जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित और सनसनीखेज हिमांशु हत्याकांड में जमशेदपुर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मामले में लंबे समय से फरार चल रहे डीडी बार के मालिक और भाजपा नेता नीरज सिंह को उनके बार मैनेजर के साथ राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी को हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने की दिशा में पुलिस का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर ला रही है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जाएगी।
मामूली विवाद से शुरू हुआ था खूनी खेल
यह पूरी वारदात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार में हुए एक मामूली विवाद से शुरू हुई थी, जिसने बाद में खूनी अंजाम ले लिया। जानकारी के अनुसार, बार के भीतर विवाद बढ़ने के बाद हिमांशु को बाहर लाया गया था। इसी दौरान अपराधियों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस जघन्य अपराध ने न केवल पूरे शहर को दहला दिया था, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
घटना के तुरंत बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अपराधियों के साथ-साथ बार मालिक नीरज सिंह और मैनेजर के खिलाफ साजिश रचने सहित कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की थी।
लगातार लोकेशन बदल रहे थे आरोपी
शुरुआती जांच में तेजी दिखाते हुए पुलिस इस मामले में अब तक पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल नीरज सिंह और बार मैनेजर लगातार पुलिस को चकमा दे रहे थे। पुलिस की टीमें उनकी तलाश में कई राज्यों में छापेमारी कर रही थीं, लेकिन वे बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। अंततः जमशेदपुर पुलिस ने तकनीकी और खुफिया इनपुट्स के आधार पर दोनों का सुराग राजस्थान में लगाया और एक विशेष टीम भेजकर उन्हें दबोच लिया।
नाइटलाइफ स्थलों की सुरक्षा पर उठे सवाल
भाजपा नेता और एक प्रतिष्ठित बार के मालिक होने के कारण नीरज सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से और तूल पकड़ लिया है। इस घटना ने शहर के नाइटलाइफ स्थलों और बार प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है। पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच करेगी कि क्या बार के भीतर ऐसी गतिविधियां चल रही थीं जो हिंसक घटनाओं को बढ़ावा देती हैं।
मुख्य आरोपी अब भी फरार, बड़े खुलासों की उम्मीद
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नीरज सिंह और बार मैनेजर की गिरफ्तारी से इस केस के कई अनसुलझे रहस्य सामने आएंगे। हालांकि, वारदात को अंजाम देने वाला मुख्य शूटर/आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस को उम्मीद है कि राजस्थान से लाए जा रहे दोनों आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर मुख्य आरोपी को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हिमांशु के पीड़ित परिवार के लिए, जो लंबे समय से न्याय की आस में बैठा था, यह गिरफ्तारी उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है। जमशेदपुर पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि अपराध में संलिप्त व्यक्ति चाहे कितना भी प्रभावशाली या राजनीतिक रसूख वाला क्यों न हो, वह कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।
– तीसरी धारा न्यूज डेस्क, जमशेदपुर।











