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जमशेदपुर (बिरसानगर): रामनवमी के पावन अवसर पर लौहनगरी के विभिन्न क्षेत्रों में भक्ति की बयार बह रही है। इसी कड़ी में बिरसानगर जोन नंबर 3 स्थित श्री श्री कष्टभजन हनुमान शिव मंदिर में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंदिर कमेटी और ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवा शक्ति) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में श्रद्धालु और प्रबुद्ध जन शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मंदिर कमेटी के अध्यक्ष सह ‘सेवा ही लक्ष्य’ (युवा शक्ति) के उपाध्यक्ष गौतम गोप ने की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित ‘सेवा ही लक्ष्य’ युवा शक्ति के संस्थापक सह मुख्य संरक्षक बब्लू गोप का गर्मजोशी से स्वागत किया।
समिति की ओर से बब्लू गोप, जेडीयू (JDU) बिरसानगर मंडल अध्यक्ष शंकर कर्मकार, और ‘सेवा ही लक्ष्य’ के अध्यक्ष विकास कुमार दे को पारंपरिक रूप से भगवा अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस बार के आयोजन में महिला सशक्तिकरण की भी झलक देखने को मिली। ‘युवा शक्ति’ महिला इकाई की अध्यक्ष रेणुका नाग और ममता भूमिज विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने बस्ती की महिलाओं को धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया और उनका हौसला बढ़ाया।
आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भगवान राम के भजनों और जयकारों से गुंजायमान रहा। गौतम गोप ने बताया कि मंदिर कमेटी हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक एकजुटता बढ़ाने के संकल्प के साथ यह महापर्व मना रही है।
कार्यक्रम में क्षेत्र के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और युवा कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने व्यवस्था संचालन में सक्रिय भूमिका निभाई।
धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है। बिरसानगर का यह आयोजन भक्ति और एकजुटता का बेहतरीन उदाहरण पेश करता है।
रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली/डेस्क: भारत में सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अब इन प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाना या लॉगिन करना उतना आसान नहीं रहेगा जितना पहले था। सिम कार्ड खरीदने या बैंक खाता खुलवाने की तर्ज पर अब आपको अपनी डिजिटल पहचान (KYC) सत्यापित करानी पड़ सकती है।
’साइबर अपराध और महिलाओं की साइबर सुरक्षा’ पर गठित एक संसदीय समिति ने केंद्रीय आईटी (IT) और गृह मंत्रालय को एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। समिति का मानना है कि ऑनलाइन सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए KYC-आधारित सत्यापन (Verification) अनिवार्य किया जाना चाहिए।
इस प्रस्ताव के पीछे मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में बढ़ रहे अपराधों पर लगाम लगाना है:
पैनल ने विशेष रूप से डेटिंग और गेमिंग ऐप्स के लिए ‘एज वेरिफिकेशन’ पर जोर दिया है।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जो प्लेटफॉर्म इन नए सुरक्षा मानकों को लागू करने में कोताही बरतेंगे, उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, उन अकाउंट्स पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी जो बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं।
यदि यह प्रस्ताव कानून की शक्ल लेता है, तो यह भारतीय इंटरनेट यूजर के अनुभव को पूरी तरह बदल देगा। जहाँ एक ओर इससे ‘साइबर बुलिंग’ और ‘धोखाधड़ी’ कम होगी, वहीं दूसरी ओर ‘यूजर प्राइवेसी’ (User Privacy) को लेकर नई बहस छिड़ना तय है।
रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज
नई दिल्ली/डेस्क: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग से उपजे वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क (Excise Duty) को घटाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
सरकार के इस कदम का उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की कीमतों को बढ़ने से रोकना है। कटौती के आंकड़े इस प्रकार हैं:

एक्साइज ड्यूटी में इस भारी कटौती का सीधा असर तेल कंपनियों के मार्जिन और आम जनता की जेब पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय कीमतों के दबाव के बावजूद दाम नहीं बढ़ाती हैं, तो आम आदमी के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को महंगाई के झटके से बचाने के लिए एक ‘सुरक्षा कवच’ की तरह देखा जा रहा है।
ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति का लगभग आधा हिस्सा प्रभावित हुआ है। हालांकि, भारत ने दूरदर्शिता दिखाते हुए वैकल्पिक स्रोतों से अगले 60 दिनों के लिए पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति सुरक्षित कर ली है।
हाल के दिनों में युद्ध की खबरों के कारण देश के कई राज्यों में ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) देखी गई है।
रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर: शिक्षा के साथ रोजगार के क्षेत्र में श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। विश्वविद्यालय के डिप्लोमा इंजीनियरिंग के 22 छात्रों का चयन देश की प्रतिष्ठित कंपनी सीएट (CEAT) टायर्स में हुआ है। इन सभी छात्रों की नियुक्ति कंपनी के गुजरात स्थित प्लांट के लिए की गई है।
चयनित सभी छात्र सत्र 2023–2026 के हैं, जो डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग और डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं।
चयनित छात्रों की सूची:
विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट डायरेक्टर श्री सुभोदीप भद्रा ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत और विश्वविद्यालय के मजबूत ‘इंडस्ट्री-एकेडमिक’ संबंधों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि कैंपस में नियमित रूप से आयोजित होने वाले मॉक इंटरव्यू, तकनीकी कार्यशालाएं और सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग छात्रों को कॉर्पोरेट जगत की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं।
“श्रीनाथ विश्वविद्यालय न केवल डिग्री प्रदान कर रहा है, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित कर शिक्षा जगत में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।” – रजिस्ट्रार, श्रीनाथ विश्वविद्यालय
इस बड़ी उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सुखदेव महतो और कुलपति प्रोफेसर डॉ. एस एन सिंह ने चयनित सभी छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही, उन्होंने प्लेसमेंट सेल और संकाय सदस्यों (Faculty) की टीम की भी सराहना की।
इस सफलता से विश्वविद्यालय के अन्य छात्रों में भी भारी उत्साह देखा जा रहा है। छात्रों का कहना है कि ऐसे प्लेसमेंट उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित करते हैं।
रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर (बागबेड़ा): रामनवमी के पावन अवसर पर जहाँ पूरा शहर भक्ति के रंग में डूबा है, वहीं बागबेड़ा क्षेत्र में सेवा की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने अपनी निजी पहल पर विभिन्न पूजा स्थलों और भंडारा कार्यक्रमों के लिए नि:शुल्क पेयजल वितरण अभियान चलाया।
भीषण गर्मी और रामनवमी के बड़े आयोजनों को देखते हुए पेयजल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती थी। राजकुमार सिंह ने अपने निजी टैंकरों के माध्यम से क्षेत्र के प्रमुख पूजा पंडालों में पानी पहुँचाकर श्रद्धालुओं और समितियों को बड़ी सहूलियत प्रदान की।
इन प्रमुख स्थानों पर पहुँचा जल:
पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता ने बताया कि सेवा कार्य की शुरुआत सबसे पहले इन क्षेत्रों से की गई:
इन सभी स्थानों पर बड़े ड्रमों में शुद्ध पेयजल संग्रहित किया गया, ताकि पूजा के साथ-साथ आयोजित होने वाले भंडारों में पानी की कोई कमी न रहे।
इस सेवा कार्य के दौरान पूर्व जिप उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह केवल एक दिन का कार्य नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले समय में भी पूरे बागबेड़ा क्षेत्र में जुस्को (JUSCO) का शुद्ध पेयजल उनके निजी टैंकरों के माध्यम से जनता को उपलब्ध कराया जाता रहेगा। उन्होंने इसे अपना सामाजिक उत्तरदायित्व बताते हुए स्थानीय लोगों से भी आपसी सहयोग की अपील की।
जल वितरण के इस अभियान के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी उत्साह दिखाया। मौके पर मुख्य रूप से:
पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, गीतिका प्रसाद, सुशील कुमार यादव, मुखिया नीनू कुदादा, उप मुखिया सुरेश निषाद और समाजसेवी अविनाश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
धार्मिक आयोजनों के बीच जनसेवा की ऐसी पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि समाज के अन्य सामर्थ्यवान लोगों के लिए एक प्रेरणा भी है।
रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर (मानगो): शहर के मानगो थाना क्षेत्र स्थित रोड नंबर एक के ‘डॉ. बदर नर्सिंग होम’ में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया। अपेंडिक्स का ऑपरेशन कराने आए युवक की अचानक मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और ‘मेडिकल मर्डर’ का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
परिजनों के अनुसार, युवक को पेट दर्द की शिकायत के बाद नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने अपेंडिक्स का ऑपरेशन करने की सलाह दी। परिजनों का दावा है कि ऑपरेशन थिएटर में ले जाने तक युवक की स्थिति बिल्कुल सामान्य थी और वह बातचीत कर रहा था।
मृतक के परिजनों ने बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं:
“मेरे भाई को सिर्फ पेट दर्द था, वह अपने पैरों पर चलकर अस्पताल आया था। डॉक्टर के एक गलत इंजेक्शन ने उसकी जान ले ली। यह इलाज नहीं, हत्या है।” – मृतक के बिलखते परिजन
मौत की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और परिजन नर्सिंग होम परिसर में जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोश इतना था कि कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की कोशिश भी की। सूचना मिलते ही मानगो थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर शांत कराया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त डॉक्टर और नर्सिंग होम पहले भी विवादों में रहे हैं। पूर्व में भी ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप इन पर लग चुके हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर बड़े प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि:
तीसरी धारा न्यूज डेस्क
जमशेदपुर: शहर में रसोई गैस (LPG) की कृत्रिम किल्लत और कालाबाजारी की बढ़ती शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी के सख्त निर्देश पर गुरुवार को शहर की कई गैस एजेंसियों और गोदामों में ताबड़तोड़ औचक छापेमारी की गई। इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
छापेमारी अभियान का नेतृत्व धालभूम एसडीओ श्री अर्णव मिश्रा और एडीएम (विधि-व्यवस्था) श्री राहुल जी आनंद ने संयुक्त रूप से किया। प्रशासनिक टीम ने मानगो, डिमना, टेल्को और सिदगोड़ा जैसे प्रमुख शहरी इलाकों में स्थित गैस कार्यालयों और गोदामों की सघन जांच की।
जांच के दौरान इन बिंदुओं पर रहा मुख्य फोकस:
अभियान के दौरान सिदगोड़ा क्षेत्र में प्रशासन को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। यहाँ एक गैस चूल्हा रिपेयरिंग की दुकान की आड़ में अवैध गैस रिफिलिंग का धंधा चल रहा था। बड़े सिलेंडरों से छोटे सिलेंडरों में गैस भरी जा रही थी, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता था।
कार्रवाई: अधिकारियों ने मौके पर ही दुकान को सील कर दिया और दुकानदार के खिलाफ कड़ी कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कार्रवाई के बाद एसडीओ अर्णव मिश्रा ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि गैस की बनावटी किल्लत पैदा कर आम जनता को परेशान करने वाली एजेंसियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निरीक्षण अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज
रांची: स्मार्ट सिटी का दम भरने वाली राजधानी में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की रीढ़ कही जाने वाली सिटी बस सेवा खुद अव्यवस्था के भंवर में फंसी है। शहर की सड़कों पर दौड़ती बसें यात्रियों को मंजिल तक तो पहुँचा रही हैं, लेकिन सफर की शुरुआत और इंतजार का अनुभव किसी सजा से कम नहीं है। आलम यह है कि करोड़ों के राजस्व के बावजूद यात्रियों के लिए एक ढंग का बस स्टॉपेज तक नसीब नहीं है।
शहर के मुख्य मार्गों पर बस स्टॉपेज की हकीकत बेहद डरावनी है। अधिकतर जगहों पर नगर निगम ने सड़क किनारे सिर्फ पीले रंग का निशान बनाकर अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ली है।
सुनियोजित स्टॉपेज न होने का खामियाजा सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है। सिटी बस के चालक मेन रोड, लालपुर, डोरंडा, कांटाटोली और बिरसा चौक जैसे व्यस्त इलाकों में कहीं भी बस रोक देते हैं।
अराजकता का मंजर: पीछे से आ रहे वाहनों को अचानक ब्रेक मारना पड़ता है, जिससे न केवल ट्रैफिक जाम लगता है, बल्कि गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। पीक ऑवर्स में यह समस्या नासूर बन जाती है।
जो इक्का-दुक्का बस स्टॉपेज बने भी हैं, वे अब ‘सेफ्टी डेंजर जोन’ बन चुके हैं।
हैरानी की बात यह है कि नगर निगम इन बस स्टॉपेज पर लगे विज्ञापनों से मोटा राजस्व वसूल रहा है। एजेंसियां विज्ञापन लगाकर कमाई कर रही हैं, लेकिन यात्रियों की सुविधाओं के लिए एक ईंट तक नहीं जोड़ी जा रही।
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या स्मार्ट सिटी का सपना सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित रहेगा या यात्रियों को उनके मौलिक अधिकार (सुरक्षित सफर और सुविधा) मिलेंगे?
रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज
देवघर: विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, बाबा बैद्यनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को मंदिर की दानपेटियों की गिनती के दौरान भारतीय मुद्रा और अन्य विदेशी मुद्राओं (अमेरिकी डॉलर, यूरो, नेपाली रुपया) के साथ पाकिस्तानी करेंसी बरामद की गई है। बाबा मंदिर के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है जब दानपात्र से पाकिस्तान का नोट निकला है।
दानपेटी से 100 रुपये का पाकिस्तानी नोट मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि यह नोट श्रद्धावश किसी पर्यटक द्वारा डाला गया है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।
इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से पकड़े गए संदिग्धों के पास से बाबा मंदिर के फोटो और वीडियो मिले थे।
सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए संदिग्धों का संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से होने की आशंका जताई गई थी। वे पैसों के बदले भारत के संवेदनशील और धार्मिक स्थलों की रेकी कर सीमा पार जानकारी भेज रहे थे। इसके अलावा, जासूसी के आरोप में पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के भी सुल्तानगंज से देवघर तक के रूट की वीडियोग्राफी करने की बात सामने आ चुकी है।
हवाई सेवा शुरू होने के बाद देवघर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, लेकिन उस अनुपात में सुरक्षा इंतजाम नाकाफी दिख रहे हैं।
विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि अब समय आ गया है जब बाबा मंदिर में भी तिरुपति या काशी विश्वनाथ की तर्ज पर सुरक्षा ऑडिट कर कड़े नियम लागू किए जाएं। मोबाइल और बैग ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ-साथ हर आने-जाने वाले की गहन तलाशी अनिवार्य होनी चाहिए।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क
नई दिल्ली/डेस्क: मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और ईरान-इजराइल युद्ध के पदचापों का सीधा असर अब भारतीय आम आदमी की जेब पर पड़ने लगा है। देश की बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का एलान किया है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम में ₹5.30 प्रति लीटर और डीजल में ₹3 प्रति लीटर तक का इजाफा कर दिया है।
इस मूल्य वृद्धि के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां मुख्य कारण हैं। रूस समर्थित नायरा एनर्जी, जो भारत में करीब 6,967 पेट्रोल पंप संचालित करती है, ने बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
स्थानीय टैक्स और VAT के कारण अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, हैदराबाद में पेट्रोल की कीमत ₹107.46 तक जा पहुँची है, जो देश के महानगरों में सर्वाधिक है।
देश के प्रमुख शहरों में आज के भाव (26 मार्च 2026)
|
शहर |
पेट्रोल (₹/लीटर) |
डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
|
हैदराबाद |
107.46 |
95.70 |
|
कोलकाता |
105.41 |
92.76 |
|
पटना |
105.20 |
92.10 |
|
मुंबई |
103.54 |
90.10 |
|
बेंगलुरु |
102.92 |
89.45 |
|
नई दिल्ली |
94.77 |
87.67 |
|
लखनऊ |
95.50 |
88.70 |
कीमतें बढ़ने और भविष्य में किल्लत की आशंका के चलते देश के कई हिस्सों में ‘पैनिक बाइंग’ (Panic Buying) की स्थिति देखी जा रही है। लोग डर के मारे गाड़ियों के टैंक फुल करवा रहे हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं।
बढ़ती भीड़ और डर के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर ईंधन का स्टॉक न करें। सप्लाई चेन पर दबाव जरूर है, लेकिन फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।
तीसरी धारा न्यूज की सलाह: अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता के इस दौर में पैनिक होने के बजाय धैर्य रखें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें। सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।