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झारखंड निकाय चुनाव: खर्च की सीमा तय, मेयर के लिए 25 लाख और पार्षद के लिए 5 लाख तक की छूट

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रांची | शनिवार, 17 जनवरी 2026

रांची: झारखंड में बहुप्रतीक्षित नगर निकाय चुनाव (Municipal Elections 2026) को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आयोग ने उम्मीदवारों के लिए चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा (Expenditure Limit) निर्धारित कर दी है। यह सीमा जनसंख्या और निकाय के प्रकार के आधार पर तय की गई है।

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किसके लिए कितनी है खर्च की सीमा?

​निर्वाचन आयोग के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, उम्मीदवारों के खर्च का विवरण इस प्रकार है:

निकाय का प्रकारपदजनसंख्या/श्रेणीअधिकतम खर्च सीमा
नगर निगममेयर (Mayor)10 लाख से अधिक आबादी₹25,00,000
नगर निगमपार्षद (Ward Councilor)10 लाख से अधिक आबादी₹5,00,000
नगर निगममेयर (Mayor)10 लाख से कम आबादी₹15,00,000
नगर परिषदअध्यक्ष (President)1 लाख से अधिक आबादी₹10,00,000
नगर परिषदपार्षद (Ward Councilor)

नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी: सदस्यता हो सकती है रद्द

​आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को चुनाव समाप्त होने के 30 दिनों के भीतर अपने संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को खर्च का पूरा हिसाब देना अनिवार्य है।

  • अयोग्यता की चेतावनी: यदि कोई विजयी प्रत्याशी समय सीमा के भीतर खर्च का ब्यौरा नहीं देता है, तो न केवल उसकी सदस्यता रद्द कर दी जाएगी, बल्कि उसे अगले 3 साल के लिए चुनाव लड़ने से भी रोक दिया जाएगा।
  • अभिकर्ता की जिम्मेदारी: प्रत्याशी द्वारा नियुक्त ‘निर्वाचन अभिकर्ता’ (Election Agent) इस हिसाब-किताब के लिए जिम्मेदार होगा।

प्रचार सामग्री और विरूपण पर सख्त रुख

​प्रचार के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति के विरूपण को लेकर आयोग बेहद सख्त है:

  1. सरकारी भवन: किसी भी सरकारी भवन पर झंडा, बैनर या पोस्टर लगाने पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
  2. निजी भवन: यदि कोई प्रत्याशी किसी निजी मकान पर प्रचार सामग्री लगाना चाहता है, तो उसे उस भवन मालिक से लिखित सहमति पत्र लेना अनिवार्य होगा।
  3. डिजिटल निगरानी: चुनाव के दौरान सोशल मीडिया और डिजिटल प्रचार के खर्च को भी मुख्य खर्च में जोड़ा जाएगा।

संवाददाता, रांची ब्यूरो

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