जमशेदपुर।
हुरलुंग क्षेत्र में तंग और संकरे रास्तों से होकर भारी वाहनों के शहर में प्रवेश करने के कारण स्थानीय निवासियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक संगठन ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवशक्ति) के संस्थापक पीयूष ठाकुर ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पीयूष ठाकुर ने बताया कि पिछले कई दिनों से हुरलुंग के रास्ते बड़े और भारी वाहन लगातार शहर के भीतर प्रवेश कर रहे हैं। चूंकि यह मार्ग काफी संकरा और आवासीय है, इसलिए यहाँ हर समय ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। तंग सड़क पर बड़े वाहनों के आने से छोटी गाड़ियों को निकलने की जगह नहीं मिलती, जिससे आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और पैदल चलने वाले राहगीरों को हो रही है, जिन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करनी पड़ती है।
संगठन ने प्रशासन के समक्ष रखीं ये मुख्य मांगें:
- नो-एंट्री लागू हो: हुरलुंग रोड पर भारी और बड़े वाहनों के प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।
- वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था: भारी वाहनों के आवागमन के लिए शहर के बाहर से कोई वैकल्पिक बाईपास मार्ग तय किया जाए।
- ट्रैफिक पुलिस की तैनाती: इस मार्ग पर नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस के जवानों की संख्या बढ़ाई जाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीयूष ठाकुर ने पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “हुरलुंग जैसे संकरे आवासीय मार्ग से बड़ी वाहनों का गुजरना खतरे से खाली नहीं है। अगर भविष्य में यहाँ कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? प्रशासन को किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार किए बिना पहले ही सख्त कदम उठाने चाहिए।” उन्होंने साफ किया कि युवशक्ति संगठन नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए हमेशा अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज











