एक नई सोच, एक नई धारा

रेलवे दे रहा काशी, पुरी और गंगासागर घूमने का मौका,10 दिन का पैकेज मात्र इतने में

देश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. यही वजह है कि इंडियन रेलवे केटरिंग एण्ड टूरिज्म कार्पोरेशन लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित पर्यटन स्थलों के साथ-साथ धार्मिक स्थलों के भी भ्रमण के टूर पैकेज का संचालन करता रहता है.

इसी कड़ी में आईआरसीटीसी भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन से पुरी-गंगासागर यात्रा का संचालन करने जा रहा है.

इस टूर पैकेज के अन्तर्गत पुरी में जगन्नाथ मंदिर और कोणार्क सूर्य मन्दिर, गंगा सागर तीर्थ, कोलकाता में काली माता मंदिर, बैजनाथ में बैजनाथधाम बैजनाथधाम ज्योर्तिलिंग, गया में महाबोधि मंदिर और विष्णुपद मन्दिर, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर और कॉरीडोर के दर्शन हेतु यात्रा कराई जाएगी. भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन 16 मई, 2023 को इंदौर से रवाना होगी.

इस पैकेज के लिए प्रति व्यक्ति 17,600 रुपये खर्च करने होंगे. वहीं इस टूर पैकेज के तहत यात्रियों को 9 रात और 10 दिनों की यात्रा कराई जाएगी. इस स्पेशल ट्रेन में यात्री इंदौर, उज्जैन, रानी कमलापति, इटारसी, जबलपुर और कटनी स्टेशनों से बोर्डिंग/डिबोर्डिंग कर सकेंगे. इस पैकेज में आपको खाने-पीने की चिंता करने की जरूरत नहीं है.

टूर पैकेज की खास बातें
पैकेज का नाम- पूरी गंगासागर भव्य काशी यात्रा
डेस्टिनेशन कवर- जगन्नाथ पुरी, गंगासागर, बैद्यनाथ, वाराणसी और अयोध्या
कितने दिन का होगा टूर – 9 रात और 10 दिन
प्रस्थान करने की तारीख – 16 मई, 2023
बोर्डिंग/डिबोर्डिंग पॉइंट- इंदौर, उज्जैन, रानी कमलापति, इटारसी, जबलपुर और कटनी
मील प्लान- ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर
ट्रैवल मोड- भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन
क्लास- स्लीपर

इस दिन जारी होगा मैट्रिक-इंटर का रिजल्ट

झारखंड बोर्ड के रिजल्ट से जुड़ी एक बड़ी अपडेट सामने आ रही है. रिजल्ट का इंतजार अब खत्म होने वाला है. रविवार से कॉपियों की जांच शुरू हो गयी है.

ऐसा कहा जा रहा है कि मई महीने के अंतिम सप्ताह तक रिजल्ट आ जाएंगे. बताया जा रहा है कि दसवीं और 12वीं साइंस के परिणाम इस बार भी एक साथ जारी होगा जबकि, इंटर कॉमर्स और आर्ट्स का रिजल्ट बाद में आएगा. ऐसे में छात्रों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है.

मैट्रिक और इंटर के कॉपियों की जांच रविवार से शुरू

झारखंड में मैट्रिक और इंटर की कॉपियों की जांच रविवार से शुरू होगी. ऐसे में JAC बोर्ड की ओर से इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है. बताया जा रहा है कि इस बार के मूल्यांकन में राज्यभर में 19 जिलों में करीब 66 केंद्र बनाए गए है. इसमें भी मैट्रिक के मूल्यांकन के लिए 35 केंद्र और इंटर के लिए 31 केंद्र बनाए गए है. साथ ही सभी केंद्र के निदेशकों को पूरी तरह से निर्देश दे दिया गया है.

21 मई के बाद जारी होगा रिजल्ट

जानकारी हो कि रिजल्ट मई माह के अंत में जारी करने का प्लान बनाया गया है. पूर्व की तरह ही मैट्रिक और इंटर साइंस के परिणाम पहले आ जाएंगे. इसके बाद ही कॉमर्स और आर्ट्स के रिजल्ट आएंगे. कहा यह भी जा रहा है कि परीक्षा के परिणाम 21 मई के बाद ही प्रकाशित होंगे. छात्र कई दिनों से रिजल्ट का इंतजार कर रहे है. 12वीं और स्नातक में नामांकन के लिए छात्रों ने आवेदन जरूर कर दिया है लेकिन, उनका नामांकन उनके परीक्षा परिणाम पर ही निर्भर करता है.

रिजल्ट देखने का DIRECT LINK

आधिकारिक वेबसाईट पर देख सकेंगे अपना रिजल्ट

रिजल्ट का बेसब्री के इंतजार करने वाले छात्र अपना रिजल्ट झारखंड एकेडमिक काउंसिल के आधिकारिक वेबसाईट पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे. चूंकि, राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री दिवंगत जगरनाथ महतो का आकस्मिक निधन हो गया इसलिए इस बार रिजल्ट किसके द्वारा जारी किया जाएगा इसपर अभी संशय बरकरार है. साथ ही परीक्षा परिणाम की तारीख पर भी अभी सिर्फ अंदेशा ही लगाया जा रहा है. लेकिन इतना तय है कि छात्रों का इंतजार अब ज्यादा दिन का नहीं रहा है.

सत्यपाल मलिक पर भड़के अमित शाह, बोले- गवर्नर रहते कहां गई थी अंतरात्मा

हाल ही में जम्मू कश्मीर को पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा की गई बयानबाजी पर आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार किया है.

अमित शाह ने कहा कि सत्यपाल मिलक जो कह रहे हैं, वो उन्होंने जम्मू-कश्मीर का गवर्नर रहते क्यों नहीं कहा. सत्ता में रहते उनकी अंतरात्मा क्यों नहीं जागी. दरअसल, एक मीडिया हाउस के प्रोग्राम में पहुंचे अमित शाह से जब सत्यपाल मलिक के पुलवामा अटैक वाले बयान को लेकर सवाल पूछे गए तो उन्होंने कहा कि बीजेपी से अलग होने पर ही सत्यपाल मलिक को ये सब बातें याद आ रही हैं. उस समय उन्होंने क्यों अपनी आत्मा की आवाज नहीं सुनी, जब वो सत्ता में बैठे थे. अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में ऐसा कुछ भी नहीं, जिसको छिपाने की जरूरत पड़े.

क्या है पूरा मामला

दरअसल, सत्यपाल मलिक ने हाल ही में एक यूट्यूब चैनल के साथ इंटरव्यू में जम्मू कश्मीर व पुलवामा हमले लेकर बड़े-बड़े आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा था कि पुलवामा अटैक केन्द्र सरकार की लापरवाही का नतीजा था. उन्होंने कहा कि सेना का इतना बड़ा कॉन्वॉय कभी सड़क मार्ग से नहीं गुजरता. इसलिए सीआरपीएफ ने गृह मंत्रालय ने हवाई जहाज की व्यवस्था करने को कहा था, लेकिन गृह मंत्रालय ने प्लेन उपलब्ध कराने से साफ इनकार कर दिया था. सत्यपाल मलिक ने कहा था कि क्योंकि सेना अर्द्ध सैनिक बलों का सीधा संबंध गृह मंत्रालय से होता है, इसलिए मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि अगर सीआरपीएफ ने उनसे हवाई जहाज मांगे होते तो वो कैसे भी करके उनको हवाई जहाज उपलब्ध कराते.

300 करोड़ रुपए के ऑफर पर सीबीआई करेगी पूछताछ

सत्यपाल मलिक ने कहा था कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर सरकार की लापरवाही होने की बात बताई थी, लेकिन उन्होंने मुझे चुप रहने के लिए बोल दिया. जिसके बाद एनएसए अजित डोभाल ने भी उनको फोन करके इस मामले में चुप रहने को कहा था. उन्होंने यह भी कहा था कि जम्मू-कश्मीर का गवर्नर रहते हुए उनको दो मामलों में 300 करोड़ रुपए का ऑफर भी दिया गया था. वहीं, सीबीआई ने अब सत्यपाल मलिक को तलब किया है. माना जा रहा है कि सीबीआई 300 करोड़ रुपए के मामले में उनसे पूछताछ कर सकती है.

320 फीट ऊंचे पहाड़ पर बरिया के पेड़ के नीचे निकली थी भगवान परशुराम की प्रतिमा

दमोह जिले में एकमात्र भगवान परशुराम का मंदिर दमोह की परशुराम टेकरी पर है। यहां भगवान परशुराम मंदिर आने वाले भक्तों की संतान प्राप्ति की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

भगवान की प्रतिमा 320 फीट ऊंचे पहाड़ पर बरिया के पेड़ के नीचे खुदाई के दौरान सपना देकर निकली थी। भगवान ने बैजनाथ श्रीवास्तव किशुनगंज वाले दादा को 12 साल लगातार स्वपन दिया था। जिसके बाद उन्होंने अपने साथी तुलसीराम से इस बारे में चर्चा की और जब पॉलिटेक्निक कॉलेज के बाजू से बने इस पहाड़ पर खुदाई की और बरिया के पेड़ को हटाया तो वहां भगवान परशुराम की अद्भुत प्रतिमा निकली। तभी से यह स्थान परशुराम टेकरी के नाम से पहचाना जाने लगा। जहां दमोह जिले के अलावा कई जिलों से श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर आते हैं।

मंदिर निर्माण रुकवाने से हुआ था विवाद

मंदिर के पुजारी पंडित कृष्ण कुमार गर्ग ने बताया कि साल 1981 में बैजनाथ श्रीवास्तव के द्वारा इस पहाड़ पर खुदाई करवाई थी और बरिया के पेड़ के नीचे भगवान परशुराम की प्रतिमा निकली थी। 12 साल तक लगातार भगवान परशुराम उन्हें स्वप्न देते रहे इसके बाद जब उन्होंने खुदाई करवाई तब यह प्रतिमा बाहर निकली। इसके बाद यहां पूजन अर्चन शुरू हुआ और 1 साल के बाद 1982 में मंदिर निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। चूंकि यह पूरी जगह वन विभाग के अंतर्गत आती है इसलिए उस समय तत्कालीन डीएफओ अली साहब के द्वारा मंदिर निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया। जैसे ही लोगों को इस बात की जानकारी लगी की वन विभाग के अधिकारी ने मंदिर का निर्माण कार्य रुकवा दिया है तो यहां विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और काफी विवाद के हालात बन गए। उस दौरान तत्कालीन कलेक्टर ने इस विवाद को शांत करवाया और 48 घंटे के अंदर यहां मंदिर निर्माण कार्य शुरू करवाया और लाइट की व्यवस्था करवाई।श्री गर्ग बताते हैं कि भगवान परशुराम ने सपने में दादा बैजनाथ श्रीवास्तव को यह भी बताया था कि आपके यहां तो कोई संतान नहीं होगी, लेकिन इसके बाद जो भी व्यक्ति अपनी संतान की मनोकामना लेकर मंदिर आएगा उसकी झोली जरूर भर जाएगी और आज यहां से कोई भी मां खाली हाथ नहीं लौटी। मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष रूप से भगवान का पूजन करने के लिए लोग आते हैं और अपनी मनोकामना भगवान परशुराम से मांगते हैं। सैकड़ों लोगों के यहां संतान की प्राप्ति हुई है इस बात का दावा भी मंदिर के पुजारी गर्ग करते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में भगवान परशुराम का कहीं भी दूसरा मंदिर नहीं है केवल दमोह में पॉलिटेक्निक कॉलेज के बाजू से जमीन से 320 फीट की ऊंचाई पर पहाड़ पर यह मंदिर है जिसे परशुराम टेकरी के नाम से जाना जाता है।

अक्षय तृतीया के दिन निकली थी प्रतिमा

श्री गर्ग ने बताया कि अप्रैल महीने में अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मनाया जाता है उसी दिन यह प्रतिमा बरिया के पेड़ के नीचे से खुदाई के दौरान मिली थी। यहां हजारों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग भगवान परशुराम का पूजन करने अक्षय तृतीया के दिन आते हैं। पहले यह पूरा क्षेत्र जंगली एरिया हुआ करता था इसलिए लोग बहुत कम ही मंदिर तक आ पाते थे, लेकिन धीरे-धीरे विकास कार्य हुआ और दमोह शहर का विकास आगे बढ़ा और आज स्थिति यह है कि यह मंदिर शहर के बीचो-बीच स्थित है। जंगल तो अब यहां कहीं नहीं दिखाई देते चारों ओर वन विभाग की भूमि जरूर पड़ी हुई है जहां लोग अपना निवास बनाकर रह रहे हैं। आज भगवान परशुराम का जन्म उत्सव मंदिर में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाएगा क्योंकि जिले में एकमात्र मंदिर होने की वजह से हजारों की संख्या में यहां पर समाज के लोग हवन, पूजन करने आते हैं और इसके बाद एक भव्य शोभायात्रा पूरे शहर में निकाली जाती है।

गोलमुरी में बंद पड़ी कंपनी की दीवार के नीचे दबकर 1 व्यक्ति की मौत

बड़ी खबर जमशेदपुर से जहांगोलमुरी थाना अंतर्गत बंद पड़ी आईबीपी कंपनी की दीवार अचानक एक शख्स पर गिर गई. दीवार गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी.

सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को दीवार के नीचे से निकालने के प्रयास में जुट गई है. मृतक की पहचान नहीं हो सकी है. घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ महिला बंद पड़ी कंपनी आईबीपी के पास लकड़ी चुनने गई थी. तभी उनकी नजर शव पर पड़ी, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

पौधरोपण कर आधुनिक पावर ने मनाया पृथ्वी दिवस

पॉलिथीन नकारें, और अधिक पौधे लगाकर पेड़ बनने तक उसकी सेवा करें: अरुण मिश्रा

पदमपुर स्थित बिजली बनाने वाली कंपनी आधुनिक पावर एंड नेचुरल रिसोर्सेज लिमिटेड (एपीएनआरएल) के कर्मचारियों और अधिकारीयों ने पौधे रोपकर 53वां पृथ्वी दिवस मनाया। शनिवार को कंपनी परिसर में महादेव उद्यान में पौधे लगाकर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी और दायित्व का निर्वहन किया।

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मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एपीएनआरएल कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अरुण कुमार मिश्रा ने कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण पर चिंतन एक गंभीर विषय है। उन्होंने कहा की पॉलीथिन के उपयोग को नकारें और अन्य लोगों को भी इसके इस्तेमाल न करने के लिए प्रेरित करें। श्री मिश्रा ने कहा कि पौधे जरूर लगाएं परन्तु उसके वृक्ष बनने तक पौधे की सेवा भी करते रहें। पर्यावरण विभाग के कमलेश कुमार ने अथितियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी एमएन सिंह, राजेश कुमार शर्मा, अजय बांगड़े, अमल बैद्या, संजीत सिन्हा एवं बिराज कुमार ने भी पौधरोपण किया। रवि शर्मा और कालीपदो सरदार सहित पर्यावरण विभाग के सभी कर्मचारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सराहनीय सहयोग किया।
गौरतलब है कि दुनियाभर के देश हर साल 22 अप्रैल को अर्थ डे या पृथ्वी दिवस मनाते हैं। पृथ्वी और इसके वातावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने के लिए पृथ्वी दिवस मनाया जाता है।

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शहर के तमाम मस्जिदों में ईद का नमाज पढ़ा गया और ईद की एक दूसरे को दी बधाई

जमशेदपुर शहर में धूमधाम से ईद का पर्व मनाया गया जहां 1 महीने के रोजा पावन महीना का समापन होने के बाद आज इन लोगों ने मनाया जहां सुबह-सुबह जमशेदपुर शहर के तमाम मस्जिदों में ईद का नमाज पढ़ा गया जिसके बाद सभी ने ईद की एक दूसरे को बधाई दी,

तो वही लोगों ने एक दूसरे से गले मिला कर भाईचारा का संदेश दिया इतना ही नहीं क्या बच्चे क्या बड़े सभी लोग ईद के पर्व में सुबह मस्जिद में नमाज पढ़ा और उसके बाद एक दूसरे को ईद की शुभकामनाएं दी वही ईद पर्व को लेकर शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, वही मुस्लिम भाइयों ने कहा कि 1 महीने का रोजा का समापन होने के बाद आज हम ईद मनाते हैं जहां ईद पर्व की सभी को बधाई देते हैं साथ ही साथ आज हमारे घरों में सेवई खाने हमारे तमाम धर्म के लोग आते हैं और हम उनके साथ सेवई खाकर ईद पर्व धूमधाम से मनाते हैं शहर शांत रहे और हम सब धर्म के लोग एक होकर शांति का संदेश देते हैं ।

इस अक्षय तृतीया की पूजा में इन बातों का ध्यान रखने से घर में होगी धन वर्षा

शास्त्रों में ऐसा वर्णित है कि इसी तिथि पर द्वापर युग की समाप्ति हुई थी. सतयुग, त्रेता और द्वापर तीनो युगों में भगवान विष्णु ने अवतार लिया. अक्षय तृतीय के दिन भगवान विष्णु की उनकी पत्नी लक्ष्मी के साथ पूजा की जाती है. सभी देवी देवताओं की पूजा के अलग- अलग नियम हैं. अगर आपको इन नियमों की जानकारी होगी तो आपके द्वारा की जाने वाली पूजा और भी अधिक फलदायी होगी. इन छोटे मगर महत्त्वपूर्ण नियमों के बारे में जानें.

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किसी भी पूजा की शुरुआत गणेश पूजा के साथ होती हैं. गणेश भगवान को कभी भी तुलसी अर्पित न करें. इसके पीछे की कथा ये है कि तुलसी के कारण एक बार भगवान गणेश के तप में विघ्न पड़ा था. इस कारण वह देवी तुलसी से नाराज हो गए थे. इसलिए आज भी उनकी पूजा में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता. अपने घर के मंदिर में एक साथ गणेश जी की तीन मूर्तियां ना रखें. इसे बहुत ही अशुभ माना जाता है.

भगवान विष्णु की पूजा के समय ध्यान रखें कि उनको अक्षत यानि चावल का टीका ना लगाएं . अगर आप लगाना भी चाहते हैं तो चावल को हल्दी या चन्दन में मिलाकर पीला कर लें. पीला रंग भगवान विंष्णु को बहुत पसंद है. माता लक्ष्मी को कुमकुम मिलाकर अक्षत का टीका लगा सकते हैं.

भगवान विष्णु को शंख अति प्रिय है. शंख को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है. इसलिए पूजा घर में एक से ज्यादा शंख ना रखें. पूजा के समय शंख को पूरा आदर दें और इसको खाली जमीन पर ना रखें.

पूजा में बैठने से पहले अपना आसन तैयार कर लें. बिना आसन के पूजा करने पर पूजा अधूरी मानी जाती है. पूजा के समय हमारे पैर सीधे धरती को ना छुएं. इसलिए पूरा और स्वच्छ आसन बिछाकर ही भगवान विष्णु की पूजा की शुरुआत करें.

भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती अवश्य गाएं और दोनों हाथों से आरती करें. एक हाथ से कभी भी आरती नहीं लेनी चाहिए.

भगवान सत्यनारायण की पूजा में पंचामृत अवश्य बनाएं. किन्तु पंचामृत कभी भी एक हाथ से नहीं लेना चाहिए. पंचामृत की एक भी बूंद धरती पर नहीं गिरनी चाहिए. पंचामृत पीने के बाद हाथों को अपनी आंखों मलें.

ध्यान रखें कि पूजा के दौरान दरवाजे पर जूते चप्पल ना फैले हों. दरवाजे पर स्वच्छता हो इस बात का विशेष ध्यान रखें. माता लक्ष्मी फटे-पुराने वस्त्रों और टूटे जूते चपल्लों को घर में रखने से रुष्ट हो जाती है.

परिवार में सूतक हो तो लक्ष्मी पूजा के लिए चौकी ना लगाएं. महिलाओं को मासिक धर्म चल रहा हो तो उन्हें भी अक्षय तृतीय की पूजा नहीं करनी चाहिए.

बर्मामाइंस के युवक का डैम में डूबने से मौत

जमशेदपुर से सटे सरायकेला खरसावां गम्हरिया थाना अंतर्गत जिलिंगगोड़ा डैम में डूबने से बर्मामाइंस कैरेज कॉलोनी निवासी बी बंशी (18) की मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर गम्हारिया पुलिस मौके पर पहुंची और दो घंटे की मेहनत के बाद स्थानीय गोताखोरों की मदद से बंशी के शव को नदी से बाहर निकाला। शव को पोस्टमार्टम के लिए सरायकेला सदर अस्पताल भेजा गया है। मिली जानकारी अनुसार बंशी अपने दोस्तों के साथ डैम में नहाने गया था। नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया। उसके साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया पर उसे नही बचा पाए।

अदने से कार्यकर्ताओं का पत्र, भाजपा के दिग्गज नेता के नाम

प्रिय नेताजी,

शायद आपको इस बात का अंदाज़ा हो कि आपकी चुप्पी शायद ही कभी इतनी प्रभावी रही हो जितनी आज है। हमसे ज्यादा तिलमिलाए हुए आपके ही समर्थक हैं, जो चाहकर भी असमंजस में है और कई दशक के सबसे बड़े हिन्दू एकत्रीकरण का हिस्सा नहीं बन पा रहें।

आपकी घृणित राजनीति तो जगजाहिर है। मात्र एक मंडल अध्यक्ष के पद पर होने के बावजूद आपको जिन पश्चिमी विधानसभा जमशेदपुर के विधायक ने प्रखर हिंदूवादी नेता का टिकट काट कर आपको भाजपा का टिकट दिलवाया, अपने उन्हीं का टिकट काट दिया 2005 में। उनकी राजनीतिक पारी को ही समाप्त कर रख दिया। आपके विश्वासघात का ऐसा असर उनपर पड़ा कि चुनाव के कुछ महीनों के भीतर उनकी हृदयगति रुकने के कारण मृत्यु हो गयी।

जमशेदपुर के सबसे प्रखर युवा नेता जब टिकट की दौड़ में शामिल हुए और लगभग टिकट फाइनल हुआ तब आडवाणी जी के आदेश पर भी पार्टी का उत्थान न देखकर व्यक्तिगत दुश्मनी निभाते हुए अपने तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष होने का फायदा उठाकर आपने युवा नेता का टिकट काट बिहार से एक नेता को इम्पोर्ट किया और उन्हें जमशेदपुर की राजनीति का हिस्सा बना गए।
साथ ही पार्टी हित में कार्यरत, पर आपके हितों के विरोध में कार्य करने वाले 57 नेताओं को अपने पार्टी से निष्काषित कर, कारण बताओ नोटिस थमा दिया।

आपको 5 साल मुख्यमंत्री रहने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पहला और इकलौता मुख्यमंत्री जिसे पूरे 5 साल तक राज्य की काया पलटने का मौका मिला। अपने मौके को ऐसे भुनाया की कंबल तो कंबल, बच्चों के टॉफ़ी को भी घोटाला कर चूस गए। अर्जुन को बनवास में भेज शकुनि बन भाजपा का ऐसा हाल किया कि भाजपा वहां भी हार गई जहां पिछले 40 सालों से झंडा बुलंद था।

कोल्हान साफ – झारखंड हाफ।

2019 के चुनाव में अपने एक बार फिर अपने ही द्वारा इम्पोर्टेड नेता को जो आपके भ्रष्ट एवम दोगली नीति का पुरजोर विरोधी हो चुका था उसे बाहर का रास्ता दिखाने का कुटिल प्रयास किया। ऐसा प्रयास की भाजपा को ही कमज़ोर करने के लिए उसे हटाकर पश्चिमी से एक ऐसा डमी उम्मीदवार खड़ा किया गया जिसे शायद 45 साल से नीचे का 10% आबादी भी न जानता हो। हुआ वही जो आप चाहते थे, डमी हार गए।

वहीं जनता आपकी और अस्वस्थ्य मंत्री के गठजोड़ को जान चुकी थी। पर समय ने करवट ली। आपको कभी आपके ही लाये हुए प्यादे न चाणक्य की भांति लपेट कर पटक दिया।
2005 में आपके द्वारा निष्काषित नेताओं ने फिर से पार्टी में वापसी तब की जब आप अपनी ज़मीन तलाश रहे थे। आप के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ाया, आपको सम्मान दिया। पर आप भी आदिल खान निकले, चले शिवाजी को धोखे से खंजर घोपने।

जो भी हो, आज आपकी वजह से, सिर्फ और सिर्फ आपकी वजह से हिन्दू एकजुट नहीं हो पा रहा है। सालों के विरोध के बाद कई युवा एक साथ हिंदूवादी भाजपा के झंडे तले एक होकर कार्य कर रहे थे। आपकी घृणित राजनीति ने दूध में नींबू निचोड़ दिया।

आज आपको हम बेताल दिख रहे हैं और आप आम जनता को जयचंद। आपके होनहार समर्थक लॉलीपाप चूस कर बैठे हैं। आपके समर्थन में एक शब्द नहीं निकल रहा। यही है आपका आईना।
हो सकता है ये लड़ाई भी आप जीत जाएं, पर इस राजनीति के महाभारत में जब आपकी जंघा टूटी होगी और आप मृत्यु के लिए बिलबिला रहे होंगे। तब गंगाजल डालने वाले शायद सब अपने अपने घोसलों की तरफ बढ़ चुके होंगे।
खैर, आपकी घृणित राजनीति आपको मुबारक। इस धर्मयुद्ध में दुर्योधन दुशाशन की आवश्यकता भी नहीं है।

✒️भाजपा के अदने से कार्यकर्तागण

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