पलविंदर कौर को स्त्री सत्संग सभा व रजिंदर सिंह को नौजवान सभा की मिली कमान
बैसाखी के अवसर पर मनीफिट गुरुद्वारा साहिब में बहुत ही शालीन तरीक़े से अमरीक सिंह को प्रधान चुनकर संगत ने एक उदाहरण पेश किया। शुक्रवार को बीबी पलविंदर कौर को स्त्री सत्संग सभा और रजिंदर सिंह को नौजवान सभा का प्रधान भी मनीफिट गुरुद्वारा में मनोनीत कर लिया गया।
गुरुद्वारा साहिब में संगत के बीच अमरीक सिंह प्रधान बने जबकि चेयरमैन करम सिंह व गुरमेज़ सिंह को और कोषाध्यक्ष सोहन सिंह को बनाया गया । वहीं स्त्री सत्संग सभा के चुनाव में पलविंदर कौर को प्रधान, सुखविंदर कौर को उपाध्यक्ष और जसबीर कौर को कोषाध्यक्ष चुना गया। रजिंदर सिंह को गर्मजोशी के साथ नौजवान सभा का प्रधान बनाया गया जबकि महासचिव सुरजीत सिंह बिल्ला को वि कोषाध्यक्ष अमरीक सिंह वीरू को चुना गया। इस अवसर और गुरुद्वारा परिसर के साथ वाले प्लॉट को गुरुद्वारा परिसर में शामिल करने के लिए कार्य भी आरंभ किया गया।
साकची गुरुद्वारा में सजा महान कीर्तन दरबार, संगत ने एक दूसरे को दी बैसाखी बधाइयाँ
बैसाखी व खालसा सृजन दिवस के पावन मौक़े पर साकची गुरुद्वारा परिसर में 60 सिख अमृतपान कर खालसा सजे। शुक्रवार को साकची गुरुद्वारा परिसर में महान कीर्तन दरबार का भी आयोजन भी मौक़े पर किया गया।
बैसाखी पर अकाली दल, जमशेदपुर द्वारा साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के सहयोग से अमृत संचार कराया गया जहां 60 सिख अमृत छक कर खालसा रूप में सजे। अकाली दल के जत्थेदार ज्ञानी सुखदेव सिंह, भाई रवीन्द्र सिंह, भाई भूपिन्दर सिंह, भाई गुरदीप सिंह, भाई रविन्द्रपाल सिंह भाई जसबीर सिंह (ग्रंथी), भाई प्रीतपाल सिंह, भाई चरणजीत सिंह के अलावा सेवादार अमृतपाल सिंह की देखरेख में अमृतपान कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।
इससे पूर्व महान कीर्तन दरबार में प्रचारक बाबा अमृतपाल सिंह अमृतसर वाले ने संगत को गुरमत विचारों से रू ब रू कराया। वहीं भाई साहिब भाई मनदीप सिंह अमृतसरवाले हज़ारी रही जत्था गुरद्वारा साहिब साकची ने अपने मधुर शब्द कीर्तन से संगत को निहाल किया। इस अवसर पर साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशान सिंह ने संगत को बैसाखी व खालसा सृजन दिवस की बधाई देते हुए गुरु महाराज से सदैव जुड़े रहने की अपील कि।
कदमा के शास्त्रीनगर में 10 अप्रैल को हुए सांप्रदायिक उपद्रव मामले में जो कार्रवाई हो रही है, उससे जिला पुलिस और जिला प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और पूर्व अध्यक्ष रवींद्र राय ने अभय सिंह, सुधांशु ओझा और विहिप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर आपत्ति जताई है। भाजपा नेता का कहना है कि ये गिरफ्तारियां प्रशासन ने एक मंत्री के इशारे पर की हैं।
नौ अप्रैल की घटना को हल्के में लेने का आरोप
भाजपा के मुताबिक, नौ अप्रैल को जब महावीरी झंडे में मांस का टुकड़ा बंधा हुआ मिला और इसे लेकर जो हंगामा हुआ, उसे लेकर पुलिस ने लापरवाही बरती। पुलिस ने वहां जवानों की तैनाती नहीं की, जिसके बाद उपद्रवियों ने दूसरे दिन हमला कर दिया। मंदिर और हिंदुओं के साथ-साथ पुलिस पर भी उपद्रवियों ने पथराव किया। इस मामले में पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल दिखा।
बौखलाहट में की गई कार्रवाई
भाजपा के मुताबिक, अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस-प्रशासन ने बौखलाहट में आक्रामक कार्रवाई शुरू कर दी। इसमें ऐसे-ऐसे लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जिनका इस घटना से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध नहीं था। भाजपा नेता अभय सिंह कदमा नहीं गए, न किसी से मिले थे। इसके बावजूद उन्हें कुख्यात आतंकवादी की तरह सुबह-सुबह घर में घुसकर दरवाजा तोड़कर गिरफ्तार किया। अभय सिंह उस वक्त नींद में थे। इस कार्रवाई से यही सवाल उठ रहा है कि क्या अभय सिंह ऐसे दुर्दांत अपराधी थे, जो पुलिस से मुठभेड़ कर सकते थे। अभय सिंह और हिन्दू संगठनों के नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए प्रशासन ने रात 2 बजे से पूरे शहर का इंटरनेट बंद कर दिया गया और साकची जेल से घाघीडीह जेल के लिए निकलते ही संध्या 7 बजे के करीब इंटरनेट को पुनः बहाल कर दिया गया, आखिर पूरे शहर का नेट बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी।
भाजपा नेता पर लगी 18 धाराएं
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और धनबाद के संगठन प्रभारी अभय सिंह को पुलिस 11 अप्रैल को सुबह करीब छह बजे घर से दरवाजा तोड़कर गिरफ्तार कर ले गई। जब कार्यकर्ता थाने का घेराव करने लगे, तो थानेदार ने उन्हें धमकी दी कि 10 मिनट में यहां से नहीं गए, तो सबको अंदर कर दिया जाएगा। अभय सिंह पर 18 धाराएं लगाई गई हैं।
क्या बोले दीपक प्रकाश
इस बारे में दीपक प्रकाश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि मैं स्वयं कानून का छात्र रहा हूं, प्राथमिकी में दर्ज विवरण और धाराओं में कोई तालमेल नहीं है। जमशेदपुर में पुलिस और जिला प्रशासन की कार्रवाई आपातकाल जैसी है।
गिरफ्तारी पर क्या बोले सरयू राय
विधायक सरयू राय ने विहिप कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर कहा कि आश्चर्य है कि इनमें से एक अधिवक्ता हैं, जो सीधे कोर्ट से एसएसपी कार्यालय गये थे। एक अपनी मां के श्राद्धकर्म से एक दिन पहले जमशेदपुर लौटा था। इनमें से कोई दो दिन के भीतर कदमा नहीं गया था लेकिन पुलिस की नजर में वह भी अभियुक्त हो गया। गुहार लगाने वालों पर आर्म्स एक्ट लगा दिया गया, जबकि ये नामजद भी नहीं थे।
अधिवक्ताओं ने गिरफ्तारी के खिलाफ की हड़ताल
इनमें से एक अधिवक्ता चंदन चतुर्वेदी को हथकड़ी लगाने के विरोध में दो दिन तक कलमबंद हड़ताल पर रहे। इस मामले में एसएसपी ने हथकड़ी लगाने वाले सिपाही को निलंबित और एएसआई को शोकाज किया, जिसके बाद अधिवक्ताओं ने हड़ताल समाप्त कर दिया।
दीपक प्रकाश ने अभय सिंह के परिवार से की मुलाकात
दो दिन बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय शहर आए। उन्होंने अभय सिंह के स्वजनों से मुलाकात की। दीपक प्रकाश जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. दिनेशानंद गोस्वामी व भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव के साथ घाघीडीह जेल गए, लेकिन जेल प्रशासन ने इन्हें डेढ़ घंटे तक इंतजार कराने के बाद लौटा दिया। रवींद्र राय ने भी अभय सिंह के स्वजनों से मुलाकात की।
हिंदुओं की ओर से खड़े हुए सरयू राय
इस पूरे प्रकरण में भाजपा से निष्कासित विधायक सरयू राय हिंदुओं की ओर से खड़े दिख रहे हैं। जब अभय सिंह की गिरफ्तारी हुई, सबसे पहले सरयू बिष्टुपुर थाना पहुंचकर उनसे बात की। इसी तरह जमशेदपुर कोर्ट परिसर से जब विहिप कार्यकर्ताओं को जेल भेजा रहा था तो वहां भी सिर्फ सरयू राय मौजूद थे।
हरजिंदर सिंह होंगे मानगो गुरुद्वारा के अगले प्रधान
बैसाखी के शुभ मौक़े पर सीजीपीसी और मानगो के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने उत्तराधिकारी के रूप में सरदार हरजिंदर सिंह को मानगो गुरुद्वारा का अगला प्रधान घोषित किया गया। बैसाखी और खालसा सृजन दिवस के अवसर पर मानगो गुरुद्वारा में संगत से भरी सभा में सरदार भगवान सिंह ने मंच से सरदार हरजिंदर सिंह के नाम की घोषणा अगले प्रधान के रूप में की। हरजिंदर सिंह के नाम पर संगत ने भी परवानगी दे दी। हालाँकि सरदार हरजिंदर सिंह कुछ निजी कारणों से पंजाब गये हुए हैं इसलिए मौके पर उपस्थित नहीं हो सके। मानगो गुरुद्वारा के ट्रस्टी संता सिंह, जसबीर सिंह, प्रीतपाल सिंह व कृपाल सिंह ने भगवान सिंह को प्रधानगी का प्रशस्ति पत्र भगवान सिंह को दिया उपरांत भगवान सिंह ने हरजिंदर सिंह के नाम की घोषणा की।
भावुक मन से भगवान सिंह ने संगत से क्षमा मांगते हुए कहा की गुरु रूप संगत ने जो प्रेम उनके प्रति दिखाया है उनके वे ऋणी हैं वे उसे शब्दों में बयान नहीं कर सकते हैं। संगत के सहयोग से छः वर्ष गुरुद्वारा साहिब की जो सेवा की उसका सारा श्रेय उन्होंने संगत और अपने कमिटी सदस्यों को दिया। भगवान सिंह ने कहा समय विवशता और अन्य जरुरी जिम्मेदारियों के कारण वे पूरा समय गुरुद्वारा साहिब को नहीं दे पाएंगे परन्तु जब भी उनकी जरुरत होगी वे सशरीर उपस्थित रहेंगे और उनका सहयोग बरकार रहेगा। पद त्यागने के बाद नव नियुक्त प्रधान को उन्होंने बधाई देते हुए आगे के कार्यों के लिए शुभकामएं भी दी।
झारखंड : चतरा में तीन अप्रैल को पुलिस मुठभेड़ में पांच माओवादियों के मारे जाने के विरोध में झारखंड के पलामू और आसपास के क्षेत्रों में नक्सलियों द्वारा आहूत दो दिवसीय बंद के पहले दिन शुक्रवार को पलामू जिले के तीन थाना क्षेत्रों में आम जनजीवन प्रभावित हुआ। हालांकि, अन्य क्षेत्र बंद से प्रभावित नहीं हुए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के नौडीहा में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए पांच माओवादियों के विरोध में राज्य के पश्चिमी जिलों में चरमपंथियों के प्रतिबंधित संगठन ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी’ (माओवादी) ने 14 एवं 15 अप्रैल को बंद का आह्वान किया है।
छत्तरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसपीडीओ) अजय कुमार ने ‘पीटीआई/भाषा’ से बातचीत में कहा कि माओवादियों के इस बंद का हरिहरगंज, पीपरा और नौडीहा थाना क्षेत्र में जबरदस्त असर देखने को मिला क्योंकि इन क्षेत्रों में सड़कों पर वाहन नहीं चल रहे और दूकानें एवं व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहे। पुलिस चौकसी के बीच आम जीवन को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। अबतक किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
दूसरी तरफ लेस्लीगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसपीडीओ) आलोक कुमार टूट्टी ने बताया कि चतरा जिले से सटे पलामू जिले के मनातू, तरहसी, पिपराटांड़ और पांकी थाना क्षेत्रों में पुलिस सतर्क है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गश्त तेज कर दिया गया है। टूट्टी ने बताया कि बंद का इस पुलिस अनुमंडल में विशेष प्रभाव अभी तक नहीं दिखा है। माओवादियों के इस बंद की जानकारी बिहार के गया जिले के भदवर थाना क्षेत्र के नंदई और रोशनगंज थाना क्षेत्र के बालासोत के बिजली के ट्रांसफर में हस्तलिखित पोस्टर के माध्यम से हुई थी। जिसमें झारखंड के पश्चिमी भाग तथा बिहार के कुछ हिस्सों में बंद की बात कही गयी थी।
सिख कौम द्वारा की जाने वाली सेवाओं से जुड़कर भाग्यशाली महसूस कर रहा हूँः षाडंगी
जन कल्याण कार्यों को बल मिलेगा एम्बुलेंस सेः भगवान सिंह
पूर्व विधायक व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने बैसाखी सह खालसा सृजन दिवस पर जमशेदपुर में सिखों की सिरमौर संस्था सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को जनकल्याण कार्य हेतु एम्बुलेंस भेंट की। शुक्रवार को सीजीपीसी कार्यालय में पहुंचकर कुणाल सारंगी ने एम्बुलेंस की चाबी सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह को सौंपी। झारखंड प्रदेश गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सरदार शैलेन्द्र सिंह, सीजीपीसी के संरक्षक गुरदीप सिंह पप्पू, साकची गुरुद्वारा के प्रधान निशान सिंह, सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह, सलाहकार गुरचरण सिंह बिल्ला, परविंदर सिंह सोहल, गुरशरण सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नु, सुखविंदर सिंह राजू, दलजीत सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू गणमान्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे जबकि आगाज़ संस्था के हरविंदर सिंह, इन्दरजीत सिंह, सत्प्रीत सिंह, हरविंदर सिंह, संतोक सिंह, अमनजोत सिंह, धवल सेठ व सूर्या राव भी इस पुनीत कार्य के गवाह बने।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए कुणाल षाडंगी ने कहा कि सिख कौम अपनी सेवा भाव के लिए जानी जाती है और उनके इस सेवा भावना से जुड़कर उन्हें बहुत ख़ुशी हो रही है।उन्होंने कहा वे अपने आप को बहुत भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं। कुणाल षाडंगी ने आगे भी अपना सहयोग जारी रखने की बात भी कही। भगवान सिंह ने कुणाल षाडंगी द्वारा दी हुई एम्बुलेंस के लिए उनका धन्यवाद ज्ञापन किया और सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस से जन कल्याण कार्यों में बल मिलेगा और ज़रूरतमंद लाभान्वित होंगे। मंच का संचालन सरदार शैलेंद्र सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन महासचिव अमरजीत सिंह ने किया।
जमशेदपुर : भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा शुक्रवार को जमशेदपुर के सेंट्रल जेल पहुंचे। यहां पर वे सीधे अभय सिंह से मिलने के लिये जेल में गये और मुलाकात भी की। इस बीच उनके बेहद करीबी नेता भी साथ में थे, लेकिन भीतर जाने की किसी को अनुमति नहीं थी। अर्जुन मुंडा के सेंट्रल जेल में जाकर अभय सिंह से मिलने का मामला पूरी तरह से चर्चा का विषय बना हुआ है।
अर्जुन मुंडा सेंट्रल जेल में करीब 20 मिनट तक रहे और अभय सिंह से घटना की जुबानी सुनी। इस बीच अभय सिंह ने पूरी कहानी बतायी और कहा कि कदमा की घटना के दिन वे उस तरफ नहीं गये थे। उन्हें तो सोची-समझी साजिश के तहत फंसाने का काम किया गया है। इस बीच अर्जुन मुंडा ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जायेगी। अर्जुन मुंडा के साथ जेल के भीतर भाजपा नेता आदित्यपुर के शैलेंद्र सिंह और जिला परिषद पूर्वी सिंहभूम की चेयरमैन बारी मुर्मू भी मौजूद थी।
जमशेदपुर में अधिवक्ता चंदन चौबे की गिरफ्तारी का विरोध लातेहार बार एसोसिएशन पहुंच गया है. इसको लेकर लातेहार जिला अधिवक्ता संघ ने कचहरी परिसर में संयुक्त बैठक आयोजित कर गिरफ्तारी का पुरजोर विरोध किया है.साथ ही गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन का प्रारूप तैयार किया गया.
मामले पर अधिवक्ता लाल अरविंद नाथ शाहदेव ने कहा कि पूरे मामले पर जमशेदपुर पुलिस संदेह के घेरे में है. उन्होंने कहा कि कानूनी प्रावधान के तहत किसी अभियुक्त को गिरफ्तार करने से पूर्व कानूनन नोटिस दिया जाता है. इसके बाद गिरफ्तारी की प्रक्रिया आरंभ होती है. उन्होंने कहा कि अधिवक्ता चंदन चौबे को पुलिस द्वारा कानून का पालन नहीं किया गया और जबरन हथकड़ी पहनायी गई. जो कानून नहीं बल्कि गैरकानूनी है. कहा कि यह सांकेतिक आंदोलन का आगाज है. यदि दोषी पुलिस कर्मी के विरूद्ध अविलंब कार्रवाई नहीं होती है तो लातेहार बार एसोसिएशन सड़क से सदन तक प्रशासन के खिलाफ आवाज उठायेगा और न्याय तक हम सभी चंदन चौबे जी के साथ रहेंगे.
मौके पर अधिवक्ता संघ के जिला सचिव वृंद् कुमार,नवीन कुमार गुप्ता,संतोष रंजन,राजु रंजन पाण्डेय,विवेक गुप्ता,रमन महतो,अनिल कुमार ठाकुर सहित सभी अधिवक्ता शामिल थे.
गुरूवार को बिष्टुपुर स्थित श्रीकृष्णा पब्लिक स्कूल के तीन बच्चे तपती गर्मी में गश खाकर गिर गए. वहीं जुगसलाई का एक बच्चा दोपहर में स्कूल से छुट्टी होने के बाद मोटरसायिकल से घर जाने के दौरान गिरकर जख्मी हो गया. बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन से छोटे बच्चों को सुबह 11 बजे तक कक्षा करवाने की मांग की. गुरूवार को जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है. मौसम विभाग की माने तो अप्रैल में गर्मी पुराने रिकार्ड तोड़ सकती है. 41 से 43 डिग्री सेल्सियस तापमान जा सकता है. आने वाले कुछ दिनों में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.
गर्मी का कहर शुरू होते ही इलेक्ट्रॉनिक्स दुकानों में ग्राहकों की भीड़ शुरु हो गई है. एयरकंडिशन, कूलर एवं पंखा की खरीददारी के लिए ग्राहकों की भीड़ दुकानों में देखी जा रही है. वहीं खीरा, ककड़ी, तरबूज, सत्तू एवं अन्य तरल खाद्य पदार्थों की बिक्री भी बढ़ गई है. मौसम विभाग ने 14 से 20 अप्रैल के बीच 37 से 43 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान जताया है. जिसमें जमशेदपुर, डासलटेनगंज एवं रांची का तापमान 40-43 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. दूसरे सप्ताह (21 से 27ल अप्रैल) में 36-41 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान है.
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं प्राय: मजदूरी का काम और खेती सब्जी बाड़ी को ही आय का महत्वपूर्ण साधन समझती रही हैं। वर्षो से श्रम और पारम्परिक पशुपालन आय का स्त्रोत रहा है किंतु पहली बार अब वे मशरुम उत्पादन कर अच्छा आय अर्जित करने लगी हैं । डुमरिया प्रखंड के खैरबनी पंचायत अंतर्गत खैरबनी गांव की दस महिलाओं ने सामूहकि रुप से मशरुम की खेती एक 30×30 की जमीन पर पुआल-बॉस की घर बनाकर करना शुरू किया जो उनके लिए आय का अच्छा स्रोत साबित हुआ है।
जे.टी.डी.एस से मिला तकनीकी प्रशिक्षण एवं आर्थिक सहयोग
झारखंड ट्राईबल डेवलपमेंट सोसाइटी (JTDS) द्वारा वर्ष 2016 में गांव के महिलाओं का समूह बनाकर उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने की पहल की गई। थोपे बाहा महिला समिति के नाम से एक स्वयं सहायता समूह बनाकर प्रारंभ में दस हजार रू. का बीज पूंजी तथा संचालन से जुड़ी कई प्रशिक्षण JTDS के द्वारा दिया गया । मशरुम उत्पादन हेतु खैरबनी गांव की 42 अनुसूचित जनजाति की महिला को प्रशिक्षण के साथ ही प्रत्येक महिला को 40-40 बैग जिसमें पुआल, मशरुम बीज, कीटनाशक दवा, प्लास्टिक, स्प्रेयर तथा सभी 42 महिलाओं के बीच 2 मशरुम ड्रायर मशीन तथा 2 पुआल कटर वितरित किया गया ।
थोपे बाहा महिला समिति से ही जुड़ी गांव की 10 महिलाओं सोनामुनी हासदा, आरसू हेम्ब्रम, पावेट हेम्ब्रम, पोको मुर्मू, गेरथो मार्डी, पानोमुनी मार्डी, बती हेम्ब्रम आदि ने समूह में व्यवसायिक रूप से मशरुम उत्पादन शुरू कर सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी हैं। इस वर्ष अब तक 386 किलो मशरुम का उत्पादन उन्होने किया है जिसमें 264 किलो का स्वयं घरेलू खपत के बाद कुल 133 किलो मशरुम की बिक्री कर लगभग 16,000 रु. की उन्हें आमदनी हुई। JTDS के डीपीएम रुसतम अंसारी ने बताया कि मशरूम उत्पादन महिलाओं के आर्थिकपार्जन की दिशा में पहला प्रयास है जो सफल होता दिख रहा है। खास बात यह है कि महिला अब इसे गांव के हाट में भी बेच पा रही है। कुछ कच्चा और सुखा मशरुम एंजेसी को बेची जा रही है। आने वालों वर्षों में यह ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापकता पा लेगा।