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हजारीबाग:
जिले में रामनवमी की खुशियों के बीच शुक्रवार की देर रात मातम और सनसनी फैल गई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई दो बड़ी वारदातों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेलावल में जहां मामूली विवाद में मुखिया के भाई की भुजाली मारकर हत्या कर दी गई, वहीं कोर्रा थाना क्षेत्र में एक प्रमुख समाजसेवी को चाकू मारकर घायल कर दिया गया।
पेलावल ओपी क्षेत्र के गदोखर गांव में जुलूस के दौरान हृदयविदारक घटना घटी। गदोखर मुखिया के 40 वर्षीय भाई राम कुमार साव उर्फ रामा साव की दो युवकों ने भुजाली से हमला कर हत्या कर दी।

दूसरी वारदात कोर्रा थाना क्षेत्र के दीपूगढ़ा गोलंबर के पास हुई। यहाँ ब्रह्मर्षि समाज के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह पर चाकू से हमला किया गया।
जिले में बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों ही मामलों में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
तीसरी धारा न्यूज डेस्क
तेहरान/तेल अवीव:
मध्य पूर्व (Middle East) में जारी तनाव अब परमाणु युद्ध की खतरनाक दहलीज पर पहुंच गया है। शुक्रवार को इजरायली वायुसेना (IAF) ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के सबसे सुरक्षित और महत्वपूर्ण परमाणु केंद्रों पर बड़ा हमला किया है। इजरायल का दावा है कि उसने ईरान के यूरेनियम और प्लूटोनियम उत्पादन की क्षमता को भारी चोट पहुंचाई है।
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि उनके लड़ाकू विमानों ने ईरान के मध्य में स्थित यज्द (Yazd) की यूरेनियम प्रोसेसिंग फैसिलिटी को तबाह कर दिया है।

यज्द के बाद दूसरा बड़ा हमला अराक (Arak) में स्थित हेवी वॉटर प्लांट पर किया गया।
ईरान के विदेश मंत्री ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘बड़ी कूटनीतिक धोखाधड़ी’ करार दिया है। ईरान के अनुसार, इजरायल ने केवल परमाणु ठिकानों को ही नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं को भी निशाना बनाया है:
यह जंग पुरानी रंजिश का हिस्सा है। इससे पहले इजरायल ने ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान की IRGC ने इजरायल के गुप्त परमाणु केंद्र डिमोना (Dimona) को निशाना बनाया था। अब ताजा हमलों ने इस आग में घी डालने का काम किया है।
ईरानी विदेश मंत्री का बयान: “इजरायल अपने इन अपराधों के लिए भारी कीमत चुकाएगा। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति की डिप्लोमेसी के वादों के बिल्कुल उलट है।”
जमशेदपुर/नई दिल्ली:
डिजिटल इंडिया के दौर में अगर आप भी यूपीआई (UPI), नेट बैंकिंग या मोबाइल वॉलेट के जरिए लेनदेन करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऑनलाइन फ्रॉड और बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए 1 अप्रैल 2026 से डिजिटल ट्रांजेक्शन के नियमों में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है।
अब किसी भी डिजिटल भुगतान को पूरा करने के लिए ग्राहकों को सुरक्षा की दो परतों (Layers) से गुजरना होगा।
अभी तक कई प्लेटफॉर्म्स पर सिंगल क्लिक या एक ‘स्टैटिक पिन’ के जरिए पेमेंट हो जाता था, जिसे हैकर्स आसानी से चुरा लेते थे। लेकिन अब RBI ने ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ को अनिवार्य कर दिया है। इसका मतलब है कि भुगतान पूरा करने के लिए आपको दो अलग-अलग चरणों में अपनी पहचान साबित करनी होगी।
इसमें से एक सुरक्षा पैमाना ‘डायनेमिक’ होना जरूरी है, यानी वह कोड या सुरक्षा कोड हर ट्रांजेक्शन के लिए अलग होगा और तुरंत जेनरेट होगा।
आरबीआई के नए निर्देशों के अनुसार, बैंक और फिनटेक कंपनियां निम्नलिखित विकल्पों में से कम से कम दो का इस्तेमाल करेंगी:
उदाहरण के तौर पर: अगर कोई जालसाज आपका पासवर्ड जान भी जाता है, तो भी वह आपके फिंगरप्रिंट या उस समय फोन पर आने वाले ‘रियल-टाइम’ ओटीपी के बिना पैसा नहीं निकाल पाएगा।
RBI ने स्पष्ट किया है कि बैंक और कार्ड नेटवर्क को ग्राहकों को ऑथेंटिकेशन के कई विकल्प देने होंगे। अब ग्राहक खुद तय कर पाएगा कि उसे सुरक्षा का कौन सा तरीका अपनाना है:
तीसरी धारा न्यूज की सलाह: 1 अप्रैल से पहले अपने बैंकिंग ऐप को अपडेट करें और अपनी पसंद का ऑथेंटिकेशन मोड सेट कर लें ताकि आपके ट्रांजेक्शन निर्बाध रूप से चलते रहें।
काठमांडू:
नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अपनी पहली ही कैबिनेट बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए पिछले साल सितंबर में हुए ‘जेनरेशन जेड’ (Gen Z) आंदोलन की उच्च स्तरीय जांच आयोग (कार्की आयोग) की रिपोर्ट को तत्काल लागू करने का फैसला किया है। इस फैसले के कुछ ही घंटों बाद नेपाल पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके गुंडू (भक्तपुर) स्थित आवास से हिरासत में ले लिया।

शुक्रवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि “कानून से ऊपर कोई नहीं है।”
यह आंदोलन सितंबर 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं (Gen Z) द्वारा शुरू किया गया था। इस दौरान हुई पुलिस फायरिंग और झड़पों में दर्जनों लोगों की जान गई थी, जिसके कारण तत्कालीन सरकार गिर गई थी और बालेन शाह की पार्टी को भारी जनादेश मिला।
गढ़वा/झारखंड:
झारखंड के गढ़वा जिले में रामनवमी के पावन अवसर पर निकाली जा रही शोभायात्रा के दौरान दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। गुरुवार रात हुई इस घटना में पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में रमकंडा थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामनवमी की अष्टमी के अवसर पर कौआखोह स्थित शिव चबूतरा के पास से जब जुलूस गुजर रहा था, तभी दूसरे पक्ष द्वारा विरोध किए जाने के बाद तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ।
उल्लेखनीय है कि इलाके में तनाव की सुगबुगाहट एक दिन पहले ही महावीर पताका लगाने को लेकर हुए विवाद से शुरू हो गई थी, जिसके विरोध में गुरुवार सुबह करीब छह घंटे तक सड़क जाम भी रहा था। इसी तनावपूर्ण पृष्ठभूमि के बीच रात में हिंसा भड़क उठी।
घटना के बाद पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल और गढ़वा एसपी अमन कुमार ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 19 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है।
हिंसा के बाद सुरक्षा के मद्देनजर जुलूस को बीच रास्ते से ही वापस लौटा दिया गया। फिलहाल पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए छापेमारी जारी है।
प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क
जमशेदपुर/नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई भारी तेजी को देखते हुए भारत सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेज एंड कस्टम्स (CBIC) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों की हर पखवाड़े (15 दिन में) समीक्षा की जाएगी। यह कदम वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू बाजार को संतुलित करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि सरकार की प्राथमिकता सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय बाधाओं से निपटना है। उन्होंने जानकारी दी कि पेट्रोल और डीजल पर ड्यूटी में की गई कटौती के कारण सरकार को अब तक कुल 7,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है।
चतुर्वेदी ने कहा, “वर्तमान स्थिति काफी गतिशील है। यह सामान्य कामकाज जैसा समय नहीं है कि हम पहले से कोई सटीक अनुमान लगा सकें। हम एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं, इसलिए हर 15 दिन में आयात और घरेलू खपत के रुझानों का आकलन करना जरूरी हो गया है।”
सरकार ने घरेलू स्तर पर बड़े उपाय करते हुए पेट्रोल पर संशोधित उत्पाद शुल्क (Excise Duty) को 21.90 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 11.90 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। 10 रुपये की यह कटौती सीधे तौर पर तेल मार्केटिंग कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) को घाटे से बचाने के लिए की गई है।
ध्यान देने वाली बात: इस कटौती का लाभ सीधे तौर पर उपभोक्ताओं को नहीं मिलेगा। यानी पेट्रोल पंप पर मिलने वाली कीमतों में फिलहाल कोई कमी नहीं आएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य तेल कंपनियों की ‘अंडर-रिकवरी’ (बढ़ते घाटे) को थामना है ताकि देश में ईंधन की सप्लाई प्रभावित न हो।
ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने बताया कि:
सरकार की ओर से यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए और भी कड़े या राहत भरे फैसले लिए जा सकते हैं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज़ डेस्क
जमशेदपुर (बागबेड़ा): सालों से पानी की किल्लत झेल रहे बागबेड़ा वासियों के लिए राहत भरी खबर है। वृहद जलापूर्ति योजना का काम अब अपने अंतिम चरण में है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी जून महीने के पहले सप्ताह तक घरों में पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को जिला पार्षद डॉ. कविता परमार ने विभागीय अधिकारियों के साथ योजना के विभिन्न साइट्स का गहन निरीक्षण किया।
पिछले सप्ताह उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी से मुलाकात के बाद यह तय हुआ था कि कार्यों की प्रगति की मॉनिटरिंग खुद डॉ. कविता परमार वरीय पदाधिकारियों के साथ करेंगी। इसका उद्देश्य तय समय सीमा (Deadline) के भीतर काम पूरा करना और जनता के बीच भरोसा कायम करना है।

निरीक्षण के दौरान डॉ. कविता परमार ने स्पष्ट किया कि अब हर सप्ताह इसी तरह साइट का मुआयना किया जाएगा ताकि किसी भी तकनीकी अड़चन को तुरंत दूर किया जा सके। प्रगति की रिपोर्ट सीधे उपायुक्त को सौंपी जाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस भीषण गर्मी में ही लाभुकों को शुद्ध पेयजल मिलना शुरू हो जाएगा।
मौके पर मौजूद रहे गणमान्य:
निरीक्षण के दौरान डॉ. कविता परमार के साथ मुख्य रूप से मुखिया राजकुमार गौड़, पंचायत समिति सदस्य राजू सिंह, झरना मिश्रा, अभिषेक उपाध्याय, कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार, कनीय अभियंता एवं अन्य विभागीय कर्मी उपस्थित थे।
बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना केवल एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की बुनियादी जरूरत है। जनप्रतिनिधियों की यह सक्रियता निश्चित रूप से योजना को धरातल पर उतारने में मददगार साबित होगी।
रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर (गोविंदपुर): रामनवमी के महापर्व से ठीक पहले गोविंदपुर के शेष नगर स्थित श्री श्री 108 मनोकामना सिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर प्रांगण भक्ति और स्मृतियों के संगम का गवाह बना। मंदिर के ‘शिव परिवार’ के सदस्यों द्वारा प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त और परिवार के मार्गदर्शक स्वर्गीय वेदानंद जी की याद में एक विशेष भजन संध्या और हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन रामनवमी की पूर्व संध्या पर किया गया। शिव परिवार के सदस्यों ने बताया कि वेदानंद जी न केवल मंदिर से गहराई से जुड़े थे, बल्कि वे प्रभु श्री राम और संकटमोचन बजरंगबली के परम उपासक थे। उनकी पुण्य स्मृति को समर्पित इस आयोजन में मंदिर प्रांगण “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
समारोह की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ से हुई, जिसमें शिव परिवार के सभी सदस्यों ने एक स्वर में पाठ किया। इसके पश्चात स्थानीय कलाकारों और परिवार के सदस्यों ने प्रभु राम और बजरंगबली के भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। भजनों की लहरियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर शिव परिवार के सभी वरिष्ठ और युवा सदस्य मौजूद रहे। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि वेदानंद जी के आदर्श और उनकी भक्ति आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मंदिर प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक उत्साह को बढ़ाया, बल्कि सामुदायिक एकता की मिसाल भी पेश की।
जमशेदपुर: भविष्य की तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘AIEI-2026’ का गुरुवार को शानदार उद्घाटन हुआ। विद्युत अभियांत्रिकी विभाग (Electrical Engineering) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विदेशों के प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और उद्योग विशेषज्ञ शिरकत कर रहे हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सुनील कुमार (निदेशक, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग) ने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के दौर में एआई (AI) केवल एक तकनीक नहीं बल्कि एक परिवर्तनकारी शक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए नवाचार-आधारित अनुसंधान (Research) ही एकमात्र रास्ता है।
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. (डॉ.) गौतम सूत्रधार ने संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ऐसे आयोजन वैश्विक सहयोग के द्वार खोलते हैं। वहीं, इलेक्ट्रिकल विभाग की अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह ने बताया कि वास्तविक जीवन की चुनौतियों, जैसे ऊर्जा संकट और स्वास्थ्य सेवाओं में एआई का उपयोग समय की मांग है।
उद्घाटन सत्र में तकनीक जगत की कई बड़ी हस्तियां ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़ीं:
इस सम्मेलन का नेतृत्व डॉ. वी. पी. मीणा (NIT जमशेदपुर) और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ डकोटा के प्रो. केसी संतोष कर रहे हैं।
सम्मेलन के पहले दिन “सिक्योर एआई में ट्रस्ट के लिए इंजीनियरिंग” विषय पर एक बेहद महत्वपूर्ण पैनल चर्चा हुई। इसमें विशेषज्ञों ने बताया कि एआई प्रणालियों को न केवल स्मार्ट, बल्कि नैतिक (Ethical) और सुरक्षित बनाना भी जरूरी है।
कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. मृणाल कांति सरकार, डॉ. सूर्य प्रकाश, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. स्वगतदेब साहू सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अगले दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में कई तकनीकी सत्र और शोध पत्र (Research Papers) प्रस्तुत किए जाएंगे।
अयोध्या/डेस्क: रामनवमी के पावन अवसर पर आज समूचा देश राममय हो गया है। रामनगरी अयोध्या में प्रभु श्री रामलला का जन्मोत्सव अभूतपूर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस ऐतिहासिक दिन (27 मार्च) को अयोध्या के भव्य मंदिर में एक ऐसा चमत्कारिक दृश्य देखने को मिला, जिसने करोड़ों राम भक्तों को भावविभोर कर दिया—प्रभु रामलला का ‘सूर्य तिलक’।
ठीक दोपहर 12 बजे, जब भगवान राम का जन्म हुआ था, सूर्य की किरणें सीधे रामलला के ललाट पर पड़ीं। करीब 4 मिनट तक भगवान के मस्तक पर सूर्य की किरणें एक चमकते तिलक की तरह जगमगाती रहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस भव्य घटना का सीधा प्रसारण देखा। प्रधानमंत्री आवास से उन्होंने न केवल दर्शन किए, बल्कि इस गौरवशाली क्षण पर तालियां बजाकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया कि यह पल हर भारतीय के लिए गर्व और श्रद्धा का विषय है।
इस खास अवसर पर मंदिर के गर्भगृह में 14 पुजारी मौजूद रहे। सूर्य तिलक के दौरान विशेष मंत्रोच्चार और आरती की गई। इसके बाद प्रभु रामलला को 56 तरह के व्यंजनों का महाभोग लगाया गया। ‘जय श्रीराम’ के नारों से पूरी अयोध्या नगरी गूंज उठी और भक्तों की भारी भीड़ अपने आराध्य की एक झलक पाने को बेताब दिखी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम सूर्यवंशी हैं और सूर्यदेव उनके कुल देवता हैं। सूर्य को जीवन और शक्ति का स्रोत माना जाता है। मस्तक पर सूर्य की किरणों का अभिषेक इस बात का प्रतीक है कि सूर्यदेव स्वयं अपने वंशज का अभिनंदन करने धरती पर उतरे हैं।
अयोध्या का यह ‘सूर्य तिलक’ केवल एक वैज्ञानिक प्रयोग नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का वह प्रकाश है जो नए भारत के उदय का प्रतीक है।
रिपोर्ट: डेस्क, तीसरी धारा न्यूज