सरायकेला, 09 जून: NEET-UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की घोर लापरवाही के खिलाफ मंगलवार को ‘मूलनिवासी संघ’ सरायकेला-खरसावां इकाई ने देश की महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संघ के पदाधिकारियों ने सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त (DC) के माध्यम से यह मांग पत्र भेजा, जिसमें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
सौंपे गए ज्ञापन में मूलनिवासी संघ ने कहा कि इस कथित पेपर लीक प्रकरण ने संपूर्ण देश को झकझोर कर रख दिया है। इसने देश के करोड़ों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और संवैधानिक समान अवसर की भावना पर गहरा आघात किया है।

मूलनिवासी संघ की प्रमुख मांगें:
- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच: NEET-UG 2026 पेपर लीक प्रकरण की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।
- NTA की समीक्षा और कार्रवाई: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय समीक्षा कर दोषी अधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
- डिजिटल सुरक्षा तंत्र: परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी व सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर ‘राष्ट्रीय परीक्षा सुरक्षा कानून’ बने।
- छात्रों को समान अवसर: पुनर्परीक्षा की तिथि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखकर घोषित की जाए और आर्थिक-मानसिक रूप से प्रभावित छात्रों को सहायता व परामर्श दिया जाए।
- शिक्षा माफियाओं पर नकेल: शिक्षा व्यवस्था में हावी निजी माफियाओं और भ्रष्ट तत्वों की विस्तृत जांच कर उन्हें कठोर दंड दिया जाए।

इस अवसर पर रहे मौजूद:
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से मूलनिवासी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सुग्रीव मुखी, जिला अध्यक्ष निर्दोष कुमार निराला, जिला उपाध्यक्ष रंजन कारूवा, जिला उपाध्यक्ष बुद्धेश्वर मुखी, संगठन सचिव सुदर्शन मुखी और आदित्यपुर वार्ड नंबर 17 की वार्ड पार्षद नीतू शर्मा सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
पदाधिकारियों ने एकजुट होकर कहा कि यदि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में इस तरह का भ्रष्टाचार होगा, तो देश के गरीब, मूलनिवासी और मेहनतकश वर्ग के बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। सामाजिक न्याय और युवाओं के हक के लिए यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
तीसरी धारा न्यूज










