एक नई सोच, एक नई धारा

जमशेदपुर कोर्ट का बड़ा कदम: बिल्डर शैलेश जैन समेत 7 आरोपियों के खिलाफ न्यायालय ने लिया संज्ञान, 17 जून को हाजिर होने का आदेश

IMG 20260531 122556

जमशेदपुर: जमशेदपुर के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) के न्यायालय ने एक गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सात आरोपियों के खिलाफ संज्ञान लिया है। माननीय न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई की तिथि 17 जून 2026 तय करते हुए सभी अभियुक्तों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश जारी किया है।IMG 20260531 122556

​यह पूरा मामला सोनारी नया लाइन की रहने वाली चंपा देवी की पैतृक संपत्ति पर जबरन कब्जा करने, फर्जी दस्तावेज बनाने और जातिसूचक गाली-गलौज व मारपीट से जुड़ा है।

क्या है पूरा मामला?

​शिकायतकर्ता चंपा देवी के अनुसार, अभियुक्त बिल्डर शैलेश जैन उर्फ शेरू, दर्शन जैन, बसंत अग्रवाल, योगेश सडेरा, दयाल सिंह, दीपक नाग एवं ललित कुमार सिन्हा ने मिलकर उनकी पैतृक संपत्ति को निशाना बनाया।

  • फर्जीवाड़ा और कब्जा: आरोप है कि इन अभियुक्तों ने पैतृक जमीन पर जबरन कब्जा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
  • मारपीट और जबरन हस्ताक्षर का प्रयास: जब चंपा देवी और उनके पति धनेश्वर सिंह ने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और जबरन कागजातों पर हस्ताक्षर करवाने का प्रयास किया।
  • जातिसूचक अपमान: पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और उन्हें जबरन मकान से बाहर निकाल दिया।b 1

प्रशासन से न्याय न मिलने पर ली न्यायालय की शरण

​पीड़ित परिवार ने इस घिनौने कृत्य के खिलाफ सबसे पहले प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगाई थी। चंपा देवी द्वारा दिनांक 26 फरवरी 2025 को सोनारी थाना में लिखित आवेदन देने के साथ-साथ माननीय उपायुक्त (DC), वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) और अनुसूचित जनजाति आयोग को भी लिखित शिकायत भेजी गई थी। परंतु, लंबे समय तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने के कारण अंततः पीड़िता ने 26 मार्च 2025 को न्यायालय में शिकायत वाद (Complaint Case) दाखिल की।a 2

अधिवक्ताओं ने पेश किए अकाट्य साक्ष्य

​न्यायालय के समक्ष शिकायतकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू एवं बबिता जैन ने पक्ष रखा। अधिवक्ताओं ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण गवाह (साक्षी) और दस्तावेजी सबूत अदालत के सामने प्रस्तुत किए।

अदालत का फैसला: अधिवक्ताओं की दलीलों और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला सही पाते हुए माननीय न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ संज्ञान (Cognizance) ले लिया है। अब इस मामले के सभी 7 अभियुक्तों को 17 जून 2026 को न्यायालय के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।

 

तीसरी धारा न्यूज रिपोर्ट

error: Content is protected !!