जमशेदपुर / डेस्क:
पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं को गति देने और उन्हें समय पर धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह रेस नजर आ रहा है। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री राजीव रंजन की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला विकास, जिला योजना, ग्रामीण विकास शाखा, डीएमएफटी (DMFT), नीति आयोग और सांसद-विधायक मद से चल रही योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
आधारभूत संरचना और संवेदकों पर विशेष नजर
समीक्षा के दौरान पुल-पुलिया, पीसीसी सड़क, पहुंच पथ, पेयजल एवं जलापूर्ति योजना, कल्वर्ट निर्माण और सरकारी विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष व शौचालय निर्माण जैसी बुनियादी ढांचागत योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।
- विशेष मॉनिटरिंग के निर्देश: उपायुक्त ने अभियंताओं को निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि के बाद भी जो योजनाएं लंबित हैं, उनकी विशेष मॉनिटरिंग की जाए।
- लापरवाह संवेदकों पर होगी कार्रवाई: यदि किसी कार्य में संवेदक (ठेकेदार) की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी तकनीकी बाधा की स्थिति में तत्काल प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है।
नीति आयोग और डीएमएफटी योजनाओं पर फोकस
बैठक में नीति आयोग और डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड से संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं पर भी विस्तृत चर्चा हुई:
- मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र: नीति आयोग फंड से बन रहे मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति जानी गई। साथ ही जनजातीय क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण और डीएमएफटी मद से स्वीकृत अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। भूमि संबंधी विवादों को दूर करने के लिए अंचल कार्यालयों के साथ समन्वय बनाने को कहा गया है।
- रोजगार और शिक्षा: बैठक में साल पत्ता प्लेट एवं कप निर्माण इकाई, लाइब्रेरी सह रिसोर्स सेंटर तथा सरकारी विद्यालयों में रसोईघर निर्माण जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।

सांसद-विधायक निधि की योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश
सांसद एवं विधायक निधि से संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित निविदा (टेंडर) प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा कर काम शुरू कराया जाए। इसके साथ ही जो योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनका उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया ताकि विकास का लाभ आम जनता तक समय पर पहुंच सके।
बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) श्री नागेंद्र पासवान, जिला योजना पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी (विकास शाखा), एनआरईपी (NREP), विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण विभाग, जिला परिषद, और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग सहित संबंधित विभागों के सभी वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
तीसरी धारा न्यूज की रिपोर्ट।











