एक नई सोच, एक नई धारा

कैरव गांधी अपहरण कांड: SIT की रडार पर ‘हाजीपुर गैंग’ और ‘प्रिंस खान गिरोह’, 10 करोड़ की फिरौती और इंटरनेशनल कनेक्शन की आहट

1002284326

जमशेदपुर: शहर के प्रतिष्ठित उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण ने पूरे झारखंड में सनसनी फैला दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए झारखंड पुलिस ने एसआईटी (SIT) का गठन किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में इस कांड के तार बिहार के कुख्यात हाजीपुर गैंग और धनबाद से दुबई तक फैले प्रिंस खान गिरोह से जुड़ते नजर आ रहे हैं।

1002284326

वारदात का तरीका: ‘पुलिस’ बनकर आए थे अपराधी

​जांच में खुलासा हुआ है कि अपहरणकर्ताओं ने बेहद शातिर और संगठित तरीके से साजिश रची थी। अपराधियों ने वारदात के लिए जिस सफेद स्कॉर्पियो का इस्तेमाल किया, उस पर ‘पुलिस’ का बोर्ड लगा था ताकि कोई शक न करे।

  • फर्जी नंबर प्लेट: गाड़ी पर लगा नंबर कोडरमा जिले की एक बोलेरो का पाया गया है।
  • सीसीटीवी फुटेज: अपराधियों की गाड़ी को कदमा-सोनारी लिंक रोड, कदमा टोल ब्रिज और चौका टोल ब्रिज पार करते देखा गया। एक फुटेज में गाड़ी एयरोड्रम की ओर 109 किमी/घंटा की रफ्तार से भागती दिखी है।

अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और फिरौती

​पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले में इंडोनेशिया के एक नंबर से आए फोन कॉल ने जांच की दिशा बदल दी है। माना जा रहा है कि स्थानीय अपराधियों ने बड़े गिरोहों के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया है। चर्चा है कि अपहरणकर्ताओं ने 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पुरानी यादें हुईं ताजा: 2005 का भालोटिया कांड

​जांचकर्ताओं का मानना है कि कैरव गांधी के अपहरण का तरीका साल 2005 में हुए कृष्णा भालोटिया अपहरण कांड से काफी मिलता-जुलता है। उस समय भी हाजीपुर के अरविंद गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस अब उसी पैटर्न पर बिहार और झारखंड के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

पहली गिरफ्तारी: ‘खट्टा बबलू’ पुलिस की गिरफ्त में

​एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेमको इलाके से ‘खट्टा बबलू’ नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस को संदेह है कि उसने ही अपराधियों के लिए इलाके की रेकी की थी। फिलहाल उसे गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है।

जांच के मुख्य बिंदु:

  • SIT का गठन: बिहार और झारखंड में कई जगहों पर एक साथ छापेमारी।
  • तकनीकी जांच: इंडोनेशियाई नंबर और सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल।
  • संदिग्ध गिरोह: हाजीपुर गैंग और प्रिंस खान नेटवर्क की भूमिका की जांच।

​शहर के लोग कैरव गांधी की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है ताकि पीड़ित की जान को कोई खतरा न हो।

error: Content is protected !!