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मानगो: डॉ. बदर नर्सिंग होम में युवक की मौत पर कोहराम, परिजनों का आरोप- ‘गलत इंजेक्शन ने ली जान’

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जमशेदपुर (मानगो): शहर के मानगो थाना क्षेत्र स्थित रोड नंबर एक के ‘डॉ. बदर नर्सिंग होम’ में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया। अपेंडिक्स का ऑपरेशन कराने आए युवक की अचानक मौत से गुस्साए परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और ‘मेडिकल मर्डर’ का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया।3b47f79b21667b42491c12f671fa639190197954d320860fa7c7ea62b863dfc5.0

क्या है पूरा मामला?

​परिजनों के अनुसार, युवक को पेट दर्द की शिकायत के बाद नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद डॉक्टरों ने अपेंडिक्स का ऑपरेशन करने की सलाह दी। परिजनों का दावा है कि ऑपरेशन थिएटर में ले जाने तक युवक की स्थिति बिल्कुल सामान्य थी और वह बातचीत कर रहा था।1002518072

इंजेक्शन के बाद बिगड़ी तबीयत, ‘ओवरडोज’ का शक

​मृतक के परिजनों ने बेहद चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं:

    • संदिग्ध इंजेक्शन: आरोप है कि ऑपरेशन की तैयारी के दौरान ड्यूटी डॉक्टर ने युवक को एक इंजेक्शन दिया। इंजेक्शन पड़ते ही युवक के मुंह से पानी निकलने लगा और उसकी स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी।
    • नाजुक हालत में ऑपरेशन: परिजनों का कहना है कि जब युवक की जान खतरे में थी, तब भी डॉक्टरों ने लेजर तकनीक से ऑपरेशन शुरू कर दिया, जिससे स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई।
    • रेफर करने में देरी: जब स्थिति पूरी तरह हाथ से निकल गई, तब आनन-फानन में उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे ‘ब्रॉट डेड’ (मृत लाया गया) घोषित कर दिया।

“मेरे भाई को सिर्फ पेट दर्द था, वह अपने पैरों पर चलकर अस्पताल आया था। डॉक्टर के एक गलत इंजेक्शन ने उसकी जान ले ली। यह इलाज नहीं, हत्या है।”मृतक के बिलखते परिजन

 

नर्सिंग होम में हंगामा और पुलिस की दखल

​मौत की खबर मिलते ही स्थानीय लोग और परिजन नर्सिंग होम परिसर में जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोश इतना था कि कुछ लोगों ने तोड़फोड़ की कोशिश भी की। सूचना मिलते ही मानगो थाना पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन देकर शांत कराया।

विवादों से पुराना नाता: पहले भी लग चुके हैं आरोप

​स्थानीय लोगों के अनुसार, उक्त डॉक्टर और नर्सिंग होम पहले भी विवादों में रहे हैं। पूर्व में भी ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप इन पर लग चुके हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों पर बड़े प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई की मांग

​पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि:

      1. ​नर्सिंग होम के लाइसेंस की जांच हो।
      2. ​आरोपी डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए।
      3. ​मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाए।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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