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रांची: झारखंड की राजधानी रांची में सड़क सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने एक बेहद ही अनोखा और प्रभावशाली जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान के जरिए लोगों को यह कड़ा संदेश दिया गया कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करना सीधे ‘यमराज’ को न्योता देने जैसा है।

शहरवासियों को जागरूक करने के लिए पुलिस ने कलाकारों को ‘यमराज’ के वेश में सड़कों पर उतारा। यमराज के वेश में इन कलाकारों ने बिना हेलमेट और लापरवाही से गाड़ी चलाने वाले लोगों को रोका और उन्हें समझाया कि उनकी एक छोटी सी गलती न केवल उनकी जान ले सकती है, बल्कि उनके पीछे उनके पूरे परिवार को तबाह कर सकती है। इस अनोखे अंदाज ने राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
अभियान की शुरुआत बिरसा चौक से एक भव्य बाइक रैली के साथ हुई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पर संपन्न हुई। इस रैली का नेतृत्व खुद ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने किया। रैली में शामिल पुलिसकर्मी हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिन पर सड़क सुरक्षा से जुड़े स्लोगन लिखे थे।
जागरूकता फैलाने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया गया। इन नाटकों के माध्यम से दिखाया गया कि कैसे तेज रफ्तार और सिग्नल तोड़ना किसी हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लेता है। यमराज के प्रतीक के जरिए यह स्पष्ट किया गया कि सड़क पर सुरक्षा ही सबसे बड़ा बचाव है।
मौके पर मौजूद ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने कहा, “हमारा उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों के व्यवहार में बदलाव लाना है। सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है।” उन्होंने नागरिकों से अपील की कि:
एसपी ने स्पष्ट चेतावनी भी दी कि जागरूकता अभियान के बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस अब और भी सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर/सुंदरनगर: शनिवार की शाम सुंदरनगर थाना क्षेत्र के मर्चागोड़ा गांव के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर की रफ्तार को 17 घंटे तक थामे रखा। एक तेज रफ्तार ट्रक ने दो बाइक सवार युवकों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने हाता से लेकर बिष्टूपुर तक करीब 30 किलोमीटर लंबा सड़क जाम कर दिया।

मृतकों की पहचान सुंदरनगर के केड़ा गांव निवासी दुर्गा हेंब्रम और मार्शल सोरेन के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक कलियाबेड़ा स्थित 99 मॉल से अपने घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार स्टंट कर रहे थे, तभी वे सामने से आ रहे ट्रक की चपेट में आ गए।
हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने भाग रहे ट्रक चालक को खदेड़कर पकड़ लिया और उसे बंधक बना लिया। भीड़ ने ट्रक में जमकर तोड़फोड़ की और सड़क पर बैठ गए। मौके पर पहुंची सुंदरनगर पुलिस घंटों तक भीड़ के सामने मूकदर्शक बनी रही।


प्रशासनिक लचर व्यवस्था के कारण शनिवार शाम 6:30 बजे से शुरू हुआ जाम रविवार सुबह 11:20 बजे तक जारी रहा। बिष्टूपुर से हाता मेन रोड तक सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर पुलिस सक्रिय होती, तो भारी वाहनों को हाईवे पर ही रोका जा सकता था, जिससे आम जनता को इतनी परेशानी नहीं होती।

अंततः रविवार सुबह तीन पंचायतों के मुखिया—पलटन मुर्मू, नीरद सरदार और कान्हू मुर्मू—की मध्यस्थता के बाद समझौता हुआ। समझौते के तहत:
समझौते और जाम हटने के बाद पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर/क्षेत्रीय: बिजली विभाग ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए नियमों में बड़ी सख्ती कर दी है। अब यदि आपके मीटर का बैलेंस खत्म होता है, तो विभाग बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी या कॉल के आपकी बिजली काट देगा। हालांकि, उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अब एक नया एसएमएस (SMS) अलर्ट सिस्टम शुरू किया गया है।

नए नियमों के मुताबिक, बिजली निगम अब कनेक्शन काटने से तीन दिन पहले उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक संदेश भेजेगा। इस मैसेज में उपभोक्ता की अकाउंट आईडी, वर्तमान बकाया और कम से कम रिचार्ज की जाने वाली राशि का विवरण होगा। यदि मैसेज मिलने के तीन दिन के भीतर रिचार्ज नहीं कराया गया, तो सिस्टम स्वतः ही बिजली गुल कर देगा।
विभाग ने उन उपभोक्ताओं पर शिकंजा कसा है जिनका मीटर प्रीपेड होने से पहले का ‘पोस्टपेड बकाया’ अभी तक बाकी है।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विभाग मैसेज में ही एक ऑनलाइन पेमेंट लिंक भी भेजेगा। इस लिंक पर क्लिक करके उपभोक्ता तुरंत भुगतान कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि बाद में उपभोक्ता ‘सूचना न मिलने’ की शिकायत न कर सकें।
उपखंड अधिकारी (SDO) ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर पूरी तरह ऑटोमैटिक सिस्टम पर काम करता है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बैलेंस की नियमित निगरानी करें और मैसेज मिलते ही तुरंत रिचार्ज कराएं, क्योंकि तीन दिन की अवधि बीतते ही बिजली कभी भी काटी जा सकती है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
बुंडू/रांची: रांची जिले के बुंडू अनुमंडल में रसोई गैस (LPG) की सुचारू आपूर्ति और कालाबाजारी पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार को एसडीएम किस्टो कुमार बेसरा ने अनुमंडल क्षेत्र की सभी गैस एजेंसियों के संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और व्यवस्था में सुधार के कड़े निर्देश दिए।

बैठक के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि:
हाल के दिनों में गैस की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच एसडीएम ने जनता को आश्वस्त किया कि अनुमंडल में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। प्रशासन लगातार स्टॉक और वितरण प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है। उन्होंने गैस एजेंसियों को स्टॉक रजिस्टर अपडेट रखने और वितरण की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने को कहा।
इस बैठक से बुंडू और आसपास के ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो अक्सर समय पर सिलेंडर न मिलने या ओवरचार्जिंग की समस्या से जूझते हैं। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई एजेंसी निर्धारित दर से अधिक पैसे मांगती है या आपूर्ति में आनाकानी करती है, तो इसकी सूचना तुरंत अनुमंडल कार्यालय को दें।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) आज पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकता है, जिसके बाद इन सभी राज्यों में ‘आदर्श चुनाव आचार संहिता’ (MCC) तुरंत प्रभाव से लागू हो जाएगी।

इस बार का चुनाव कई मायनों में अलग होने वाला है। चुनाव आयोग इस बार कम चरणों में मतदान प्रक्रिया पूरी करने पर विचार कर रहा है।
चुनाव आयोग ने हाल ही में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में सभी चुनावी राज्यों का दौरा कर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा पूरी की है।
इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 में समाप्त हो रहा है। इसे देखते हुए चुनाव आयोग अप्रैल से मई के बीच मतदान संपन्न कराकर समय पर नई सरकारों के गठन की प्रक्रिया पूरी करना चाहता है।
तीसरी धारा न्यूज़ अपडेट: तारीखों के ऐलान के साथ ही सरकारी घोषणाओं, नई योजनाओं की शुरुआत और नेताओं के प्रचार पर आचार संहिता की बंदिशें लग जाएंगी। चुनावी हलचल और सटीक विश्लेषण के लिए बने रहें हमारे साथ।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
रांची/नामकुम: राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटीसिलवे में शनिवार की शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मानकीढीपा में आयोजित ऐतिहासिक डोल मेले की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब एक अनियंत्रित तेज रफ्तार कार ने मेले में मौजूद भीड़ को बेरहमी से रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को डोल मेले का तीसरा दिन था और सड़क के दोनों किनारों पर लगी दुकानों के कारण काफी भीड़ थी। शाम करीब पांच बजे अनगड़ा की ओर से आ रही एक कार (नंबर JH 05 CP 4627) अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे मेले में घूम रहे लोगों के बीच घुस गई। कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वहां भगदड़ मच गई।
इस भीषण दुर्घटना में जान गंवाने वालों की पहचान अनगड़ा निवासी 65 वर्षीय भोला शर्मा और 22 वर्षीय रीमा कुमारी के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में पप्पू साव, सुलोचना देवी, रश्मि, पूनम, अरुणा एक्का, तारा देवी, रोशनी, मोनिका, आयुष, अंशिका, लोखन मंडल और निशु लकड़ा शामिल हैं।
सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि एक व्यक्ति की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रिम्स (RIMS), रांची रेफर किया गया है।
हादसे के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजे और दोषी कार चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक मेले में हजारों की भीड़ उमड़ती है, ऐसे में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक या यातायात नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए थे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
मिर्जापुर: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर रूह कांप जाए। थाना कछवा क्षेत्र के जोगीपुरवा गांव में एक 17 वर्षीय किशोर न सिर्फ कुत्ते की तरह व्यवहार कर रहा है, बल्कि उसकी तरह भौंक भी रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि यह स्थिति एंटी-रेबीज इंजेक्शन का कोर्स अधूरा छोड़ने की वजह से हुई है।
जानकारी के मुताबिक, भाईलाल का 17 वर्षीय बेटा करीब 4 महीने पहले अपने मामा के घर गया था, जहाँ उसे एक कुत्ते ने काट लिया था। उस समय उसे पहला एंटी-रेबीज इंजेक्शन वहीं लगाया गया। गांव लौटने के बाद दूसरा इंजेक्शन तो लगा, लेकिन परिवार ने लापरवाही बरतते हुए आगे का कोर्स पूरा नहीं किया।
कोर्स अधूरा रहने के कुछ समय बाद लड़के के शरीर में रेबीज के घातक लक्षण दिखने लगे। अब उसकी हालत यह है कि वह इंसानों की तरह बात करने के बजाय कुत्तों की तरह भौंकता है। उसके बैठने और चलने का तरीका भी पूरी तरह बदल चुका है। परेशान परिजन उसे अस्पताल से लेकर मंदिर तक ले जा रहे हैं, लेकिन सुधार की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है।
मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘हाइड्रोफोबिया’ कहा जाता है।
यह मामला उन सभी लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो आवारा या पालतू जानवरों के काटने को हल्के में लेते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन का पूरा कोर्स (शेड्यूल के अनुसार सभी डोज) लेना अनिवार्य है, अन्यथा परिणाम जानलेवा हो सकते हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
हजारीबाग/बड़कागांव: झारखंड में अपराधियों के हौसले पस्त होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ अज्ञात अपराधियों ने एक खड़ी हाईवा (Hyva) को आग के हवाले कर दिया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के वाहन मालिकों और स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, हाईवा सड़क किनारे खड़ी थी, तभी घात लगाए अज्ञात बदमाशों ने उसे निशाना बनाया। अपराधियों ने वाहन में आग लगा दी, जिससे देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस घटना में हाईवा का अगला हिस्सा और टायर पूरी तरह जलकर खाक हो गए हैं। आग की लपटें देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही बड़कागांव थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित पक्ष से जानकारी साझा की। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस वारदात को अंजाम देने के पीछे किसका हाथ है और इसका उद्देश्य लेवी (रंगदारी) वसूलना है या कोई आपसी रंजिश।
औद्योगिक और खनन क्षेत्र होने के कारण बड़कागांव में सैकड़ों हाईवा का परिचालन होता है। इस तरह की घटना ने ट्रांसपोर्टरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
चतरा/सिमरिया: झारखंड के चतरा जिले से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ अपराधियों ने पुलिस को चुनौती देते हुए शुक्रवार शाम एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना सिमरिया–चतरा मुख्य सड़क पर नवोदय विद्यालय के समीप की है, जहाँ बाइक से घर लौट रहे युवक पर बोलेरो सवार अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सलगा गांव निवासी करमजीत कुमार उर्फ विकास कुमार के रूप में हुई है। विकास अपनी बाइक से घर की ओर जा रहा था, तभी पीछे से आ रहे बोलेरो सवार अपराधियों ने उसे निशाना बनाया। अपराधियों ने उस पर कई राउंड गोलियां बरसाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मुख्य सड़क पर हुई इस वारदात के बाद राहगीरों और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर इसे आपसी रंजिश या सुनियोजित हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, हत्या के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी कर दी है और हमलावरों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
तीसरी धारा न्यूज़ अपडेट: इस हत्याकांड के बाद से केरेडारी और सिमरिया सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव और शोक का माहौल है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़
जमशेदपुर: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव के बीच देश के कई हिस्सों में कुकिंग गैस की किल्लत को लेकर अफवाहें और घबराहट का माहौल देखा जा रहा है। इस डर की वजह से कई लोग घरों में अतिरिक्त एलपीजी (LPG) सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर में सिलेंडर रखने की एक कानूनी सीमा तय है? नियमों का उल्लंघन करने पर आपको भारी जुर्माना या जेल भी हो सकती है।

सरकारी नियमों और तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के मानकों के अनुसार, एक सामान्य घरेलू उपभोक्ता अपने पास अधिकतम दो (14.2 किलोग्राम वाले) सिलेंडर ही रख सकता है। इसमें एक सिलेंडर उपयोग के लिए चूल्हे से जुड़ा होता है और दूसरा बैकअप के तौर पर रखा जाता है।
भारत में एलपीजी सिलेंडर का भंडारण गैस सिलेंडर नियम 2016 और पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन (PESO) के दिशा-निर्देशों के अधीन है।
अफवाहों के बीच मांग को नियंत्रित करने के लिए बुकिंग के अंतराल में भी बदलाव किए गए हैं:
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है। भारत अब कतर और कुवैत जैसे खाड़ी देशों के अलावा अमेरिका, रूस, नॉर्वे और कनाडा जैसे देशों से भी गैस आयात कर रहा है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) मजबूत बनी हुई है। देश में रोजाना करीब 50 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी हो रही है और बुकिंग के औसतन 2.5 दिन के भीतर सिलेंडर घर पहुँच रहा है।
तीसरी धारा न्यूज़ की सलाह: सुरक्षा और कानून के नज़रिए से घर में अतिरिक्त गैस सिलेंडर जमा न करें। यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि ज्वलनशील गैस होने के कारण बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़