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बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में फायरिंग, चार की मौत; पंजाब सरकार ने मांगी रिपोर्ट

पंजाब के बठिंडा में मिलिट्री स्टेशन के भीतर फायरिंग की घटना हुई है, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई. हादसे के बाद स्टेशन क्विक रिस्पॉन्स टीमों को एक्टिव कर दिया गया है और पूरे इलाके को सील कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है.

बताया जा रहा है कि 2 दिन पहले एक राइफल और 28 कारतूस भी गायब हो गए थे. वहीं पुलिस ने आतंकवादी घटना से इनकार किया है. सेना की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना आज सुबह 4:35 बजे की है. घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया है.

घटना के पीछे किसका हाथ है और मिलिट्री स्टेशन के भीतर यह घटना कैसे हुई इसे लेकर अभी तक पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है. सूत्र बताते हैं कि हमलावर अभी भी मिलिट्री स्टेशन के अंदर ही छुपे हुए हैं. लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है. पंजाब पुलिस फायरिंग पर जल्द करेगी PC दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने भी पंजाब पुलिस से फायरिंग की घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

पुलिस से जल्द से जल्द यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) को देने को कहा गया है. इस बीच फायरिंग को लेकर स्थिति क्लियर करने के लिए चंडीगढ़ स्थित पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर के आईजी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, लेकिन अब तक प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय तय नहीं किया जा सका है. आर्टिलरी यूनिट के 4 जवान मारे गएः सेना भारतीय सेना ने फायरिंग को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि मिलिट्री स्टेशन में फायरिंग की वजह से एक आर्टिलरी यूनिट के चार जवान शहीद हो गए हैं. हालांकि फायरिंग में अन्य कर्मियों को किसी तरह के नुकसान की कोई सूचना नहीं है.

सेना ने आगे बताया कि पूरे इलाके को सील कर दिया गया है. घटना में शहीद हुए जवानों के परिवारों को सूचना दी जा रही है. मिलिट्री स्टेशन के अंदर हुई फायरिंग की घटना को लेकर थोड़ी देर में सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे. मुलाकात के दौरान सेना प्रमुख रक्षा मंत्री को घटना की जानकारी देंगे.

आतंकवादी एंगल नहींः

SSP खुराना मिलिट्री स्टेशन के भीतर हुई फायरिंग पर बठिंडा के SSP गुलनीत खुराना ने कहा कि यह कोई आतंकवादी हमला नहीं है. इस फायरिंग में कोई आंतकवादी एंगल नहीं लग रहा है. SSP खुराना ने सेना का अंदरुनी मामला बताते हुए कहा कि यह फौज का अंदरूनी मामला लग रहा है. हम सेना के साथ संपर्क में बने हुए हैं. मारे गए चारों लोग 80 मीडियम रेजिमेंट के बताए जा रहे हैं. मृतकों लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आनी अभी बाकी है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले ही मिलिट्री स्टेशन के गार्डरूम से इंसास राइफल के साथ-साथ 28 कारतूस गायब हो गए थे.

फायरिंग से सुरक्षा पर गंभीर सवाल बठिंडा के एसएसपी ने स्टेशन पर किसी भी प्रकार के आतंकी घटना से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि पुलिस को कैंट के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई है. बठिंडा मिलिट्री स्टेशन की गिनती देश के बड़े रक्षा प्रतिष्ठानों में होती है और ऐसे जगह पर फायरिंग की घटना सुरक्षा पर गंभीर सवाल भी खड़े करते हैं.

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पटना एयरपोर्ट पर बम मिलने की सूचना से मचा हड़कंप, मामले की जांच जारी

बिहार की राजधानी पटना के एयरपोर्ट पर बम की सूचना से हडंकंप मच गया. जानकारी मिलने के बाद बम डिस्पोजल स्क्वायड मौके पर पहुंच गया है. पूरे एयर पोर्ट की स्कैनिंग की जा रही है.

बिहार की राजधानी पटना के एयरपोर्ट पर बम की सूचना से हडंकंप मच गया. जानकारी मिलने के बाद बम डिस्पोजल स्क्वायड मौके पर पहुंच गया है. पूरे एयरपोर्ट की स्कैनिंग की जा रही है. एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले सभी लोगों की बारीकी से जांच की जा रही है. 

फ्लाइट की तलाशी ली गई

इससे पहले जुलाई 2022 में पटना एयरपोर्ट से उड़ान भर रही एक फ्लाइट में यात्री ने बम होने का दावा किया था. इसके बाद फ्लाइट को टेक ऑफ करने से रोक दिया गया था. फ्लाइट को ग्राउंडेड किए जाने के बाद उसकी तलाशी ली गई थी. लेकिन यात्री के दावे के मुताबिक फ्लाइट से बम बरामद नहीं हुआ था. फ्लाइट को तलाशी पूरी होने के बाद अगले दिन रवाना किया गया था.

रद्द कर दी गई थी उड़ान

बम होने का दावा इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E2126 में सवार यात्री ऋषि चंद सिंह ने किया था. जिसके बाद फ्लाइट को रद्द कर पूरे विमान की तलाशी ली गई. बाद में बम न मिलने के पर पुलिस ने ऋषि चंद सिंह को हिरासत में ले लिया था. एहतियात के तौर पर उड़ान रद्द कर दी गई और सभी यात्रियों को फ्लाइट से उतार लिया गया था. एयरपोर्ट पुलिस ने बाद में बताया था कि फ्लाइट में बम होने का दावा करने वाला यात्री ऋषि चंद सिंह मानसिक रूप से अस्वस्थ था. 

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अमित शाह ने की बड़ी भविष्यवाणी, बताया कितनी सीटें जीतकर तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे मोदी

गृह मंत्री अमित शाह ने 2024 लोकसभा चुनाव में एक बार फिर मोदी सरकार की जीत की भविष्यवाणी की है। अमित शाह ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी एक बार फिर सत्ता में आएगी।

उन्होंने सीटों को लेकर भी भविष्यवाणी की। बताया कि कितनी सीट लाकर पीएम मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने वाले हैं।

असम के डिब्रूगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि जल्द ही पूरे देश से इनका सफाया हो जाएगा। असम राज्य के डिब्रूगढ़ दौरे पर केंद्रीय गृह मंत्री ने बीजेपी के क्षेत्रीय कार्यालय की आधारशिला रखी।

उन्होंने कहा कि “मैं कांग्रेस को बताना चाहूंगा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में, बीजेपी असम की 14 में से 12 सीटें जीतेगी। और मोदी जी 300 से ज्यादा सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल कर तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे।”

हिमंता सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
शाह ने मई, 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद से बीजेपी के नेतृत्व वाली असम सरकार की उपलब्धियों और पिछले दो वर्षों में शुरू की गई योजनाओं और नीतियों पर प्रकाश डाला। कहा, “मैं 2016 में पूर्वोत्तर में बीजेपी के विजय मार्च शुरू करने के लिए असम के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं। अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और सहयोगी क्षेत्र के सभी राज्यों में सत्ता में हैं। वहीं, कांग्रेस, पूर्वोत्तर में कुछ साल पहले, सबसे बड़ी पार्टी रही, जो अब पूरी तरह से मिट चुकी है।”

पूर्वोत्तर में लगातार छाप छोड़ रही बीजेपी
शाह ने याद किया कि कैसे हाल ही में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी त्रिपुरा में लगातार दूसरी बार सत्ता में लौटी। नगालैंड और मेघालय में सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकारें बनाईं। शाह ने सवाल किया, “राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा में भाग लिया, लेकिन तीन पूर्वोत्तर राज्यों में कांग्रेस का सफाया हो गया। लेकिन वह नहीं बदलेगा। राहुल विदेश जाकर देश को बदनाम करते हैं। क्या किसी भी देशभक्त नागरिक से इस व्यवहार की अपेक्षा की जाती है?”

राहुल गांधी अब बदलने का समय आ गया- शाह
शाह ने कहा, “राहुल, अब तुम्हारे बदलने का समय आ गया है। नहीं तो पूरे देश से कांग्रेस का सफाया हो जाएगा, जैसा कि पूर्वोत्तर में हुआ। पीएम मोदी ने बाहरी खतरों से देश की रक्षा की और पूर्वोत्तर में शांति लाई, लेकिन कांग्रेस उनकी कब्र खोदना चाहती है। मैं उनसे कह सकता हूं कि आप मोदी को जितना गाली देंगे, बीजेपी का कमल उतना ही खिलेगा।”

गौरतलब है कि अमित शाह पूर्वोत्तर के दो दिवसीय दौरे पर हैं। सोमवार को उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में किबिथू का दौरा किया था और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम लॉन्च किया। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित गांवों को विकसित करने की योजना है।

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कुर्मी आंदोलन के कारण 95 ट्रेनें रद्द, देखें रद्द ट्रेनों की लिस्ट

कुर्मी समुदाय का आंदोलन पांचवे दिन रविवार को भी जारी रहा। आंदोलन के चलते बंगाल के विभिन्‍न हिस्‍सों से 95 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया। आंदोलनकारी रविवार को भी बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर, पुरुलिया, झारग्राम और मेदिनीपुर सहित कई शहरों में विरोध प्रदर्शन करते रहे। आंदोलन के चलते बंगाल से कई राज्‍यों का रेल संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
दरअसल, कर्मी समुदाय से जुड़े कई संगठन अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर पिछले पांच दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलनकारी रेल और सड़क मार्ग जाम कर दिया है। इसके चलते पिछले कुछ दिनों से लंबी और कम दूरी की 500 ट्रेनों को रद्द किया जा चुका है। वहीं रविवार को कम से कम 95 ट्रेनें रद्द कर दी गईं।

इससे पहले शनिवार शाम को प्रशासन के साथ आंदोलनकारियों की बातचीत हुई। हालांकि बैठक असफल रही। आंदोलन के चलते एनएच 6 पर सैकड़ों वाहन जाम में फंसे हुए हैं। भारतीय रेलवे के मुताबिक, पांच अप्रैल से शुरू हुए आंदोलन के चलते अब तक 496 ट्रेनें रद्द की जा चुकी हैं। वहीं, आंदोलनकारियों का कहना है कि जबतक उनकी मांगें नहीं पूरी होंगी प्रदर्शन जारी रहेगा।

रविवार को ये ट्रेनें हुई कैंसिल

  • 18478 योग नगरी ऋषिकेश-पुरी एक्सप्रेस
  • 18011 हावड़ा-चक्रधरपुर एक्सप्रेस
  • 18019 झारग्राम-धनबाद मेमू एक्सप्रेस
  • 18020 धनबाद-झारग्राम मेमू एक्सप्रेस
  • 22844 पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस
  • 18013 हावड़ा-बोकारो स्टील सिटी एक्सप्रेस
  • 12021 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस
  • 12022 बारबिल-हावड़ा जनशताब्दी एक्सप्रेस
  • 12102 हावड़ा-एलटीटी एक्सप्रेस
  • 12129 पुणे-हावड़ा आजाद हिंद एक्सप्रेस
  • 12130 हावड़ा-पुणे आजाद हिंद एक्सप्रेस
  • 12261 मुंबई सीएसएमटी-हावड़ा दुरंतो एक्सप्रेस
  • 12801 पुरी-नई दिल्ली एक्सप्रेस
  • 12802 नई दिल्ली-पुरी एक्सप्रेस
  • 12809 मुंबई सीएसएमटी-हावड़ा मेल
  • 12810 हावड़ा-मुंबई सीएसएमटी मेल
  • 12813 टाटानगर-हावड़ा स्टील एक्सप्रेस
  • 12814 हावड़ा-टाटानगर स्टील एक्सप्रेस
  • 12819 भुवनेश्वर-आनंद विहार एक्सप्रेस
  • 12827 हावड़ा-पुरुलिया एक्सप्रेस
  • 12828 पुरुलिया-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 12833 अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 12834 हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस
  • 12859 मुंबई सीएसएमटी-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस
  • 12872 टिटलागढ़-हावड़ा इस्पात एक्सप्रेस
  • 12875 पुरी-आनंद विहार एक्सप्रेस
  • 12876 आनंद विहार-पुरी एक्सप्रेस
  • 12883 संतरागाछी-पुरुलिया एक्सप्रेस
  • 12884 पुरुलिया-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 13287 दुर्ग-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस
  • 13288 राजेंद्रनगर-दुर्ग एक्सप्रेस
  • 13301 धनबाद-टाटानगर एक्सप्रेस
  • 13302 टाटानगर-धनबाद एक्सप्रेस
  • 13351 धनबाद-अलप्पुझा एक्सप्रेस
  • 13352 अलप्पुझा-धनबाद एक्सप्रेस
  • 13511 आसनसोल-टाटानगर एक्सप्रेस
  • 13512 टाटानगर-आसनसोल एक्सप्रेस
  • 18005 हावड़ा-जगदलपुर एक्सप्रेस
  • 18006 जगदलपुर-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 18012 चक्रधरपुर-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 18014 बोकारो स्टील सिटी-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 18019 झारग्राम-धनबाद मेमू एक्सप्रेस
  • 18020 धनबाद-झारग्राम मेमू एक्सप्रेस
  • 18029 एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस
  • 18033 हावड़ा-घाटसिला एक्सप्रेस
  • 18034 घाटसिला-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 18035 खड़गपुर-हटिया एक्सप्रेस
  • 18036 हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस
  • 18085 खड़गपुर-रांची मेमू एक्सप्रेस
  • 18086 रांची-खड़गपुर मेमू एक्सप्रेस
  • 18115 गोमो-चक्रधरपुर मेमू एक्सप्रेस
  • 18116 चक्रधरपुर-गोमोह मेमू एक्सप्रेस
  • 18182 थावे-टाटानगर एक्सप्रेस
  • 18183 टाटानगर-दानापुर एक्सप्रेस
  • 18184 दानापुर-टाटानगर एक्सप्रेस
  • 18615 हावड़ा हटिया एक्सप्रेस
  • 18616 हटिया-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 22861 हावड़ा-कांटाबांजी एक्सप्रेस
  • 28181 टाटानगर-कटिहार एक्सप्रेस
  • 15028 गोरखपुर-हटिया एक्सप्रेस
  • 18623 इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस
  • 13319 दुमका-रांची एक्सप्रेस
  • 13304 रांची-धनबाद एक्सप्रेस
  • 02832 भुवनेश्वर-धनबाद स्पेशल
  • 05672 रांची-कामाख्या स्पेशल
  • 12365 पटना-रांची जनशताब्दी एक्सप्रेस
  • 12366 रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस
  • 12817 हटिया-आनंद विहार एक्सप्रेस
  • 12869 मुंबई सीएसएमटी-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 13320 रांची-दुमका एक्सप्रेस
  • 13403 रांची-भागलपुर एक्सप्रेस
  • 13404 भागलपुर-रांची एक्सप्रेस
  • 13503 बर्धमान-हटिया मेमू एक्सप्रेस
  • 13504 हटिया-बर्धमान मेमू एक्सप्रेस
  • 15027 हटिया-गोरखपुर एक्सप्रेस
  • 17006 रक्सौल-हैदराबाद एक्सप्रेस
  • 18010 अजमेर-संतरागाछी एक्सप्रेस
  • 18601 टाटानगर-हटिया एक्सप्रेस
  • 18602 हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस
  • 18604 गोड्डा-रांची एक्सप्रेस
  • 18619 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस
  • 18620 गोड्डा-रांची एक्सप्रेस
  • 18621 पटना-हटिया एक्सप्रेस
  • 18622 हटिया-पटना एक्सप्रेस
  • 18624 हटिया-इस्लामपुर एक्सप्रेस
  • 18625 पूर्णिया कोर्ट-हटिया एक्सप्रेस
  • 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस
  • 18627 हावड़ा-रांची एक्सप्रेस
  • 18628 रांची-हावड़ा एक्सप्रेस
  • 18639 रांची-आरा एक्सप्रेस
  • 20818 नई दिल्ली-भुनेश्‍वर राजधानी एक्‍सप्रेस
  • 20972 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस
  • 22905 ओखा-शालीमार एक्सप्रेस
  • 15028 गोरखपुर-हटिया एक्सप्रेस
  • 18106 जयनगर-राउरकेला एक्सप्रेस
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चार दिवसीय दौरे पर भारत आएंगी यूक्रेन की विदेश उपमंत्री एमिन झापरोवा

यूक्रेन के विदेश मामलों की पहली उपमंत्री एमिन झापरोवा 9 से 12 अप्रैल, 2023 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगी। यात्रा के दौरान झापरोवा विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) संजय वर्मा के साथ बातचीत करेंगी, जहां दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा करने, यूक्रेन की मौजूदा स्थिति और आपसी हित के वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करने की उम्मीद है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया कि झापरोवा विदेश और संस्कृति राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी से भी मुलाकात करेंगी और उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार विक्रम मिस्री से भी मिलेंगी।

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शर्मनाक : कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी को सजा सुनाने वाले जज की जीभ काटने की धमकी दी

तमिलनाडु में कांग्रेस के एक नेता ने पार्टी के सत्ता में आने पर 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाने वाले जज की जीभ काट देने की धमकी दी है। हालांकि कांग्रेस नेता के खिलाफ इस विवादित टिप्पणी को लेकर मामला दर्ज किया गया है। कांग्रेस नेता मणिकंदन ने न्यायधीश को धमकाते हुए कहा कि सुनिए जस्टिस एच वर्मा, जब कांग्रेस सत्ता में आएगी तो हम आपकी जीभ काट देंगे। मणिकंदन के खिलाफ तीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। डिंडीगुल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

कांग्रेस की एससी/एसटी विंग तमिलनाडु के डिंडीगुल में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अयोग्यता का विरोध कर रही थी, जब पार्टी के जिला प्रमुख मणिकंदन ने इस प्रकार की विवादित टिप्पणी की। पिछले महीने 23 मार्च को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को एक रैली में उनकी “मोदी उपनाम” टिप्पणी पर 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराया था और कोर्ट ने उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई। उनकी सजा के बाद, राहुल गांधी को संसद सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके अलावा उन्हें सरकार द्वारा आवंटित बंगाल खाली करने का भी नोटिस थमाया गया।

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‘मुस्लिमों को कुछ नहीं देती BJP, लेकिन आपने मुझे गलत साबित किया’: PM मोदी से बोले पद्म श्री अहमद कादरी

पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित शाह रशीद अहमद क़ादरी ने बुधवार को पुरस्कार प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस शासन के दौरान मुझे यह (पद्म श्री) नहीं मिला.

मुझे लगा कि भाजपा सरकार मुझे यह सम्मान नहीं देगी, लेकिन आपने मेरा ख्याल रखकर मुझे गलत साबित कर दिया.’

राष्ट्रपति ने इस वर्ष के गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 106 पद्म पुरस्कार दिए जाने को मंजूरी दी थी. बुधवार को कुल 53 पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिनमें तीन पद्म विभूषण, पांच पद्म भूषण और 45 पद्म श्री शामिल रहे. अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को 22 मार्च को पद्म पुरस्कार दिए गए थे.

उन्होंने आगे कहा, ‘मैंने इस पुरस्कार को पाने के लिए 10 साल तक कोशिश की. जब बीजेपी सरकार आई तो मैंने सोचा था कि मुझे यह पुरस्कार नहीं मिलेगा क्योंकि बीजेपी कभी भी मुसलमानों को कुछ नहीं देती है, लेकिन पीएम मोदी ने मुझे इस पुरस्कार के लिए चुनकर गलत साबित कर दिया.’

इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को दिग्गज समाजवादी नेता मुलायम सिंह यादव और मशहूर चिकित्सक दिलीप महालनाबिस को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया. लेखक सुधा मूर्ति, भौतिक विज्ञानी दीपक धर, उपन्यासकार एस.एल. भैरप्पा और वैदिक विद्वान त्रिदंडी चिन्ना जे. स्वामीजी को भी यहां राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया. दीपक धर सांख्यिकीय भौतिकी में अपने लंबे शोध करियर के लिए जाने जाते हैं.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को मरणोपरांत सम्मान दिया गया. वह भारत के रक्षा मंत्री और लंबे समय तक सांसद भी रहे थे. वहीं, 1971 के बांग्लादेश युद्ध शरणार्थी शिविरों में सेवा करने के लिए अमेरिका से लौटे महालनाबिस को मरणोपरांत सम्मान दिया गया. उन्हें ‘ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन’ (ओआरएस) पर किए गए कार्य के लिए वैश्विक स्तर पर पहचान मिली थी.

अखिलेश यादव के बेटे एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि महालनाबिस का पुरस्कार उनके भतीजे ने प्राप्त किया. फिल्म ‘आरआरआर’ के गीत ‘नाटू नाटू’ के लिए भारत का पहला ऑस्कर जीतने वाले संगीत निर्देशक एम.एम. कीरावानी और बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन को पद्मश्री दिया गया. समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और कई केंद्रीय मंत्रियों समेत अन्य अतिथि उपस्थित थे.

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‘सेक्स करो फिर मिलेगा पद’:महिला नेता ने सीनियर पर लगाया शोषण का आरोप

छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक महिला ने कॉन्ग्रेस नेता पर लगाया सेक्स के बदले पद और प्रतिष्ठा का लालच देने का आरोप। अश्लील चैट भी आया सामने।छत्तीसगढ़ के रायपुर में कॉन्ग्रेस की एक महिला कार्यकर्ता ने अपनी ही पार्टी को सवालों के घेरे में ला कर खड़ा कर दिया है।

महिला का आरोप है कि उनकी ही पार्टी का एक सीनियर नेता उन पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। इसके बदले महिला को पद और प्रतिष्ठा का लालच भी दिया गया था। अपने आरोपों के समर्थन में पीड़िता ने नेता के साथ अपनी चैट होने का भी दावा किया है। आरोपित का नाम जयंत साहू है। पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस से भी की है। वहीं अपनी सफाई में जयंत ने महिला को ब्लैकमेलर बताया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला रायपुर के तेलीबाँधा थानाक्षेत्र का है। आरोपित कॉन्ग्रेस नेता जयंत इसी क्षेत्र में रहते हैं और धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन पर हमबिस्तरी के दबाव का आरोप लगाने वाली महिला कार्यकर्ता बेमेतरा की रहने वाली है। पीड़िता के मुताबिक, उनका और जयंत का परिचय फेसबुक पर हुआ था। इस परिचय से दोस्ती बढ़ी और महिला रायपुर आने-जाने लगी। धीरे-धीरे दोनों के परिवार भी एक दूसरे से घुल-मिल गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक सोशल मीडिया पोस्ट में पीड़िता ने बताया है कि थोड़े समय बाद जयंत उनसे फिजिकल रिलेशन बनाने की कोशिश करने लगा। पीड़िता ने जयंत की शौक के तौर पर उनके द्वारा महिलाओं को पद दिलाना बताया है। दावा इस बात का भी किया गया है कि पद दिलाने के नाम पर अन्य महिलाओं पर भी शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया जाता है। अपने साथ जयंत द्वारा अश्लील बातें किए जाने की भी शिकायत पीड़िता ने पुलिस में दी है।

हालाँकि, महिला का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की है। खुद को डिप्रेशन में बताते हुए पीड़िता ने कहा है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वो थाने में खुद को आग लगा कर जान दे देंगी। महिला का यह भी दावा है कि उलटे जयंती की ही झूठी शिकायत पर उन्हें पुलिस ने काफी प्रताड़ित किया है। पीड़िता द्वारा जयंत के साथ अपनी बातचीत का दावा कर के कुछ चैंट भी वायरल किए गए हैं।

आरोपों पर कॉन्ग्रेस नेता की सफाई

अपनी सफाई में कॉन्ग्रेस नेता जयंत ने खुद पर आरोप लगाने वाली महिला को ब्लैकमेलर बताया है। उनका कहना है कि महिला ने 2 लाख रुपए उधार लिए गए पैसे न लौटाने के लिए ये तमाम आरोप लगाए हैं। जयंत ने 14 मार्च को ही अपनी तरफ से महिला के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवा दी थी। जिस चैटिंग को पीड़िता द्वारा वायरल किया जा रहा है जयंत ने उसे फर्जी बताया है। जयंत का कहना है कि महिला ने उनकी फोटो लगा कर उन्हें फँसाने के लिए ये फर्जी चैट वायरल की है।

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सप्ताह के अंत में तीन राज्यों का दौरा करेंगे पीएम मोदी, वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन समेत देंगे कई तोहफा

धानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सप्ताह के अंतिम दो दिनों में दक्षिण भारत के तीन राज्यों तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक का दौरा करेंगे। इस दौरान पीएम तेलंगाना और तमिलनाडु को वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन समेत कई तोहफा देंगे, जबकि कर्नाटक में बांदीपुर टाइगर रिजर्व के दौरे के बाद इसके 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।

पीएम आठ अप्रैल को सबसे पहले तेलंगाना पहुंचेंगे। यहां सिकंदराबाद स्टेशन पर 11वीं वंदेभारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने के बाद परेड ग्राउंड हैदराबाद में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। दोपहर बाद चेन्नई जाएंगे। यहां एमजीआर रेलवे स्टेशन पर 12वीं वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाने के अलावा चेन्नई एयरपोर्ट के नए इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल का भी उद्घाटन करेंगे। रविवार को पीएम कर्नाटक के दौरे पर होंगे। यहां सुबह सवा सात बजे बांदीपुर टाइगर रिजर्व का दौरा करने के बाद प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

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दंगे के खिलाफ मिलकर लड़े थे हिंदू-मुस्लिम, रामवनमी पर पहली बार जला था जमशेदपुर

‘देश के लोग यह संकल्प क्यों नहीं लेते कि वो दूसरे समुदायों के प्रति सहिष्णुतापूर्ण रवैया अपनाएंगे.’ ये बात रामवनमी के ठीक एक दिन पहले देश की सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कही थी.

मगर ये बात किसी को भी सुनाई नहीं दी और देश के तीन राज्यों में कम से कम पांच जगहों पर भीषण हिंसा भड़क उठी. अगजनी, बम ब्लास्ट, जैसी घटनाएं हुई और कई लोग घायल हुए. बिहार में एक की जान भी गई. अलग-अलग राज्यों में ये हिंसा रामनवमी के दिन या रामनवमी के एक दिन बाद हुई.

दिल्ली के जंहागीरपुरी में रामनवमी के दिन हिंसा

दिल्ली के जंहागीरपुरी में रामनवमी के दिन शोभायात्रा निकाले जाने की कोशिश की गई, पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी थी. यहां पर हिंसा भड़की और कुछ लोगों को छतों से पत्थर बरसाते हुए भी देखा गया. जहां पर पत्थर बरसाए गए उन इलाकों में मुस्लिम समुदाय की अधिक आबादी बताई जा रही है.

दिल्ली से दूर पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा के पीछे ममता बनर्जी ने बीजेपी का हाथ बताया. हिंसा के बाद दो समुदायों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना रहा.

बिहार के सासाराम और बिहारशरीफ में भी बना रहा संप्रादायिक तनाव

बिहार में रामनवमी के त्योहार के बाद दो शहरों सासाराम और बिहारशरीफ से लगातार संप्रादायिक तनाव की खबरें आई. बिहारशरीफ में रामनवमी के जुलूस के दौरान पथराव हुआ था. दोनों तरफ से किए गए हमलों में दो लोगों को गोली लगी थी. पथराव में तीन लोग जख्मी हुए थे.

रोहतास जिले के सासाराम कस्बे में रामनवमी के बाद दो बार ब्लास्ट हुए. पहले विस्फोट में एक और दूसरे में छह लोगों के घायल होने की खबर आई.

त्योहारों में बढ़ जाती है हिंसा

गौर करने वाली बात ये है कि इन सभी जगहों पर हिंसा रामनवमी और रमजान के मौके पर हुई. दिल्ली में शोभायात्रा के दौरान सतर्कता बरती गई लेकिन यही सतर्कता बंगाल, गुजरात और बिहार में नहीं बरती गई. जब भी कोई हिंसा भड़कती है तो गलती दोनों समुदायों की होती है. इसका एक उदाहरण जमशेदपुर में रामनवमी के दौरान साल 1979 में हुआ दंगा है.

इस दिन हुआ था रामनवमी के मौके पर पहला बड़ा दंगा

1979 का जमशेदपुर दंगा रामनवमी के मौके पर हुआ पहला बड़ा दंगा था, जिसमें 108 लोगों की जान गई थी. मारे गए लोगों में 79 मुस्लिम और 25 हिंदुओं की पहचान की गई थी.

रिपोर्टस के मुताबिक आरएसएस ने 1978 के राम नवमी जुलूस की योजना बनाई. इसकी शुरुआत डीमना बस्ती नामक एक आदिवासी पड़ोस इलाके से की गई.

हालांकि, पड़ोसी इलाका साबिरनगर एक मुस्लिम क्षेत्र था और अधिकारियों ने जुलूस को वहां से गुजरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया. आरएसएस ने पूरे एक साल तक इस मुद्दे पर अभियान चलाया. आरएसएस ने ये तर्क दिया कि हमें अपने ही देश में स्वतंत्र रूप से जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी जा रही थी.

दोनों समुदायों के बीच गतिरोध बढ़ा, और शहर का माहौल खराब हो गया. हिंदुओं ने दुकानों को बंद करने के लिए मजबूर किया और उनमें से कुछ को गिरफ्तार कर लिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च 1979 में आरएसएस प्रमुख बालासाहेब देवरस ने जमशेदपुर का दौरा किया और ध्रुवीकरण को लेकर भाषण दिया. इससे स्थिति और खराब हो गयी.

श्री रामनवमी केंद्रीय अखाड़ा समिति नामक एक संगठन ने 7 अप्रैल को एक पर्चा जारी किया जिसमें सांप्रदायिक हिंसा की घोषणा की गई थी . जुलूस निकाला गया. मुस्लिम पक्ष भी अपनी तरफ से पलटवार के लिए पूरी तरह से तैयार था. पत्थरबाजी हुई और दंगा भड़क गया. उस समय बिहार में कर्पूरी ठाकुर की सरकार थी. घटना के लगभग दस दिन बाद सरकार गिर गई.

सिख विरोधी दंगे- 1984

भारत के इतिहास में 31 अक्टूबर, 1984 का दिन काले दिन की तरह याद किया जाता है. उस दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही सिक्योरिटी गार्ड्स ने हत्या कर दी. अगले 24 घंटे में देशभर में सिखों के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और दंगे भड़क उठे. सिखों को निशाना बनाकर उन्हें बेरहमी से मारा गया, उनके घर-दुकानें भी जला दी गई. दंगों में कुल मौतों की संख्या 410 थी जबकि1,180 लोग घायल हुए थे.

मलियाना दंगा- 1987

मई 1987 को मेरठ शहर में एक दिन के अंतराल में दो ऐसे दंगे हुए जिन्होंने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. 22 मई को हाशिमपुरा में हुए दंगे की चिंगारी से शहर झुलस उठा था. दूसरे ही दिन 23 मई साल 1987 में मलियाना के होली चौक पर सांप्रदायिक दंगा भड़का था. मलियाना में दंगाइयों ने 63 लोगों की हत्या कर दी थी और 100 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे.

शबे-बरात के दिन हुई दंगे की शरुआत

दंगे की शुरुआत अप्रैल 1987 में शबे-बरात के दिन मेरठ से शुरू हई और रुक-रुक कर दो-तीन महीनों तक चलती रही. इस दौरान कई बार कर्फ्यू भी लगाया गया लेकिन हालात काबू से बाहर ही बने रहे.

घटनाक्रम के मुताबिक 23 मई 1987 की दोपहर करीब 2 बज कर 30 मिनट पर पीएसी की 44 वीं बटालियन के कमांडेंट और मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का जत्था भारी पुलिस बल के साथ मलियाना पहुंचा और वहां पहले से चल रहे दंगे को कंट्रोल करने के लिए गोलियां चलाई गई.

उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह और तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी बाद में दंगा पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे.

24 मई 1987 को मेरठ के जिलाधिकारी ने 12 लोगों का मारा जाना स्वीकार किया. जून 1987 में आधिकारिक रूप से 15 लोगों की हत्या स्वीकार की गई. इस दौरान कई शव कुएं से बरामद किए गए थे. 27 मई 1987 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने मलियाना दंगा मामले में न्यायिक जांच की घोषणा की थी.

भागलपुर दंगा – 1989

भागलपुर 1989 को भुला दिए गए दंगे के रूप में याद किया जाता है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस दंगे भागलपुर शहर और तत्कालीन भागलपुर जिले के 18 प्रखंडों के 194 गांवों के ग्यारह सौ से ज़्यादा लोग मारे गये थे.

सरकारी दस्तावेज ये बताते हैं कि ये दंगा दो महीने से ज्यादा वक्त तक चला था. रिपोर्टस के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ताओं और दंगा पीड़ितों का ये कहना था कि लगभग छह महीने तक दंगे होते रहे थे.

नीतीश कुमार 2005 में मुख्यमंत्री बने थे. मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने न्यायमूर्ति एनएन सिंह के नेतृत्व में एक नए जांच आयोग का गठन किया. 2013 में, लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले उन्होंने 384 दंगा प्रभावित परिवारों के लिए पेंशन को दोगुना कर दिया.

एनएन सिंह समिति की रिपोर्ट में 125 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई थी. यह वही समय था जब राज्य की कांग्रेस सरकार को भी दोषी ठहराया गया था.

पीपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स में 1996 में छपी एक रिपोर्ट में ये बताया गया है कि भागलपुर जिले में सांप्रदायिक हिंसा का इतिहास कैसा रहा है. इस रिपोर्ट में 1924, 1936, 1946 और 1967 का जिक्र है.

1989 का दंगा इसलिए भी याद किया जाता है क्योंकि भागलपुर के ग्रामीण इलाकों में इस तरह की हिंसा इससे पहले कभी नहीं हुई थी.

दंगा मामले में अबतक न्यायालय में 346 लोगों को सजा हो चुकी है. इनमें 128 लोगों को उम्र कैद और बाकियों को 10 साल से कम की सजा मिल चुकी है.

गोधरा दंगा -2002

गुजरात के गोधरा स्टेशन पर 27 फरवरी 2002 को 23 पुरुष और 15 महिलाओं और 20 बच्चों सहित 58 लोग साबरमती एक्सप्रेस के कोच नंबर S6 में जिंदा जला दिए गए थे. उस दौरान गुजरात के सहायक महानिदेशक जे महापात्रा ने कहा था कि दंगाई ट्रेन के गोधरा पहुंचने से काफी पहले से पेट्रोल से लैस थे और पूरी तैयारी करके आए थे.

गोधरा में हुई इस घटना के बाद पूरा गुजरात सुलगने लगा था. पूरे गुजरात में दंगे देखने को मिले. साबरमती एक्सप्रेस की आग में कारसेवकों की मौत के बाद पूरे गुजरात में जगह-जगह हिंदू और मुसलमानों के बीच हिंसक टकराव हुए थे. उस समय गुजरात के सीएम नरेन्द्र मोदी थे.

2006 अलीगढ़ दंगा

5 अप्रैल 2006 को रामनवमी उत्सव के दौरान हिंदुओं और मुसलमानों के बीच हिंसा भड़क गई थी, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी.

2009 पुसद दंगा

2009 में महाराष्ट्र के पुसद में रामनवमी जुलूस को दूसरे समुदाय के लोगों की तरफ से बाधित किया गया और पथराव किया गया. पथराव के बाद माहौल हिंसक बन गया. दंगों में 70 से ज्यादा दुकानों को जला दिया गया था और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था.

2016 हजारीबाग हिंसा

रामनवमी उत्सव के अंतिम दिन झारखंड के हजारीबाग शहर और आसपास के इलाकों में लोगों के दो समूहों के बीच झड़प हुई. दुकानों में आग लगाने और पुलिसकर्मियों पर पथराव के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था.

रामनवमी जुलूस के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे लाउडस्पीकर को लेकर एक समूह के लोगों ने आपत्ति जताई थी, जिसे लेकर विवाद बढ़ा. वहीं हजारीबाग में 2015 में मुहर्रम के जुलूस में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर दंगा भड़का था. हिंसा में कई लोगों की मौत भी हुई थी.

2018 पश्चिम बंगाल दंगे

पश्चिम बंगाल के रानीगंज में रामनवमी के जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई. इसके बाद दोनों समुदायों के बीच हिंसा शुरू हो गयी. पुलिस कर्मियों पर ईंटों और पत्थरों से हमला किया गया. भीड़ के हिंसक होते ही देसी बमों से बमबारी शुरू हो गई.

पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अरिंदम दत्ता चौधरी पर भी बम से हमला किया गया. हादसे में उनका दाहिना हाथ लगभग उड़ गया.

2019 पश्चिम बंगाल के आसनसोल दंगे

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बराकर मारवाड़ी विद्यालय से निकाली गई रामनवमी रैली पर पथराव किया गया. जवाबी कार्रवाई हुई और हिंसा बढ़ गई.

2019 में राजस्थान के जोधपुर में 13 अप्रैल को सांप्रदायिक झड़प हुई थी. रामनवमी के जुलूस के दौरान मुसलमानों के एक वर्ग ने पथराव किया था.

2022 के दंगे

अप्रैल 2022 में चार भारतीय राज्यों गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी. 10 अप्रैल 2022 को रामनवमी के मौके पुलिस इन सभी राज्यो में हिंसा हुई और पुलिस अधिकारियों सहित दर्जनों लोग घायल हो गए. गुजरात में एक व्यक्ति की मौत हो गई.

इसी दौरान झारखंड के बोकारो और लोहरदगा कम से कम 2 जगहों पर झड़पों की सूचना मिली. बोकारो में रामनवमी जुलूस के लिए जा रहे कुछ युवकों पर हमला किया गया. लोहरदगा में हिंसा बड़े पैमाने पर हुई थी, जिसमें दंगाइयों ने कई वाहनों को आग लगा दी थी. लोहारदगा में रामनवमी जुलूस के दौरान पथराव सहित झड़प में कम से कम 12 लोग घायल हो गए.

वो दंगा जिसमें हिंदू और मुसलमान एक साथ मिलकर लड़े थे

आज से ठीक 100 साल पहले एक ऐसा दंगा भी हुआ था जिसमें हिंदू- मुसलमान एक साथ मिलकर लड़े थे. ये दंगा गुलाम भारत के बॉम्बे (अब मुंबई) में हुआ था. बॉम्बे का ये दंगा नवंबर 1921 में हुआ. इस दंगे को प्रिंस ऑफ वेल्स दंगे के नाम से भी जाना जाता है.

ब्रिटेन के प्रिंस ऑफ वेल्स (एडवर्ड आठवें) नवंबर 1921 में भारत के अपने साम्राज्य के शाही दौरे पर आए थे. देश में उन दिनों महात्मा गांधी का असहयोग आंदोलन चल रहा था. गांधी जी उस समय हिंदू-मुस्लिम एकता की वकालत कर रहे थे.

सांप्रदायिक एकता के उस दौर में हिंदुओं और मुसलमानों की एकता हो गई थी. दोनों समुदायों की एकता ने बाकी अल्पसंख्यक समुदायों जैसे- ईसाई, सिख, पारसी और यहूदी के मन में बहुसंख्यक समुदायों के वर्चस्व को लेकर भय का भाव बिठा पैदा कर दिया था. नतिजतन बहुसंख्यक समुदायों ने कुछ हिंसक वारदातों को अंजाम दिया.


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