झारखंड : आज विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में झारनियोजन पोर्टल का मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शुभारंभ करेंगे। बता दें श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, झारखंड सरकार द्वारा बनाए गए पोर्टल के जरिए से सरकार नियोक्ता एवं रोजगार ढूंढ रहे कैंडिडेट को एक प्लेटफार्म उपलब्ध करवाने की कोशिश कर रही है। इस पोर्टल पर नियोक्ता अपने व्यवसाय और उससे संबंधित मानव बल के बारे में जानकारी साझा कर सकते हैं। साथ ही आवश्यक मानव बल के लिए रिक्तियां भी निकाल सकेंगे। साथ ही रोजगार के लिए कैंडिडेट खुद को रजिस्टर कर अपना आवेदन भी भर सकेंगे।
इसके साथ ही सरकार की अपेक्षा है कि राज्य के युवाओं के लिए सभी नियोक्ताओं से वे राज्य के प्रति अपने सामाजिक और नैतिक जिम्मेवारी का निर्वहन करते हुए स्वेच्छा से झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र के रोजगार में 75% स्थानीय भागीदारी देने के लिए झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय कैंडिडेट का नियोजन अधिनियम 2021 का अनुपालन करें।
झारखंड : गुरुवार को हुई बारिश से प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। प्रदेश के रांची समेत कई जिलों तेज आंधी के साथ बारिश हुई। आने वाली 20 तारीख तक प्रदेश में ऐसी ही स्थिति रहेगी। यानी आने वाले कुछ दिन प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेश में 20 मार्च तक के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान यहां बादल छाए रहेंगे। साथ ही मौसम विभाग ने प्रदेश में 20 तारीख तक तेज आंधी और बादल गरजने के साथ हल्की और मध्यम स्तर की बारिश की भी संभावना जताई है। 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगीं। गुरुवार को हुई बारिश के बाद प्रदेश के तापमान में तीन डिग्री गिरावट आई है। वहीं राजधानी रांची के ताममान में भी तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यहां का अधिकतम तापमान 33.8 से गिरकर 30.8 पहुंच गया।
आंधी और बारिश में दो लोगों की गई जान
मौसम विभाग के मुताबिक, बादलों का एक समूह प्रदेश की ओर बढ़ रहा है, इसके चलते आज रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, दुमका, धनबाद और गिरडीह में ओले गिरने की संभावना है। वहीं प्रदेश में बीते कल हुई आंधी और बारिश की वजह से दर्जनों पेड़ टूट गए। इतना ही नहीं राजधानी रांची समेत यहां के कई इलाकों में घंटो बिजली गुल रही। बारिश के चलते देर रात बिजली आपूर्ति को बहाल किया जा सका। इतना ही नहीं इस बारिश के चलते दो लोगों की जान चली गई। रांची में आंधी और बारिश के दौरान यहां के एक इलाके में एक छात्रा के ऊपर ठनका गिर गया। जिससे की उसकी मौत हो गई। छात्रा का नाम रितिका मुंडा था। वहीं जमशेदपुर में बारिश के दौरान बिजली की तार गिर गई। इसमें झुलसकर एक महिला की जान चली गई।
समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में निदेशक डीआरडीए सौरभ सिन्हा की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आहूत की गई । सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नेहा संजना खलखो, एसीएमओ डॉ. आलोक रंजन महतो, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. आर एन झा, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, सभी एमओआईसी, सीडीपीओ, डीपीसी हाकिम प्रधान, डीडीएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी व कर्मी मौजूद रहे । बैठक में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश सभी सीडीपीओ एवं एमओआईसी को दिया गया । निदेशक डीआरडीए ने शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव व बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए शत प्रतिशत उपलब्धि पर जोर दिया और हर स्वास्थ्य कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की । जिले में अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 तक संस्थागत प्रसव में 89% उपलब्धि है, सभी एमओआईसी एवं सीडीपीओ को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि सेविका एवं सहिया के माध्यम से हरेक गर्भवती महिला को डिलीवरी होने तक फॉलो करें । डिलीवरी जिला के अंदर किसी अस्पताल में हो या पड़ोसी जिला, पड़ोसी राज्य में बस ये सुनिश्चित करें कि संस्थागत प्रसव ही हो ।
जिले के सरकारी अस्पतालो में उपलब्ध कराये जा रहे चिकित्सीय सुविधा से आम लोगों का भरोसा बढ़ा है। दोनों अनुमंडल अस्पताल एवं सभी प्रखंडों के सीएचसी में फरवरी माह में करीब 29 हजार मरीज आए जिनमें 4542 को एडमिट किया गया, एमजीएम में 117 तथा सदर अस्पताल में सिर्फ 5 मरीज रेफर हुए । जिले में अबतक 109408 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया है, पिछले ढाई महीने में आयुष्मान कार्ड बनाने में काफी गति आई है जिसमें 38961 लोग लाभान्वित हुए हैं। आयुष्मान भारत योजना में सरकारी अस्पतालों की प्रतिभागिता बढ़ाने का निदेश दिया गया। कुपोषण उपचार केन्द्रों में औसत बेड ऑक्यूपेंसी रेट 81 फीसदी है, ग्रामीण क्षेत्र में कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उपचार उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुए शत प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी रखने का निदेश दिया गया। बैठक में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, कुष्ठ रोग खोज, परिवार नियोजन, एनसीडी स्क्रीनिंग सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गयी । विशेष संचारी रोग अभियान पर भी चर्चा की गयी ।
बहरागोड़ा प्रखंड सभागार में सभी मुखिया के बीच मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के संबंध में एक दिवसीय ओरियंटेशन प्रोग्राम किया गया। जिसमें बहरागोड़ा प्रखंड के 26 पंचायत के सभी मुखिया तथा जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ सुरेंद्र कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश साहू एवं प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ राजेश कुमार सिंह उपस्थित थे।
सभी मुखिया को मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना से संबंधित सारी जानकारियां विस्तृत में बताई गई तथा इससे संबंधित डायरी, लीफलेट्स नियमावली दिया गया। जिला पशुपालन पदाधिकारी ने सभी मुखिया को यह बताया कि बिना उनके सहभागिता का इस योजना को धरातल पर उतारना मुश्किल है एवं उन लोगों से चयनित लाभुकों के अंशदान को जमा करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए कहा गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने विस्तृत रूप से बताया कि माननीय मुख्यमंत्री का यह महत्वकांक्षी योजना को बहुत ही बारीकी से कैसे धरातल पर उतारा जा सकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि वे लोग समय समय पर इन योजनाओं का समीक्षा करते रहेंगे तथा पशुपालन से संबंधित कोई भी जानकारी तुरंत संबंधित पंचायत के पशु मित्र या प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी एवं पशु चिकित्सक को अवगत कराएंगे। बैठक में पंचायत के मुखिया, पशुमित्र आदि उपस्थित थें।
जमशेदपुर : आजसू पार्टी के जिला प्रवक्ता और हिंदुवादी नेता अप्पू तिवारी को जमशेदपुर न्यायालय से जमानत मिल गई है। उनपर साकची हनुमान मंदिर निर्माण मामले के अलावे गोलमुरी थाना क्षेत्र में चंगाई सभा के दौरान विरोध में सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में कांड दर्ज थी। इसी माह दो मार्च को कोलकाता से उनकी गिरफ्तारी हुई थी। दोनों ही मामलों में जमानत मिलने के बाद गुरुवार शाम केंद्रीय कारा घाघीडीह से वे रिहा हो गये है। अप्पू तिवारी ने कहा की रामनवमी से पूर्व भगवान श्रीराम और हनुमानजी के आशीष से जमानत मिली है। धर्म कार्य में ऐसे अड़चनों से मनोबल पस्त नहीं होगी। उन्होंने जमानत की पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के प्रति कृतज्ञता जाहिर किया।
जमशेदपुर : झारखंड के पलामू के लेसलीगंज के जैप 8 के ट्रेनिंग सेंटर में जवान अर्जुन कुमार वर्मा के फांसी लगाकर आत्महत्या करने के बाद गुरुवार को उनका शव जमशेदपुर के बागबेड़ा लाया गया. बागबेड़ा डीबी रोड के रहने वाले अर्जुन कुमार वर्मा और उनका भाई धर्मेंद्र कुमार सिंह वहीं ड्यूटी करते थे. बताया जाता है कि सार्जेंट मेजर के शोषण के कारण उसने आत्महत्या कर ली.इस घटना के बाद शव को गुरुवार को जमशेदपुर लाया गया. जमशेदपुर केबागबेड़ा से उनका शव को लाया गया. शव के साथ लोगों ने हंगामा किया और बागबेड़ा डीबी रोड के मुख्य सड़क पर शव के साथ जाम कर दिया. बाद में पुलिस की ओर से उचित कार्रवाई का आश्वासन करने के बाद परिजनों ने शव को उठाया. लोगों की डिमांड थी कि पुलिस जवान की विधवा को नौकरी दी जाये और जो दोषी है, उसको तत्काल नौकरी से बरखास्त कर दिया जाये।
बिष्टुपुर पार्वति घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.इस दौरान शव यात्रा निकाली गयी, जिसमें हजारों लोग शिरकत किये. मृतक के भाई पुलिसकर्मी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी भाई को आत्महत्या करने के लिए वरीय अधिकारियों ने मजबूर किया है. एक तरह से यह हत्या है. अधिकारियों पर अपराधिक मुकदमा दर्ज कर उन पर कार्रवाई होना चाहिए.इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया. बिष्टुपुर पार्वति घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.इस दौरान शव यात्रा निकाली गयी, जिसमें हजारों लोग शिरकत किये. मृतक के भाई पुलिसकर्मी धर्मेंद्र कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी भाई को आत्महत्या करने के लिए वरीय अधिकारियों ने मजबूर किया है. एक तरह से यह हत्या है. अधिकारियों पर अपराधिक मुकदमा दर्ज।
रांची: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के 10वें दिन भी हंगामे के बीच शुरू हुआ। लगभग 11.10 बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई। कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के विधायक हंगामा करने लगे। भाजपा विधायक सदन के भीतर 60-40 नाय चलतो और 1932 का क्या हुआ लिखा भगवा रंग का टी शर्ट पहने पहुंचे। वहीं आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी सदन में मौजूद थे। सदन शुरू होते ही भाजपा के विधायकों ने हेमंत सोरेन हाजिर हो के नारे लगाए। इसके साथ ही वे वेल तक पहुंचे। इस दौरान पेयजल मंत्री मिथिलेश ठाकुर विपक्ष के हंगामे पर अपना जवाब देना चाह रहे थे, पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज आसन का ध्यान हंगामें की ओर नहीं है। इस बीच आसन ने तीन अल्पसूचित के प्रश्नों का उत्तर सरकार से दिलाया। बढ़ते हंगामें को देखते हुए सदन को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
एक महीने में भीतर वक्फ बोर्ड का गठन:
सदन में माकपा माले विधायक विनोद सिंह ने जानना चाहा कि राज्य में 15 सूत्री राज्य और जिला समिति, वक्फ बोर्ड, अल्पसंख्यक वित्त निगम का गठन नहीं होने से अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। इसके लिए सरकार क्या कर रही है। इस अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते हुए मंत्री हफीजुल अंसारी ने कहा कि राज्य में अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम का गठन कर लिया गया है, जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना आदि विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। 15 सूत्री राज्य और जिला स्तरीय समिति का भी गठन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार एक महीने में भीतर वक्फ बोर्ड का गठन कर लेगी।
सिंचाई के लिए डीप बोरिंग योजना को दें स्वीकृति:
सदन में अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने सरकार से सिंचाई के लिए परकोलेशन टैंक की जगह डीप बोरिंग योजना को स्वीकृति देने की बात रखी। इसका जवाब देते हुए कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि वर्ष 2023-24 के बजट में डीप बोरिंग के लिए 500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि एक अप्रैल के बाद राज्यादेश निकाला जाएगा। विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने पूछा कि सरकार प्रति प्रखंड कितना डीप बोरिंग देगी। इस सवाल का जवाब मंत्री स्पष्ट रूप से कुछ नहीं दे रहे थे। मंत्री के जवाब पर सदन में घेरते हुए विधायक दीपिका ने कहा कि अध्यक्ष महोदय मंत्री कैसा गोलमटोल जवाब दे रहे हैं। वह भी आपके सामने। हमलोग इसके लिए सवाल नहीं करते हैं। इस पर विधायक ने कहा कि सरकार के पास कोई प्री प्लान नहीं है क्या? यही वजह है कि साल के अंत मे पता चलता है कि आधे से अधिक राशि खर्च नहीं होता।
सदन में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर मंत्री बन्ना गुप्ता और सरयू राय भिड़े
विधानसभा में स्वास्थ्य विभाग के ट्रांसफर-पोस्टिंग में कार्यपालिका नियमावली की अनदेखी के मामले पर विधायक सरयू राय और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता में नोकझोंक हुई। सरयू राय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग में काफी अनियमितता हुई है। कार्यपालिका नियमावली की धारा तीन और चार का उल्लंघन हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि परंपराओं के मुताबिक ट्रांसफर पोस्टिंग हुई है। सरयू राय जो आज हम से सवाल कर रहे हैं वह भी खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री रहे हैं। उनके विभाग के पेपर हमारे पास हैं। उन्होंने भी कार्यपालिका नियमावली का उल्लंघन किया था। सरयू राय ने कहा कि लगता है मंत्री को कार्यपालिका नियमावली की अलग ही समझ है। स्थापना समिति ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर मार्गदर्शक सिद्धांत बनाती है। उसका भी पालन उन्होंने नहीं किया है। पदस्थापन के लिए मुख्यमंत्री का भी अनुमोदन नहीं लिया गया और कह दिया गया की मुख्यमंत्री का अनुमोदन ले लिया गया है, सरयू राय ने कहा कि सदन में मुख्यमंत्री भी बैठे हैं वह चुनौती देते हैं कि अगर मुख्यमंत्री का अनुमोदन हो गया है तो बताएं। अगर कोई भी विभाग ऐसे मुख्यमंत्री और सचिव के आदेश से ऊपर हो जाएगा तो कैसे चलेगा। सरयू राय ने यह भी कहा कि लगता है मंत्री को कार्यपालिका नियमावली के बारे में समझ नहीं है, मुख्यमंत्री या कोई वरीय मंत्री उन्हें इसकी जानकारी दे दें।
विभागों से रिक्तियां भी मांगी गयी, बहुत जल्द शुरू होगी नियुक्तियां: आलमगीर
विधायक लंबोदर महतो के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने साफ कहा कि 1932 आधारित स्थानीय और नियोजन नीति को सर्वसम्मति से विधानसभा से पारित कराकर राज्यपाल के माध्यम से भारत सरकार को भेजा गया है। उन्होनें कहा कि भारत सरकार से इस पर क्या निर्णय लेती है इसका हमलोग इंतजार नहीं कर सकते क्योंकि समय निकल जाएगा। उन्होनें कहा कि इस बात को ध्यान में रखकर सरकार ने कैबिनेट से नई नियुक्ति नियमावली पारित करा ली है। विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए अलग-अलग नियमावली बनाई गई है। विभागों से रिक्तियां भी मांगी जा रही है। बहुत विभागों से रिक्तियां की सूची भी आई है। सरकार बहुत जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।
आसन के नियम का पालन नहीं करते तो समय क्यों मांग रहे हैं: स्पीकर
गुरुवार को भी भाजपा के विधायक स्लोगणयुक्त वस्त्र पहनकर सदन में हंगामा करते रहे। विपक्ष के हंगामे के कारण प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही एक बार बीच में ही स्थगित करनी पड़ी। स्पीकर विपक्ष की तरफ शुरू से ही ध्यान नहीं दे रहे थे। हंगामे के बीच उन्होंने 3 अल्पसूचित प्रश्न का जवाब सरकार से दिलवाया। 12 बजे दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा के विधायक वेल में आकर हंगामा करने लगे। फिर भी स्पीकर ने विधायकों से शून्यकाल पढ़वाया। दो ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लिए। इसी बीच भाजपा के विधायक कुछ बोलने के लिए उनसे बार बार अनुमति मांग रहे थे। इस पर स्पीकर ने भाजपा विधायकों को साफ कहा कि आपलोग आसन के नियम का उल्लंघन कर सदन में आये हैं। कल ही आसान से यह नियमन हुआ था कि स्लोगणयुक्त वस्त्र पहनकर नहीं आना है। उन्होंने कहा कि जब आसन के आदेश का पालन ही नहीं करते हैं तो आसन से समय क्यों मांगते हैं। पहले आप नियमन का पालन कीजिये तब समय मिलेगा। इसी बीच झामुमो विधायक सरफराज अहमद ने कहा कि चार दिनों से विपक्ष के द्वारा सदन में जो आचरण किया जा रहा है वो देखा नहीं जा रहा है, यह अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि वोकल माइनॉरिटी साइलेंट मेजोरिटी पर हावी है। इस पर कारवाई होनी चाहिए।
विधायक लंबोदर महतो ने सरकार से जानना चाहा था कि सदन से 11 नवंबर को जो 1932 आधारित स्थानीय और नियोजन नीति पारित हुई थी उसका क्या हुआ। अबतक यह राज्य में लागू नही हुआ है। उन्होनें कहा कि सरकार का वक्तव्य झारखंड के युवाओं को दिग्भर्मित करनेवाला है। 32 के जगह पर अब 23 आ गया है। उन्होनें कहा कि अभी जो सरकार ने कैबिनेट से नियमावली पारित कराई है उससे झारखंड के युवाओं का भला नहीं होनेवाला है। सरकार पहले 1932 आधारित स्थानीय और नियोजन नीति बनाये तब नियुक्ति शुरू करे।
स्थानीय और नियोजन नीति पर सीएम देंगे जवाब : स्पीकर
विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को भोजनावकाश के बाद विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही स्पीकर रविन्द्र नाथ महतो ने सदन को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में यह तय हुआ कि जिस विषय को लेकर चार दिनों से सदन में गतिरोध हो रहा है उसपर मुख्यमंत्री सदन में अपनी सुविधा के अनुसार वक्तव्य देंगे। इसके अलावा 24 मार्च को सरहुल की वजह से इस दिन के बिजनेस को 23 मार्च को ही लिया जाएगा। साथ ही यह भी तय हुआ कि स्लोगणयुक्त वस्त्र पहनकर कोई भी सदस्य सदन में नहीं आएंगे। इसपर भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा कि कल से यह दृश्य देखने को नहीं मिलेगा।
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम पुलिस अधीक्षक ने जिले के कई थाना के प्रभारियों को फेरबदल किया है। चाईबासा सदर थाना के पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी प्रवीण कुमार को बनाया गया है। जबकि पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी निरंजन तिवारी को सदर कोर्ट (अभियोजन कोषांग) के प्रभारी कोर्ट कार्यालय चाईबासा बनाया गया है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक चाईबासा द्वारा पत्र निर्गत किया गया है। इसमें 24 घंटे के अंदर नव पदस्थापन स्थान पर योगदान देने का निर्देश है। सदर अंचल पुलिस निरीक्षक प्रवीण कुमार को सदर थाना प्रभारी के रूप में नियुक्त किया गया है। वे आज सदर थाना का चार्ज लेंगे। इसके साथ ही पश्चिमी सिंहभूम जिले के 8 पुलिस पदाधिकारियों को नव पदस्थापना किया गया है।
रामगढ़ : गोला पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के छात्र कुलदीप कुमार (20 वर्ष) पिता किशोर राम ने बुधवार को हेरमदगा स्थित किराये के मकान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। कुलदीप दुलमी प्रखंड के चटाक गांव का रहने वाला था। वह हेरमदगा में अकलू महतो के मकान में किराये में रुम लेकर रहता था। घटना की सूचना मिलने के बाद गोला पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतक के रुम से पुलिस ने सुसाइट नोट बरामद किया है। जिसमें कुलदीप ने मौत का कारण खुद को बताया है। साथ ही इसमें किसी का कोई दोष नहीं होना लिखा है। परिजनों ने हत्या की आशंका व्यक्त की है। परिजनों ने बताया कि कुलदीप के मुंह से खून निकल रहा था। साथ ही दरवाजा खुला हुआ था। इस संबंध में एसआई विक्रम शील ने बताया कि परिजनों के आरोप के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का खुलासा हो सकता है।
सुसाइड नोट में लिखा
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद किया गया है। जिसमें उसने कहा है कि मैं अपना मौत का कारण मैं खुद हूं। ना किसी चीज का प्रेशर ना किसी से किसी तरह का लफरा ना ही कोई गलत काम। मम्मी पापा कभी ये छोटा सा दिल कभी अगर ज्यादा दुखा दिया हो तो हमको माफ करना। मेरी छोटी सिस्टर कोमल रानी माफ कर देना, अपना ख्याल रखना।
बताया जाता है कि मृतक के पिता किशोर राम तीन शादियां कर चुका है। पहली पत्नी से तीन पुत्री एवं दो पुत्र हैं। इसमें तीनों पुत्री की शादी हो चुकी है। जबकि बड़ा पुत्र भी दस वर्ष पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर चुका है। वहीं पहली पत्नी की भी मौत हो चुकी है। इसके बाद किशोर ने दूसरी शादी रेणु देवी से की, जो वर्तमान में दुलमी प्रखंड की प्रमुख है, जिससे एक पुत्री है। जबकि किशोर ने गांव में एक और महिला से शादी किया है। कुलदीप पहली पत्नी का ही संतान था। मृतक की बहन ने भाई की मौत का कारण पिता को बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जमशेदपुर: सहारा इंडिया में निवेश करने वाले निवेशकों ने जमा पैसों को वापस किये जाने की मांग को लेकर संयुक्त ऑल इंडिया जन आंदोलन संघर्ष न्याय मोर्चा के बैनर तले देश भर के जिला मुख्यालयों के समक्ष एक दिवसीय भूख हड़ताल किया, साथ ही केंद्र सरकार से पैसे वापस किये जाने की मांग की. इन्होंने कहा कि कई वर्षो से सहारा और सेबी के विवाद का बहाना बनाते हुए निवेशकों के पैसों का गबन किया गया हैं. सहारा में निवेश करने वाले छोटे से बड़े निवेशक एवं खाता धारक अपने आप को ठगे हुए से महसूस कर रहे हैं. इन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी इस मामले मे कोई पहल नहीं कर रही हैं, और देश भर मे करोड़ों लोग इसके भुक्तभोगी हो गए हैं. इतना होने के बावजूद अभी तक सहारा के एजेंट ऑफिस खोलकर गैरकानूनी तरीके से खाता धारकों से खातों मे पैसे जमा करवा रहे हैं. इन्होंने कहा की अगर केंद्र सरकार खाता धारकों एवं निवेशकों से पैसे वापस करवाने की दिशा मे पहल नहीं करती हैं तो आगामी चुनाव मे ये वोटों का बहिष्कार भी करेंगे.