एक नई सोच, एक नई धारा

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कोवाली: उप स्वास्थ्य केंद्र के प्रस्तावित स्थल पर ग्रामीणों का विरोध, श्मशान के पास भवन बनाने से किया इनकार

कोवाली/पोटका: पोटका प्रखंड के कोवाली पंचायत अंतर्गत कोवाली गांव में बनने वाले नए उप स्वास्थ्य केंद्र के प्रस्तावित स्थल को लेकर ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। अंचल अधिकारी (CO) द्वारा चिह्नित की गई भूमि को अनुपयुक्त बताते हुए ग्रामीणों ने शनिवार को चिकित्सा पदाधिकारी और सीओ को एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों की मांग है कि नया भवन पुराने केंद्र के पास ही बनाया जाए।

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श्मशान और नदी के निकट स्थल पर आपत्ति

​ग्रामीणों का कहना है कि अंचल अधिकारी द्वारा जिस भूमि का चयन किया गया है, उसके ठीक बगल में नदी और श्मशान घाट स्थित है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि:

  • ​श्मशान के निकट स्वास्थ्य केंद्र होने से भविष्य में केंद्र पर जल संकट (Water Crisis) गहरा सकता है।
  • ​भौगोलिक और सामाजिक दृष्टिकोण से यह स्थान मरीजों के लिए सुविधाजनक नहीं है।
  • ​सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस स्थल चयन से पहले नियमतः ग्राम सभा का आयोजन भी नहीं किया गया।

पुराने केंद्र के पास निर्माण की मांग

​ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उप स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन उस पुराने स्थान के निकट ही बनाया जाए जहाँ वर्तमान में केंद्र संचालित है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुराना स्थान ग्रामीणों की पहुंच में है और वहां किसी प्रकार की बाधा नहीं है।

प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन

​अपनी मांगों को लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे। इसमें मुख्य रूप से सोनका महतो, देवेन महतो, सुरेखा कालिंदी, ममता कालिंदी, सुभाष कालिंदी, टिंकू कालिंदी, विजय कालिंदी, शकुंतला कालिंदी और सुष्मिता कालिंदी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।

प्रशासनिक रुख

​ग्रामीणों के विरोध के बाद अब यह देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और अंचल प्रशासन स्थल परिवर्तन पर क्या निर्णय लेता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि बिना ग्राम सभा की सहमति के श्मशान के पास निर्माण कार्य शुरू किया गया, तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे।

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सोनारी: 23 जनवरी को उपकार संघ में विशाल रक्तदान शिविर, रक्तदाताओं को मिलेगा हेलमेट और प्रमाणपत्र

जमशेदपुर: उपकार संघ और सोनारी थाना समिति के संयुक्त तत्वावधान में आगामी 23 जनवरी (शुक्रवार) को एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर सोनारी स्थित उपकार संघ परिसर में सुबह 9:00 बजे से शुरू होगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के अस्पतालों में रक्त की कमी को दूर करना और जरूरतमंद मरीजों की जान बचाना है।

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वरिष्ठ अधिकारी बढ़ाएंगे रक्तदाताओं का उत्साह

​सोनारी थाना समिति के सचिव व उपकार संघ के संरक्षक, अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने बैठक के बाद बताया कि इस शिविर में जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इनमें जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और पुलिस उपाधीक्षक यातायात (DSP Traffic) विशेष रूप से उपस्थित रहकर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाएंगे।

सुरक्षा के साथ सम्मान: रक्तदाताओं को मिलेगा हेलमेट

​आयोजकों ने एक अनूठी पहल करते हुए घोषणा की है कि रक्तदान करने वाले सभी युवाओं और नागरिकों को प्रोत्साहन स्वरूप:

  • हेलमेट प्रदान किया जाएगा (सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु)।
  • प्रमाण पत्र और अन्य प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • ​शिविर में प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम सुरक्षित तरीके से रक्त संग्रह सुनिश्चित करेगी।
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तैयारियां पूर्ण, युवाओं से अपील

​शिविर की सफलता के लिए उपकार संघ के अध्यक्ष सतपाल साहू और अन्य सदस्यों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। समिति ने शहर के युवाओं और सामाजिक संस्थाओं से अपील की है कि वे ‘मानव सेवा’ के इस महाकुंभ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

बैठक में ये रहे मौजूद

​आयोजन को लेकर हुई महत्वपूर्ण बैठक में सतपाल साहू, नरेंद्र कुमार साहू, विश्वकर्मा वर्मा, उमाशंकर शर्मा, कन्हैया यादव, हेमंत साहू, राजीव वर्मा, जय पटेल, बालकृष्ण साहू समेत कई सक्रिय सदस्य उपस्थित थे।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • तारीख: 23 जनवरी 2026
  • समय: सुबह 9:00 बजे से
  • स्थान: उपकार संघ परिसर, सोनारी
  • आयोजक: उपकार संघ एवं सोनारी थाना समिति
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पूर्व उपमुख्यमंत्री स्व. सुधीर महतो की 12वीं पुण्यतिथि: साकची से बिस्टुपुर तक दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

जमशेदपुर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्व. सुधीर महतो की 12वीं पुण्यतिथि आज पूरे शहर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। साकची, उलियान और बिस्टुपुर समेत कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित कर जनमानस ने अपने प्रिय नेता को याद किया।

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प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया नमन

​पुण्यतिथि के अवसर पर साकची स्थित झामुमो जिला संपर्क कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का तांता लगा रहा। इसके बाद उलियान और बिस्टुपुर स्थित शहीद निर्मल महतो गैरेज गांव में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित लोगों ने सुधीर महतो जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके द्वारा राज्य के विकास के लिए किए गए कार्यों को याद किया।

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विचारों और कर्मों में सदैव अमर रहेंगे ‘सुधीर दादा’

​श्रद्धांजलि सभा के दौरान वक्ताओं ने सुधीर महतो जी को एक ऐसा व्यक्तित्व बताया जो अपने विचारों और निस्वार्थ कर्मों के माध्यम से जनता के दिलों में सदा अमर रहेंगे। उन्हें एक जुझारू नेता और झारखंड आंदोलन के प्रमुख स्तंभों में से एक के रूप में याद किया गया। समर्थकों ने “सुधीर महतो अमर रहें” के नारों के साथ उन्हें भावभीनी विदाई दी।

एक युग का नेतृत्व

​सुधीर महतो न केवल झामुमो के एक मजबूत स्तंभ थे, बल्कि झारखंड की राजनीति में उनकी पहचान एक मिलनसार और सर्वसुलभ नेता की थी। आज उनकी 12वीं पुण्यतिथि पर साकची कार्यालय में जुटे कार्यकर्ताओं ने उनके पदचिन्हों पर चलने और झारखंड की प्रगति के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।

“श्रद्धांजलि संदेश:”

“उस महान आत्मा को नमन है, जो अपने सिद्धांतों और जनता के प्रति प्रेम के कारण आज भी हमारे बीच जीवित हैं। आदर और सम्मान के साथ हम उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।”

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बड़ा रेल हादसा टला: रोहिणी रेलवे फाटक पर ट्रेन और ट्रक की भीषण टक्कर, चपेट में आई एक बाइक

जसीडीह/देवघर: हावड़ा-जसीडीह मेनलाइन के नावाडीह के पास स्थित रोहिणी रेलवे फाटक पर गुरुवार को एक बड़ा रेल हादसा होने से बाल-बाल बच गया। तेज रफ्तार से आ रही एक ट्रेन ने फाटक पार कर रहे ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। इस टक्कर की भीषणता इतनी अधिक थी कि पास से गुजर रही एक मोटरसाइकिल भी इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई।

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कैसे हुआ हादसा?

​प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब ट्रेन मुख्य लाइन से गुजर रही थी, तभी एक ट्रक पटरी पार करने की कोशिश कर रहा था। ट्रेन के चालक ने आपातकालीन ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक ट्रक ट्रेन की चपेट में आ चुका था। इस दौरान वहां से गुजर रहा एक बाइक सवार भी दुर्घटना का शिकार हुआ, हालांकि वह चमत्कारिक रूप से बच गया।

रेलवे प्रशासन में हड़कंप

​घटना की सूचना मिलते ही आसनसोल रेल डिवीजन के उच्च अधिकारी और बचाव दल तुरंत मौके पर रवाना हो गए। रेल प्रशासन फिलहाल युद्ध स्तर पर लाइन को क्लियर करने और यातायात बहाल करने में जुटा है। रेलवे पुलिस (RPF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच कर रही हैं।

बार-बार हादसों से उठे गंभीर सवाल

​रोहिणी रेलवे फाटक पर यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी इसी स्थान पर ट्रक और ट्रेन की टक्कर हो चुकी है। बार-बार एक ही स्थान पर हो रही इन दुर्घटनाओं ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और फाटक के प्रबंधन पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं:

  • ​क्या रेलवे फाटक के सिग्नलिंग सिस्टम में कोई खराबी है?
  • ​क्या वहां तैनात कर्मियों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है?
  • ​स्थानीय लोग लंबे समय से यहां बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

जांच के आदेश

​रेलवे अधिकारियों ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि गलती किसकी थी। फिलहाल प्राथमिकता रेल यातायात को सुचारू रूप से शुरू करने की है।

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जमशेदपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मानगो में ब्राउन शुगर के साथ युवक गिरफ्तार, नदी किनारे चल रहा था नशे का कारोबार

जमशेदपुर (मानगो): शहर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में जमशेदपुर पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। ओलीडीह थाना क्षेत्र के श्यामनगर नदी किनारे ब्राउन शुगर की पुड़िया बेचते हुए एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

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गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई

​जानकारी के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) को बुधवार, 21 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि श्यामनगर नदी किनारे एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में घूमकर ब्राउन शुगर की बिक्री कर रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और डीएसपी पटमदा, श्री बचनदेव कुजूर के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया।

रात के अंधेरे में छापेमारी, 26 पुड़िया बरामद

​पुलिस टीम ने रात करीब 8:00 बजे बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने संकोसाई रोड नंबर-01 के रहने वाले 26 वर्षीय मनीष कुमार यादव को दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 26 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई, जिसका कुल वजन 3.870 ग्राम पाया गया है।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

​गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मानगो ओलीडीह ओ०पी० में कांड संख्या 18/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोपी पर NDPS Act 1985 की गंभीर धाराओं (17(a), 21(a), 22(a), और 29) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

छापामारी दल के मुख्य सदस्य

​इस सफल अभियान में डीएसपी पटमदा के साथ ओलीडीह ओ०पी० प्रभारी पु०अ०नि० मो० शारीक अली, पु०अ०नि० विष्णु चरण भोगता, विवेक पाल, रविन्द्र पाण्डेय, अभिषेक कुमार, विजय कुमार और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

पुलिस का कड़ा संदेश: > जमशेदपुर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर में नशे के कारोबारियों के लिए कोई जगह नहीं है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई भी नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी में लिप्त दिखता है, तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें ताकि युवा पीढ़ी को इस दलदल से बचाया जा सके।

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कराची के ‘किलर’: जब कमोडोर बबरूवाहन यादव के पराक्रम से दहला था पाकिस्तान

नई दिल्ली/रेवाड़ी: भारतीय नौसेना के इतिहास में 4 दिसंबर का दिन शौर्य की उस पराकाष्ठा का प्रतीक है, जिसने युद्ध की दिशा ही बदल दी थी। इस ऐतिहासिक जीत के महानायक थे कमोडोर बबरूवाहन (बबरू) यादव, जिन्हें उनकी अदम्य वीरता के लिए ‘किलर ऑफ कराची’ की उपाधि दी गई। आज भी उनकी रणनीतिक कुशलता और साहस की गाथाएं युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।

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​ऑपरेशन ट्राइडेंट: समंदर में ‘यमराज’ बनकर टूटी नौसेना

​1971 के युद्ध के दौरान, जब पाकिस्तान ने भारतीय हवाई ठिकानों पर हमला किया, तो भारतीय नौसेना ने कराची बंदरगाह को तबाह करने की गुप्त योजना बनाई। कराची पाकिस्तान का मुख्य आर्थिक और सैन्य केंद्र था। कमोडोर बबरूवाहन यादव के नेतृत्व में आईएनएस निपात, आईएनएस निर्घात और आईएनएस वीर ने रूसी स्टाइक्स मिसाइलों के साथ दुश्मन के इलाके में 250 मील अंदर प्रवेश किया।

​रात के अंधेरे में किए गए इस अचूक हमले ने पाकिस्तानी नौसेना की कमर तोड़ दी। पीएनएस खैबर और पीएनएस मुहाफिज़ जैसे युद्धपोत समंदर की गहराइयों में समा गए।

​कराची की लपटें और ‘ऑपरेशन पायथन’

​कमोडोर यादव की रणनीति का सबसे घातक हिस्सा कराची के तेल भंडारण टैंकों को निशाना बनाना था। केमारी तेल टर्मिनल में लगी आग इतनी भीषण थी कि कराची का आसमान कई दिनों तक काला और लाल बना रहा। लगभग 60,000 टन ईंधन जलकर राख हो गया, जिससे पाकिस्तानी सेना की रसद आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। इसके बाद ‘ऑपरेशन पायथन’ के जरिए पाकिस्तान को संभलने का मौका भी नहीं दिया गया।

​विरासत को सम्मान: महावीर चक्र और ‘यादव मार्ग’

​इस मिशन की सबसे बड़ी उपलब्धि यह थी कि भारत ने बिना किसी जवान या जहाज को खोए यह जीत हासिल की। उनकी इस अद्वितीय सेवा के लिए:

  • ​कमोडोर यादव को महावीर चक्र से सम्मानित किया गया।
  • ​वह भारतीय नौसेना में महावीर चक्र प्राप्त करने वाले पहले अधिकारी बने।
  • ​उनकी याद में दिल्ली रोड का नाम बदलकर “कमोडोर बबरूभान यादव मार्ग” रखा गया है।

​अहीरवाल के शौर्य का प्रतीक

​हरियाणा के रेवाड़ी जिले के भाड़ावास गांव के रहने वाले कमोडोर यादव यदुवंश के गौरव हैं। 1971 की जंग में अहीर रेजिमेंट और सैनिकों का दबदबा रहा, जहाँ अकेले इस युद्ध में वीर अहीरों को 3 महावीर चक्र, 4 वीर चक्र और 8 सेना मेडल प्राप्त हुए।

“किलर ऑफ कराची की उपाधि केवल एक नाम नहीं, बल्कि भारतीय नौसेना के अजेय होने का प्रमाण है।”

​भारतीय नौसेना आज भी 4 दिसंबर को ‘नौसेना दिवस’ के रूप में मनाकर कमोडोर यादव और उनके साथियों के बलिदान और शौर्य को नमन करती है।

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गोपाल मैदान में लोक संस्कृति का महाकुंभ: 21वें टुसू मेला में उमड़ा जनसैलाब, 41 हजार का प्रथम पुरस्कार

जमशेदपुर | 22 जनवरी, 2026

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​झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा का प्रतीक ‘टुसू पर्व’ बुधवार को जमशेदपुर के ऐतिहासिक गोपाल मैदान (बिष्टुपुर) में पूरी भव्यता के साथ मनाया गया। झारखंडवासी एकता मंच द्वारा आयोजित इस 21वें टुसू मेला में कोल्हान समेत पूरे राज्य की सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिला।

​पारंपरिक लोककला और झुमर की धूम

​मेले का मुख्य आकर्षण सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, जहाँ ‘झुमर सम्राट’ संतोष महतो और उनकी टीम ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप और संतोष महतो के चर्चित झुमर गीतों पर गोपाल मैदान में मौजूद हजारों दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए।

​आकर्षण का केंद्र: विशाल मूर्तियां और गगनचुंबी चौड़ल

​सुबह 8 बजे से ही श्रद्धालु और प्रतिभागी अपनी कलाकृतियों के साथ मैदान में जुटने लगे थे। इस वर्ष मेले की खासियतें इस प्रकार रहीं:

  • चौड़ल और प्रतिमाएं: रंग-बिरंगे कागजों और बांस से बने ऊंचे-ऊंचे चौड़ल और मां टुसू की सुंदर मूर्तियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पिछली बार इनकी संख्या 350 से अधिक थी, लेकिन इस बार यह आंकड़ा और भी बड़ा नजर आया।
  • अतिथियों का आगमन: कोल्हान के अलावा रांची, तमाड़, बुंडू और सिल्ली जैसे क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग अपनी संस्कृति के प्रति प्रेम जताने पहुंचे।

​विजेताओं के लिए पुरस्कारों की बौछार

​आयोजकों ने इस वर्ष प्रतियोगिता की पुरस्कार राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। विजेताओं को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा:

1. टुसू प्रतिमा प्रतियोगिता:

  • प्रथम पुरस्कार: 41,000 रुपये
  • द्वितीय पुरस्कार: 35,000 रुपये
  • तृतीय पुरस्कार: 31,000 रुपये

2. चौड़ल प्रतियोगिता:

  • प्रथम पुरस्कार: 31,000 रुपये
  • द्वितीय पुरस्कार: 25,000 रुपये
  • तृतीय पुरस्कार: 21,000 रुपये

3. बूढ़ी गाड़ी नाच प्रतियोगिता:

इसमें प्रथम स्थान पाने वाली टीम को 15,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

​शहीदों को नमन और भव्य उद्घाटन

​समारोह का औपचारिक उद्घाटन मंच के मुख्य संयोजक आस्तिक महतो और सांसद विद्युत वरण महतो के नेतृत्व में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड के अमर शहीदों और मंच के पूर्व पदाधिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।

​देर शाम तक गोपाल मैदान दूधिया रोशनी में नहाया रहा, जहाँ पारंपरिक वेशभूषा में सजे पुरुष और महिलाएं झारखंडी गौरव का जश्न मनाते दिखे। यह मेला न केवल एक आयोजन था, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ।

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​भक्ति या बीमारी? नंदपुर मंदिर की परिक्रमा करने वाले कुत्ते को हुआ ‘टिक फीवर’, नोएडा में चल रहा है इलाज

बिजनौर/नोएडा | 22 जनवरी, 2026

​नगीना-बढ़ापुर रोड स्थित गांव नंदपुर के नंदलाल देवता मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति की सात दिनों तक लगातार परिक्रमा करने वाला कुत्ता इन दिनों सुर्खियों में है। जहाँ ग्रामीण इसे ‘दिव्य भक्ति’ से जोड़कर देख रहे थे, वहीं अब चिकित्सा जांच में कुत्ते की बिगड़ती सेहत का एक वैज्ञानिक कारण सामने आया है।

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​पीसीआर रिपोर्ट में ‘टिक फीवर’ की पुष्टि

​कुत्ते की तबीयत खराब होने के बाद उसे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया था। प्रेमपथ एनिमल शेल्टर (बिजनौर) के डॉ. अश्वनी चित्रांश ने बताया कि नोएडा स्थित मैक्स पेट जेड अस्पताल में कराए गए टेस्ट और पीसीआर रिपोर्ट से पता चला है कि कुत्ता ‘टिक फीवर’ (Tick Fever) से ग्रसित है।

चिकित्सकों का दावा:

डॉक्टरों के अनुसार, टिक फीवर में कुत्ते को बहुत तेज बुखार आता है और वह भ्रम (Confusion) या बेचैनी की स्थिति में एक ही चक्र में घूम सकता है। संभवतः इसी कारण वह मंदिर में लगातार परिक्रमा कर रहा था।

​नोएडा शेल्टर में 72 घंटे की निगरानी

​कुत्ते की स्थिति को देखते हुए उसे शिवालय एनिमल शेल्टर, नोएडा में स्थानांतरित कर दिया गया है।

  • उपचार: वर्तमान में मैक्स पेट जेड अस्पताल के डॉक्टरों के परामर्श पर इलाज जारी है।
  • अगला कदम: 72 घंटे की सघन निगरानी के बाद कुत्ते को एक बार फिर दिल्ली ले जाकर विस्तृत चेकअप कराया जाएगा। यदि स्थिति सामान्य रही, तो उसे वापस गांव नंदपुर छोड़ने का निर्णय लिया जाएगा।

​गांव में बेसब्री से हो रहा इंतजार

​दूसरी ओर, गांव नंदपुर में आस्था और चिंता का माहौल बना हुआ है। मंदिर की व्यवस्था संभाल रहे तुषार सैनी ने बताया कि भंडारे के बाद अब मेला तो समाप्त हो गया है, लेकिन ग्रामीणों की नजरें अब भी अपने उस ‘अनोखे भक्त’ पर टिकी हैं।

​ग्रामीण लगातार नोएडा की मेडिकल टीम को फोन कर कुत्ते के स्वास्थ्य की ‘पल-पल’ की जानकारी ले रहे हैं। हर कोई उसके जल्द स्वस्थ होकर गांव लौटने की प्रार्थना कर रहा है।

​क्या होता है टिक फीवर?

​यह कुत्तों में पाए जाने वाले ‘किलनी’ (Ticks) के काटने से फैलने वाला एक गंभीर संक्रमण है। इसके मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:

  • ​बहुत तेज बुखार आना।
  • ​अत्यधिक सुस्ती और भूख न लगना।
  • ​जोड़ों में दर्द या चलने में लड़खड़ाहट।
  • ​गंभीर स्थिति में तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर असर पड़ना।
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टाटानगर-कीताडीह अतिक्रमण मामला: हाईकोर्ट से दुकानदारों को बड़ी राहत; 42 दिनों में पुनर्वास का आदेश, रेलवे को झटका

जमशेदपुर | 22 जनवरी, 2026

​टाटानगर रेलवे स्टेशन चौक से कीताडीह जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे बसे दुकानदारों के लिए झारखंड हाईकोर्ट का फैसला एक नई उम्मीद लेकर आया है। पिछले कई दिनों से चल रहे रेलवे के ‘बुलडोजर अभियान’ पर कोर्ट ने न केवल ब्रेक लगाया है, बल्कि विस्थापित हो रहे दुकानदारों के पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए भी ऐतिहासिक आदेश जारी किया है।

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​हाईकोर्ट का अहम फैसला: एक माह की मोहलत

​हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश कुमार की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान दुकानदारों को बड़ी कानूनी राहत मिली। कोर्ट के आदेश के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • एक महीने का समय: दुकानदारों को अपनी स्वेच्छा से जगह खाली करने के लिए एक महीने की मोहलत दी गई है।
  • 42 दिनों में पुनर्वास: रेलवे अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे 42 दिनों के भीतर इन दुकानदारों को रेलवे क्षेत्र में ही कहीं और बसाने (Relocate) की व्यवस्था करें।
  • रिपोर्ट तलब: अदालत ने 42 दिन बीतने के बाद इस संबंध में एक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है।

​रेलवे की कार्रवाई और दुकानदारों का संघर्ष

​उल्लेखनीय है कि टाटानगर स्टेशन के विस्तार और आधुनिकीकरण योजना के तहत रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया था।

  • हालिया कार्रवाई: स्टेशन-कीताडीह रोड पर स्थित कुल 25 दुकानों में से लगभग 12 दुकानों को पहले ही जमींदोज किया जा चुका था।
  • मलबे में तलाश: जिन दुकानदारों की दुकानें तोड़ी गई थीं, वे वर्तमान में मलबे से ईंटें और अपना जरूरी सामान निकालने में जुटे हैं। अब कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें भी पुनर्वास की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

​”परिवार पालने का मिलेगा सहारा”

​हाईकोर्ट के इस फैसले से उन दुकानदारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है जो अपनी आजीविका छिनने के डर से सहमे हुए थे। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाना अन्यायपूर्ण था। अब रेलवे क्षेत्र में ही जगह मिलने के आश्वासन से उनकी रोजी-रोटी सुरक्षित होती दिख रही है।

​स्टेशन विस्तार योजना पर असर

​टाटानगर स्टेशन के गोलपहाड़ी और कीताडीह क्षेत्र में विस्तार की योजना लंबे समय से प्रस्तावित है। हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण यह अभियान रुका हुआ था। अब कोर्ट के इस संतुलित आदेश (हटाने और बसाने दोनों का निर्देश) के बाद रेलवे को अपनी विस्तार योजनाओं के साथ-साथ दुकानदारों के व्यवस्थित पुनर्वास पर भी काम करना होगा।

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जमशेदपुर में सरस्वती पूजा की धूम: विद्यापतिनगर में विराजीं 31 फीट की ‘झारखंड की सबसे बड़ी’ मां शारदे

जमशेदपुर | 22 जनवरी, 2026

​लौहनगरी जमशेदपुर में विद्यादायिनी मां सरस्वती की आराधना की तैयारियां अपने शिखर पर हैं। इस वर्ष शहर में भक्ति और कला का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जहाँ बारीडीह का विद्यापतिनगर अपनी भव्यता के कारण पूरे झारखंड में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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​विद्यापतिनगर: 31 फीट की प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र

  • कलाकारी: बंगाल के कुशल कारीगर पिछले दो महीनों से इस प्रतिमा को जीवंत रूप देने में जुटे थे।
  • लागत: लगभग 2 लाख रुपये की लागत से तैयार इस प्रतिमा का विधिवत उद्घाटन आज, 22 जनवरी की शाम को होगा।
  • विशेष कार्यक्रम: * 26 जनवरी: रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम।
    • 27 जनवरी: ‘जादूगर संध्या’ का विशेष आयोजन।
    • 28 जनवरी: प्रतिमा का विसर्जन।

​बारीडीह (ट्रांसपोर्ट कुआं मैदान) में राधा कृष्ण ब्वायज क्लब द्वारा इस वर्ष 31 फीट ऊंची मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा स्थापित की जा रही है। आयोजन समिति का दावा है कि यह पूरे झारखंड की सबसे बड़ी सरस्वती प्रतिमा है।

​समिति के मुख्य संरक्षक प्रह्लाद लोहरा और अध्यक्ष अभिलाष गौड़ ने बताया कि महासचिव सुशील श्रीवास्तव और कोषाध्यक्ष कन्हैया चौबे सहित पूरी टीम इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में जुटी है।

​राज क्लब: 1980 से बरकरार है परंपरा

​सर्किट हाउस स्थित राज क्लब पूजा कमेटी ने भी अपना भव्य पंडाल तैयार कर लिया है। यहाँ वर्ष 1980 से निरंतर पूजा आयोजित की जा रही है, जो अपनी विशेष परंपरा के लिए जानी जाती है।

​कमेटी के अध्यक्ष बलराम तांती और सचिव कैलाश क्षत्रिय के अनुसार, इस वर्ष भी यहाँ की विद्युत सज्जा (Lighting) और आकर्षक पंडाल शहरवासियों के लिए मुख्य केंद्र रहेंगे। गुरुवार को उद्घाटन के बाद यहाँ तीन दिनों तक पूजा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला चलेगा, जिसके बाद चौथे दिन विसर्जन किया जाएगा।

​सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम

​जमशेदपुर के इन दोनों प्रमुख पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए समितियों ने सुरक्षा, कतारबद्ध दर्शन और पार्किंग के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। शहर के अन्य शिक्षण संस्थानों और मोहल्लों में भी पूजा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

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