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चलती ट्रेन के इंजन पर असामाजिक तत्वों ने किया पथराव, सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट गंभीर रूप से घायल

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ओंगोल/सिंगरायकोंडा, 6 जून 2026: भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए आंध्र प्रदेश में एक बार फिर चलती ट्रेन पर पथराव की बेहद गंभीर और निंदनीय घटना सामने आई है। नई दिल्ली से चेन्नई की ओर जा रही डाउन लाइन की प्रतिष्ठित ग्रैंड ट्रंक (GT) एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12616) जब आंध्र प्रदेश के सिंगरायकोंडा रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी असामाजिक तत्वों ने ट्रेन के इंजन (लोकोमोटिव) को निशाना बनाकर भारी पथराव कर दिया।

​इस अचानक हुए हमले में लोको के शीशे टूट गए और ड्यूटी पर तैनात सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) श्री एम. जयराम गंभीर रूप से घायल हो गए।

अंधाधुंध पथराव से केबिन में मची अफरा-तफरी

​मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन अपनी सामान्य गति से चेन्नई की ओर बढ़ रही थी। जैसे ही वह सिंगरायकोंडा के एकांत इलाके से गुजरी, अचानक पटरी के किनारे छिपे कुछ उपद्रवियों ने लोकोमोटिव के केबिन पर भारी पत्थर और ठोस वस्तुएं फेंकनी शुरू कर दीं। एक बड़ा पत्थर सीधे सामने का शीशा तोड़ते हुए केबिन के अंदर आ लगा, जिसकी चपेट में आने से सीनियर असिस्टेंट लोको पायलट एम. जयराम के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं।b 1

इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोकी गई ट्रेन, अस्पताल में भर्ती

​लोको पायलट की सूझबूझ से घटना के तुरंत बाद ट्रेन को निकटतम रेलवे स्टेशन पर रोका गया। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय स्टेशन प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए घायल लोको पायलट को इंजन से उतारा और प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, काफी खून बह जाने के कारण वे कमजोरी महसूस कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।a 2

रेलवे प्रशासन ने शुरू की जांच, दोषियों पर कसेगा शिकंजा

​इस कायरतापूर्ण घटना के बाद रेलवे महकमे और लोको रनिंग स्टाफ के बीच भारी आक्रोश है। रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम बनाकर मामले की उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस की मदद से घटनास्थल के आस-पास के गांवों में संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।

​रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा:

​”ट्रेन संचालन में लगे फ्रंटलाइन कर्मियों पर इस तरह का हमला न केवल रेल संपत्ति को नुकसान पहुंचाना है, बल्कि सैकड़ों यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा गंभीर अपराध है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ रेलवे अधिनियम की सख्त धाराओं के तहत कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

 

​इस घटना के कारण ट्रेन को कुछ समय के लिए स्टेशन पर रोकना पड़ा, जिससे परिचालन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ। दूसरा क्रू स्टाफ उपलब्ध कराने के बाद ही ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया जा सका। रेल संगठनों ने रनिंग स्टाफ की सुरक्षा पुख्ता करने और ऐसे असामाजिक तत्वों को कड़ी सजा देने की मांग उठाई है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज।

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