जमशेदपुर। नेचर संस्था द्वारा संचालित इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत भूगोल एवं इतिहास विषय की छात्राओं को रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को उद्योग, इतिहास, विरासत संरक्षण तथा टाटा समूह की सामाजिक एवं औद्योगिक यात्रा से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना था।
ऐतिहासिक और भौगोलिक पहलुओं का व्यावहारिक अध्ययन
भ्रमण के दौरान छात्राओं ने केंद्र में प्रदर्शित ऐतिहासिक दस्तावेजों, दुर्लभ चित्रों, मॉडल्स तथा अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्हें जमशेदपुर के विकास, टाटा स्टील की स्थापना, औद्योगिक विरासत तथा क्षेत्र के सामाजिक-सांस्कृतिक इतिहास के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। छात्राओं ने प्रदर्शनों के माध्यम से समझा कि किस प्रकार उद्योग, समाज और शहर का विकास एक-दूसरे से परस्पर जुड़ा हुआ है।

- भूगोल की छात्राएँ: नगरीय विकास, औद्योगिक भूगोल और संसाधन प्रबंधन से संबंधित व्यावहारिक पहलुओं का अध्ययन किया।
- इतिहास की छात्राएँ: औद्योगिक इतिहास, विरासत संरक्षण और ऐतिहासिक स्रोतों के महत्व को गहराई से समझा।
इस अवसर पर उपस्थित विशेषज्ञों ने छात्राओं के विभिन्न प्रश्नों का उत्तर दिया और उन्हें शोध व अध्ययन की नई संभावनाओं से भी अवगत कराया।
शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं: निदेशक कविता परमार
नेचर संस्था की निदेशक कविता परमार ने इस अवसर पर कहा:
”शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब छात्राएँ ऐतिहासिक अभिलेखों, औद्योगिक विरासत और विकास की वास्तविक प्रक्रियाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखती हैं, तब उनका ज्ञान अधिक गहरा और सार्थक बनता है। रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस का यह भ्रमण छात्राओं को इतिहास और भूगोल के व्यावहारिक पक्ष को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। हमें विश्वास है कि ऐसे अनुभव उनके अध्ययन, शोध और व्यक्तित्व विकास में सहायक होंगे।”
विश्लेषणात्मक क्षमता बढ़ाता है फील्ड विजिट: विनीता परमार
इंटर्नशिप कार्यक्रम की मेंटर विनीता परमार ने फील्ड विजिट के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
”फील्ड विजिट विद्यार्थियों के लिए सीखने की एक सशक्त प्रक्रिया है। कक्षा में पढ़े गए विषयों को जब छात्राएँ वास्तविक संदर्भों में देखती और समझती हैं, तो उनकी विश्लेषणात्मक क्षमता और जिज्ञासा दोनों का विकास होता है। यह अनुभव उनके शैक्षणिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा और उन्हें भविष्य में शोध तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।”
छात्राओं ने भी इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया। उनका कहना था कि पुस्तकों में पढ़ी गई ऐतिहासिक और भौगोलिक अवधारणाओं को प्रत्यक्ष रूप से देखने का यह पहला और शानदार अवसर था। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने इस बेहतरीन शैक्षणिक अनुभव के लिए नेचर संस्था तथा रूसी मोदी सेंटर फॉर एक्सीलेंस प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया।
– तीसरी धारा न्यूज












