समाहरणालय सभागार, जमशेदपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में उपायुक्त श्रीमती विजया जाधव ने जिले के सभी स्कील ट्रेनिंग पार्टनर्स के साथ बैठक कर सेंटर की गतिविधियों को समझा । निदेशक डीआरडीए श्री सौरभ सिन्हा, जिला कौशल पदाधिकारी बम बैजू बैठक में मौजूद रहे। ट्रेनिंग सेंटर के बैच कैसे बन रहे, क्षमता के मुताबिक बच्चे आ रहे हैं या नहीं, पिछले एक वर्ष में प्लेसमेंट में क्या उपलब्धि है इसको जाना। उपायुक्त ने बैठक में मौजूद 15 ट्रेनिंग पार्टनर्स से बारी बारी से उनके क्रियाकलापों को समझा तथा सभी सेंटर द्वारा पिछले 1 वर्ष में औसत 50 फीसदी ही बच्चों का प्लेसमेंट किए जाने पर निराशा जाहिर की। उन्होने कहा प्रत्येक बैच में 4 % एससी, 46% एसटी बच्चों का होना अनिवार्य है। ट्रेनिंग सेंटर्स को बाजार की मांग के अनरूप ट्रेड बदलने की आवश्यकता है । मार्केट का क्या डिमांड है, ट्रेनिंग पार्टनर्स पहले इसे समझें। वैसे प्लेसमेंट का कोई मतलब नहीं रह जाता जहां बच्चे 4-5 महीने की नौकरी के बाद वापस अपने घर में बैठ जा रहे हैं।
शासन-प्रशासन के संसाधनों का सदुपयोग करें, बच्चें और उनके अभिभावकों की काउंसिंलिग पर फोकस करें
राज्य सरकार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए तथा उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए काफी संवेदनशीलता से कार्य कर रही है जिसमें स्कील ट्रेनिग पार्टनर्स की भी महती भूमिका है… ये बातें उपायुक्त ने कही। उन्होने कहा कि तीन चीजों आई.ई.सी(ट्रेड का प्रचार-प्रसार), काउंसिलिंग और प्लेसमेंट पर फोकस करें । बच्चों या उनके अभिभावकों की काउंसिंलिग में कोई समस्या आ रही हो तो शासन-प्रशासन के संसाधनों का सदुपयोग करें। माननीय विधायक गण के प्रतिनिधि, जिला परिषद सदस्य, पंचायत जनप्रतिनिधि हों या पीडीएस डीलर, जेएसएलपीएस की महिला समूह इन सभी के साथ बैठक करें, ट्रेड की जानकारी दें। पीडीएस दुकान या महिला एस.एच.जी के बैठक स्थल में पोस्टर चिपकायें, हैंडबिल या अन्य आकर्षक तरीकों से प्रचार प्रसार करें।
उपायुक्त ने कहा कि जितने भी बच्चे ट्रेनिंग पा चुके हैं उसकी लिस्ट जिला प्रशासन को भी दें, उनके नियोजन को लेकर जिला में स्थित कंपनियों से बात की जाएगी। शॉर्ट हैंड, लीगल राईटिंग, ऑफिस नोट, जेनरल सेक्रेटेरियल एसिस्टेंस, स्पोकेन इंग्लिश, रेफ्रिजरेटर मरम्मती, वॉशिंग सेंटर, प्लंबिंग, एसी रेपयर, कुकिंग, शेफ, बैक ऑफिस, सेल्समैन, एप डेवलपर, पेंटिंग, एनिमेशन जैसे ट्रॅड को भी शामिल करें। उन्होने कहा कि कोरोना काल के बाद ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में बड़ी बूम देखी जा रही है, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, सिर्विसिंग का ट्रेड शुरू करायें। रिलेक्सेशन इंड्रस्ट्री(मशाज थेरेपिसेट) हो या बैग इंडस्ट्री इससे जुड़ी ट्रेनिंग बच्चों को दें। स्कूल बैग, हैंड बैग आदि तथा पैकेजिंग इडस्ट्री से जुड़ी ट्रेड पर ध्यान दें, प्लेसमेंट की संभावना बढ़ेगी। इस क्षेत्र के बच्चों में स्पोकन इंग्लिश एक समस्या है, 3-4 महीने का स्पोकन इंग्लिश ट्रेनिंग शुरू करें।
उपायुक्त ने कहा कि प्लेसमेंट के लिए जमशेदपुर के आसपास वैसे जगहों को प्राथमिता में रखें जहां से बच्चे एक रात में बस की यात्रा से घर पहुंच सकते हैं। इससे लंबे समय तक नौकरी में टिके रहने की संभावना बढ़ेगी। लड़कियों या लड़कों का किस ट्रेड में ज्यादा मन लगता है इसे देखें, जेंडर स्पेसिफिक ट्रेड होना चाहिए ।
शहर के अद्ध शहरी इलाका करनडीह का बिजली ऑफिस शुक्रवार को विभागीय लापरवाही के कारण जलने से बच गया। इस दौरान बड़ा हादसा हो सकता था। गनिमत है कि सूचना मिलते ही दमकल पहुंच गया और आग पर समय रहते काबू पा लिया। आग ट्रासफारमर के खराब पड़े तेल में लगी थी। तेल के बगल से ही बिजली की तार गयी है और तार में शार्ट-सर्किट से आग लगी थी। करनडीह के बिजली ऑफिस के गड्ढ़े में दिन के 3 बजे आग लगी थी। गड्ढ़े को देखकर ऐसा नहीं लगता है कि वह ट्रांसफारमर का खराब तेल होगा। देखने पर वहां का नजारा तालाब जैसा प्रतीत होता है। आगलगी की घटना के बाद यह आग बुझनेवाली नहीं थी। जिस तरह से धनबाद में कोयले की खान में दशकों से आग लगी हुई है ठीक उसी तरह की स्थिति यहां पर भी उत्पन्न होने वाली थी।
विभाग को कोस रहे हैं स्थानीय लोग
जहां पर आग लगी है उसकी जवाबदेही बिजली विभाग का कौन अधिकारी लेगा। यहां पर दशकों से ट्रांसफारमर का खराब तेल बहाया जाता है। इस तेल के कारण ही आस-पास के चापाकलों से भी तेल की महक आती है। चापाकल के पानी का उपयोग लोग स्नान करने और बरतन धोने के लिये भी नहीं करते हैं। आखिर इसके लिये कौन जिम्मेवार है। लोग इस बिंदु पर ही बातें कर रहे हैं। करनडीह बिजली ऑफिस के पास आग लगने से पूरे इलाके की ही बिजली गिल कर दी गयी है। अगर बिजली विभाग के कर्मचारी सूज-बूझ से काम नहीं लेते तब पूरी की पूरी बिजली ऑफिस ही आग के चपेट में आ सकता था।
पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां के जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड के रूप में श्रीमती जैस्मिका बासके ने पदभार ग्रहण किया । निवर्तमान जिला विकास प्रबंधक श्री सिद्धार्थ शंकर, का पदस्थापन नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय राँची में हुआ है। श्री शंकर ने नए डीडीएम को बेहद सक्षम पदाधिकारी बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में नाबार्ड के विभिन्न नई योजनाओं को विस्तार और तीव्रता मिलेगी।
साकची थाना अंतर्गत कालीमाटी रोड स्थित सागर होटल के रसोई घर में शुक्रवार देर शाम अचानक आग लग गई। होटल परिसर से धुआं निकलता देख आस-पास के लोगों में अफरा-तफरी मचने लगी। प्रबंधन ने आनन-फानन में होटल के अंदर मौजूद लोगों को किसी तरह बाहर निकाला और इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना पाकर प्रभारी एएसपी सिटी सुमित अग्रवाल मौके पर पहुंचे। इधर, दमकल की दो वाहन भी मौके पर पहुंची और सीढ़ी के माध्यम से दमकल कर्मी किचेन वाले कमरे में पहुंचे और आग को बुझाने का काम कर रहें हैं। इस बीच होटल के बाहर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ भी जुटी हुई है। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है।
जमशेदपुर : भाजपा झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने गुरुवार को महामहिम राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन से मुलाकात की। राँची राजभवन में हुई मुलाकात में कुणाल षाड़ंगी ने झारखंड प्रदेश सहित कोल्हान की कई समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया। इस दौरान कुणाल षाड़ंगी ने महामहिम राज्यपाल को कोल्हान विश्वविद्यालय में जनजातीय भाषाओं को पढाने हेतु स्थायी शिक्षकों के न होने, राज्य में आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन की जर्जर स्थिति, राज्य के बाहर पढाई कर रहे जरूरतमंद विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि का नहीं मिलने के विषयों पर राज्यपाल का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने बताया कि कोल्हान विश्वविद्यालय राज्य के अनुसूचित जाति बाहुल्य इलाकों में स्थापित है लेकिन जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई के लिए यहाँ एक भी स्थायी शिक्षक नहीं है। घंटी आधारित शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। सैकड़ों विद्यार्थियों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या बहुत कम है। जिसपर राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि जल्द ही शिक्षकों की व्यवस्था होगी और बेहतर ढंग से जनजातीय भाषाओं की पढाई के लिए कोल्हान के छात्र छात्राओं के लिए सभी सुविधाओं युक्त एक या दो आवासीय केंद्र स्थापित होंगे।
कुणाल षाड़ंगी ने बताया कि राज्य सरकार के द्वारा राशि भुगतान नहीं करने के कारण प्रदेश के कई अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज करने से मना कर दिया है। राज्य सरकार की उदासीनता के कारण केंद्र सरकार की इतनी महत्वाकांक्षी योजना झारखंड में दम तोड़ रही है। इंश्योरेंस के प्रीमियम का भुगतान नहीं होने के कारण इंश्योरेंस कंपनी से अस्पताल को आयुष्मान योजना के अंतर्गत अपना इलाज करवा रहे मरीज़ों का भुगतान नहीं हो रहा है। इसके साथ ही, रेड क्रॉस की जिलावार बनी ईकाईयों को व्यवस्थित करने की आवश्यकता है।
कुणाल ने बताया कि झारखंड राज्य के बाहर पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं को कल्याण विभाग से मिलने वाली छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान कई महीनों से नहीं हुआ है और ना ही नए विद्यार्थियों का पंजीकरण हो रहा है। जिससे छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति की राशि के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे है। इस कारण सैकडों ज़रूरतमंद छात्र-छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न राज्यों के कई कॉलेजों में छात्र-छात्राओं पर इसके भुगतान करने हेतु दबाव बनाना शुरू किया है जिससे वे तनावग्रस्त हो रहे हैं।
बैठक के क्रम में महामहिम राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने अपने सचिव नितिन मदन कुलकर्णी को संबंधित विभाग के वरीय पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर इन सभी समस्याओं के उचित निदान करने का आदेश दिया। इस दौरान कुणाल षाड़ंगी के साथ रक्तदान से जुडे विषयों पर बढ-चढकर काम करने वाले राँची के ब्लडमैन के रूप में ख्याति प्राप्त युवा समाजसेवी अतुल गेरा भी मौजूद रहे।
जमशेदपुर पुलिस इन दिनों खुद को हाईटेक करने में लगी है। बीते दिनों ही जमशेदपुर पुलिस ने झारखंड में पहली बार क्यूआर कोड बेस्ड पुलिस पेट्रोलिंग की शुरुआत की थी जिसकी मदद से पेट्रोलिंग को आसान बना दिया गया था।
अब जिला पुलिस ने व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से खोए हुए मोबाइल की शिकायत के लिए एक नंबर लांच किया है, जिसकी मदद से कोई भी अपने खोए हुए मोबाइल की शिकायत कर सकता है। बस आपको घर बैठे जमशेदपुर पुलिस द्वारा जारी किये गए मोबाइल नंबर 9006123444 पर व्हाट्सएप करना है जिसके बाद एक गुगल फॉर्म को भरना पड़ेगा। इसके बाद पुलिस आपके मोबाइल को ढूंढने में लग जाएगी। गुरुवार को बिष्टुपुर थाना परिसर स्थित मल्टीपरपस हॉल से एसएसपी प्रभात कुमार ने विधिवत इस नंबर को लॉन्च किया।
इस तरह से करनी होगी शिकायत
आपको अपने मोबाइल पर पुलिस द्वारा जारी मोबाइल नंबर 9006123444 को सेव कर लेना है। नंबर सेव करने के बाद इसी नंबर पर HI, HELLO, JOHAR, या HELP जैसा कोई भी शब्द टाइप कर भेजे। शब्द टाइप करते ही आपके मोबाइल पर एक गुगल फॉर्म का लिंक आएगा, लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल पर एक फॉर्म खुलेगा जिसमें दिए गए जानकारियों को भरना होगा। इस फॉर्म में आपके स्थानीय थाने का नाम, आपका नाम, पता, मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियों के अलावा एक आईडी कार्ड और मोबाइल का बिल या मोबाइल के डब्बे का फोटा अपलोड करना होगा। जानकारी अपलोड करते ही यह सारी सूचना पुलिस के पास चली जाएगी। इसके बाद पुलिस आपके मोबाइल को ढूंढने में लग जाएगी। मोबाइल मिलते ही आपके रजिस्टर्ड ईमेल पर मेल पर जानकारी भेज दी जायेगी।
जाने क्या बताया एसएसपी प्रभात कुमार ने
एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि जमशेदपुर के सभी लोग इस नंबर को सेव कर ले। मोबाइल गुम होते ही इस नंबर पर व्हॉट्सएप करने। उन्होंने कहा कि जब तक कोई व्यक्ति इस नंबर पर मैसेज नहीं करेगा तब तक उसे कोई लिंक नहीं आएगा। अगर बिना मैसेज किए आपको कोई लिंक आता है तो उसे क्लिक ना करते हुए उसे डिलिट कर दें नहीं तो आप साइबर ठगी का शिकार हो सकते है।
इस कार्यक्रम के दौरान जमशेदपुर पुलिस ने लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल भी लौटाए. कार्यक्रम के दौरान जिले में खोए हुए कुल 157 मोबाइल को उनके असली मालिक को सौंपा गया. बता दें कि इस तरह का कार्यक्रम पुलिस पूर्व में भी कर चुकी है. अब तक कुल 800 से ज्यादा मोबाइल को उनके मालिकों को लौटाया जा चुका है. लोग अपने खोए हुए मोबाइल को पाकर काफी खुश दिखे.
भाजपा ने जमशेदपुर हिंसा की जांच सीबीआई या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग की। जमशेदपुर हिंसा को लेकर भाजपा के दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से की मुलाक़ात और निर्दोष भाजपा एवं विहिप कार्यकर्ताओं को रिहा कराने का किया अनुरोध।
जमशेदपुर स्थित कदमा के शास्त्रीनगर में हुए सांप्रदायिक हिंसा को लेकर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल से मुलाक़ात की। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री डॉ प्रदीप वर्मा, पूर्व गृह सचिव सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जे बी तुबीद, पूर्व आईजी सह प्रदेश कार्यसमिति सदस्य लक्ष्मण प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष गुंजन यादव, महानगर उपाध्यक्ष संजीव सिन्हा, महानगर महामंत्री अनिल मोदी, राकेश सिंह, कदमा मण्डल अध्यक्ष राजेश सिंह शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने माननीय राज्यपाल से मुलाक़ात के दौरान ज्ञापन सौंपते हुए विगत 9 अप्रैल, 2023 को जमशेदपुर स्थित कदमा के शास्त्रीनगर में हुए साम्प्रदायिक हिंसा की जांच सीबीआई या माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने तथा सभी निर्दोष भाजपा एवं विहिप कार्यकर्ताओं को रिहा कराने का आग्रह किया। ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि विगत 9 अप्रैल, 2023 को जमशेदपुर स्थित कदमा के शास्त्रीनगर में उपद्रवी तत्वों द्वारा जटाधारी शिव मंदिर पर पथराव कर साम्प्रदायिक हिंसा फैलाई गई, उन्मादी तथा उपद्रवी तत्वों के पथराव से कई पुलिसकर्मी घायल हुए। 9 अप्रैल को ही कदमा में एक संस्था द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी से लौटकर सैकड़ों युवकों ने मंदिर पर हमला किया। इससे जाहिर है कि कुछ उपद्रवी तत्वों का शहर में साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने की पहले से मंशा थी।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 8 अप्रैल को शास्त्रीनगर (कदमा) स्थित जटाधारी शिव मंदिर के पास महावीर झंडा लगे खम्बे पर पोलिथीन से टांगे गए मांस के टूकड़े पाये जाने पर क्षेत्र में तनाव उत्पन्न हुआ। मंदिर समिति के लोगों ने प्रशासन से महावीर झंडे के खम्बे पर माँस का टुकड़ा टांगने वाले को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने, मंदिर के आसपास के इलाके में सीसीटीवी लगाने तथा मन्दिर के बगल में अवैध रुप से अतिक्रमित कर माँस बेचने वाले दुकानों के अतिक्रमण हटाने की मांग किया। प्रशासन ने तीनों मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
9 अप्रैल को शाम 60-70 श्रद्धालुओं के द्वारा मंदिर परिसर के प्रांगण में हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा था,उसी समय कुछ उपद्रवी तेजी से आकर मंदिर में पत्थरबाजी कर भाग गये।इस घटना से मंदिर परिसर के लोग आक्रोशित हुए एवं जय बजरंगबली तथा जय श्रीराम के जयकारा करने लगे। पुलिस बल आकर मंदिर परिसर तथा आस-पास खड़े बहुसंख्यक समाज के लोगों को मजमा न लगाने तथा अपने घर वापस जाने के लिए दबाव दिया। बहुसंख्यक समाज के लोग अपने घरों में चले गए।
बताया कि 9 अप्रैल को ही शाम को कदमा के एक मैदान में एक संस्था के द्वारा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था जिसमें 2 से 3 हजार लोग एकत्रित हुए थे। इस इफ्तार पार्टी में कांग्रेस तथा झामुमो के कई नेता शामिल थे। इफ्तार पार्टी में कुछ अफवाह फैला। वहीं से सैकड़ों युवा शास्त्रीनगर स्थित मस्जिद के पास एकत्रित होकर उत्तेजित नारे लगाने लगे तथा मंदिर पर पत्थर फेंकने लगे। पुलिस के मना करने तथा उपद्रवियों पर बल प्रयोग करने पर उपद्रवियों ने पुलिस पर ही पत्थर फेंकने लगे, इतना ही नहीं बल्कि कुछ उपद्रवियों ने स्ट्रीट लाईट का स्वीच ऑफ कर (मस्जिद के पास एक खंम्बे में स्ट्रीट लाईट का स्विच है) दिया तथा 2 घंटे तक पुलिस पर पथराव किया। इस प्रकार पत्थर की मोटी चादर तैयार हो गई। इसी बीच किसी उपद्रवी ने झोपड़ीनुमा दुकान तथा मोटर साईकिल पर आगजनी कर साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने का कोशिश किया। शरारती तत्वों के द्वारा आधी रात तक शास्त्री नगर के निचले हिस्से (खरकाई नदी के तट पर अवस्थित घरों) पर पत्थरबाजी होता रहा। ऊपद्रवियों के पत्थरों से 10-12 पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए। यह आश्चर्य का विषय है कि उपद्रवियों को इतने पत्थर कहाँ से मिले मस्जिद के आस-पास के घरों की छतों पर कई दिनों से बड़े पैमाने पर पत्थरों के टूकड़े एकत्रित करने की चर्चा है। अर्थात असामाजिक कतिपय तत्वों के द्वारा साम्प्रदायिक तनाव एवं हिंसा फैलाने की पूर्व से योजना होने की आशंका है। सबसे आश्चर्य की बात है कि इस नियोजित षड़यंत्र की जानकारी सरकार के खुफिया विभाग को क्यों नहीं थी ।
10 अप्रैल को सबेरे बड़ी संख्या में पुलिस भाजपा नेता तथा जमशेदपुर महानगर के पूर्व अध्यक्ष अभय सिंह के काशीडीह (साकची थाना) स्थित घर पर पहुँची तथा अपराधी की भांति गिरफ़्तार कर उन्हें बिष्टुपुर थाना के हाजत में रखा गया। भाजपा कार्यकर्ताओं तथा लोगों के विरोध करने पर उन्हें हाजत से निकाला गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अभय सिंह घटना स्थल पर गये ही नहीं थे। 10 अप्रैल को सुबह पूर्व महानगर अध्यक्ष नंदजी प्रसाद, महानगर उपाध्यक्ष सुधांशु ओझा समेत कई भाजपा, विहिप एवं अन्य हिन्दू नेताओं के घर पर पुलिस ने गिरफ्तार करने हेतु छापामारी किया।
10 अप्रैल को विश्व हिन्दू परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल वरीय आरक्षी अधीक्षक से मिलने उनके कार्यालय पर पहुँचापुलिस ने प्रतिनिधि मंडल को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया । प्रतिनिधिमंडल में शामिल अधिवक्ता चंदन चौबे को हथकड़ी पहनाने पर जमशेदपुर न्यायालय के अधिवक्ताओं ने एक दिवसीय हड़ताल भी किया। भाजपा महानगर उपाध्यक्ष सुधांशु ओझा पुरी (ओडिसा) गए हुए थे। पुलिस उन्हें अपराधी की तरह गिरफ्तार कर जमशेदपुर लाई तथा उन्हें जेल भेज दिया।
गिरफ्तार किए गए तथा पुलिस की प्राथमिकी में दर्ज भाजपा, विहिप एवं अन्य हिन्दू नेता एवं लोग 9 अप्रैल के उपद्रव में शामिल नहीं थेपरन्तु उन्हें गैर जमानती धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर जिला प्रशासन द्वारा जेल भेजा गया। साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति में 9 अप्रैल को कदमा गणेश पूजा मैदान में इफ्तार पार्टी आयोजित करने की अनुमति जिला प्रशासन के द्वारा दिया जाना भी आश्चर्य का विषय है ।
बताया कि जमशेदपुर में श्री रामनवमी का उत्सव बड़े धूम-धाम से तथा डीजे एवं ट्रेलर पर झांकी के साथ आयोजन होता रहा है जिसमें बड़ी संख्या में लोग उत्साह के साथ महावीर झंडा विसर्जन जूलुस में भाग लेते हैं। इस वर्ष झांकी निकालने हेतु बड़े ट्रेलर (20 चक्का) का उपयोग एवं डी.जे बजाने पर जिला प्रशासन ने रोक लगाया। 30 मार्च, 2023 को साकची स्थित बाल मंदिर अखाड़ा ने जब डी.जे. के साथ झांकी निकाला तो प्रशासन ने डी.जे. तथा ट्रेलर को जब्त कर लिया। प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ एवं डी. जे. तथा ट्रेलर को छोड़ने की मांग को लेकर अखाड़ा समितियों ने 31 मार्च को महावीर झंडा का विसर्जन जूलुस नहीं निकालने एवं 1 अप्रैल को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया। अखाड़ा समितियों में काफी नाराजगी होने लगी। 31 मार्च (विसर्जन) को रात्रि 8 बजे जिला प्रशासन एवं अखाड़ा समितियों की वार्ता के बाद गतिरोध समाप्त हुआ तथा 31 मार्च एवं 01 अप्रैल को विसर्जन जूलुस निकला। प्रशासन के रवैये से श्रद्धालुओं में काफी असंतोष पनपा ।
9 अप्रैल के उपद्रव के बाद जिस तरह से निर्दोष भाजपा, विहिप एवं हिन्दू कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई इससे यह प्रतीत होता है कि जिला प्रशासन पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर पक्षपात करते हुए हिन्दू नेताओं पर कारवाई की। जमशेदपुर के कदमा थाना अन्तर्गत शास्त्रीनगर में 9 अप्रैल को हुए उपद्रव तथा साम्प्रदायिक हिंसा की जांच सी.बी.आई. अथवा झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश से होना चाहिए ताकि साम्प्रदायिक हिंसा का साजिश रचनेवाले एवं हिंसा में सम्मिलित तत्वों की पहचान कर उन्हें सजा मिले। निर्दोष भाजपा, विहिप एवं हिन्दू संगठनों के नेताओं पर प्रताड़ना करने वाले अधिकारियों की भी पहचान कर कानून के दायरे के बाहर काम करने वाले अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
बताया कि मंदिर समिति तथा बहुसंख्यक समाज के लोगों ने न तो हिंसा का सहारा लिया और न ही कोई पत्थरबाजी किया। परन्तु साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करने के आरोप में गैरजमानती धाराओं के तहत हिन्दू नेताओं को घरों से गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रशासन की मंशा समझ से परे हैप्रशासन द्वारा भाजपा, विश्व हिन्दू परिषद एवं हिन्दू संगठनों के नेताओं की इस मामले में किए गए गिरफ्तारी से समाज के एक बड़े तबके में आक्रोश है।
रामनवमी झंडा के विर्सजन जुलूस की तिथि के विवाद को लेकर जिला प्रशासन एवं रामनवमी अखाड़ा समिति के मतभेद से प्रशासन कुछ अखाड़ा समिति एवं भाजपा नेताओं के प्रति पूर्वाग्रह से ग्रसित था । प्रतिनिधिमंडल ने उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में महामहिम राज्यपाल से जमशेदपुर के शास्त्री नगर में घटित उपद्रव की जांच उच्च न्यायालय के माननीय न्याधीश अथवा सीबीआई से कराने एवम निर्दोष गिरफ्तार नेताओं को रिहा कराने की मांग की।
इससे पहले, माननीय प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश के निर्देशानुसार गठित पाँच सदस्यीय समिति ने घटना से संबंधित जाँच रिपोर्ट प्रदेश को सौंपा। इस समिति में डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, विद्युतवरण महतो, सांसद, जे.बी. तुबिद, पूर्व गृह सचिव, लक्ष्मण प्रसाद सिंह, पूर्व आई.जी., लक्ष्मण टुडु, पूर्व विधायक शामिल थे।
जमशेदपुर : जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) ने बुधवार को साकची समेत शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। खुले में भवन निर्माण सामग्रियां रख कर अतिक्रमण करने वालों एवं प्लास्टिक के कैरी बैग प्रयोग करने वाले दुकानदारों समेत नौ लोगों से ₹1,37,600 का जुर्माना वसूला। सिदगोड़ा सैरात बाजार में बिना अनुमति के दुकान की संरचना बदलने वाले दुकानदार पर कार्रवाई करते हुए उसकी दुकान को सील कर दिया गया है।
धनबाद : बलियापुर प्रखंड की करमाटांड़ पंचायत के हुचुक टांड़ गांव में बुधवार को आयोजित भोक्ता मेला में विषाक्त चाट, गोलगप्पा व छोला-भटूरा खाकर 200 से अधिक लोग बीमार पड़ गये। फूड प्वाइजनिंग के शिकार लोग उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर रात नौ बजे से आधी रात बाद तक एसएनमएमएमसीएच व शहर के अन्य अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंचते रहे। रात 11.30 बजे तक एसएनएमएमसीएच में 150 से अधिक मरीज पहुंच चुके थे। शहर के दूसरे निजी अस्पतालों में भी इलाज के लिए बीमारों को भर्ती कराया गया। बीमारों में एक वर्ष के बच्चा से लेकर 90 वर्ष के वृद्ध तक शामिल थे। इतनी संख्या में मरीजों के एक साथ आने पर एसएनएमएमसीएच में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गयी।
अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल स्टूडेंट्स के साथ-साथ सभी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर व पारा मेडिकल स्टॉफ को इलाज में लगा दिया। इस दौरान बीमारों को प्राथमिक इलाज के साथ ग्लूकोज चढ़ाया गया। दूसरी ओर, पुलिस-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीम देर रात हुचुक टांड़ गांव पहुंची। गांव में टीम कैंप कर बीमार लोगों की खोज-खबर लेती रही। बीमार लोग हुचुकुटांड़, करमाटांड़, बरई टोला, नीचे टोला, आदिवासी टोला, कुम्हार टोला, बीसीसीएल कॉलोनी करमाटांड़, धोखरा, कहालडीह, ढांगी आदि गांवों के रहनेवाले हैं।
एसएनएमएमसीएच में पांव रखने की नहीं थी जगह
एसएनएमएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में इतनी संख्या में मरीजों के एक साथ आने से एक भी बेड खाली नहीं बचा। अधिकतर मरीजों का इलाज जमीन पर लिटा कर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार अधिकतर की स्थिति नियंत्रण में है। छोटे बच्चों में अधिक उल्टी के कारण पानी की कमी हो गयी है। उनका उपचार किया जा रहा है। इधर, मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने इन्हें इएनटी, सर्जरी व पीडियाट्रिक विभाग में शिफ्ट किया। इन वार्डों में बेड कम पड़ने की वजह से एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटा कर इलाज किया गया।
नियोजन नीति के विरोध में आज झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। नियोजन नीति के खिलाफ झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। झारखंड स्टेट स्टूडेंट्स यूनियन की ओर से आज सुबह 6:00 बजे से ही शहर के विभिन्न इलाकों में बंद कराया गया। मोरहाबादी में बंद समर्थकों ने सब्जी मंडी और आसपास लगने वाले दुकानों को बंद कराया।
सड़क पर उतरे बंद समर्थक
बंद समर्थकों की ओर से किसी तरह का हंगामा ना किया जाए, इसके लिए पुलिस भी मुस्तैद है। अल्बर्ट एक्का चौक पर कोतवाली डीएसपी की ओर से पुलिस के जवानों को ब्रीफिंग की गई। वही मोराबादी में बंद कराए की सूचना मिलने के बाद सिटी डीएसपी दीपक कुमार जवानों के साथ पहुंचे और 1 समर्थकों को खदेड़ा। अब तक मिली जानकारी के अनुसार रामगढ़ बोकारो रांची से सटे सिल्ली कई इलाकों में बंद को सफल बनाने की कोशिश की जा रही है। वहीं शहर के विभिन्न क्षेत्र में युवा जुट रहे हैं और लोगों से दुकानें बंद करने का आह्वान कर रहे हैं। तीन दिनों से छात्र महा आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के पहले दिन मुख्यमंत्री आवास घेरने की कोशिश हुई, दूसरे दिन मशाल जुलूस निकाला गया और तीसरे दिन यानी आज झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। सड़क पर छात्र आज बंद कराने उतरे हैं।
छात्रों ने की आम लोगों से अपील
कल छात्रों ने रांची के मोरहाबादी मैदान सहित कई इलाकों में घूम- घूम कर अपील की है कि कल झारखंड बंद है। हमें नौकरी नहीं मिल रही है, सरकार की यही नियोजन नीति का असर है कि हमें अबतक रोजगार नहीं मिला है। यही वजह है कि हम झारखंड बंद कर रहे हैं, हमें उम्मीद है कि आपका साथ हमें मिलेगा। इस बंद को कई आदिवासी संगठन का भी साथ मिला है। राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। छात्र संगठनों के बंद को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी 24 जिलों को अलर्ट किया है।
नियोजन नीति वापस लेने की मांग
राज्य में 60-40 नियोजन नीति को वापस करने की मांग की जा रही है। स्टूडेंट्स यूनियन ने 72 घंटे के महाआंदोलन का ऐलान पहले ही किया था। छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि 19 अप्रैल की सुबह से सड़क पर उतर कर झारखंड बंद को ऐतिहासिक रूप से बंद को सफल कराया जायेगा।
आपात सेवाओं को बंद से रखा गया है मुक्त
इस बंद से आपात सेवाओं को मुक्त रखा गया है। झारखंड बंद को लेकर रांची पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। रांची में ढाई हजार से अधिक पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है।