एक नई सोच, एक नई धारा

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नीट पेपर लीक मामला: केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, NTA के 47 अधिकारी हटाए गए, नई STF और फास्ट ट्रैक कोर्ट का होगा गठन

नई दिल्ली: NEET परीक्षा में पेपर लीक और धांधली को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से सरकार ने पिछले 24 घंटों में कई ऐतिहासिक एवं कड़े फैसलों की घोषणा की है।IMG 20260725 103141

​पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए संसद में एक नया विधेयक लाने की तैयारी भी अंतिम चरण में है।

​प्रशासनिक फेरबदल: शिक्षा सचिव बदले, NTA पर गिरी गाज

​प्रशासनिक स्तर पर कठोर कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने शिक्षा सचिव को उनके पद से स्थानांतरित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा आयोजन में गंभीर लापरवाही और जवाबदेही तय करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है।

​छात्रों के हित में बड़े फैसले: नहीं दर्ज होंगे मुकदमे, परिजनों को मुआवजा

​सरकार ने स्पष्ट किया है कि नीट पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई पुलिस मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। वहीं, इस प्रकरण से उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा देने का भी निर्णय लिया गया है।

​दिल्ली पुलिस ने बनाई विशेष STF

​दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली पर नकेल कसने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है। ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ के तहत बनाई गई यह STF NTA, UPSC, SSC, रेलवे और IBPS जैसी प्रमुख केंद्रीय भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की गहन जांच करेगी।

​यह विशेष इकाई अभियोजन एजेंसियों के साथ सीधे समन्वय में काम करेगी ताकि अदालती कार्यवाही को गति दी जा सके। इस STF का नेतृत्व क्राइम ब्रांच के DCP करेंगे, जबकि इसकी सीधी निगरानी स्पेशल CP (क्राइम ब्रांच) द्वारा की जाएगी।

​सरकार के इन त्वरित और कड़े कदमों का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं और छात्रों के बीच परीक्षा प्रणाली के प्रति विश्वास बहाल करना और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना है।

तीसरी धारा न्यूज

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झारखंड में आज मानसून पूरी तरह सक्रिय: रांची, जमशेदपुर समेत 10 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

रांची: झारखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह से मेहरबान नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रांची केंद्र के अनुसार, आज शनिवार को राज्यभर में मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। रांची, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) और हजारीबाग समेत करीब 10 जिलों में हल्की से मध्यम दर्ज की बारिश, गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई इलाकों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।n7208504861784953966364bb357a7fa5e37846a5ffd2195db3eef27e194154ad849e8f2452eb6033d085a9

​इन 10 जिलों में बारिश और वज्रपात की चेतावनी

​मौसम केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, आज रांची, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश का भी अंदेशा जताया गया है। बारिश के चलते इन प्रभावित जिलों में अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

​रांची और कोल्हान का मौसम रहेगा सुहावना, पलामू में उमस

​राजधानी रांची समेत कोल्हान प्रमंडल के जिलों में बारिश और बादलों के कारण मौसम काफी खुशनुमा बना रहेगा। रांची में आज अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम 23°C के करीब रहने की उम्मीद है। जमशेदपुर और बोकारो में भी बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

​दूसरी ओर, पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक दर्ज किया जा सकता है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

​शुद्ध हवा से मिली राहत, AQI का स्तर बेहतर

​लगातार हो रही बारिश और बादलों की आवाजाही का असर राज्य की हवा की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक पड़ा है। झारखंड के अधिकांश प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘संतोषजनक’ से ‘अच्छा’ बना हुआ है:

  • रांची: 35 – 50
  • जमशेदपुर: 40 – 60
  • देवघर: 40 – 55
  • बोकारो: 45 – 60
  • धनबाद: 55 – 70

​मौसम विभाग की एडवाइजरी: रहें सावधान

​खराब मौसम, तेज हवाओं और वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। लोगों को सलाह दी गई है कि आंधी-तूफान या बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों, बड़े पेड़ों के नीचे, जलजमाव वाले क्षेत्रों और बिजली के खंभों के पास न खड़े हों। सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें और सतर्क रहें।

तीसरी धारा न्यूज

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टेक महिंद्रा की महिला कर्मचारी का कैंपस के बाहर प्रदर्शन, गलत तरीके से नौकरी से निकालने और प्रताड़ना का आरोप

हैदराबाद/दुंडिगल: आईटी क्षेत्र में छंटनी और कर्मचारियों के साथ रवैये को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टेक महिंद्रा की एक महिला कर्मचारी, भावना, ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दुंडिगल स्थित कैंपस के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भावना का आरोप है कि अपनी 11 साल की बीमार बेटी की देखभाल के लिए छुट्टी मांगने पर उन्हें बिना उनका पक्ष सुने गलत तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया।n7207640191784952875519d27db2cda8f2926cab7c9832c1d8eca486255e18d0ebaf5a9d3a97152a23ef46

​मिली जानकारी के अनुसार, भावना महज चार महीने पहले ही टेक महिंद्रा से जुड़ी थीं। उन्होंने कंपनी के वर्कप्लेस कल्चर और प्रशासनिक रवैये पर कई सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित कर्मचारी ने इस मामले को लेकर दुंडिगल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने शुरुआती जांच शुरू करते हुए टेक महिंद्रा प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की है।

​स्वास्थ्य समस्याओं और मेडिकल लीव पर चेतावनी पत्र का आरोप

​भावना के अनुसार, नौकरी जॉइन करने के बाद ट्रेनिंग के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और वे ऑफिस में बेहोश हो गई थीं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। जून के महीने में उन्होंने इलाज के लिए 13 दिनों की मेडिकल लीव ली थी। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य संबंधी पूरी जानकारी देने और उनके पति द्वारा भी कंपनी को सूचित करने के बावजूद प्रबंधन ने उन्हें सहयोग देने के बजाय चेतावनी पत्र (Warning Letter) जारी कर दिया। इसके अलावा, एक बार ऑफिस कैब की व्यवस्था न होने के कारण काम पर न पहुंच पाने पर भी उन्हें प्रशासनिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

​बीमार बेटी के लिए मांगी छुट्टी, मिला टर्मिनेशन नोटिस

​मामला तब और बढ़ गया जब हाल ही में भावना की 11 साल की बेटी अचानक बीमार हो गई। भावना ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति की जानकारी देकर छुट्टी का अनुरोध किया। प्रबंधन ने उन्हें लॉगिन करने और छुट्टी मंजूर होने तक इंतजार करने को कहा, लेकिन बेटी की गंभीर स्थिति और बार-बार आ रहे फोन के कारण भावना काम छोड़कर घर चली गईं। उन्होंने कंपनी को आश्वस्त किया था कि वे छूटा हुआ काम बाद में पूरा कर देंगी।

​इसके बाद उन्हें 21 जुलाई तक काम पर लौटने का ईमेल प्राप्त हुआ, लेकिन भावना का दावा है कि इसके तुरंत बाद बिना कोई सफाई या पक्ष रखने का मौका दिए उन्हें सीधे नौकरी से निकालने का नोटिस थमा दिया गया।

​सख्त वर्कप्लेस कल्चर पर उठाए सवाल

​विरोध प्रदर्शन कर रही भावना ने टेक महिंद्रा के अंदरूनी कामकाज के माहौल पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी में कर्मचारियों की आवाजाही पर अत्यधिक सख्ती बरती जाती है, यहाँ तक कि अपनी सीट छोड़ने या वॉशरूम जाने से पहले भी रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया जाता है।

​पुलिस और कंपनी का रुख

​मामले की गंभीरता को देखते हुए दुंडिगल पुलिस ने कंपनी से जवाब मांगा है और जांच आगे बढ़ा रही है। दूसरी ओर, टेक महिंद्रा की ओर से बयान आया है कि वे इस पूरे मामले की तुरंत समीक्षा कर रहे हैं।

तीसरी धारा न्यूज

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रांची की अशोक नगर कॉलोनी में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा: जगुआर कार और 17 लाख नकद के साथ दो महिलाएं गिरफ्तार

रांची / जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज

​रांची की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अशोक नगर कॉलोनी में हुई हाई-प्रोफाइल चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। विशेष जांच दल (SIT) ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक अंतरराज्यीय चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 17.36 लाख रुपये नकद, कीमती सोने व डायमंड के आभूषण तथा वारदात में इस्तेमाल की गई लग्जरी जगुआर (Jaguar) कार बरामद की है।4c4de38b33e2cbe91f30d8d73dbbb31b4f1fbeed5d4334d89b7be9383c62e64c.0

​इस मामले में गिरोह से जुड़ी दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

​9 जुलाई को दो घरों में हुई थी करोड़ों की सेंधमारी

​उल्लेखनीय है कि 9 जुलाई 2026 को अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोक नगर स्थित निशित केसरी और अखिलेश पांडेय के बंद घरों को निशाना बनाते हुए बेखौफ चोरों ने करोड़ों की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची एसएसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था।

​CCTV और डिजिटल ट्रैकिंग से दबोचा गया गिरोह

​जांच के दौरान एसआईटी ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला। इसी के आधार पर पुलिस ने विभिन्न राज्यों में छापेमारी शुरू की और कोलकाता से चोरी में प्रयुक्त जगुआर कार (UP78EM0101) जब्त की।

​दिल्ली और बिहार से लाई गई थीं महिलाएं

​जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि वारदात को अंजाम देने के लिए गिरोह के सदस्य दिल्ली के बवाना और बिहार के सीतामढ़ी से महिलाओं को भी रांची लाए थे। पुलिस ने मुख्य आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर उनकी पत्नियों—गुलशन प्रवीण (सीतामढ़ी, बिहार) और शकीला उर्फ लाडली (बवाना, दिल्ली) को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से चोरी का सामान और भारी मात्रा में नकद बरामद हुआ है।

​80 से अधिक मामलों में वांछित है सरगना ‘इरफान’

​पुलिस ने गिरोह के तीन मुख्य सरगनाओं की पहचान कर ली है:

    • इरफान उर्फ उजाले उर्फ बाबा उर्फ आर्यन
    • अफरोज उर्फ समीर उर्फ समीम
    • नवीन शर्मा

मुख्य आरोपी इरफान के खिलाफ उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, गुजरात, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पंजाब और बिहार समेत देशभर के विभिन्न राज्यों में चोरी के 80 से अधिक मामले दर्ज हैं।

 

​पुलिस द्वारा की गई कुल बरामदगी

      • 17,36,200 रुपये नकद
      • सोने का मंगलसूत्र एवं तीन सोने की अंगूठियां
      • डायमंड आभूषण
      • जगुआर कार (UP78EM0101)

​मुख्य आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी

​रांची पुलिस के अनुसार गिरोह के मुख्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस गिरोह का हाथ देश में हुई अन्य किन-किन हाई-प्रोफाइल वारदातों में रहा है।

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निजी खर्च से विद्यालय में लगवाई लाइटें: पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा ने दूर की वर्षों पुरानी समस्या

जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज

​बागबेड़ा कॉलोनी रोड नंबर–1 स्थित प्राथमिक विद्यालय में महीनों से चली आ रही प्रकाश व्यवस्था की गंभीर समस्या का आखिरकार स्थायी समाधान हो गया है। स्थानीय पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा ने अपने निजी खर्च से पहल करते हुए विद्यालय में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराई, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है।IMG 20260724 WA0032

​झरना मिश्रा ने विद्यालय के दोनों कक्षाओं (कमरों) में चार एलईडी ट्यूब लाइट तथा विद्यालय परिसर के बाहर सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक हैलोजन लाइट लगवाई।IMG 20260724 WA0034

​बैठक में मिला था आश्वासन, निभाया वादा

​उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा स्कूल परिसर में पंचायत प्रतिनिधियों की एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में अध्यापकों ने पर्याप्त रोशनी न होने के कारण पठन-पाठन में आ रही दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया था। समस्या की गंभीरता को समझते हुए झरना मिश्रा ने तत्काल अपने निजी मद से लाइटें लगवाने की घोषणा की थी। शुक्रवार को अपने इस वादे को पूरा करते हुए उन्होंने विद्यालय को जगमग कर दिया।

​बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुरक्षा में सुधार

​विद्यालय में लाइटें लगने से जहाँ एक ओर विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर और उज्ज्वल माहौल मिलेगा, वहीं शिक्षकों को भी अध्यापन कार्य में सुगमता होगी। इसके अतिरिक्त, स्कूल परिसर के बाहर हैलोजन लाइट लगने से शाम के समय अंधेरे के कारण असामाजिक तत्वों के जुटने की समस्या पर भी प्रभावी रोक लगेगी।

“विद्यालय की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी मैं लगातार प्रयासरत रहूंगी, ताकि हमारे बच्चों को एक बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।”

झरना मिश्रा, पंचायत समिति सदस्य

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​शिक्षकों और ग्रामीणों ने जताया आभार

​इस सराहनीय पहल पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका उषा कुमारी एवं शिक्षिका सरिता कुमारी ने झरना मिश्रा का आभार व्यक्त करते हुए उनके इस कदम की खुले दिल से प्रशंसा की।

​इस अवसर पर मुख्य रूप से पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, वार्ड सदस्य उमेश पांडे, सीमा पांडे, प्रधानाध्यापिका उषा कुमारी, शिक्षिका सरिता कुमारी समेत कई स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।

तीसरी धारा न्यूज

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NEET पेपर लीक मामले पर एक्शन में केंद्र: दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, बनेंगे फास्ट-ट्रैक कोर्ट; जानें 2024 के नए सख्त कानून में क्या हैं कड़े प्रावधान

नई दिल्ली | तीसरी धारा न्यूज

​देशभर के लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीदों को झटका देने वाले नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कड़ा रुख अपनाया है। पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों के त्वरित और समयबद्ध निस्तारण के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।file 000000007d9882069d4f4d0f9805ed89

​पीएम की घोषणा का कानूनी महत्व: ‘पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024’ को मिलेगी नई गति

​प्रधानमंत्री की यह घोषणा महज एक बयान नहीं, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 [Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024] को धरातल पर कड़ाई से लागू करने की प्रशासनिक पहल है।

​यह कानून 21 जून 2024 से प्रभावी है और इसके नियम 23 जून 2024 को अधिसूचित किए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा माफिया पर नकेल कसना और केंद्र सरकार की सभी प्रमुख भर्ती व प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना है।

​क्या हैं इस कानून में सख्त सजा और जुर्माने के प्रावधान?

​नए कानून के तहत पेपर लीक, उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़, हैकिंग और संगठित धोखाधड़ी को गंभीर संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौता योग्य अपराध बनाया गया है:

  • व्यक्तिगत संलिप्तता पर: यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक या अनुचित साधनों में लिप्त पाया जाता है, तो उसे 3 से 5 वर्ष तक की कैद और ₹10 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
  • संगठित गिरोह (सिंडिकेट) पर: यदि अपराध किसी संगठित गिरोह द्वारा अंजाम दिया जाता है, तो दोषियों को 5 से 10 वर्ष तक की कठोर कैद और न्यूनतम ₹1 करोड़ का जुर्माना देने का प्रावधान है।
  • संस्थागत कार्रवाई: यदि किसी परीक्षा कराने वाली एजेंसी या कोचिंग संस्थान की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनकी संपत्ति जब्त करने के साथ-साथ परीक्षा आयोजन में हुआ पूरा खर्च वसूला जाएगा।

​किन-किन परीक्षाओं पर लागू होता है यह कानून?

​यह कानून केवल नीट (NEET) ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी प्रमुख परीक्षाओं पर प्रभावी है:

परीक्षा एजेंसी / संस्था

कवर की जाने वाली प्रमुख परीक्षाएं

NTA (राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी)

NEET, JEE, CUET आदि

UPSC (संघ लोक सेवा आयोग)

सिविल सेवा, CDS, NDA आदि

SSC (कर्मचारी चयन आयोग)

CGL, CHSL, जीडी कांस्टेबल आदि

RRB (रेलवे भर्ती बोर्ड)

रेलवे की सभी तकनीकी व गैर-तकनीकी भर्तियां

IBPS (बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान)

बैंक पीओ और क्लर्क भर्ती परीक्षाएं

नोट: राज्य सरकारों की परीक्षाओं पर यह कानून स्वतः लागू नहीं होता, लेकिन राज्य सरकारें चाहें तो अपने स्तर पर इसे अपना सकती हैं या नया कानून बना सकती हैं।

 

​सख्त क्रियान्वयन और त्वरित न्याय ही सबसे बड़ी चुनौती

​कानून में 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये के भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान यह साबित करता है कि सरकार पेपर लीक को सामान्य लापरवाही नहीं, बल्कि देश के खिलाफ एक संगठित अपराध मानती है। अब सबसे बड़ी चुनौती इन कानूनी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू कर नीट पेपर लीक के असली गुनाहगारों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए जल्द से जल्द सजा दिलाने की है।

– तीसरी धारा न्यूज

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आदित्यपुर: मेडिट्रीना अस्पताल के ICU में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसान, समय रहते सुरक्षित निकाले गए मरीज

आदित्यपुर | तीसरी धारा न्यूज

​आदित्यपुर स्थित मेडिट्रीना हॉस्पिटल के आईसीयू (ICU) में शुक्रवार की सुबह अचानक भीषण आग लग गई। इस अगलगी की घटना में अस्पताल प्रबंधन को लाखों रुपये की क्षति हुई है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अस्पताल प्रबंधन और अग्निशमन विभाग की मुस्तैदी से समय रहते सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।WhatsApp Image 2026 07 24 at 10.35.22 AM

​शॉर्ट सर्किट बनी आग की वजह, मरीजों को दूसरे वार्ड में किया गया शिफ्ट

​घटना के संबंध में अस्पताल प्रबंधन के स्थानीय हेड राजीव कुमार ने बताया कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे आईसीयू वार्ड को भारी नुकसान पहुंचा है।

​उन्होंने बताया कि जैसे ही आग की लपटें और धुआं उठता दिखा, एहतियात के तौर पर आईसीयू में भर्ती सभी मरीजों को तुरंत दूसरे सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। शुरुआती चरण में अस्पताल के अपने फायर सेफ्टी उपकरणों के जरिए आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत झारखंड अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई।

​एक घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू

​सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन विभाग और अस्पताल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। यदि समय रहते मरीज और परिजनों को बाहर निकालकर आग बुझाने की कवायद शुरू नहीं की जाती, तो दिल्ली और मुजफ्फरपुर के अस्पतालों जैसी दर्दनाक घटना दोहराई जा सकती थी।

​परिजनों ने जताया भगवान का आभार, पुलिस जांच में जुटी

​अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों ने किसी के हताहत न होने पर राहत की सांस ली और ईश्वर का शुक्रिया अदा किया। वहीं, अगलगी की सूचना मिलते ही आदित्यपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस फिलहाल हादसे के कारणों और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच कर रही है।

– तीसरी धारा न्यूज

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डिमना डैम हादसे में दुखद अंत: एमजीएम के दोनों जूनियर डॉक्टरों समीर और सक्षम के शव 6 घंटे बाद बरामद, पसरा मातम

जमशेदपुर | तीसरी धारा न्यूज

​शहर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डिमना डैम स्थित तालाब में डूबे एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों—डॉ. समीर और डॉ. सक्षम के शवों को शुक्रवार को करीब 6 घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया गया है। दोनों होनहार डॉक्टरों की असामयिक मौत की खबर से एमजीएम अस्पताल परिसर, चिकित्सा जगत और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है।mgm doctor 1784871043238 m

​परिजनों में मचा कोहराम, काशीडीह स्थित घर पर पसरा मातम

​हादसे की खबर जैसे ही डॉ. समीर कुमार के परिजनों को मिली, उनके काशीडीह स्थित आवास पर कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजनों का हाल देखकर आसपास का माहौल भी गमगीन हो गया। होनहार बेटे को खोने के बाद पूरे परिवार और काशीडीह इलाके में गहरा शोक छाया हुआ है।

​सिविल डिफेंस के मजदूरुल बारी ने लगातार मशक्कत के बाद निकाले शव

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन और स्थानीय बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। तालाब में पानी की गहराई और चुनौतियों के बावजूद करीब छह घंटे तक लगातार खोजबीन चलती रही।

​टाटा स्टील के सिक्योरिटी विभाग में कार्यरत एवं सिविल डिफेंस से जुड़े जांबाज मजदूरुल बारी ने लगातार मशक्कत के बाद दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला।

​बोड़ाम पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजा, जांच जारी

​शव बरामद होने के बाद बोड़ाम पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और दोनों शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। बोड़ाम थाना पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस हादसे के कारणों और उससे जुड़ी सभी परिस्थितियों की बारीकी से पड़ताल में जुटी है।

– तीसरी धारा न्यूज

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सरायकेला में झामुमो का जोरदार प्रदर्शन: NEET पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के खिलाफ फूंका शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला

सरायकेला | तीसरी धारा न्यूज

​NEET परीक्षा पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर झामुमो कार्यकर्ताओं ने सरायकेला जिला मुख्यालय स्थित गैराज चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एवं मोदी सरकार का पुतला दहन किया।IMG 20260724 WA0003

​”छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”: शुभेंदु महतो

​प्रदर्शन के दौरान झामुमो जिलाध्यक्ष शुभेंदु महतो ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नीट और सीबीएसई मूल्यांकन प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। केंद्र सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है जिसे झामुमो किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

​उन्होंने कहा:

​”अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे छात्र-छात्राओं पर जंतर-मंतर पर बर्बरतापूर्वक लाठियां बरसाई गईं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। इस पुतला दहन कार्यक्रम के जरिए हम केंद्र सरकार को कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि छात्रों के अधिकारों का हनन तुरंत बंद किया जाए।”

 

​केंद्र सरकार के खिलाफ गूंजे नारे

​कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

​ये प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद

​इस विरोध प्रदर्शन में झामुमो के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

  • झामुमो जिलाध्यक्ष: शुभेंदु महतो
  • केंद्रीय सदस्य: गणेश माहली, सुधीर महतो, विशु हेंब्रम, रानी हेंब्रम
  • सरायकेला नगर पंचायत: अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी, उपाध्यक्ष अविनाश कवि
  • जिला उपाध्यक्ष: भोला महंती, धरमू गोप
  • मोर्चा अध्यक्ष: हरि लोहार (व्यवसाय मोर्चा जिलाध्यक्ष), भुगलू सोरेन (युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष)
  • नगर व प्रखंड अध्यक्ष: शंभू आचार्य (नगर अध्यक्ष), सुरेश हेंब्रम (प्रखंड अध्यक्ष)
  • अन्य प्रमुख प्रतिनिधि: विधायक प्रतिनिधि (स्वास्थ्य) अनूप कुमार सिंहदेव, कृष्णा राणा, नरेन महतो सहित भारी संख्या में झामुमो नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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NEET पेपर लीक मामला: 26 दिनों के लंबे अनशन के बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा उपवास, केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के बाद बनी बात

नई दिल्ली/गुरुग्राम:

NEET पेपर लीक मामले और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. प्रख्यात शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार 26 दिनों तक चला अपना अनिश्चितकालीन आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना उपवास तोड़ा।6a62773b925de sonam wangchuk 231902371 16x9 1

​केंद्रीय मंत्रियों के साथ लंबी बातचीत के बाद लिया फैसला

​मेदांता अस्पताल में आधी रात के करीब हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोनम वांगचुक को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इस दौरान वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो और लेह-लद्दाख के शीर्ष निकाय (एपक्स बॉडी) के वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद रहे।

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए सोनम वांगचुक ने लिखा,

“अभी-अभी केंद्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की शीर्ष संस्था के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने आखिरकार 26 दिनों बाद अपना अनशन तोड़ दिया है। इससे पहले, अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मिलकर या पत्र लिखकर अनशन तोड़ने का आग्रह किया था।”

 

​सरकार की ओर से मिले इन बड़े भरोसे

​सूत्रों और नेताओं के बयानों के मुताबिक, सरकार और आंदोलनकारियों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है:

  • मुकदमे वापस लेने पर सकारात्मक रुख: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ मामले दर्ज न करने को लेकर सरकार पूरी तरह सकारात्मक है।

  • संसद में चर्चा और सख्त कानून: सरकार ने पहले ही परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक के मुद्दों पर संसद के आगामी सत्र में सार्थक चर्चा कराने का भरोसा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस दिशा में जल्द ही एक कड़ा एंटी-पेपर लीक बिल लाने के संकेत दिए हैं।

  • पीड़ित परिवारों को मुआवजा: हाल ही में NEET पेपर लीक और उपजे हालातों के चलते जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग पर भी सरकार सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।

​देश में शांति की अपील और पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

​सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय देश में संभावित हिंसा को टालने और लंबी बातचीत के बाद लिया गया है। उन्होंने अपने समर्थकों और देशवासियों से अपील की है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और कहीं भी किसी भी प्रकार की हिंसा न होने दें।

​वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके अनशन समाप्त करने का स्वागत करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा,

“मैं सोनम जी से आग्रह करता हूँ कि वे डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी नियमितचर्या का पालन करें और जल्द से जल्द अपना स्वास्थ्य सुधारें।”

 

– तीसरी धारा न्यूज

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