना है।
  2. सड़क जाम: शहर के प्रवेश और निकास द्वारों पर आवागमन बाधित किया जाएगा।
  3. शांतिपूर्ण विरोध: नेताओं का दावा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन दबाव की स्थिति में संघर्ष तेज हो सकता है।
1002321910
1002321932
1002321710
1002321783
1002322372
1002321698

प्रशासन और अर्थव्यवस्था पर दबाव

​इस घोषणा के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ आंदोलनकारियों से वार्ता के प्रयास किए जा रहे हैं। औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों में उत्पादन रुकता है, तो:

  • सप्लाई चेन: ऑटोमोबाइल और निर्माण क्षेत्र की नेशनल सप्लाई चेन प्रभावित होगी।
  • आर्थिक नुकसान: राज्य और देश की अर्थव्यवस्था को करोड़ों का नुकसान हो सकता है।

आम जनजीवन पर असर की चिंता

​स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में चक्का जाम को लेकर संशय है। छोटे दुकानदारों और दिहाड़ी मजदूरों को आर्थिक नुकसान का डर है, वहीं स्कूल और दफ्तर जाने वाले लोगों के लिए आवागमन एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

1002335430
“डीजे की आवाज़ में दबी इंसानियत”—जमशेदपुर में भक्ति के नाम पर बढ़ते उन्माद ने खड़े किए गंभीर सवाल

जमशेदपुर: लौहनगरी में हाल के दिनों में धार्मिक आयोजनों और जुलूसों के दौरान जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्होंने शहर के प्रबुद्ध वर्ग और आम नागरिकों को आत्ममंथन करने पर मजबूर कर दिया है। भक्ति और श्रद्धा के नाम पर जिस तरह से हथियारों का प्रदर्शन और डीजे का शोर बढ़ रहा है, उसने समाज की संवेदनशीलता पर गहरा प्रहार किया है।

1002335430
1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275
1002321701

भक्ति या शक्ति प्रदर्शन?

​शहर के विभिन्न इलाकों में सरस्वती पूजा और अन्य जुलूसों के दौरान ऊंचे स्वर में बजते डीजे, भड़काऊ गीतों पर नृत्य और खुलेआम लहराते हथियारों ने उत्सव के आनंद को डर में बदल दिया है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि आज भक्ति आत्मशुद्धि के बजाय अहंकार और शक्ति प्रदर्शन का जरिया बनती जा रही है।

1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
1002322465
1002321932

“मां सरस्वती विद्या और विवेक देती हैं, चापड़ और पत्थर नहीं।” – यह वाक्य आज शहर के गलियारों में एक कड़वी सच्चाई बनकर गूंज रहा है।

डीजे संस्कृति और सामाजिक सौहार्द

​स्थानीय नागरिकों ने डीजे संस्कृति के प्रति कड़ा रोष व्यक्त किया है। तेज आवाज़ न केवल बुजुर्गों, हृदय रोगियों और परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर रही है, बल्कि यह विवाद और हिंसा की जड़ भी बन रही है। जब संगीत का उद्देश्य आनंद के बजाय दूसरों को डराना हो जाए, तो वह विकृति बन जाता है।

​शिक्षाविदों ने इस बढ़ती उग्रता पर चिंता जताते हुए कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य इंसान बनाना है। यदि कलम पकड़ने वाले हाथों में हथियार और जुबान पर भड़काऊ नारे हों, तो यह हमारी शिक्षा प्रणाली और सामाजिक ढांचे की विफलता है। मां सरस्वती की सच्ची आराधना शांति, ज्ञान और संस्कारों के माध्यम से ही संभव है।

शिक्षा और संस्कारों पर प्रहार

1002321910
1002321710
1002321783
1002322372
1002321698

प्रशासन और समाज की जिम्मेदारी

​हालांकि पुलिस और प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन शहरवासियों का मानना है कि केवल कानून के बल पर बदलाव संभव नहीं है।

  • कठोर गाइडलाइन की मांग: समाजसेवी संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि डीजे की ध्वनि सीमा तय हो और हथियारों के प्रदर्शन पर गैर-जमानती कार्रवाई की जाए।
  • आत्ममंथन: समाज के हर तबके को यह सोचना होगा कि वे आने वाली पीढ़ी को विरासत में क्या दे रहे हैं—शांति या हिंसा?
1002334799
जमशेदपुर: 35 वर्षीय महिला की अचानक मौत, पोस्टमार्टम में पेट से निकली ‘विशालकाय रसौली’ देख डॉक्टर हैरान

जमशेदपुर: लौहनगरी के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई एक महिला की मृत्यु ने चिकित्सा जगत और स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है। महिला की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। डॉक्टरों को मृतका के पेट से एक असामान्य रूप से बड़ी रसौली (Tumor) मिली है, जिसे मौत का प्राथमिक कारण माना जा रहा है।

1002334799
1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275

अचानक बिगड़ी थी तबीयत

​मृतका की उम्र लगभग 35 वर्ष थी। परिजनों के अनुसार, वह पिछले कुछ दिनों से लगातार कमजोरी, पेट में हल्का दर्द और चक्कर आने की शिकायत कर रही थी। स्थिति तब गंभीर हो गई जब महिला अचानक घर पर बेहोश होकर गिर पड़ी। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के लाख प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।

पोस्टमार्टम में हुआ बड़ा खुलासा

​मौत की वजह स्पष्ट न होने के कारण शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों की टीम उस समय दंग रह गई जब महिला के पेट के अंदर से एक विशालकाय रसौली बरामद हुई।

1002321701
1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
  • डॉक्टरों का विश्लेषण: इतनी बड़ी रसौली शरीर के आंतरिक अंगों (जैसे फेफड़े, हृदय और आंतों) पर भारी दबाव डालती है। इससे रक्त संचार बाधित हो सकता है और अंग काम करना बंद कर सकते हैं, जिससे अचानक मौत की संभावना बढ़ जाती है।
  • लंबा वक्त: विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्यूमर शरीर में काफी लंबे समय से पनप रहा था, जिसे नजरअंदाज किया गया।

परिजनों का दर्द और आक्रोश

​महिला की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था और आर्थिक तंगी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जानकारी के अभाव और इलाज के भारी खर्च के डर से वे समय पर बड़ी जांच नहीं करा सके। अगर सही समय पर ट्यूमर का पता चल जाता, तो शायद सर्जरी के जरिए जान बचाई जा सकती थी।

1002322465
1002321910
1002321932
Lol
1002321710
1002321783
1002322372
1002321698

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

​सीतारामडेरा थाना पुलिस ने मामले को अस्वाभाविक मौत के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी: इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

​इस घटना ने स्वास्थ्य के प्रति सतर्कता पर नई बहस छेड़ दी है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि:

  1. ​पेट में लगातार भारीपन या सूजन महसूस होना।
  2. ​बिना कारण तेजी से वजन कम होना या अत्यधिक कमजोरी।
  3. ​चक्कर आना और लगातार रहने वाला दर्द।
  4. ​पेट में किसी भी तरह की गांठ या कठोरता महसूस होना।
income tax raid 3
झारखंड-बिहार में आयकर विभाग का बड़ा एक्शन: ‘बाबा राइस मिल’ समूह के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

रांची/जमशेदपुर: आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा (Investigation Wing) ने गुरुवार तड़के झारखंड और बिहार के कई जिलों में एक साथ बड़ी छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई ‘बाबा राइस मिल’ समूह और उससे जुड़े कारोबारियों के खिलाफ आय छिपाने और अवैध संपत्ति अर्जित करने के आरोपों के तहत की जा रही है।

1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275
1002321701
0

जमशेदपुर के प्रमुख ठिकानों पर दबिश

​लौहनगरी जमशेदपुर में आयकर विभाग की टीम ने संजय अग्रवाल (जुगसलाई नया बाजार निवासी) के आवास और सीएच एरिया (CH Area) स्थित उनके अन्य ठिकानों पर दस्तक दी है। संजय अग्रवाल भालोटिया परिवार से संबद्ध हैं और चावल के बड़े कारोबारी माने जाते हैं। सुबह से ही उनके आवास और कार्यालयों को खंगाला जा रहा है।

1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
1002322465
1002321910

छापेमारी का दायरा: एक दर्जन से अधिक स्थान

​आयकर विभाग की यह कार्रवाई केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका जाल कई शहरों में फैला है:

  • झारखंड: रांची, जमशेदपुर और हजारीबाग के विभिन्न ठिकाने।
  • बिहार: औरंगाबाद के महाराजगंज रोड स्थित धान कारोबारी विश्वजीत जायसवाल का आवास।
  • रडार पर अन्य कारोबारी: राइस मिल संचालक नितेश कुमार भी आयकर विभाग की इस जांच के दायरे में हैं।

क्यों हुई कार्रवाई?

​सूत्रों के अनुसार, बाबा राइस मिल समूह पर आय से अधिक संपत्ति रखने और कर चोरी (Tax Evasion) के लिए वास्तविक आय को छिपाने का गंभीर आरोप है। छापेमारी के दौरान विभाग ने अब तक कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।

1002321932
1002321710
1002321783
P
1002322372
1002321698

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

​सभी चिन्हित स्थानों पर सुबह 4-5 बजे के करीब ही टीमें पहुंच गई थीं। छापेमारी वाली जगहों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि जांच प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। संजीव अग्रवाल और उनके करीबियों से जुड़े हर व्यावसायिक रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।

1002333643
टाटानगर: RPF उड़नदस्ता की बड़ी कार्रवाई, ट्रेन से मोबाइल उड़ाने वाले शातिर गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार

जमशेदपुर/टाटानगर: चक्रधरपुर मंडल के आरपीएफ (RPF) उड़नदस्ता ने चलती ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामान पर हाथ साफ करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरपीएफ ने टाटानगर स्टेशन से गिरोह के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से लाखों के मोबाइल और चोरी में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद हुए हैं।

1002333643
1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275
1002321701

CCTV फुटेज से खुला राज

​घटना बुधवार रात की है, जब गश्त के दौरान आरपीएफ टीम ने मुंबई-हावड़ा मेल (12809) के एसी कोच से दो संदिग्ध युवकों को हड़बड़ी में उतरकर भागते देखा। शक होने पर जब स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों की सघन जांच की गई, तो परतें खुलती चली गईं। फुटेज से स्पष्ट हुआ कि यह दो नहीं, बल्कि चार लोगों का एक संगठित गिरोह है।

1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
1002322465

घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी

​आरपीएफ उड़नदस्ता ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टाटानगर स्टेशन के ‘नाइट आउट’ क्षेत्र के पीछे घेराबंदी की और चारों आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निम्न रूप में हुई है:

  1. ​ऋषि तोरवा
  2. ​अल्ताफ आलम (11 बार जेल जा चुका शातिर अपराधी)
  3. ​चंदन राम उर्फ चिंटू
  4. ​विशाल तिवारी उर्फ जीशान

​ये सभी आरोपी ओडिशा के बड़बिल के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

1002321910
1002321932
1002321710
1002321783
1002322372
1002321698

बरामदगी और आपराधिक इतिहास

​तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से चोरी के महंगे उपकरण बरामद हुए हैं:

  • मोबाइल: एक Apple, एक OnePlus और एक Vivo मोबाइल (कुल कीमत लगभग ₹1.60 लाख)।
  • औजार: चोरी के लिए इस्तेमाल होने वाला बड़ा कटर, हेक्सा ब्लेड और मोबाइल चार्जर।
1002333649

​आरपीएफ के अनुसार, इस गिरोह का मुख्य सदस्य अल्ताफ आलम एक आदतन अपराधी है, जो पहले भी 11 बार जेल की हवा खा चुका है।

आगे की कार्रवाई

​आरपीएफ ने प्रारंभिक पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए रेल थाना टाटानगर को सौंप दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।

1002333599
जमशेदपुर: भालुबासा में शॉर्ट सर्किट से घर में लगी भीषण आग, 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला की जिंदा जलकर मौत

जमशेदपुर: लौहनगरी के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र स्थित भालुबासा इंद्रानगर बस्ती में बीती रात एक रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। शॉर्ट सर्किट के कारण एक घर में लगी भीषण आग की चपेट में आने से 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला, शोभा मुखर्जी की दर्दनाक मौत हो गई।

1002333599
1002322391
1002320750
1002320825
1002322445
1002322275
1002321701

देर रात मची चीख-पुकार

​घटना रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, शोभा मुखर्जी रोज की तरह भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने गई थीं। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरी नींद में थे, तभी अचानक घर के एक हिस्से से आग की लपटें उठने लगीं।

​मृतका की बेटी शोभना मुखर्जी ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। जब तक घरवाले और पड़ोसी मदद के लिए दौड़ते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। धुएं और लपटों के बीच शोभा मुखर्जी को बाहर निकालना असंभव हो गया और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

1002321695
1002321704
1002321707
1002322466
1002322465
1002321910

पुलिस की कार्रवाई और जांच

​सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

  • प्राथमिक कारण: पुलिस की शुरुआती जांच में घटना की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है।
  • नुकसान: इस अग्निकांड में घर का काफी सामान जलकर राख हो गया है।
  • प्रशासनिक रुख: पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि आग लगने के सही कारणों की पुष्टि हो सके।
1002321932
1002321710
1002321783
1002322372
1002321698

बस्ती में शोक की लहर

​स्थानीय निवासियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद इस पर काबू पाया गया। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इंद्रानगर बस्ती में सन्नाटा पसरा है और इलाके के लोग शोकाकुल हैं।

error: Content is protected !!