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देवघर बाबा मंदिर की दानपेटी में मिला पाकिस्तानी नोट: सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप, ISI कनेक्शन की भी जांच शुरू

देवघर: विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, बाबा बैद्यनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को मंदिर की दानपेटियों की गिनती के दौरान भारतीय मुद्रा और अन्य विदेशी मुद्राओं (अमेरिकी डॉलर, यूरो, नेपाली रुपया) के साथ पाकिस्तानी करेंसी बरामद की गई है। बाबा मंदिर के इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है जब दानपात्र से पाकिस्तान का नोट निकला है।Deoghar News 4 1774520074464 m

​सुरक्षा एजेंसियों के ‘कान खड़े’, जांच में जुटी टीमें

​दानपेटी से 100 रुपये का पाकिस्तानी नोट मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि यह नोट श्रद्धावश किसी पर्यटक द्वारा डाला गया है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।1002518072

  • ​रिकॉर्ड की तलाश: पिछली बार 9 जनवरी को दानपेटियां खोली गई थीं। अब उस अवधि से लेकर अब तक के सीसीटीवी फुटेज और विदेशी पासपोर्ट धारकों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
  • ​संदिग्ध रूट की जांच: जांच का एक पहलू यह भी है कि क्या हाल के दिनों में कोई व्यक्ति पाकिस्तान के पासपोर्ट पर देवघर आया था।

​ISI कनेक्शन और गाजियाबाद से जुड़े तार?

​इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि हाल ही में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से पकड़े गए संदिग्धों के पास से बाबा मंदिर के फोटो और वीडियो मिले थे।

​सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए संदिग्धों का संबंध पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से होने की आशंका जताई गई थी। वे पैसों के बदले भारत के संवेदनशील और धार्मिक स्थलों की रेकी कर सीमा पार जानकारी भेज रहे थे। इसके अलावा, जासूसी के आरोप में पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के भी सुल्तानगंज से देवघर तक के रूट की वीडियोग्राफी करने की बात सामने आ चुकी है।

 

​सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल

​हवाई सेवा शुरू होने के बाद देवघर में श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, लेकिन उस अनुपात में सुरक्षा इंतजाम नाकाफी दिख रहे हैं।

  1. ​स्कैनिंग का अभाव: देश के अन्य बड़े मंदिरों के विपरीत, बाबा मंदिर के प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और स्कैनर की पुख्ता व्यवस्था नहीं है।
  2. ​प्रतिबंधित सामान: श्रद्धालु आसानी से मोबाइल, थैला और बैग लेकर गर्भगृह तक पहुंच रहे हैं।
  3. ​वीडियोग्राफी: आए दिन मंदिर के अंदर के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से एक बड़ा खतरा (Security Breach) माना जा रहा है।

​समय की मांग: कड़े हों सुरक्षा मानक

​विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि अब समय आ गया है जब बाबा मंदिर में भी तिरुपति या काशी विश्वनाथ की तर्ज पर सुरक्षा ऑडिट कर कड़े नियम लागू किए जाएं। मोबाइल और बैग ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध के साथ-साथ हर आने-जाने वाले की गहन तलाशी अनिवार्य होनी चाहिए।

​तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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