एक नई सोच, एक नई धारा

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जमशेदपुर: 18 जनवरी को बिरसा मुंडा टाउन हॉल में मनेगा ‘चंद्रवंशी एकता सह वार्षिकोत्सव 2026’, डॉ. प्रेम कुमार होंगे मुख्य अतिथि

जमशेदपुर: झारखंड चंद्रवंशी सभा, जमशेदपुर की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को काशीडीह स्थित चंद्रवंशी भवन में संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 18 जनवरी 2026 (रविवार) को आयोजित होने वाले ‘चंद्रवंशी एकता सह वार्षिकोत्सव 2026’ की रूपरेखा तैयार करना और इसे भव्य रूप से सफल बनाना है।

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कार्यक्रम की रूपरेखा और मुख्य अतिथि

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष का भव्य समारोह सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव के मुख्य अतिथि बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार होंगे।

रणनीति और कार्यभार का वितरण
समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने अपने-अपने विचार साझा किए। बैठक के दौरान:

  • समाज की एकजुटता और संगठन की मजबूती पर चर्चा की गई।
  • सभी सदस्यों ने स्वेच्छा से अलग-अलग जिम्मेदारियां और कार्यभार संभाला।
  • कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
    बैठक में उपस्थित गणमान्य
    इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे:
  • संतोष कुमार चंद्रवंशी (अध्यक्ष)
  • राज कुमार चंद्रवंशी (सचिव)
  • आनंद प्रसाद (संगठन मंत्री)
  • सुनील कुमार, अजीत सिंह, राजेश चंद्रवंशी, और शंकर कुमार।
    बैठक के अंत में कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि वे तन-मन-धन से जुटकर इस वार्षिकोत्सव को सफल बनाएंगे और चंद्रवंशी समाज की एकता का परिचय देंगे।।

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भाजपा जमशेदपुर जिला अध्यक्ष की कमान संजीव सिन्हा को

जिला भाजपा के नए जिला अध्यक्ष की घोषणा कर दी गई है. कई दशकों से पार्टी की निष्ठापूर्ण सेवा कर रहे संजीव सिन्हा को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है.

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उनके पदभार ग्रहण समारोह में बोकारो के पूर्व विधायक बिरेंची नारायण और जिला प्रभारी मनोज सिंह विशेष रूप से शामिल हुए. संजीव सिन्हा ने लगभग तीन दशकों तक पार्टी के विभिन्न पदों पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है. उनके नाम की घोषणा के बाद तमाम कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार अभिनंदन किया.

जिला अध्यक्ष पद के लिए करीब 10 नामांकन भरे गए थे. नव नियुक्त अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा, “भाजपा में पद नहीं, जिम्मेदारी होती है. सबको साथ लेकर मैं इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाऊंगा.”

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पुलिस की मौजूदगी में अनियंत्रित चेचिस ने बाईक सवार दंपत्ति को रौंदा, पति की मौत पत्नी गंभीर

मानगो गोलचक्कर के समीप शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया. जहां सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में अनियंत्रित चेचिस वाहन ने बाइक सवार दंपति को कुचल दिया. इस हादसे में बाइक चला रहे पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई है.

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार चेचिस वाहन ने बाइक सवार दंपति को टक्कर मारने के बाद करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए ले गया. इसके बाद चालक मौके से फरार हो गया. हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता से चालक को पकड़ लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया. हादसे की भयावहता इतनी थी कि सड़क पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई.

स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के समय मौके पर पुलिस की मौजूदगी थी, इसके बावजूद इस तरह की दुर्घटना होना पुलिस प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है. हादसे के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए.

घटना की सूचना मिलते ही सीतारामडेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने में जुट गई. पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर सड़क यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया. घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. समाचार लिखे जाने तक मृतक और घायल महिला की पहचान नहीं हो सकी है. इस घटना ने एक बार फिर शहर में सड़क सुरक्षा और पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है.

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सादगीपूर्ण रहा भाजपा जिला अध्यक्ष अभिनंदन काय्रर्कम, मधु कोड़ा ने दी बधाई

भारतीय जनता के पार्टी पश्चिमी सिंहभूम जिला इकाई द्वारा संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत गीता बालमुचू को सर्वसम्मति से भाजपा पश्चिमी सिंहभूम की जिला अध्यक्ष चुना गया.उनके चयन से जिले में महिला सशक्तिकरण, आदिवासी नेतृत्व और जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलने का सशक्त संदेश गया है. गीता बालमुचू पूर्व में चाईबासा नगर परिषद की अध्यक्ष रह चुकी है, जहाँ उनका कार्यकाल विकास, पारदर्शिता और जनहित के लिए उल्लेखनीय रहा. पार्टी संगठन की जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाने की उनकी क्षमता सर्वविदित है.

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मधु कोड़ा, गीता कोड़ा ने दी बधाई

जिला अध्यक्ष बनने पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पूर्व विधायक बड़कुवर गागराई, शशी सामड, गुरुचरण नायक एवं जे.बी. तुबिड ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की.इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष संजय पांडे ने नई जिला अध्यक्ष का फूल माला पहनकर स्वागत किया एवं उज्जवल भविष्य की कामना की साथ में सभी नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भाजपा पश्चिमी सिंहभूम में और अधिक सशक्त होगी.

मानव–हाथी संघर्ष में हुई जनहानि को ध्यान में रखते हुए उत्सवधर्मी आयोजन से परहेज

इस अवसर पर सभी मंडल अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष, जिला एवं नगर कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य, सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे. कार्यक्रम में महिलाओं की उल्लेखनीय भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही. सभी कार्यकर्ताओं ने नव निर्वाचित जिला अध्यक्ष को बधाई दी.जिला अध्यक्ष चुने जाने के उपरांत कार्यकर्ताओं द्वारा जुलूस के रूप में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया. हालांकि क्षेत्र में मानव–हाथी संघर्ष में हुई जनहानि को ध्यान में रखते हुए पार्टी द्वारा किसी भी प्रकार के उत्सवधर्मी आयोजन से परहेज करते हुए कार्यक्रम को पूर्णत सादगीपूर्ण रखने का निर्णय लिया गया.

जताया कार्यकर्ताओं के प्रति आभार

गीता बालमुचू ने जिले की जनता, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सभी वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने जो विश्वास उन्हें सौंपा है, उस पर वे पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ खरी उतरेंगी तथा जिले के विकास, जनहित और संगठन की मजबूती के लिए निरंतर कार्य करेंगी.

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डॉक्टर तमल देव को जेडीयू ने दी श्रद्धांजलि

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मर्सी अस्पताल, जमशेदपुर से जुड़े वरीय फिजिशियन डॉ॰ तमल देव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उनके निर्देश पर शनिवार को जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े लोग मर्सी अस्पताल पहुंचे और स्वर्गीय देव के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण पर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

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सरयू राय ने अपने शोक संदेश में कहा कि डॉक्टर देव का निधन चिकित्सा जगत की अपूरणीय क्षति है. वह विनम्र स्वभाव के थे और उन्हें एक समर्पित चिकित्सक के रूप में हमेशा याद किया जाएगा.

मर्सी अस्पताल में श्रद्धांजलि देने वालों में हरे राम सिंह,अशोक कुमार,मंजू सिंह,काकुली मुखर्जी,विजय राव, अभय सिंह,गौतम धर,रंजिता राय आदि मौजूद रहे.

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खूनी हाथी का तांडव! सड़क पर बिछा दी 20 लोगों की लाशें; Video में देखें मौत का मंजर

पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा से एक बड़ी खबर सामने आई है. बेनीसागर इलाके में चल रहे हाथी रेस्क्यूऑपरेशन के दौरान घायल हुए रेस्क्यू टीम के सदस्य सुखलालबेसरा की इलाज के दौरान मौत हो गई है.

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पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले से विशेष रेस्क्यू टीम के साथ सुखलाल बसेरा पहुंचे थे.

हमले में शख्स ने गंवाई जान

इसी दौरान अचानक से एक हाथी ने हमला करना शुरु कर दिया. हाथी के इस हमले में सुखलालबेसरा गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके शरीर पर काफी चोटें आईं जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में ओडिशा के क्योंझर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. डॉक्टरों की तमाम कोशिश के बाद भी उन्होंने दम तोड़ दिया. सुखलालबेसरा की मौत के बाद हाथी के हमले में जान गंवाने वालों की कुल संख्या अब 20 हो चुकी है. इस घटना से इलाके में दहशत और डर का माहौल है.

रेस्क्यू टीम ने ऑपरेशन जारी रखने से किया इनकार

इस हादसे के बाद पश्चिम बंगाल से आई रेस्क्यू टीम ने ऑपरेशन जारी रखने से इनकार कर दिया है. जिसके बाद टीम वापस लौट चुका है. इस मामले की पुष्टीआरसीसीएफस्मिता पंकज ने की है. हाथी के ओडिशा सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर जाने से झारखंड वन विभाग की टीम को फिलहाल कुछ राहत जरूर मिली है. लेकिन झारखंड के बाद ओडिशा की मुश्किलें बढ़ते हुए नजर आ रही हैं.

ओडिशा पहुंचा हाथियों का झुंड

हालांकि ओडिशा वन विभाग के लिए राहत की बात यह है, जिस काजू बगान क्षेत्र में हाथी मौजूद है, वहां पहले से सोलरफेंसिंग की गई है. ऐसे में संभावना है कि हाथी वापस झारखंड लौट जाएंगे. फिलहाल वन विभाग की टीम अलर्टमोड पर है, सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. इलाके में तनाव और डर का माहौल है. हर किसी के मन में केवल एक ही सवाल उठ रहा है कि हाथी का कहर आखिर कब तक थमेगा?

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भारत का सबसे महंगा तलाक! जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू को जमा करने होंगे 14 हजार करोड़ के बॉन्ड

जोहो कंपनी के फाउंडर और सीईओ श्रीधर वेम्बू का तलाक भारत का सबसे महंगा तलाक माना जा रहा है। कैलिफोर्निया में चल रहे तलाक के मामले में अदालत ने श्रीधर वेम्बू को 1.7 अरब डॉलर के बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है।

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श्रीधर वेम्बू और उनकी पत्नी प्रमिला श्रीनिवासन के बीच इस तलाक का मुख्य कारण कस्टडी और जोहो में हिस्सेदारी को लेकर है। इस तलाक में विवाद की वजह कैलिफोर्निया में रहने के दौरान दंपति द्वारा जमा की गई वैवाहिक संपत्ति का बंटवारा है।

2019 में भारत वापस आ गए वेम्बू

आईआईटी-मद्रास से ग्रेजुएशन होने के बाद, वेम्बू 1989 में प्रिंसटन विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी करने के लिए अमेरिका गए थे। अमेरिका जाने के चार साल बाद 1993 में उन्होंने एंटरप्रेन्योर प्रमिला श्रीनिवासन से शादी कर ली।

साल 1996 में श्रीधर वेम्बू ने अपने साथियों के साथ मिलकर एडवेंटनेट नामक एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी शुरू की और 2009 में इसका नाम बदलकर जोहो कॉर्पोरेशन कर दिया।

श्रीधर वेम्बू और प्रमिला श्रीनिवासन कैलिफोर्निया में करीब तीन दशक रहे। इस दंपति का एक 26 साल का बेटा भी है। 2019 में वेम्बू भारत वापस आ गए और तमिलनाडु के अपने पैतृक गांव मथलमपराई से जोहो का काम यहीं से देखने लगे।

पत्नी ने लगाए आरोप

फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वेम्बू ने अगस्त 2021 में तलाक के लिए याचिका दायर की। प्रमिला श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि वेम्बू ने कंपनी के अधिकांश शेयर अपनी बहन राधा वेम्बू और भाई शेखर को दे दिए हैं।

राधा के पास वर्तमान में कंपनी में करीब 47.8% हिस्सेदारी है, जबकि वेम्बू टेक्नोलॉजीज के संस्थापक शेखर के पास 35.2% हिस्सेदारी है। वेम्बू के पास स्वयं केवल 5% हिस्सेदारी है, जिसकी कीमत 225 मिलियन अमेरिकी डॉलर है। श्रीधर वेम्बू ने पत्नी के लगाए सभी आरोपों को खारिज कर दिया और एक मनगढ़ंत कहानी करार दिया।

जमा करने होंगे 14 हजार करोड़ के बॉन्ड

जनवरी 2025 में कैलिफोर्निया की सर्वोच्च अदालत ने अपने आदेश में न्यायालय ने वेम्बू को 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर का बॉन्ड जमा करने का आदेश दिया है। भारतीय करेंसी में ये अमाउंट 14,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। अदालत ने कहा कि वैवाहिक संपत्ति पर श्रीनिवासन के अधिकारों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए यह आवश्यक था।

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मुसाबनी में दर्दनाक हादसा! खड़े ट्रक में घुस गई स्कूटी; एक परिवार के 3 की मौत

पूर्वी सिंहभूम में दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां के मुसाबनी थाना क्षेत्र के सुरदा में खड़े हाइवा से टकरा बाइक सवार दो सगे भाई और भांजा समेत तीन की मौत हो गयी। वहीं, एक भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।

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घटना शुक्रवार रात सवा सात बजे यूनियन बैंक के समीप की है। घायल भाई राहुल कर्मकार को जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल भेजा गया है।

बताया जाता है कि घाटशिला थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर निवासी राहुल कर्मकार अपने दो सगे भाई रोहित कर्मकार, समीर कर्मकार और भांजा राज गोप के साथ एक ही स्कूटी से दिन में ससुराल गया था। वहां से राहुल सभी के साथ रात लगभग 7.15 बजे अपने घर जगन्नाथपुर लौट रहा था। सुरदा यूनियन बैंक के पास पहुंचा था कि सड़क किनारे पहले से खराब पड़े हाइवा के अंदर स्कूटी समेत जा घुसा। इस घटना में रोहित कर्मकार (21 वर्ष), समीर कर्मकार (18 वर्ष) एवं राज गोप (17 वर्ष) की मौके पर मौत हो गयी। वहीं, भाई राहुल कर्मकार (26 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल घाटशिला अनुमंडल अस्पताल भेजा गया। राहुल की गंभीर हालत देख प्राथमिक उपचार के बाद जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।

इधर, जानकारी मिलने पर घाटशिला और मुसाबनी पुलिस घाटशिला अनुमंडल अस्पताल पहुंची तथा जानकारी ली। अस्पताल में जगन्नाथपुर समेत आसपास के दर्जनों ग्रामीण पहुंच गए। बताया जाता कि रोहित कर्मकार एवं राहुल दोनों शादीशुदा है। यह दोनों घाटशिला क्षेत्र के विभिन्न जगहों में जाकर मकान में पुट्टी करने का काम करते थे।

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जमशेदपुर के प्रख्यात चिकित्सक डॉ तमाल देब का निधन

जमशेदपुर के प्रख्यात चिकित्सक डॉ तमाल देब का निधन हो गया. वे 80 साल के थे. वे पिछले कुछ दिनों से प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था. इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया. उनके निधन से चिकित्सा जगत में शोक की लहर है. तमाल देब ने अपने कैरियर में मरीजों को सस्ता और सटीक इलाज कराने में अहम भूमिका निभायी. वे जमशेदपुर के बारीडीह मर्सी अस्पताल में लोगों का इलाज करते थे जबकि प्राइवेट प्रैक्टिस भी करते थे. बारीडीह विजया गार्डेन निवासी तमाल देब अपना भरा पूरा परिवार छोड़ गये है.

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उनके निधन पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के जमशेदपुर शाखा के उपाध्यक्ष डॉ मृत्युंजय सिंह ने गहरा शोक जताया है और कहा है कि यह अपूरणीय क्षति है. उनको सदा ही जनसेवक के तौर पर याद किया जाता रहेगा.

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आदिवासी भाषा और साहित्य की सोंधी महक के साथ शुरू हुआ प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव 2026

प्रथम पूर्वी सिंहभूम साहित्य उत्सव का शुभारंभ गोपाल मैदान में देश भर के नामचीन, जनजातीय एवं स्थानीय साहित्यकारों की उपस्थिति में संयुक्त रूप से दीप जलाकर हुआ। तीन दिन तक चलने वाले महोत्सव के पहले दिन झारखंड के जनजातीय साहित्यकारों की उपस्थिति विशेष उल्लेखनीय रही। श्री महादेव टोप्पो, डॉ पार्वती तिर्की डॉ अनुज लुगुन, श्री रवींद्रनाथ मुर्मू, श्रीमती जोबा मुर्मू, डॉ नारायण उरांव, श्री देवेंद्र नाथ चांपिया, श्री जेरी पिंटो सहित कई साहित्यकारों ने पहले दिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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कार्यक्रम के शुरुआत में उप विकास आयुक्त श्री नागेंद्र पासवान ने स्वागत भाषण एवं विषय प्रवेश करते हुए बताया कि आयोजन का उद्देश्य साहित्य और समाज के बीच संवाद को सुदृढ़ करना है और युवाओं को रचनात्मक सृजन से जोड़ना है । साहित्यिक चेतना को नई दिशा देना है। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री, झारखण्ड का संदेश सुनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि इस आयोजन से कोल्हान की समृद्ध भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास, खासकर सोबरन मांझी पुस्तकालयों की स्थापना की चर्चा की।

उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम श्री कर्ण सत्यार्थी ने इस आयोजन को लेकर कहा कि ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों, लेखकों एवं कलाकारों को सुनने, संवाद कर उनकी साहित्य, कला व संस्कृति को नजदीक से समझने का अवसर मिला। आशा है कि यह उत्सव रचनात्मक संवाद और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त मंच बनेगा।

प्रथम सत्र

झारखंड आदिवासी भाषा साहित्य की विश्व दृष्टि

राष्ट्रीय साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित डॉक्टर पार्वती तिर्की और डॉक्टर अनुज लुगुन ने विषय पर अपने विचार व्यक्त किये। विषय को विस्तार देते हुए डॉक्टर पार्वती तिर्की ने कहा आदिवासी साहित्य में वाचिक साहित्य और लिखित साहित्य की परंपरा रही है। वाचिक साहित्य में वाचन का दर्शन है और इस के सृजन में आदिवासी समूह के बड़े बुजुर्ग स्त्री पुरुष सभी का सृजन सामूहिक रूप से शामिल है। आदिवासी साहित्य सृजनशीलता की प्रक्रिया में समाज का सहियापन और कृति में जो सामूहिकता है यह एक तरह से अंतः संबंधित है। सृजनशीलता में सब की सहभागिता और कृति में सामूहिकता का जो विजन है यह आदिवासी साहित्य को उसके समय की विश्व दृष्टि से जोड़ती है। डॉ अनुज लुगुन ने विषय को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आदिवासी साहित्य में मौजूद दृष्टि और उपनिवेशवाद के विरोध की ऐतिहासिक चेतना इसे न सिर्फ अन्य भारतीय साहित्य बल्कि विश्व के हर उस भाषा से जोड़ती है ,जहां यह संघर्ष किसी न किसी रूप में मौजूद रहा है। हालांकि जनजातीय भाषाओं के साहित्य का मूल्यांकन उस दृष्टि से नहीं हो पाया है, इस पर ध्यान देने की जरूरत है ।

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द्वितीय सत्र

विषय आदिवासी इतिहास का अध्याय

सत्र को संबोधित करते हुए श्री डोगरो बिरुली ने कहा कि वह समाज मृत है जहां साहित्य का अस्तित्व नहीं है। प्रोफेसर डी0 एन चाम्पिया, पूर्व अध्यक्ष बिहार विधानसभा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक भाषाएं प्राकृतिक और अपभ्रंश काल से होते हुए 12वीं शताब्दी के आसपास अस्तित्व में आई जबकि आदिवासी भाषा और उसका इतिहास इससे काफी पहले से है। यह प्रकृति प्रदत्त प्रकृति पोषित और विकसित भाषा है इसलिए इसका कोई व्याकरण नहीं है। अन्य आधुनिक भाषाएं आदिवासी भाषाओं की संतानें है इसके प्रमाण सत्यम शिवम सुंदरम दिनाम हयाती शून्यहितम इत्यादि उद्धरणों को आदिवासी भाषाओं की दृष्टि से व्याख्यातित कर देखा जा सकता है।

तृतीय सत्र

विषय a good life lessons in living and leaving

तीसरे सत्र को शुरू करते हुए अक्षय बाहिबाला ने जेरी पिंटो से उनकी नई किताब पर चर्चा की । पैलियेटिव केयर के इतिहास और वर्तमान पर विस्तार से चर्चा करते हुए जेरी पिंटो ने इसकी बुनियादी जरूरत पर प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया और इसे विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया।

चौथे सत्र का विषय था ओलचिकी लिपि का शताब्दी वर्ष। विषय पर चर्चा करने के लिए जोबा मुर्मू, रानी मुर्मू ,रविंद्र मुर्मू, वीर प्रताप मुर्मू मंचासीन हुए। वार्ता के दौरान ओलचिकी लिपि की जरूरत ,उत्पत्ति और विकास पर दृष्टि डालते हुए गुरु गोमके पंडित रघुनाथ मुर्मू के योगदान की चर्चा की गई। वार्ता का सफल संचालन करते हुए रविंद्रनाथ मुर्मू ने कहा कि पंडित रघुनाथ मुर्मू ने साहित्य की लगभग हर विधाओं में अपनी रचनाओं के माध्यम से न सिर्फ संथाली जीवन के हर सांस्कृतिक, दैनिक जीवन को छुआ बल्कि उनका हिस्सा बन गई।

पांचवें सत्र में कुडुख भाषा के संरक्षण और विकास में लगे तथा पेशे से चिकित्सक डॉ नारायण उरांव ने विचार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्कृति तभी बचेगी, जब भाषा बचेगी। भाषा तभी बचेगी, जब स्कूलों में भी मातृभाषा में पढ़ाई होगी। उन्होंने कुडुख भाषा और उसकी लिपि तोलोंग सिकि के इतिहास और विकास पर अपना विचार व्यक्त किया।

छठे सत्र में स्थानीय एवं देश भर में प्रतिष्ठित साहित्यकार जयनंदन के साथ अजय मेहताब ने वार्ता की। विषय था मजदूरों के शहर में साहित्य की पौध । जयनंदन ने कहा कि भले ही यह शहर मजदूरों का है, लेकिन उनकी परेशानियों और संवेदनाओं को शहर के साहित्यकारों ने शब्दों में उतारा है। उन्होंने स्वर्गीय कमल, गुरु वचन सिंह ,सी भास्कर राव ,निर्मला ठाकुर सहित कई साहित्यकारों के नाम का उल्लेख किया ,जिन्होंने शहर का नाम साहित्य के क्षेत्र में रोशन किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने विभिन्न भाषा और संस्कृतियों को समृद्ध करने में काफी सहयोग किया है। उन्होंने नाटय कर्मियों के लिए प्रेक्षागृह सस्ते दर में उपलब्ध नहीं होने पर चिंता व्यक्त की । उन्होंने अपनी चर्चित कहानियों एवं उपन्यासों की रचना प्रक्रिया पर भी जानकारी साझा की। सातवां एवं अंतिम सत्र में डॉ हिमांशु वाजपेयी एवं प्रज्ञा शर्मा ने दास्तान रानी लक्ष्मीबाई की बुलंद एवं रोचक अंदाज में जिसे दास्तानगो कहते हैं उसमें प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित लोगों ने काफी सराहा। देर शाम कस्तूरबा विद्यालय सहित विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

कार्यक्रमों के सफल संचालन में एसडीओ धालभूम श्री अर्नव मिश्रा, डीटीओ श्री धनंजय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री पंचानन उरांव, जिला शिक्षा अधीक्षक श्री आशीष पांडेय व अन्य पदाधिकारियों का योगदान रहा।पहले दिन का समापन स्थानीय साहित्यकारों की कवि गोष्ठी के साथ संपन्न हुआ।

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