नई दिल्ली के इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च सेंटर में इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स (मोटे अनाज) वर्ष 2023 के ग्लोबल कांफ्रेस का आयोजन हुआ। जिसका लाइव प्रसारण जिला के सभी प्रखण्डों में कृषि विभाग एवं आत्मा के प्रसार कर्मी के सहयोग से कृषकों को दिखाया गया । इसमें बताया गया कि भारत सरकार के प्रस्ताव एवं प्रयासों के बाद संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है।
कांफ्रेस में वक्ताओं ने कहा मिलेट्स सिर्फ खेती करने और खाने तक ही सीमित नहीं है। मिलेट्स अब लोगोें के लिए रोजगार का जरिया बन रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रहा है। भारत विश्व में मिलेट्स उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है। ग्लोबल कांफ्रेस के माध्यम से मिलेट्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने एवं हमारे यहाँ के किसानों को विश्व बाजार के हिसाब से अपनी तैयारी करने के लिए प्रोत्साहित करने का यह एक अच्छा अवसर है। मिलेट्स की उपयोगिता, उत्पादन एवं विपणन को आम जनमानस के बीच में बढ़ावा देने हेतु इस कार्यक्रम का प्रोजेक्टर के माध्यम से लाइव प्रसारण 200 से अधिक किसानों ने देखा।
कृषि विभाग अन्तर्गत आत्मा संस्थान द्वारा मोटे अनाज (श्री अन्न) की खेती करने के लिए एवं इससे तैयार होने वाले मूल्य सवंर्धित सामग्री की जानकारी किसानों को विभिन्न कृषक गोष्ठी एवं बैठकों के माध्यम से दी जा रही है।
गोड्डा: ओडिशा की एक लड़की को बिहार के एक लड़के से हैदराबाद में प्यार हुआ। लेकिन बदले में उसे धोखा मिला और उसके प्रेमी ने उसे झारखंड के गोड्डा लाकर उसकी हत्या कर दी। कहानी बिल्कुल फिल्मी है, लेकिन इसे हकिकत में अंजाम दिया गया है। गोड्डा के देवहाड़ थाना पुलिस को 12 मार्च को सुंदरमारी नदी से एक कटा हुआ हाथ मिला था। बाद में जब उन्होंने इस मामले की जांच की गई और स्वान दस्ते को लगया है तो, 14 मार्च को सिर और फिर शव के बाकी हिस्से भी बरामद किए गए। इस बाद जब पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया तो हैरान कर देने वाले खुलासे हुए। इस पूरे मामले में गोड्डा पुलिस को पहली लीड शव के साथ ही मिली। शव का सिर जिस पॉलिथीन में मिला था वह हैदराबाद का था पुलिस ने इसी को आधार बना कर अपनी जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पता चला कि जिस लड़की की हत्या की गई है वह ओडिशा की रहने वाली है और उसका नाम देविका है। पुलिस के अनुसार देविका को हैदराबाद में रहने के दौरान बिहार के बांका जिले के रहने वाले संजय नाम के युवक से प्यार हो गया। चार साल पहले इन्होंने शादी भी कर ली। हालांकि जब देविका को पता चला कि संजय शादी शुदा है उसी वक्त से दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
लगातार विवाद और लड़ाई झगड़े से तंग आकर संजय ने देविका को अपने रास्ते से हटाने का सोचा और फिर अपनी पहली पत्नी के साथ मिलकर देविका की हत्या की साजिश रची। इसी साजिश के तहत उसने देविका को हैदराबाद से अपनी साली के घर गोड्डा के सुंदरमारा ले आया। 12 मार्च 2023 की शाम को वह देविका को नदी किनारे घुमाने ले गया और वहीं पर उसके सिर पर वार कर उसे पहले उसे जख्मी किया फिर जब वह बेहोश हो गई को उसकी हत्या कर दी। शव की पहचान ना हो सके इसलिए उसने सिर को धड़ से अलग कर दिया और हाथ काट डाले और कुछ हिस्से को जला भी दिया।
इस मामले में पुलिस ने आरोपी संजय की पत्नी और उसकी बहन को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं संजय की तलाश में जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने इस मामले की सूचना ओडिशा में रहने वाले देविका के भाई को भी दे दी है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए सामन में ब्लेड, कुदाल, पॉलिथीन और दो मोबाइल बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी संजय को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
तोशखाना मामले में पेशी के लिए इमरान खान सैंकड़ों समर्थकों के साथ लाहौर से इस्लामाबाद की ओर निकले। इस दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। काफिले की गाड़ियां आपस में टकरा गई। हादसे के बाद कई गाड़ियां सड़क पर पलट गई। कई लोग जख्मी हो गए हैं। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम भी लग गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस हादसे में इमरान खान को चोट नहीं आई है। वह बाल-बाल बचे हैं। हादसे के बाद इमरान ने वीडियो जारी किया है।
दरअसल, तोशखाना केस में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान आज सुबह लाहौर से इस्लामाबाद के लिए रवाना हुए थे। उन्हें इस्लामाबाद जिला सत्र न्यायालय में पेश होने का आदेश दिया गया है। सुनवाई आज दोपहर बाद शुरू होनी है। इससे पहले भी तोशखाना केस में इमरान को कई बार पेश होने के लिए आदेश दिया गया था लेकिन, वह पेशी के लिए कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सके थे।
काफिला हादसे का शिकार
जब इमरान खान इस्लामाबाद जा रहे थे, तो इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में काफिला मौजूद था। सड़क मार्ग से जाते हुए काफिले की गाड़ियां बेकाबू होकर आपस में टकरा गई। इससे बड़ा हादसा हो गया। पुलिस टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे में गंभीर रूप से घायलों की संख्या 3 बताई जा रही है। हालांकि, इमरान खान इस हादसे में बाल-बाल बच गए हैं।
इस्लामाबाद में चप्पे-चप्पे पर पुलिस सुरक्षा
उधर, इमरान खान की पेशी को लेकर कोई बवाल न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था के खास बंदोबस्त किए गए हैं। इस्लामाबाद शहर में शुक्रवार रात से ही धारा 144 लागू कर दी गई है।
इमरान ने जारी किया वीडियो
इमरान खान ने हादसे के बाद अपने वीडियो संदेश कहा, “मैं सरकार के इरादों को जानता हूं, जो ‘कानून के शासन’ में नहीं बल्कि मुझे गिरफ्तार करने के लिए उनका विश्वास था। मैं अदालत जा रहा हूं यह जानते हुए कि वे मुझे गिरफ्तार कर लेंगे। मैं कानून के शासन में विश्वास करता हूं लेकिन सरकार नहीं करती है।
आदित्यपुर थाना क्षेत्र के शिवनारायणपुर से दिल दहला देने वाली घटना प्रकाश में आई है। एक ट्रैक्टर से बैटरी चोरी करते रंगे हाथ पकड़ाए चोर की पति-पत्नी ने बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर डाली है। घटना शनिवार सुबह की है. मृतक चोर की पहचान लेलको गोप के रूप में हुई है, जो शिवनारायण पुर का ही रहनेवाला है। वह पूर्व में भी चोरी के आरोप में जेल जा चुका था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक को शिवनारायण पुर के ही रहने वाले ट्रेक्टर मालिक पुटूरु टुडू और उसकी पत्नी ने रंगे हाथ बैटरी चोरी करते पकड़ा, और लाठी डंडे से मार-पीट कर उसे अधमरा कर दिया। फिर उसे ट्रेक्टर में बांधकर दुबारा पीट-पीट कर मार डाला। सूचना मिलते ही आदित्यपुर पुलिस सुबह करीब 8:00 बजे घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर अपने साथ थाना ले आई है। जबकि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद बस्ती में आक्रोश व्याप्त है।
जमशेदपुर/मऊ : उत्तर प्रदेश के ईनामी अपराधी अनुज कन्नौजिया और उसकी पत्नी को सिमकार्ड देने वाले उसके सहयोगी को उत्तर प्रदेश पुलिस ने जमशेदपुर के परसुडीह बारीगोड़ा स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है। यहीं से पुलिस ने उनकी पत्नी रीना राय को भी गिरफ्तार किया है, जिसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तार व्यक्ति शिवरतन रजक है, जो बारीगोड़ा का रहने वाला है। बताया जाता है कि अनुज कन्नौजिया की तलाश पांच साल से उत्तर प्रदेश की पुलिस कर रही है। पकड़ा गया शिवरतन रजक टाटा मोटर्स के फाउंड्री डिवीजन में बाइसिक्स कर्मचारी है और वह शार्प शूटर का रिश्तेदार है। सूत्र बताते है कि वह साला लगता है।
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इंकाउंटर फार्मूला के डर से वह और उसकी पत्नी और रिश्तेदार भागे हुए थे, जो जमशेदपुर में ही शरण लिये हुए थे। अनुज कन्नौजिया पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी का करीबी है और शार्प शूटर भी रहा है। उसकी पत्नी रीना राय की तलाश वहां की पुलिस कर रही थी, जिसका मोबाइल लोकेशन बारीगोड़ा मिला था, जिसके बाद पुलिस ने उस तक पहुंची और सिम कार्ड मुहैया कराने वाले उसके रिश्तेदार श्री रजक को भी गिरफ्तार किया गया। बताया जाता है कि अनुज कन्नौजिया और उसकी पत्नी को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश की मऊ पुलिस लगातार छापामारी कर रही है। लेकिन उसका सिम लगातार बदलता रहा है।
बताया जाता है कि जो सिम कार्ड उसको मिलता रहा है, वह शिवरतन रजक ही मुहैया कराता था, जिसके माध्यम से वह रंगदारी वसूलता था। बताया जाता है कि जो सिमकार्ड से रंगदारी मांगी गयी थी, वह झारखंड के जमशेदपुर से जारी की गयी थी, जिसके माध्यम से हीरनपुर गांव निवासी भोलानाथ इंटर कॉलेज के मैनेजर हंसनाथ यादव से एक लाख रुपये रंगदारी मांगी गयी थी। इस मामले में केस दर्ज है. पुलिस ने काफी तकनीकी तरीके से छानबीन की, जिसके बाद शिवरतन रजक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उसको मऊ पुलिस ले गयी।
मऊ थाना के सब इंस्पेक्टर कमला पटेल और उनकी टीम यहां आयी थी और उसको पकड़कर ले गयी। शिवरतन रजक अनुज कन्नौजिया का रिश्तेदार है और यहां से सिमकार्ड मुहैया कराता था। उत्तर प्रदेश के मऊ जिला के चिरैयाकोट क्षेत्र के बहलोलपुर निवासी मुख्तार अंसारी का शार्प शूटर अनुज कन्नौजिया पिछले पांच साल से फरार चल रहा है। उसके खिलाफ पुलिस ने ईनाम घोषित कर रखा है। 28 फरवरी को चिरैयाकोट क्षेत्र के हिरनपुर कमथरी निवासी हंसनाथ यादव ने अनुज कन्नौजिया, उसकी पत्नी रीना राय और उसके अन्य रिश्तेदार के खिलाफ रंगदारी का केस दर्ज कराया था।
इसके बाद पुलिस ने रीना राय को भी झारखंड से ही गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसकी निशानदेरी पर मऊ जिले के थाना चिरैया कोट के उपनिरीक्षक कमला प्रसाद पटेल, हेड कांस्टेबल दिलीप पटेल, कांस्टेबल रिंकू कुमार, महिला कांस्टेबल प्रभावती और सरोज के साथ छापामारी कर गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसको जमशेदपुर कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस लेकर चली गयी। मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना के थानाअद्यक्ष राजेश वर्मा ने बताया कि मुखबीर की सूचना पर झारखंड के जमशेदपुर के बारीगोड़ा में दबिश देकर अनुज कन्नौजिया की पत्नी रीना राय को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है।
गुमला : धान कूटने वाली मशीन के संपर्क में आने से एक महिला का सर धड़ से अलग हो गया है। जिले के घाघरा थाना क्षेत्र के केंदटोली गांव की 40 वर्षीय नैहरी देवी शुक्रवार को धान कूटने वाली मशीन लाकर धान कुटवा रही थी। इसी दौरान नैहरी का दुपट्टा मशीन की चक्की में फंस गया और नैहरी का सर धड़ से अलग हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना घाघरा थाना को दी।
काम शुरू होने के साथ ही जिंदगी खत्म
खबर मिलने के बाद थानेदार अमित कुमार चौधरी व एसआई अभिषेक कुमार घटनास्थल पहुंच शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। धान कुटने वाले ने बताया कि धान कुटना प्रारंभ हुआ ही था कि महिला मशीन की चपेट में आ गई।
धान कूटने के लिए भाड़े पर मंगाई थी मशीन
घटना के बाद परिजनों व गांव में मातम का माहौल है। इस संबंध में थानेदार अमित कुमार चौधरी से पूछने पर उन्होंने कहा पति रामलाल भगत व पत्नी नैहरी दोनों ने धान कूटने के लिए मशीन भाड़े पर मंगाया था। दोनों मिलकर धान कूटवाना प्रारंभ किया ही था कि इसी दौरान नैहरी का दुपट्टा मशीन के चक्की में फंस गया और महिला पूरी तरह से मशीन की चपेट में आ गई जिससे महिला का सर धड़ से अलग हो गया।
मशीन से होते रहे हैं कई हादसे
हालांकि, ऐसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती हैं। कभी साड़ी का पल्लू, तो कभी दुपट्टा या चुनरी फंसकर महिलाओं की दर्दनाक मौत हो जाती है। ऐसे में इस तरह के काम में और अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। बता दें कि इस मशीन की बनावट कुछ ऐसी होती है जिससे कि धान के दाने में से मिट्टी के छोटे-छोटे कण और धूल बाहर गिर जाते हैं।
धान की कुटाई घास-फूस तथा पुआल को निकाल रबर के सहारे होती है, जिसमें चावल के ऊपरी परत ब्रान को हटाया जाता है। इसे मवेशियों को चारा के साथ मिलाकर खिलाने के काम आता है। साथ ही, रिफाइंड तेल व कई खाद्य पदार्थो में राइस ब्रान का प्रयोग कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। वहीं, धान का बाहरी हिस्सा भूसी जलावन के काम आ जाता है।
झारखंड : लातेहार पुलिस को आज बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीपीसी के सबजोनल कमांडर कुलदीप मेहता उर्फ बिकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये जानकारी एसपी अंजनी अंजन ने दी। उन्होंने बताया कि ये नक्सली पहले भाकपा माओवादी में शामिल था। सरेंडर करने के सालभर बाद ये जेल से निकला और टीपीसी में शामिल हो गया। लातेहार व बालूमाथ थाने में इसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
लातेहार और बालूमाथ थाने में कई मामले दर्ज
लातेहार पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीपीसी के सबजोनल कमांडर कुलदीप मेहता उर्फ बिकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एसपी अंजनी अंजन ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि नक्सली कुलदीप के खिलाफ लातेहार और बालूमाथ थाने में कई मामले दर्ज हैं. पुलिस को इसकी तलाश थी।
पहले भाकपा माओवादी में था एक्टिव
एसपी अंजनी अंजन ने जानकारी दी है कि कुलदीप पूर्व में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी में था। वर्ष 2016 में उसने सरेंडर किया था। एक साल बाद जेल से निकला और 2022 में टीपीसी के रौशन के संपर्क में आकर नक्सली संगठन टीपीसी में शामिल हो गया था। पुलिस को इसकी तलाश थी. आखिरकार पुलिस ने इसे गिरफ्तार कर लिया।
लंदन, पीटीआइ : उपनिवेश काल के दौरान भारत से ब्रिटेन ले जाए गए प्रख्यात कोहिनूर हीरे को मई में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के इस बेशकीमती हीरे वाले मुकुट को नए महाराजा चार्ल्स द्वितीय की पत्नी कैमिला ने पहनने से इनकार कर दिया है। इसके बाद इसे शाही खजाने में रख दिया गया है। अब कोहिनूर लगे मुकुट, कुछ अन्य शाही आभूषणों और प्रतीक चिह्नों को टावर आफ लंदन में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए रखा जाएगा।
महाराजा चार्ल्स द्वितीय की पत्नी नहीं पहनेगी केहिनूर से जड़ा मुकुट
महाराजा चार्ल्स द्वितीय के छह मई को होने वाले राज्याभिषेक में उनकी पत्नी कैमिला कोई अन्य मुकुट पहनकर शामिल होंगी। माना जा रहा है कि ब्रिटिश राजपरिवार भारत की भावनाओं का सम्मान करने के लिए ऐसा करना चाहता है। भारत ने इस हीरे को वापस दिए जाने के लिए दावा किया है जबकि ब्रिटेन इसे जीत का प्रतीक मानते हुए अपने पास रखना चाहता है। कोहिनूर को भारत को लौटाने के लिए ब्रिटिश राजघराने या वहां की सरकार ने अभी तक औपचारिक निर्णय नहीं लिया है।
जानें कोहिनुर का इतिहास
भारत से ब्रिटेन पहुंचे कोहिनूर 105.6 कैरेट का है। इसे दुनिया का सबसे बड़ा हीरा माना जाता है। कोहिनूर हीरे का इतिहास 5000 साल से भी पुराना है। हीरे का वर्तमान नाम फारसी में है, जिसका अर्थ है ‘रोशनी का पहाड़’ (Mountain of Light)। इतिहासकारों के अनुसार, इस हीरे की खोज आंध्र प्रदेश गुंटूर जिले में स्थित गोलकुंडा की खदानों में खुदाई के दौरान हुई थी। सबसे पहले इसे किसने देखा, यह कब बाहर आया था, इसका कोई प्रमाण दर्ज नहीं है।
कोहिनूर हीरा अविभाजित पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह के खजाने में था। वहां से इसे ले जाकर तत्कालीन ब्रिटिश गवर्नर ने महारानी विक्टोरिया को भेंट किया था। इसके बाद कोहिनूर हीरे को मुकुट में जड़वाकर उसे पहना गया। बताते हैं कि मुकुट में जड़वाने के दौरान कारीगरों ने हीरे को तराशकर छोटा कर दिया। बावजूद इसके कोहिनूर दुनिया में उपलब्ध सबसे बड़े हीरों में शुमार है।
मिसेस शर्मा का आठ साल का बेटा धैर्य विडियो गेम से खेल रहा था,कमरे में चारों तरफ खिलौने फैले पड़े थे।उनकी कामवाली मालती का तीन साल का बेटा अचानक उस कमरे में आ गया और उस मासूम ने एक खिलौना उठा लिया।धैर्य को कोई फर्क नहीं पड़ा किन्तु तभी मिसेस शर्मा बिफरते हुए आयी,”मालती,संभाल अपने बच्चे को ,यूँ मेरे बेटे की किसी चीज को हाथ न लगाएं,और अगर नहीं संभलता तो यहाँ मत लाया कर”। धैर्य बोला,”कोई बात नहीं मम्मी ,एक खिलौना ही तो है,मेरे पास तो कितने सारे हैं।” “तू चुप कर, नौकरों को मुँह नहीं लगाते”। कुछ दिन बाद धैर्य के जन्मदिन पर एक पेटी खिलौना और खाने पीने का सामान आया।धैर्य ने पूछा,” ये सब किसलिए मम्मी”। मम्मी बोली,”अनाथालय के गरीब बच्चों को बाँटने के लिए,वहाँ मीडिया वाले भी आएंगे”। दूर खड़ी मालती अजीब निगाहों से ये सब देख रही थी,पर नौकरानी थी तो कुछ कह न पायी।
जमशेदपुर : सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष गुरमुख सिंह मुखे को जमशेदपुर पुलिस ने बलात्कार के एक मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इसकी पुष्टि वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कर दी है। बताया जाता है कि बीती रात मुखे नाम बदलकर बारीडीह स्थित मर्सी अस्पताल में इलाज कराने के लिए भर्ती हुआ। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और उसे मर्सी अस्पताल से एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। घर चलोगे कि मुखे के खिलाफ एक सिख महिला ने कदमा थाना में बलात्कार का आरोप लगाते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज कराया था।मूखे का वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें महिला के साथ कई आपत्तिजनक दिखाया गया है।