झारखंड में अप्रैल महीने में ही लोग गर्मी से त्रस्त हो रहे है. अधिकतर जिलों का पारा 40 डिग्री के पार जा रहा है. राजधानी रांची समेत करीब 19 जिलों में गर्मी हर रिकार्ड को तोड़ती नजर आ रही है.राज्य के सभी जिलों में गुरुवार को भी लू चलने की संभावना जतायी जा रही है. वहीं, शुक्रवार से मौसम बदलने का पूर्वानुमान है. कई जिलों में गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है.
बुधवार को तप रहा था झारखंड
बुधवार को भी अधिसंख्य जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेसि से भी अधिक रहा. राजधानी रांची का अधिकतम तापमान भी 40 डिग्री सेसि रहा, जबकि जमशेदपुर का 44.1 तथा डालटनगंज का अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेसि रिकॉर्ड किया गया. हजारीबाग, लोहरदगा और लातेहार जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेसि से नीचे रिकार्ड किया गया है. मौसम केंद्र के अनुसार, 21 से 24 अप्रैल तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. तेज हवा भी चल सकती है.
21 अप्रैल से 24 अप्रैल तक बारिश की संभावना
ऐसे में राज्यवासियों के लिए यह बड़ी राहत साबित हो सकती है. बता दें कि मौसम केंद्र की ओर से यह जानकारी साझा की गयी है कि राज्य के अधिकतर जिलों में हल्के और माध्यम दर्जे के मेघगर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम में परिवर्तन करीब 24 अप्रैल तक देखा जाने वाला है. पूर्वानुमान में पहले 19 अप्रैल को भि बारिश की संभावना जतायी गयी थी. हालांकि, आज का मौसम भी गर्म ही रहने वाला है इसलिए राज्यवासी नीचे लिखे हुए सलाह का पालन करते हुए ही घर से बाहर निकले.
लू से बचने के उपाय
घर से निकलने से पहले उचित मात्रा में पानी जरूर पिए.
जब भी घर से बाहर निकले, अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें.
धूप में निकलने से बचे. जरूरत पर सूती कपड़े से चेहरा ढककर ही बाहर निकलें.
पानी वाले फलों का सेवन जरूर करें.
हल्के रंग के कपड़े पहनकर ही बाहर निकलने को प्राथमिकता दें.
कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है. लगातार मामले में इजाफा हो रहा है. इसके अलावा मौत के मामले भी बढ़ रहे हैं. इस बीच देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस के 12591 नए मामले दर्ज किए गए हैं, जोकि इस साल के सबसे अधिक केस हैं.
वहीं, 29 मरीजों की मौत हुई है. हैरान करने वाली बात ये है कि बीते दिन के मुकाबले संक्रमण 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गया है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस समय डेली पॉजिटिविटी रेट 5.46 फीसदी है, जबकि साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 5.32 फीसदी है. देश में इस समय सक्रिय मामले 65,286 है और सक्रिय दर 0.15 फीसदी है. वहीं, ठीक होने की दर मौजूदा समय में 98.67 फीसदी है और पिछले 24 घंटों में 10,827 लोग ठीक हुए हैं. कुल ठीक होने वालों की संख्या बढ़कर 4,42,61,476 हो गई है.
पिछले 24 घंटों में सिर्फ 574 लोगों ने लगवाया कोरोना वैक्सीन का डोज
कोरोना के केस बढ़ने के साथ टेस्टिंग की गति भी बढ़ गई है. पिछले 24 घंटों में 2,30,419 लोगों ने टेस्ट करवाया है. अब तक कुल 92.48 करोड़ कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए हैं. इसके अलावा वैक्सीनेशन अभियान के तहत पिछले 24 घंटों में सिर्फ 574 लोगों को वैक्सीन लगाई गई है. अबतक वैक्सीन की कुल 220.66 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं.
कोरोना का पीक इन शहरों में आएगा पहले
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी कोरोना से हालात खराब होते जा रहे हैं. लोगों में दहशत बढ़ने लग गई है क्योंकि मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. बीते दिन दिल्ली में कोविड से 6 लोगों की जान चली गई है, जबिक 1,767 नए मामले दर्ज किए गए हैं. मंगलवार की तुलना में केस 15 फीसदी ज्यादा रिपोर्ट किए गए. फिलहास पॉजिटिविटी रेट 28.63 फीसदी है. महामारी के प्रकोप के बाद पहली बार 16 जनवरी को दिल्ली में कोरोना के मामलों की संख्या जीरो हो गई थी.
डॉक्टरों की सलाह, जरूर लें वैक्सीन का बूस्टर शॉट
डॉक्टरों का कहना है कि ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट XBB.1.16 की वजह से मामले तेजी से बढ़ रहे हैं क्योंकि ये वैरिएंट तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है. हालांकि, उनका कहना है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. लोग घरों से बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें और उनको कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की जरूरत है. इसके अलावा डॉक्टरों ने बूस्टर शॉट्स लेने की भी सलाह दी है.
ग्रहण का मोक्ष यानी पूरा समय होने के बाद मकान, दुकान, प्रतिष्ठान की साफ सफाई कर अच्छे से धुलाई करें.संभव हो तो पूरे घर को नमक के पानी से धोएं. इसके बाद खुद भी स्नान कर देवी देवताओं को स्नान कराएं. इसके बाद खाद्य पदार्थों पर गंगाजल छिड़क कर उनको शुद्ध करें. ग्रहण के प्रभाव सभी तरह के ग्रहण यानि सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पर लागू होते हैं. ग्रहण के बाद खुद भी स्नान करें और देवी-देवताओं को भी स्नान कराएं. खाने की चीजों पर गंगाजल छिड़क कर उन्हें शुद्ध करें और उसके बाद ही ग्रहण करें.
सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखेगा
साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा यह कंबोडिया, चीन, अमेरिका, माइक्रोनेशिया, मलेशिया, फिजी, जापान, समोआ, सोलोमन, बरूनी, सिंगापुर, थाईलैंड, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, ताइवान, पापुआ न्यू गिनी, इंडोनेशिया, फिलीपींस, दक्षिण हिंद महासागर, दक्षिण प्रशांत सागर, और न्यूजीलैंड में आसानी से देखा जा सकेगा.
100 साल बाद एक ही दिन में 3 सूर्य ग्रहण
अप्रैल में लगने वाला सूर्य ग्रहण बहुत ही खास है. इसकी वजह यह है कि 19 साल बाद सूर्य ग्रहण मेष राशि में लगने जा रहा है. साथ ही ये सूर्य ग्रहण हाइब्रिड सूर्य ग्रहण होगा और तीन रूपों आंशिक, पूर्ण और कुंडलाकार तीनों रूपों में देखा जा सकेगा. ऐसा संयोग 100 साल बाद बन रहा है जब एक ही दिन में 3 तरह का सूर्य ग्रहण दिखेगा.
सूर्य ग्रहण में गर्भवती महिलाएं दें ध्यान
सूतक काल से ग्रहण काल के दौरान तक गर्भवती स्त्रियां चाकू, कैंची आदि किसी भी नुकीली चीज का इस्तेमाल न करें. न ही सिलाई-कढ़ाई करें.
सूर्य ग्रहण के दौरान वे घर से बाहर न निकलें. अपने पेट के हिस्से पर गेरू लगाएं. मान्यता है ऐसा न करने पर गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान हो सकता है.
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सब्जी काटने या फिर अन्य किसी यंत्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि ऐसा करने पर बच्चे में शारीरिक विकृति आती है.
सूर्य ग्रहण देखने के दौरान सावधानियां
नासा का कहना है कि सूर्य ग्रहण को बिना आंखों की सुरक्षा के देखने से आंखों को स्थायी नुकसान हो सकता है जिससे अंधापन भी हो सकता है. इसलिए, सूर्य ग्रहण (solar eclipse) को देखने के लिए, ब्लैक पॉलीमर, एल्युमिनाइज्ड माइलर, या शेड नंबर 14 के वेल्डिंग ग्लास जैसे उचित फिल्टर का उपयोग किया जा सकता है. इसके अलावा, आप टेलीस्कोप द्वारा व्हाइटबोर्ड पर सूर्य की छवि को प्रक्षेपित करके आसानी से सूर्य ग्रहण (Surya Grahan) देख सकते हैं.
भारत में सूर्य ग्रहण क्यों नहीं दिखेगा?
हाइब्रिड सूर्य ग्रहण या ‘वार्षिक रिंग ऑफ फायर’ ग्रहण भारतीय और प्रशांत महासागरों में केवल कुछ सेकंड के लिए ही देखा जा सकेगा. यह जमीन पर कहीं दिखाई नहीं देगा. कुल ग्रहण केवल तीन स्थानों में दिखाई देगा जिनमें एक्समाउथ, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, तिमोर लेस्ते और पश्चिम पापुआ शामिल हैं.
ग्रहण के दौरान न करें ये काम
ग्रहण काल के दौरान सोना भी निषिद्ध माना गया है इसलिए इस समय भूलकर भी नहीं सोना चाहिए. विशेष परिस्थितियों में या वृद्ध एवं बच्चों के लिए सोने का नियम मान्य नहीं है.
साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण भारत में कब दिखेगा?
साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण बहुत कम स्थानों से ही देखा जा सकेगा. ऑस्ट्रेलिया, पूर्व और दक्षिण एशिया, प्रशांत महासागर, अंटार्कटिका और हिंद महासागर में दिखेगा. इन जगहों से सूर्य में होने वाले पर्विरतन का देखा जा सकेगा. जबकि भारत में यह ग्रहण बिल्कुल भी नजर नहीं आयेगा.
हाइब्रिड सूर्य ग्रहण कैसे देखें?
2023 में कुल चार ग्रहण पड़ेंगे, जिनमें दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण शामिल हैं. सूर्य ग्रहण देखते समय, सुरक्षा सावधानी बरतना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे आंखों को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं और अंधेपन का कारण बन सकते हैं. नासा 14-शेडेड वेल्डिंग ग्लास, ब्लैक पॉलीमर या एल्युमिनाइज्ड माइलर जैसे उपयुक्त फिल्टर का उपयोग करने का सुझाव देता है. एक अन्य विकल्प दूरबीन के माध्यम से सूर्य को देखने के लिए एक टेलीस्कोप का उपयोग करना है.
महामृत्युंजय मंत्र का करें जाप
ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र या भगवान शिव के नाम का जाप करें. ग्रहण खत्म होने के बाद फिर से नहाना चाहिए. ग्रंथों के अनुसार ऐसा करना जरूरी है.
ग्रहण खत्म होने पर करें ये उपाय
ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें. ग्रहणकाल के बाद गंगाजल छिड़क कर घर का शुद्धिकरण कर लें. सूर्य ग्रहण के अगले दिन धनु संक्रांति है तो आप सूर्य से संबंधित कोई वस्तु दान करें. आप अगले दिन तांबा, गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र और तांबे की कोई वस्तु दान कर सकते हैं.
ग्रहण के दौरान रखें इन बातों का ध्यान
ग्रहण काल के दौरान, कई प्रकार की अशुद्ध और हानिकारक किरणें निकलती हैं. तो, कुछ कार्य हैं जिन्हें ग्रहण काल के दौरान किया जाना चाहिए
ग्रहण के दौरान बरतें ये सावधानियां
ग्रहण काल में खाना-पीना, शोर मचाना या किसी भी प्रकार का शुभ कार्य जैसे पूजा-पाठ आदि नहीं करना चाहिए. वहीं, सूतक लगने के बाद से ही गर्भवती स्त्रियों को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए. क्योंकि सूर्य से निकलने वाली पराबैगनी किरणें गर्भस्थ शिशु के लिए हानिकारक होती हैं.
सूर्य ग्रहण पर स्नान दान करने का है विशेष महत्व
सूर्य ग्रहण के दिन भी दान का बहुत महत्व होता है. शास्त्रों के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान किया गया दान राहु, केतु और शनि के गलत प्रभावों को भी सही करता है.
भारत पर क्या होगा असर?
20 अप्रैल को लगने वाला यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा जिस कारण से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. हालांकि इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव हर एक राशि के जातकों के जीवन पर अवश्य ही पड़ेगा.
जमशेदपुर : जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में हुए सांप्रदायिक बवाल के मामले में दर्ज एफआईआर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के 13 ऐसे पदाधिकारियों के नाम हैं. जिनको उनके संगठन का कहना है कि यह निर्दोष हैं. जांच कर एफआईआर से इनका नाम निकालने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को साकची में एसएसपी प्रभात कुमार से मिला. प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने बताया कि एसएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो लोग भी निर्दोष पाए जाएंगे उन का नाम एफआईआर से हटाया जाएगा. बजरंग दल के संयोजक दीपक ठाकुर ने बताया कि 9 अप्रैल को जिस दिन शास्त्री नगर में घटना हुई थी.
उस समय शाम को 6:00 से 6:30 के बीच विश्व हिंदू परिषद के दीपक वर्मा, सुभाष चटर्जी, उत्तम दास, प्रदीप सिंह, शंभू प्रमाणिक, सूरज राज खत्री और रोशन कुमार डीएसपी कमलकिशोर से बात करने कदमा थाने में गए थे. उसी समय डीएसपी के फोन पर काल आई कि शास्त्रीनगर में पथराव हो रहा है. इसके बाद डीएसपी वहां से चले गए और विहिप के लोग भी अपने घर चले गए. इसलिए यह लोग बेकसूर हैं. उन्होंने बताया कि इसी समय अजय गुप्ता, चंदन दास और डॉ भोला लोहार टेल्को में भारत माता पूजन कार्यक्रम में शाम 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक थे. इसलिए यह लोग बेकसूर हैं. विहिप के सोनारी के रहने वाले संजय सिंह अस्वस्थ थे और घर पर थे. इसलिए वह भी बेकसूर हैं. दीपक ठाकुर ने बताया कि जनार्दन पांडे, भीम यादव, चंदन चौबे, अनिरुद्ध गिरी, राजेश चौबे, शंकरराव और कन्हैया पांडे अपने निजी काम में व्यस्त थे और वह भी इस मामले में बेकसूर हैं. एसएसपी ने मामले में जांच करने का आश्वासन दिया है.
कोल्हान यूथ फाइटर्स ने झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन द्वारा 17 अप्रैल को प्रस्तावित रांची में सीएम के घेराव,18 अप्रैल को मशाल जुलूस एवं 19 अप्रैल को झारखंड बंद का समर्थन करने का निर्णय लिया है. कोल्हान यूथ फाइटर्स की रविवार को स्थानीय भारत भवन स्थित वन विश्रामागार में हुई एक बैठक में उक्त निर्णय लिया गया। निर्णय के अनुसार इसी कड़ी में 18 अप्रैल को शाम 6 बजे चक्रधरपुर में भी मशाल जुलूस निकाला जाएगा. मशाल जुलूस भगत सिंह चौक, पवन चौक,बाटा रोड, कपड़ा पट्टी, पोस्ट ऑफिस रोड होते हुए निकाला जायेगा जो पुनः पवन चौक पहुंच कर संपन्न होगा. साथ ही 19 अप्रैल को झारखंड बंद के दौरान विभिन्न छात्र संगठन पश्चिमी सिंहभूम बंद का समर्थन करेंगे। बैठक में मुख्य रूप से बसंत महतो, बासिल हेंब्रम, आकाश महतो, रवि महतो, हिमांशु महतो, सूरज कुमार हेंब्रम, रोहन महतो, बबलू सामड, सरोज महतो, तुलसी टोप्पो आदि भी उपस्थित थे।
गैंगस्टर अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ अहमद की प्रयागराज में मेडिकल के लिए ले जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई है। अतीक को गोली मारने वाले बदमाश मीडियाकर्मी बन कर आए थे। पुलिस ने तीनों हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है। गोली चलाने के बाद हमलावरों ने सरेंडर कर दिया। अतीक और अशरफ पुलिस की कस्टडी में थे। पुलिस टीम ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को लेकर आज कई जगहों पर छापेमारी की थी। प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास ये हमला तब हुआ, जब पुलिस टीम अतीक और अहमद को लेकर जा रही थी। इसी दौरान तीन हमलावर अचानक बीच में पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस पूरे हमले को बकायदा मीडिया और पुलिस के सामने अंजाम दिया गया है। दोनों पर जब फायरिंग हुई, पूरी वारदात कैमरे में भी कैद हुई है।
पुलिस टीम ने शहर के चकिया, कसारी मसारी और पीपल गांव इलाके में छापेमारी की थी। अतीक अहमद 2005 के बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड और इस साल फरवरी में हुए उमेश पाल हत्याकांड में भी आरोपी था। इससे पहले अतीक का बेटा असद अहमद 13 अप्रैल को झांसी में एक मुठभेड़ में मारा गया था, इसके साथ यूपी एसटीएफ ने शूटर गुलाम को भी मार गिराया था। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कसारी मसारी इलाके में दो पिस्टल और 58 कारतूस बरामद किए थे। इसके साथ ही एक पिस्टल विदेशी और एक इंडियन भी थी। बरामद हुए 58 कारतूस में पांच पाकिस्तानी हैं। कसारी मसारी इलाके में अतीक और अशरफ की निशानदेही पर ही ये हथियार बरामद हुए हैं।
रखंड में गर्मी का सितम शुरू हो चुका है. 24 जिले में जमशेदपुर का पारा सबसे अधिक दर्ज किया गया. जिले का पारा गर्मी के शुरू होते ही 40 के पार पहुंच चुका है.
लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है.वहीं, गर्मी के आते ही मिट्टी के घड़े, मिट्टी के बोतल मिट्टी के जग लोगों के बीच वरदान बन रहे हैं इसकी मांग भी बढ़ती नजर आ रही है. फ्रिज, वाटर कूलर, एसी के जमाने में भी लोगों का दिल मटके पर अटका हुआ दिख रहा है. यह तस्वीर जो आप देख रहे हैं, वह लौहनगरी जमशेदपुर शहर का है. महीने की शुरुआत में ही शहर का पारा 40 के पार पहुंचा, वहीं जमशेदपुर शहर के साकची बाजार मिट्टी के बर्तनों से सजा हुआ दिख रहा है. इस बार शहर के लोगों को मिट्टी का मॉडल घड़ा, मॉडल बोतल मॉडल जग खूब लुभा रहा है. क्या बच्चे क्या बड़े सभी लोग इसे खरीदने के लिए दुकानों में नजर आ रहे हैं.
मिट्टी के बर्तन की बढ़ी डिमांड
लोगों का कहना है कि कोरोना के बाद लोग ज्यादातर मिट्टी के घड़े का इस्तेमाल कर रहे हैं. स्कूल, कॉलेज, ऑफिस सभी जगह पर लोगों ने प्लास्टिक की बोतलों को दरकिनार कर मिट्टी के बोतलों का उपयोग कर रहे हैं. इस बार कुम्हार भी बोतलों में अलग-अलग पेंटिंग व डिजाइन बनाकर लोगों को खूब लुभा रहे हैं. मिट्टी के बर्तन में पानी रखना या उससे पीना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है.
गर्मी में बिक रहे मिट्टी के बर्तनों के दाम
1. मिट्टी का मॉडल घड़ा= 100, 150, 200 तक.
2. मिट्टी का मॉडल सुराई= 80, 100, 150 तक .
3. मिट्टी का मॉडल बोतल= 70, 100 तक .
4. मिट्टी का मॉडल जग= 60, 80 तक .
जमकर हो रही बिक्री से कुम्हार खुश
वहीं, गर्मी की तैयारी को लेकर कुम्हार परिवार 2 महीने पहले से इसे बनाने में जुटे हुए हैं. इस बार जमशेदपुर के बाजारों में कुम्हार द्वारा मॉडल घड़े, मॉडल बोतल मॉडल जग बनाए गए हैं, जो लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. अलग-अलग डिजाइन के घड़े में नल लगाया गया है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं. इतना ही नहीं स्कूल, कॉलेज ऑफिस जाने वाले लोग इस बार कलरफुल मिट्टी के बोतल भी जमकर खरीदा रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि गर्मी में इस बार अच्छी कमाई हो रही है हमारी मेहनत भी रंग लाई है. इस बार नए तरीके के मिट्टी के बोतल, घड़े जग की खूब खरीदारी हो रही है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिल रहा है.
मिट्टी के बर्तन खरीदारों की बनी पहली पसंद
वहीं, खरीदारों का कहना है कि जहां एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेक इन इंडिया को बढ़ावा दे रहे हैं, तो हम लोग भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर अपने शहर के कुम्हारों के हाथों से बने मिट्टी के बर्तन घड़े का इस्तेमाल कर इनके व्यापार को बढ़ावा दे रहे हैं. जहां ठंड पानी पीने की बात हो तो फ्रिज के पानी से तबीयत के साथ गला भी खराब होता है इस मिट्टी के बर्तन का पानी पीकर शरीर स्वस्थ रहता है. इसलिए हम हर साल अपने घर में मिट्टी के घड़े को ले जाकर अपने युवा पीढ़ी को इस पानी की अहमियत बताते हैं कि इलेक्ट्रॉनिक सामानों में रखे ठंडे पानी इस मिट्टी के घड़े में अमृत जैसा मीठा ठंडा पानी में क्या अंतर है.
झारखंड में कोरोना जांच बढ़ते ही बड़ी संख्या में संक्रमित मरीज मिलने लगे. पिछले 24 घंटे में 30 नए संक्रमित मिले हैं, जबकि 22 लोग कोरोना से ठीक हुए हैं. पिछले 24 घंटों में जैसे ही जांच की संख्या बढ़ी, 30 कोरोना पॉजिटिव मिल गए. सबसे अधिक 16 कोरोना संक्रमित रांची में मिले हैं जबकि जमशेदपुर में 07 नए संक्रमितों की पहचान हुई है. हजारीबाग में 01, कोडरमा में 01, लातेहार में 02, लोहरदगा में 01, रामगढ़ में 01 और पश्चिम सिंहभूम में 01 नया केस कोरोना का मिला है. वर्तमान में राज्य के 24 में से 15 ऐसे जिले हैं, जहां कोरोना के एक्टिव केस हैं. राहत की बात यह है कि इस दौरान 22 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक भी हुए हैं. राज्य में अभी कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 132 है.
झारखंड के 24 में से 15 जिलों में अभी कोरोना के एक्टिव केस हैं. सबसे ज्यादा 50 एक्टिव केस रांची में है. जमशेदपुर में 22, देवघर में 16, हजारीबाग में 08, लोहरदगा में 08, कोडरमा में 07, लातेहार में 06, रामगढ़ में 04, पश्चिम सिंहभूम में 03, खूंटी में 01, गढ़वा में 01, दुमका में 02, चतरा में 01, गुमला में 01 और बोकारो में 02 कोरोना के एक्टिव केस है.
पिछले 24 घंटों में इन जिलों में मिले नए संक्रमित:
झारखंड में पिछले 24 घंटें में 2810 कोरोना संदिग्धों के सैम्पल टेस्ट किए गए, जिसमें से 30 सैम्पल में कोरोना वायरस का संक्रमण मिला है. रांची में 14, लोहरदगा में 05, जमशेदपुर में 03 कोरोना संक्रमित ठीक भी हुए हैं. राज्य में कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच राहत वाली बात यह है कि कुछेक बुजुर्ग कोरोना संक्रमितों को छोड़कर बाकी का इलाज घर पर ही आइसोलेशन में चल रहा है.
राज्य में कोरोना के हर दिन नए केस मिलने की वजह से 7 डेज डबलिंग रेट और भी घटा है और यह 623212 दिन का रह गया है. राज्य में कोरोना का रिकवरी रेट भी 98.78% से घटकर 98.76% हो गया है और मोर्टेलिटी रेट 1.20% है. सरकारी आंकड़ें के अनुसार राज्य में अब तक 04 लाख 42 हजार 791 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिनमें से 04 लाख 37 हजार 327 लोग संक्रमण मुक्त हो गए हैं. अबतक 5332 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हुई है.
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने माफिया अतीक अहमद के बेटे के एनकाउंटर को लेकर यूपी के सीएम योगी पर तंज कसा है.
उन्होंने गुरुवार (13 अप्रैल) को कहा, “अजय बिष्ट का दूसरा नाम ‘मिस्टर ठोक दो’ था. इसलिए उनके राज में इस तरह की पूर्ण अराजकता, जंगल राज, एनकाउंटर किलिंग हो रही है और आगे भी जारी रहेगी.”
उन्होंने आगे कहा, “माननीय ठोक दो मुख्यमंत्री की हालिया एनकाउंटर किलिंग फिर से जंगल राज का जश्न मना रही हैं जिसे बीजेपी राम राज्य के रूप में पेश कर रही है.” उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गुरुवार को अतीक अहमद के बेटे और उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी असद को एनकाउंटर में मार गिराया. इस दौरान असद का साथी और हत्याकांड का अन्य आरोपी गुलाम भी मारा गया.
झांसी में एसटीएफ ने एनकाउंटर में मारा
इस मामले को लेकर यूपी के विशेष अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में वांछित असद अहमद और गुलाम पांच-पांच लाख रुपये के इनामी बदमाश थे. दोनों की झांसी में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई. मुठभेड़ में शामिल उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक नवेंदु कुमार और विमल कुमार सिंह ने किया.
सीएम योगी ने दी बधाई
उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए आरोपियों के पास से अत्याधुनिक विदेशी हथियार बरामद किए गए हैं. इनमें ब्रिटिश बुलडाग रिवॉल्वर तथा वाल्थर पिस्तौल शामिल है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने कार्रवाई में शामिल एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों को बधाई दी है. इस एनकाउंटर की कई नेताओं ने आलोचना करते हुए सवाल भी उठाया है.
विपक्षी नेताओं ने की आलोचना
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि झूठे मुठभेड़ करके बीजेपी सरकार सच्चे मुद्दों से ध्यान भटकाना चाह रही है. मुठभेड़ की भी गहन जांच-पड़ताल हो और दोषियों को नहीं छोड़ा जाए. वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि अतीक अहमद के बेटे व एक अन्य की आज पुलिस मुठभेड़ में हुई हत्या पर अनेकों प्रकार की चर्चायें गर्म हैं. लोगों को लगता है कि विकास दुबे कांड के दोहराए जाने की उनकी आशंका सच साबित हुई है. इसकी उच्च-स्तरीय जांच जरूरी है.
शराब नीति घोटाले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवालभी मुश्किलों में घिरते हुए नजर आ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने इस मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए बुलाया है.
इसी मामले पर पहले से ही दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तिहाड़ जेल में बंद है. उनसे सीबीआई और ईडी लगातार इस मामले में पूछताछ कर रही है. वहीं, अब दिल्ली के मुख्यमंत्री से भी इस मामले में सीबीआई कुछ अहम राज उगलवा सकती है. इसलिए मुख्यमंत्री को सीबीआई द्वारा समन भेजा गया है.
अत्याचार को होगा अंत: संजय सिंह
शराब घोटाले पर सीएम को पूछताछ के लिए बुलाने पर आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह इस मामले पर शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. साथ ही उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि अत्याचार का अंत जरूर होगा.
मुख्यमंत्री केजरीवाल को इसलिए भेजा गया समन
सूत्रों के अनुसार शराब घोटाले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप है कि आबकारी विभाग के एक ब्यूरोक्रेट ने घोटाले में पूछताछ के दौरान सीबीआई को बयान दिया कि सिसोदिया ने उन्हें केजरीवाल के घर बुलवाया था. उस दौरान वहां सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे. इस बैठक में मनीष सिसोदिया ने उन्हें मौखिक रूप से शराब कारोबारियों के लिए कमीशन बढ़ाने के लिए ड्राफ्ट तैयार करने को कहा था. सूत्रों का दावा है कि शराब नीति में हुए घोटाले से आए पैसों का इस्तेमाल आम आदमी पार्टी ने गोवा चुनाव में किया था.
सी बी आयी की पूछताछ के बाद गिरफ्तार हुए थे सिसोदिया
बता दें कि इसी साल के फरवरी महीने में सीबीआई ने दिल्ली के पूर्वउपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था. सीबीआई ने शराब घोटाले में आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.