इंडिगो फ्लाइट में तकनीकी समस्या आने के बाद उसकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है।दरअसल,बेंगलुरु से वाराणसी जाने वाली (6E897) फ्लाइट में 137 यात्री सवार थे, जिसकी तकनीकी खराबी के कारण आज सुबह 6.15 बजे तेलंगाना के शमशाबाद हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग की गई। सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं।
तकनीकी समस्या के चलते हुई इमरजेंसी लैंडिंग
जानकारी के अनुसार, फ्लाइट जैसे बेंगलुरु से रवाना हुई कुछ देर बाद पायलट को उसमें तकनीकी समस्या का पता चला। इसके बाद पायलट ने विमान की तेलंगाना के शमशाबाद हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिंग की। बता दें कि बीते दिन बेंगलुरु से अबू धाबी के लिए उड़ान भरने वाली एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट EY237 में भी तकनीकी खराबी आई थी, जिसके तुरंत बाद उसकी वापिस बेंगलुरु के एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग करवाई गई।
कैबिन प्रेशर में दिक्कत
दरअसल, जैसे ही फ्लाइट ने टेक-ऑफ किया तो पायलट को अहसास हुआ कि प्लाइट में कुछ दिक्कत है। कैप्टन ने पाया कि विमान के कैबिन प्रेशर में कमी है, जिसके बाद उसने इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला किया।
पाकिस्तान आर्थिक रूप से कंगाल हो चुका है जिसका सीधा असर वहां लोगों पर पड़ रहा है। इतना ही नहीं बल्कि जो लोग भारत पाकिस्तान बंटवारे के समय पाकिस्तान चले गए थे उनकी नस्लें अब अपने बाप दादाओं को कोस रहे हैं। उन लोगों में अब पाकिस्तान की मशहूर पत्रकार आरजू काज़मी भी शामिल हो गई है। अपनी हालत को लेकर आरजू ने एक ट्वीट किया है जो वायरल हो रहा है। अपने इस ट्वीट में आरजू ने लिखा है कि वह असल में हिंदुस्तान की रहने वाली हैं, लेकिन उनके दादा बंटवारे के समय दिल्ली और प्रयागराज से पाकिस्तान चले गए थे। आपको बता दें कि पाकिस्तान में अभी आर्थिक हालात बेहद खराब चल रहे हैं। यहां को लोगों को आटा तक नहीं मिल रहा। यहां खाने पीने के सामानों की कीमत आसमान पर चली गई हैं।
भारत छोड़ने का पछतावा
आरजू काजमी ने अपने पूर्वजों के 1947 में भारत से पाकिस्तान चले जाने के फैसले पर अफसोस जताया है और ट्वीट किया, मेरे भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों को लगता है कि उनका पाकिस्तान में कोई भविष्य नहीं है। मेरे दादाजी और उनका परिवार पाबेहतर भविष्य के लिए प्रयागराज और दिल्ली से पाकिस्तान चला आया था। वाट लगा दी दादा जी। आरजू का यह ट्वीट जबरदस्त रूप से वायरल हो रहा है।
भारत आने का मिला न्यौता
इस पर अफशान नाम की ट्वीटर यूजर ने लिखा कि, मेरे दादा-दादी बिहार और यूपी से पलायन कर पाकिस्तान आए थे और उन्हें अंतिम सांस लेने तक अपने फैसले पर पछतावा हो रहा था। वहीं, समीर अहमद नाम के एक यूजर ने लिखा, मैं बेहतर तरीके समझ सकता हूं। मेरे दादा ने भी यही किया था और अंत में हमारी हालत खराब हो गई। वहीं, जगदीश नाम के यूजर ने कारजू के ट्वीट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, योगी जी घर वापसी करा देंगे। वहीं, मंजूर अहमद ने लिखा-चिंता की बात नहीं है अब्बा (भारत) का दिल बहुत बड़ा है। इसी के साथ ही आरजू को इसके बाद कई लोगों ने भारत में आने का न्यौता दिया।
केरल के कोझिकोड में एक सिरफिरे ने चलती ट्रेन में दूसरे यात्रियों पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग लगा दी। बोगी में अचानक भड़की आग देखकर एक साल के बच्चे को लेकर सफर कर रही महिला ने चलती ट्रेन से ही छलांग लगा दी। पुलिस को पटरियों से उन दोनों के अलावा एक और शख्स की लाश मिली है। पुलिस ने मामला दर्ज कर उस शख्स की तलाश शुरू कर दी है, जिसने ट्रेन की बोगी में आगजनी को अंजाम दिया। आगजनी के दौरान ट्रेन में सवार 9 लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
आगजनी कर फरार हो गया शख्स
पुलिस ने एजेंसी को बताया कि घटना अलप्पुझा-कन्नूर एग्जीक्यूटिव एक्सप्रेस में रविवार रात 9.45 बजे हुई। कोझिकोड शहर को क्रॉस करने के बाद ट्रेन जैसे ही कोरापुझा रेलवे पुल पर पहुंची एक अज्ञात व्यक्ति ने दूसरे यात्रियों पर ज्वलनशील पदार्थ डाला और आग लगा दी। इस आगजनी में 9 लोग बुरी तरह से झुलस गए। घटना को अंजाम देने के बाद संदिग्ध आरोपी वहां से फरार हो गया।
ट्रेन में मिला महिला का मोबाइल
ट्रेन की बोगी में धधकती आग को देखकर दूसरे यात्रियों ने चेन पुलिंग की और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से आगे चलने के बाद जब ट्रेन कन्नूर पहुंची, तो कुछ यात्रियों ने घटना के बाद से एक महिला और एक बच्चे के लापता होने की शिकायत की। आगजनी में घायल एक शख्स दोनों की तलाश कर रहा था। काफी तलाश करने के बाद ट्रेन से महिला का मोबाइल फोन और बच्चे का एक जूता मिला।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने महिला और बच्चे की खोजबीन शुरू की तो इलाथुर रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर महिला और बच्चे के अलावा एक और शख्स की लाश पड़ी मिली। पुलिस को अंदेशा है कि आग देखने के बाद उन्होंने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। पुलिस इस घटना की सत्यता पता करने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
यहां चल रहा घायलों का इलाज
एजेंसी सूत्रों के मुताबिक महिला बच्चे की आंटी थी। आगजनी में कुल 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका कोझिकोड मेडिकल कॉलेज सहित अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों के कक्षा 9वीं और 11वीं के परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके हैं. बीते 31 मार्च को आए दिल्ली के सरकारी स्कूलों के मुख्य परीक्षा परिणाम को लेकर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बच्चों के रिजल्ट इस बार अनुमान के मुताबिक नहीं रहे हैं.
दिल्ली के ज्यादातर सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक ही सीमित रहे हैं. यहां तक की बड़ी संख्या में छात्रों के इस बार फेल होने की भी सूचना है. शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) की ओर से दिल्ली के सरकारी स्कूलों को 6 अप्रैल तक का समय दिया गया है. इसके बाद अंक सुधार कर शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अंकों का विवरण पुनः अपलोड किया जाएगा.
इस मामले को लेकर एबीपी लाइव ने दिल्ली के एक सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य से बात की तो वह इस मामले में पूरी तरह स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए. हालांकि, उन्होंने इस बात की जानकारी दी की कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों के कक्षा 9वीं और 11वीं के परिणाम अनुमान के मुताबिक नहीं रहे हैं. शिक्षकों की तरफ से अपना पूरा प्रयास किया गया, लेकिन अधिकांश सरकारी स्कूलों के कुल परिणाम 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक ही सीमित रहे हैं.
अलग-अलग होतें हैं हर स्कूलों के परीक्षा परिणाम- प्रधानाचार्य
उन्होंने कहा कि कक्षाओं में कुल बच्चों के पास होने के प्रतिशत में भी कमी देखी गई है. इसके अलावा जब अन्य सरकारी स्कूल के शिक्षक से इस मामले में एबीपी लाइव ने संपर्क किया तो उनका कहना था कि हर स्कूलों के परीक्षा परिणाम अलग-अलग होतें हैं, लेकिन इस बार का कक्षा 9वीं और 11वीं का परीक्षा परिणाम उत्साहजनक नहीं रहा है.
‘कोरोना काल से बच्चों की पढ़ाई हुई प्रभावित’
प्रधानाचार्य ने बताया कि कोरोना काल से ही स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बहुत हद तक प्रभावित हुई है. ऑनलाइन पढ़ाई में शिक्षकों ने पूरा प्रयास किया, लेकिन शत-प्रतिशत उसका सफल परिणाम अभी भी देखने को नहीं मिला है. इसके अलावा बहुत से स्कूलों में बच्चों की गैर हाजिरी भी ऐसे परिणाम की प्रमुख वजह बन रही है. सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी है कि दोबारा अंकों को अपडेट किए जाने वाले निर्णय को लेकर अब शिक्षकों की ओर से खुद को पास कराने के लिए कुछ कॉपिया भी लिखी गई है. इसके अलावा परिणाम को दोबारा बेहतर करने के लिए अब शिक्षकों की तरफ से प्रयास किया जा रहे हैं.
दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने कहा कि वह जालंधर उपचुनाव में पंजाब सरकार के खिलाफ प्रचार करेंगे। लोगों को बताएंगे कि भगवंत मान सरकार ने उनके बेटे के कत्ल के मामले में इंसाफ देने के बजाय लारे ही लगाए हैं और लोग इनके बहकावे में न आएं।
बलकौर सिंह रविवार को गांव मूसा में सिद्धू के प्रशंसकों को संबोधित कर रहे थे।
मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह पंजाब सरकार से खफा हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने अपने बेटे के कत्ल के मामले में पंजाब विधानसभा के बाहर धरना लगाया तो मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने उनको भरोसा दिया था कि सरकार इस पर गंभीर है और 20 मार्च के बाद उनकी मुख्यमंत्री के साथ बैठक करवाएंगे लेकिन सरकार ने फिर कोई सार नहीं ली।
उन्होंने कहा कि अब सरकार से मिन्नत नहीं करनी है। बेटे की पहली बरसी का समागम फेल करने के लिए सरकार ने हथकंडा अपनाया तो ऐसा लगा मानो उनके बेटे की दूसरी बार मौत हुई है। बलकौर सिंह सिद्धू ने कहा कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को राष्ट्रवादी बताया जा रहा है, जिसके हाथ निर्दोष नौजवानों के खून से रंगे हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक बेटे के कत्ल का इंसाफ नहीं मिलता… तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि बेशक उनको चुप करवाने के लिए लगातार धमकियां मिल रही हैं लेकिन वह किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं। भले ही उनका बुत भी बेटे के बुत के बगल में लग जाए लेकिन वह आखिरी सांस तक लड़ते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला का कसूर केवल इतना था कि उसने छोटी उम्र में बड़ी कामयाबी हासिल कर ली थी और कुछ लोगों से उसकी कामयाबी बर्दाश्त नहीं हुई। बता दें कि जेल से रिहा होने के बाद नवजोत सिद्धू सोमवार दोपहर सिद्धू मूसेवाला के घर पहुंचेंगे। यहां वह अभिभावकों से मुलाकात कर दुख सांझा करेंगे।
कोलकाता: हम जहां रहते हैं वहां के संविधान को मानते हैं। हमने रूट पर ही मार्च निकाला। हमने पुलिस और प्रशासन की अनुमति लेकर ही जुलूस निकाला था।
जय श्री राम के नारे लगाने गलत नहीं है। अगली बार हम बुलडोजर पर भगवान राम की प्रतिमा रखकर यात्रा निकालेंगे। यह बात हावड़ा में रामनवमी शोभा यात्रा की मुख्य संयोजक और दुर्गावाहिनी दक्षिण बंग की मुखिया ऋतु सिंह ने कही। वहीं पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई हिंसा लेकर राज्य में सियासत भी तेज हो गई है। हिंदू संगठनों ने हाई कोर्ट जाने की तैयारी की है। वहीं घटना की जांच एनआईए से कराने की मांग भी की जा रही है। ऋतु सिंह ने कहा कि हमने गैर कानूनी कुछ भी नहीं किया। राम नवमी पर जुलूस निकालने के लिए अनुमति मांगी गई थी। दो बार पुलिस और प्रशासन के साथ हम लोगों की बैठक हुई। बैठक में बता दिया गया था कि जुलूस में जय श्री राम के नारे लगेंगे।
‘10 साल से उसी रास्ते पर निकाल रहे जुलूस’ एक चैनल से बातचीत में हिंदू संगठन की नेता ने कहा, ‘क्या सड़क उनकी (मुस्लिमों) है हमारी नहीं है? वहां हिंदु भी रहते हैं। आठ-दस कॉम्प्लेक्स हैं जहां सिर्फ हिंदु रहते हैं। मुस्लिमों की सड़क नहीं है। दस साल से हम उसी रास्ते से जुलूस निकाल रहे हैं।’ ‘बुलडोजर पर ही विराजेंगे भगवान श्री राम’ ऋतु सिंह ने कहा कि हम डीजे लेकर निकले थे। हमार जुलूस में कहीं बुलडोजर नहीं था। उसके बाद भी हम लोगों को कहा गया कि हम यात्रा में बुलडोजर लेकर गए थे, अगर ऐसा आरोप लग रहा है तो हम इस बार ऐलान करते हैं कि अगली बार की यात्रा में बुल़डोर होगा। उन्होंने कहा कि बुलडोजर में ही भगवान श्री राम को विराजमान करके यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि हावड़ा हिंसा के मामले में हम सीबीआई और आईएनए की जांच से मांग करेंगे। हाई कोर्ट में याचिका करने जा रहे हैं। वीएचपी की तरफ से राज्यपाल को भी ज्ञापन भी देंगे।
आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू पिछले कुछ वर्षों से, जब भी पश्चिम बंगाल में किसी भी धार्मिक समारोह या जुलूस को लेकर झड़पें होती हैं, तो अगले कुछ दिनों में जो कुछ भी होता है, वह राजनीतिक घमासान और पैसे खर्च करने वाले एपिसोड की एक श्रृंखला होती है। आश्चर्य की बात नहीं है कि हावड़ा जिले में गुरुवार को रामनवमी के जुलूस को लेकर हुई झड़पें, जो शुक्रवार दोपहर तक जारी रहीं, ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह स्वीकार करते हुए कि स्थिति को गंभीर होने से पहले नियंत्रण में लाने में राज्य पुलिस की ओर से चूक हुई है, जुलूस के आयोजकों को, जो उनके अनुसार भाजपा के समर्थन हैं, हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
पटना: बड़ी खबर सामने आ रही है । पटना बीजेपी ऑफिस की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गयी है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के मद्देनजर ये सारी कवायद की जा रही है।
आपको बता दें कि सासाराम के बाद अब पटना में एसएसबी ऑफिस में होने वाला कार्यकम भी रद्द कर दिया गया है। अब अमित शाह बीजेपी ऑफिस में पार्टी नेताओं को संबोधित करेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम को देखते हुए पार्टी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। भारी संख्या में महिला पुलिस के साथ-साथ ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। दिल्ली से भी अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय पहुंचे हैं और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि शाह पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करेंगे और 2024 में लोकसभा चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण टिप्स देंगे।बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के पटना फ्रंटियर का आज का दौरार रद्द कर दिया गया है। समारोह में अमित शाह एसएसबी के नौ प्रतिष्ठानों को जनता को समर्पित करने और पटना फ्रंटियर के नए भवन के लिए ‘भूमि पूजन’ करने वाले थे। लेकिन अपरिहार्य कारणों से कार्यक्रम को रद्द किया गया है। अब गृह मंत्री आज दोपहर नवादा जिले के हिसुआ में कार्यक्रम में शिरकत करेंगे ।
कर्नाटक में फिर से चुनाव जीतने के लिए बीजेपी ने मेगा प्रचार का प्लान तैयार किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को पार्टी भुनाने की योजना में है.
इसके तहत लगभग हर तीसरे दिन पीएम मोदी के कर्नाटक प्रवास की योजना बनाई जा रही है. फिलहाल अंतिम निर्णय पीएमओ को लेना है.
इसको जमीन पर उतारने के लिए खुद गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही कर्नाटक में आ रहे हैं. माना जा रहा है कि बीजेपी के प्लान को धरातल पर उतारने के लिए खुद शाह इसकी मॉनिटरिंग करेंगे. पीएम मोदी का सहयोग करने के लिए अमित शाह, सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, बीएस येदियुरप्पा की ज्यादा से ज्यादा रैलियां और रोड शो प्लान किया जा रहा है.
पीएम मोदी कितनी रैली करेंगे?
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक में बीजेपी ने हर क्षेत्र में पीएम मोदी के 2 दिन प्रवास की योजना बनाई है. मोदी करीब 20 से ज्यादा सभाएं और रोड शो करेंगे. इसकी शुरुआत वो रविवार (9 अप्रैल) को राज्य के बांदीपुर से करेंगे. पीएम मोदी इसी दिन मैसूर और चामराज नगर जाएंगे.
अमित शाह का क्या प्लान है?
अमित शाह कर्नाटक चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य में 10 अप्रैल के बाद डेरा डालेंगे. इस प्रवास के दौरान दिन में शाह रैलियों और रोड शो के जरिए प्रचार करेंगे. माना जा रहा है कि शाह करीब 25 से ज्यादा सभाएं और रोड शो करेंगे. उनके अलावा जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ, स्मृति ईरानी और हिमंता बिस्वा सरमा की भी 25 से ज्यादा सभाएं कराने की योजना है.
बीएस येदियुरप्पा को क्या जिम्मेदारी दी गई?
कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा को बीजेपी ने लिंगायत समुदाय को साधने की जिम्मेदारी सौंपी है. बीजेपी यह मान रही है कि अब तक कर्नाटक के 17 फीसदी लिंगायत समुदाय येदुरप्पा के नेतृत्व में पार्टी के साथ रहा है, जो इस चुनाव में भी समर्थन करेगा.
कर्नाटक सरकार ने इसे ध्यान में रखते हुए लंबे समय से चली आ रही लिंगायत समुदाय की कई मांगों पर मुहर लगाई है. हाल ही में बीजेपी ने अंतिम कैबिनेट बैठक में मुस्लिम ओबीसी के 4 फ़ीसदी आरक्षण को समाप्त कर दो फीसदी लिंगायत समुदाय और दो प्रतिशत वोकालिग्गा में बांट दिया है. बीजेपी मानती है कि इसका सीधा फायदा विधानसभा चुनाव में पार्टी को मिलेगा. यह ही कारण है कि बीजेपी अपने हर मंच में बीएस येदियुरप्पा को पहले की ही तरह तवज्जो दे रही है.
भारत ने इंटरनेशनल करेंसी के रूप में दबदबा जमाए डॉलर को रिप्लेस करने के लिए धीरे-धीरे जो शुरुआत की है, उसके नतीजे अब दिखने लगे हैं. मलेशिया ने भी अब भारत के साथ भारतीय रुपये में व्यापार करने पर सहमति दे दी है.
वह अब भारत के साथ लेन-देन अन्य करेंसी समेत भारतीय रुपये में भी कर सकेगा. वहीं भारत भी मलेशिया से मंगाए गए सामान की कीमत का भुगतान अपने रुपये में दे सकेगा. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पिछले साल जुलाई में भारतीय मुद्रा में दूसरे देशों से व्यापार करने की मंजूरी दी थी.
मलेशिया ने भारत में खोला वोस्त्रो अकाउंट
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस ताजा पहल की जानकारी देते हुए कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की इस पहल का मकसद वैश्विक व्यापार में भारतीय रुपये का स्तर ऊपर उठाना और दूसरे देशों के साथ कारोबार में बढ़ोतरी करना है. मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इस पहल को आगे बढ़ाते हुए क्वालालंपुर के इंडिया इंटरनेशनल बैंक ऑफ मलेशिया ने भारत में अपना वोस्त्रो अकाउंट शुरू कर दिया है. इंडिय इंटरनेशनल बैंक ऑफ मलेशिया ने यह काम भारत में अपने सहयोगी बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के जरिए किया है. इस तरह के वोस्त्रो खातों का इस्तेमाल भारतीय रुपये में भुगतान करने के लिए किया जाता है.
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद तेज हुई पहल
बताते चलें कि रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस को दबाव में लाने के लिए उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं. उनमें रूस को डॉलर की आपूर्ति रोकने की पहल भी शामिल है. चूंकि भारत का सबसे ज्यादा रक्षा व्यापार रूस के साथ ही होता है, इसलिए पश्चिमी देशों की इस पहल से भारत संकट में आ गया है. भारत ने इस प्रतिबंध की काट निकालते हुए खुद की करेंसी को वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने का बीड़ा शुरू कर दिया. जिससे दुनिया में भारतीय रुपये को अंतरराष्ट्रीय भुगतान की मान्य करंसी के रूप में स्थापित किया जा सके.
भारतीय रुपये को वैश्विक करंसी बनाने की कोशिश
सरकार के कहने पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने जुलाई 2022 में इस संबंध में गाइडलाइंस भी जारी की थी. इस गाइडलाइंस में विदेशी मुद्रा भंडार पर बोझ को घटाने, एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने, डॉलर पर निर्भरता घटाने और ग्लोबल ट्रेड सेटलमेंट बनाने की बात शामिल थी. अब इस गाइडलाइंस के आधार पर ही भारत सरकार दूसरे देशों के साथ कारोबार में रुपये से भुगतान को प्राथमिकता दे रही है. जिसका असर रुपये के वैश्विक करंसी के रूप में उभरने के रूप में दिख रहा है.
तेलंगाना की साइबराबाद पुलिस ने करोड़ों लोगों का निजी डेटा चुराने वाले शख्स को गिरफ्तार किया है. आरोपी 104 श्रेणी में रखे गए देश के 24 राज्यों और 8 महानगरों में 66.9 करोड़ लोगों और फर्मों के निजी और गोपनीय डेटा को चुराकर बेच रहा था.
पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास शिक्षा-प्रौद्योगिकी संगठनों बायजूस और वेदांतु के छात्रों का डेटा था. इसके अलावा, उसके पास आठ मेट्रो शहरों के 1.84 लाख कैब यूजर्स का डेटा और छह शहरों व गुजरात के 4.5 लाख वेतनभोगी कर्मचारियों का डेटा भी था.
आरोपी के पास GST, RTO, अमेजन, नेटफ्लिक्स, यूट्यूब, पेटीएम, फोनपे, बिग बास्केट, बुकमाई शो, इंस्टाग्राम, जोमैटो, पॉलिसी बाज़ार, Upstox, आदि जैसी प्रमुख ऑर्गेनाइजेशन्स के ग्राहकों का भी डेटा था.
साइबराबाद पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास मौजूद कुछ महत्वपूर्ण डेटा में रक्षा कर्मियों, सरकारी कर्मचारियों, पैन कार्ड धारकों, 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों का डेटा शामिल है. इनके अलावा उसका उसके पास दिल्ली के बिजली उपभोक्ता, डी-मैट खाताधारक, विभिन्न व्यक्तियों के मोबाइल नंबर, एनईईटी छात्र, उच्च निवल व्यक्ति, बीमा धारक, क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड धारकों की भी जानकारी थी.
फरीदाबाद में बैठकर डेटा चोरी कर रहा था आरोपी
आरोपी की पहचान विनय भारद्वाज के रूप में की गई है, जो फरीदाबाद (हरियाणा) में एक वेबसाइट “इंस्पायरवेब्ज़” के जरिए काम कर रहा था और क्लाउड ड्राइव लिंक के जरिए लोगों का निजी डेटा बेच रहा था. उसने आमेर सोहेल और मदन गोपाल से डेटाबेस एकत्र किए. इन आरोपियों के पास एनईईटी छात्रों के नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर और उनके घर से संबंधित डेटा भी मिला है. पैन कार्ड डेटाबेस में आय, ईमेल आईडी, फोन नंबर, पता आदि पर संवेदनशील जानकारी भी मिली है.
सरकारी कर्मचारियों की पर्सनल डिटेल भी मिली
पुलिस ने बताया कि आरोपी के पास से सरकारी कर्मचारियों के नाम, मोबाइल नंबर, श्रेणी, जन्म तिथि आदि की जानकारी भी मिली है. पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और दो लैपटॉप बरामद किए हैं. पुलिस उपायुक्त (अपराध) साइबराबाद पुलिस कलमेश्वर शिंगेनावर ने कहा कि आईटी अधिनियम के उल्लंघन के लिए संबंधित संगठनों को नोटिस दिया जाएगा.