नई दिल्ली: NEET परीक्षा में पेपर लीक और धांधली को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से सरकार ने पिछले 24 घंटों में कई ऐतिहासिक एवं कड़े फैसलों की घोषणा की है।
पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ बनाने के लिए संसद में एक नया विधेयक लाने की तैयारी भी अंतिम चरण में है।
प्रशासनिक फेरबदल: शिक्षा सचिव बदले, NTA पर गिरी गाज
प्रशासनिक स्तर पर कठोर कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने शिक्षा सचिव को उनके पद से स्थानांतरित कर दिया है। इसके अतिरिक्त, परीक्षा आयोजन में गंभीर लापरवाही और जवाबदेही तय करते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया गया है।
छात्रों के हित में बड़े फैसले: नहीं दर्ज होंगे मुकदमे, परिजनों को मुआवजा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नीट पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई पुलिस मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। वहीं, इस प्रकरण से उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले पीड़ित अभ्यर्थियों के परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा देने का भी निर्णय लिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने बनाई विशेष STF
दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही धांधली पर नकेल कसने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है। ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ के तहत बनाई गई यह STF NTA, UPSC, SSC, रेलवे और IBPS जैसी प्रमुख केंद्रीय भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की गहन जांच करेगी।
यह विशेष इकाई अभियोजन एजेंसियों के साथ सीधे समन्वय में काम करेगी ताकि अदालती कार्यवाही को गति दी जा सके। इस STF का नेतृत्व क्राइम ब्रांच के DCP करेंगे, जबकि इसकी सीधी निगरानी स्पेशल CP (क्राइम ब्रांच) द्वारा की जाएगी।
सरकार के इन त्वरित और कड़े कदमों का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं और छात्रों के बीच परीक्षा प्रणाली के प्रति विश्वास बहाल करना और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाना है।
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