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टेक महिंद्रा की महिला कर्मचारी का कैंपस के बाहर प्रदर्शन, गलत तरीके से नौकरी से निकालने और प्रताड़ना का आरोप

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हैदराबाद/दुंडिगल: आईटी क्षेत्र में छंटनी और कर्मचारियों के साथ रवैये को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। टेक महिंद्रा की एक महिला कर्मचारी, भावना, ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दुंडिगल स्थित कैंपस के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। भावना का आरोप है कि अपनी 11 साल की बीमार बेटी की देखभाल के लिए छुट्टी मांगने पर उन्हें बिना उनका पक्ष सुने गलत तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया।n7207640191784952875519d27db2cda8f2926cab7c9832c1d8eca486255e18d0ebaf5a9d3a97152a23ef46

​मिली जानकारी के अनुसार, भावना महज चार महीने पहले ही टेक महिंद्रा से जुड़ी थीं। उन्होंने कंपनी के वर्कप्लेस कल्चर और प्रशासनिक रवैये पर कई सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित कर्मचारी ने इस मामले को लेकर दुंडिगल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने शुरुआती जांच शुरू करते हुए टेक महिंद्रा प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की है।

​स्वास्थ्य समस्याओं और मेडिकल लीव पर चेतावनी पत्र का आरोप

​भावना के अनुसार, नौकरी जॉइन करने के बाद ट्रेनिंग के दौरान ही उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और वे ऑफिस में बेहोश हो गई थीं, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। जून के महीने में उन्होंने इलाज के लिए 13 दिनों की मेडिकल लीव ली थी। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य संबंधी पूरी जानकारी देने और उनके पति द्वारा भी कंपनी को सूचित करने के बावजूद प्रबंधन ने उन्हें सहयोग देने के बजाय चेतावनी पत्र (Warning Letter) जारी कर दिया। इसके अलावा, एक बार ऑफिस कैब की व्यवस्था न होने के कारण काम पर न पहुंच पाने पर भी उन्हें प्रशासनिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

​बीमार बेटी के लिए मांगी छुट्टी, मिला टर्मिनेशन नोटिस

​मामला तब और बढ़ गया जब हाल ही में भावना की 11 साल की बेटी अचानक बीमार हो गई। भावना ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति की जानकारी देकर छुट्टी का अनुरोध किया। प्रबंधन ने उन्हें लॉगिन करने और छुट्टी मंजूर होने तक इंतजार करने को कहा, लेकिन बेटी की गंभीर स्थिति और बार-बार आ रहे फोन के कारण भावना काम छोड़कर घर चली गईं। उन्होंने कंपनी को आश्वस्त किया था कि वे छूटा हुआ काम बाद में पूरा कर देंगी।

​इसके बाद उन्हें 21 जुलाई तक काम पर लौटने का ईमेल प्राप्त हुआ, लेकिन भावना का दावा है कि इसके तुरंत बाद बिना कोई सफाई या पक्ष रखने का मौका दिए उन्हें सीधे नौकरी से निकालने का नोटिस थमा दिया गया।

​सख्त वर्कप्लेस कल्चर पर उठाए सवाल

​विरोध प्रदर्शन कर रही भावना ने टेक महिंद्रा के अंदरूनी कामकाज के माहौल पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी में कर्मचारियों की आवाजाही पर अत्यधिक सख्ती बरती जाती है, यहाँ तक कि अपनी सीट छोड़ने या वॉशरूम जाने से पहले भी रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया जाता है।

​पुलिस और कंपनी का रुख

​मामले की गंभीरता को देखते हुए दुंडिगल पुलिस ने कंपनी से जवाब मांगा है और जांच आगे बढ़ा रही है। दूसरी ओर, टेक महिंद्रा की ओर से बयान आया है कि वे इस पूरे मामले की तुरंत समीक्षा कर रहे हैं।

तीसरी धारा न्यूज

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