एक नई सोच, एक नई धारा

टाइगर मोबाइल के जवान सलमान ने 11 पुड़िया ब्राउन शुगर के साथ एक युवक को दबोचा

जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची स्थित आहार होटल के पीछे गली में टाइगर मोबाइल के जवानों ने ब्राउन शुगर के साथ एक युवक को पकड़ा। युवक की तलाशी लेने के बाद उसके पास से कुल 11 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद किया गया। टाइगर मोबाइल के जवानों ने युवक को पकड़कर साकची पुलिस के हवाले कर दिया। वहां उससे पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को टाइगर मोबाइल का जवान सलमान अपनी ड्यूटी पर था।

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उसी दौरान उसे फोन आया कि कुछ युवक आहार होटल के पीछे वाली गली में अड्डेबाजी कर रहे हैं। सूचना पाकर सलमान उक्त स्थल पर पहुंचा तो सभी उसे देखकर भागने लगे। सलमान ने खदेड़कर एक युवक को पकड़ लिया। तलाशी लेने के बाद उसकी जेब से 11 पुड़िया ब्राउन शुगर मिला। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

उलीडीह : ऑटो चालक मनोज राय की पीटकर हत्या, घटना की तहकीकात में जुटी पुलिस

जमशेदपुर : जमशेदपुर के उलीडीह थाना अंतर्गत पारसनगर के ऑटो चालक मनोज राय की को कुछ लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी है। घटना गुरुवार देर रात की है। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मनोज के शव को एमजीएम पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। पुलिस ने बताया कि ऑटो में मनोज गिरा हुआ पाया गया था। इसके बाद उसे एमजीएम अस्पताल लेकर आया गया, जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं इसे लेकर परिजनों ने अस्पताल में खूब हंगामा किया।

परिजनों ने हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग करने लगे जिसके बाद पुलिस ने सभी लोगों को समझाकर शांत करवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बताया जा रहा है कि मनोज राय ऑटो चला कर अपना गुजर बसर करता था गुरुवार को मनोज अपने घर से ऑटो चलाने गया था जिसके बाद काफी समय बाद वापस न आने पर घर वालो ने मनोज को फोन किया तो फोन किसी महिला ने उठाया और महिला ने बताया की मनोज के साथ मारपीट हो गयी है आपलोग जल्दी आ जाइये। जिसके बाद मनोज का फोन बंद हो गया। फिलहाल पुलिस घटना की जाँच कर रही है।

मृतक मनोज राय के परिजनों ने थाना में किया प्रदर्शन, भाजपा नेता विकास सिंह ने पुलिस पर साधा निशाना

जमशेदपुर : मानगो पारस नगर के रहने वाले मनोज राय के परिजनों एवं बस्तीवासियों ने उलीडीह थाना में प्रदर्शन कर कहा कि मनोज राय की हत्या की गई है, उसके शरीर के चारों और गहरे जख्म के निशान हैं। मामला उस वक्त बिगड़ गया जब मनोज राय का शव लेकर उलीडीह थाना के पदाधिकारी पोस्टमार्टम में जाकर कहा कि मनोज राय का देहांत शराब पीने से हो गया है इस पर परिजन भड़क गए और कहा कि आप गलत बात कर रहे हैं। मनोज के शरीर के जख्म बता रहे हैं की शराब पीने से नहीं पिटाई से हुई है मनोज की मौत।

मृतक मनोज राय की पत्नी सोनी देवी ने बताया कल रात मोबाइल में मनोज से बात हुई थी उसके बाद लगातार उसका मोबाइल बंद आ रहा था, वें बिल्कुल ठीक थे उसकी हत्या अवैध शराब भट्टी के बाहर पीट-पीटकर कर दी गई है और पुलिस मामले की लीपापोती कर रही है। परिजनों ने मौके पर भाजपा नेता विकास सिंह को बुलाया और कहा कि मनोज की हत्या हुई है और पुलिस मामले को गलत दिशा में ले कर जा रही है।

विकास सिंह ने थाना में प्रदर्शन कर रहे परिजनों का समर्थन करते हुए कहा कि मनोज राय की पत्नी ने जो लिखित देगी वही माना जाएगा पूर्व में पुलिस के द्वारा लिखा गया कोई भी दस्तावेज को हम लोग नहीं मानेंगे। मृतक मनोज राय का मोबाइल भी बरामद नहीं किया गया। मौके में पहुंचे विकास सिंह ने कहा की प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। श्री सिंह ने कहा कि उलीडीह थाना के सरंक्षण में अवैध शराब का होलसेल मंडी बना हुआ हैं पूरे जिले में यहीं से अवैध शराब की सप्लाई होती है। पुलिस अवैध शराब के कारोबार में कोई बाधा उत्पन्न ना हो इसलिए मामला की लीपापोती करना चाहती हैं, विकास सिंह ने मामले की उच्चस्तरीय जांच करने के लिए जिला प्रशासन को कहा।

खालसा फतेह मार्च की तैयारियां जोरों पर, जत्थों की सूची जारी

भगवान सिंह ने समूह संगत से फतेह मार्च में शामिल होने की अपील की

आगामी सात मई को खालसा फतेह मार्च के सफल आयोजन को लेकर सीजीपीसी कार्यालय में प्रधान भगवान सिंह के नेतृत्व में बैठक कर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शुक्रवार को फतेह मार्च में शामिल होने वाले जत्थेबंदियों की सूची भी जारी की गयी।
सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने जमशेदपुर की संगत से सिख जरनैल जस्सा सिंह रामगढ़िया की 300वीं शताब्दी एवं अकाली फूला सिंह की 200वीं शताब्दी को समर्पित 7 मई (रविवार) को टिनप्लेट गुरुद्वारा से शाम 4:00 बजे निकलनेवाले खालसा फतेह मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
भगवान सिंह, सरदार इंदरजीत सिंह, सरदार शैलेंद्र सिंह, सरदार गुरदीप सिंह पप्पू,
गुरचरण सिंह बिल्ला, गुरनाम सिंह बेदी की उपस्थिति में फतेह मार्च में शामिल होने वाले जत्थों की सूची भी जारी की गयी जिसके तहत फ़तेह मार्च में सबसे आगे गतका पार्टी चलेगी जबकि क्रमशः निशान साहिब, घुड़सवार, दस्तार सिखलाई, गुरमुखी सिखलाई, मोटरसाइकिल (जोड़ी राइडर), निहंग सिंह जत्थेबंदी, सीजीपीसी सदस्य, पुष्पवर्षा, श्री पालकी साहिब, साध संगत, स्त्री सत्संग सभा, कीर्तनी जत्थे, मोटरसाइकिल (संगत) व कार (संगत) सूची अनुसार चलेंगे।
भगवान सिंह, इंदरजीत सिंह और शैलेन्द्र सिंह ने संगत और शामिल होने वाले जत्थों के सदस्यों से विनम्र अपील करते हुए कहा है कि इस दौरान शालीनता दिखाते हए अनुशासन का पालन कर फ़तेह मार्च को सफल बनाने में अपना पूर्ण सहयोग करें।
गौरतलब है कि 7 मई को आयोजित होने वाले खालसा फतेह मार्च टिनप्लेट गुरुद्वारा शाम 4:00 बजे शुरू होने के बाद गोलमुरी चौक होते हुए आरडी टाटा गोलचक्कर, हावड़ा ब्रिज होते हुए शाम 7:00 बजे साकची गुरुद्वारा में समाप्त होगा। इस अवसर पर साकची गुरुद्वारा मैदान में गुरु का अटूट लंगर का प्रबंध भी किया गया है।
कुलविंदर सिंह, हरजिंदर सिंह, जगजीत सिंह गांधी, कुलविंदर सिंह पन्नू, सुखदेव सिंह बिट्टू, सुरेंद्र सिंह शिंदे, जसवंत सिंह, जसपाल सिंह, सुखवंत सिंह सुखु, दलजीत सिंह, त्रिलोचन सिंह व अन्य बैठक में उपस्थित रहे।

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फतेह मार्च में शामिल होने वाले जत्थों की सूची

  1. गतका पार्टी
  2. निशान साहिब
  3. घुड़सवार
  4. दस्तार सिखलाई
  5. गुरमुखी सिखलाई
  6. मोटरसाइकिल (जोड़ी राइडर)
  7. निहंग सिंह जत्थेबंदी
  8. सीजीपीसी सदस्य
  9. पुष्पवर्षा
  10. श्री पालकी साहिब
  11. साध संगत
  12. स्त्री सत्संग सभा
  13. कीर्तनी जत्थे
  14. मोटरसाइकिल (संगत)
  15. कार सवार (संगत)
सीजीपीसी ने जारी किया कमिटी का प्रतिक चिन्ह, प्रतिक चिन्ह सीजीपीसी की नयी पहचान बनेगा: भगवान सिंह

जमशेदपुर : धार्मिक संस्था सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) ने शुक्रवार को अपना ‘लोगो’ (प्रतीक चिन्ह) को जारी किया। प्रतिक चिन्ह का लोकार्पण सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, संरक्षक एवं तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब के महासचिव सरदार इंदरजीत सिंह, चेयरमैन एवं झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार शैलेंद्र सिंह, संरक्षक सरदार गुरदीप सिंह पप्पू व ‘लोगो’ डिजाइनर जगतार सिंह नागी द्वारा संयुक्त रूप कार्यालय में किया गया।
सुनहरे व गहरे नीले रंग के लोगो में निशान साहिब दर्शाया गया है जबकि सिख धर्म का पर्याय ‘एकओंकार’ अर्थात एक परमेश्वर है भी प्रतिक चिन्ह में प्रलक्षित है। इसके साथ ही खंडा, ढाल और कृपाण को भी सम्मानित रूप से लोगो में स्थान दिया गया है।
सरदार भगवान सिंह ने कहा की यह प्रतिक चिन्ह सीजीपीसी की नयी पहचान बनेगा और संस्था के सभी आधिकारिक कार्यों में इसका उपयोग किया जायेगा। सरदार इंद्रजीत सिंह, सरदार शैलेंद्र सिंह, सरदार गुरदीप सिंह पप्पू के अनुसार 80 साल से ज्यादा पुरानी यह संस्था है और एक पहचान रूपी प्रतिक चिन्ह की अत्यंत आवश्यकता महसूस हो रही थी।

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‘लोगो’ के डिजाइनर जगतार सिंह नागी का कहना है कि किसी भी संस्था का एक अपना प्रतीक चिन्ह होता है इसी विचार को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सेंट्रल कमिटी का लोगो डिजाईन किया है।
सलाहकार गुरचरण सिंह बिल्ला, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह बेदी, बारीडीह के प्रधान कुलविंदर सिंह, मानगो के प्रधान हरजिंदर सिंह, कीताडीह के प्रधान जगजीत सिंह गांधी, मानगो के चेयरमैन कुलविंदर सिंह पन्नू, सुखदेव सिंह बिट्टू, सुरेंदर सिंह शिंदे सिंह, जसवंत सिंह, जसपाल सिंह, सुखवंत सिंह, दलजीत सिंह, त्रिलोचन सिंह व अन्य लोगो लोकार्पण कार्यक्रम के उपस्थित रहे।

सीतारामडेरा : शौच करने गयी महिला से दुष्कर्म, जांच में जुटी पुलिस

जमशेदपुर : सीतारामडेरा थाना क्षेत्र की महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने गुरुवार की रात महिला की मेडिकल जांच एमजीएम अस्पताल में कराई। पुलिस का कहना है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी छाया नगर का रहने वाला सौरभ कुमार फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में छापामारी कर रही है। बताते हैं कि महिला जब शौच के लिए गई थी तो उसे शौचालय के पास से ही आरोपी ने उठा लिया और दुष्कर्म किया। महिला की बेटी जब उसे बचाने आई तो उस पर पत्थर से हमला कर दिया। घटना के बाद महिला अपने घर पहुंची और घरवालों को जानकारी दी। मामले की शिकायत लेकर जब घरवाले सौरभ के घर गए तो सौरभ के परिवार के लोगों ने पीड़ित महिला के घरवालों से मारपीट भी की। इसके बाद महिला सीतारामडेरा थाना पहुंची। जहां से उसे मेडिकल जांच के लिए एमजीएम अस्पताल लाया गया है पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

भाजपा नेता के बेटे समेत 5 आरोपियों को बाइक चोरी मामले में भेजा गया जेल

धनबाद : झरिया के जोड़ापोखर थाना क्षेत्र में आये दिन होने वाली मोटरसाइकिल चोरी के मामले का खुलासा करने का पुलिस ने दावा किया है। पुलिस ने चोरी की 8 मोटरसाइकिल जब्त कर 5 आरोपियों को कांड संख्या 92/23 के तहत गुरुवार 4 मई को जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी विनोद उरांव ने बताया कि नुनुकडीह जीतपुर निवासी सपन बावरी के बंद आवास से तीन चोरी का मोटरसाइकिल को जब्त किया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने टाटा डीएवी स्कूल जामाडोबा के पीछे से चार मोटरसाइकिल बरामद की। धनबाद हाउसिंग कॉलोनी में बिजय महतो के घर से एक मोटरसाइकिल बरामद हुई।

पूछताछ में पांच आरोपियों की संलिप्तता उजागर हुई है, जिसमें राहुल कुमार, नेहाल वर्मा, विजय महतो, अभिषेक पासवान, गौरव सिंह शामिल हैं। विजय को छोड़ कर सभी आरोपी जामाडोबा क्षेत्र के रहने वाले हैं, जिसमें एक भाजपा नेता सुजीत सिंह का पुत्र गौरव सिंह भी शामिल है। थाना प्रभारी ने बताया कि जोड़ापोखर क्षेत्र के जेलगोड़ा स्टेडियम के पास से चार मोटरसाइकिल चोरी हुई है, वहीं भागा क्षेत्र से दो, भौंरा से एक मोटरसाइकिल की चोरी हुई हैं। चोरी की मोटरसाइकिल के मालिक को बुलाया गया है, ताकि चेचिस नम्बर से मिलान किया जा सके।

15 लाख के इनामी रीजनल कमांडर इंदल गंझू ने किया सरेंडर

झारखंड में पुलिस सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। 15 लाख के इनामी रीजनल कमांडर इंदल गंझू ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्रवाई के डर से उसने आत्मसमर्पण किया है। इस दौरान आईजी ऐवी होमकर अन्य पुलिस अधिकारियों ने इंदल को मुख्य धारा में शामिल किया। आपको बता दें कि झारखंड में माओवादियों के खात्मे के लिए पुलिस सुरक्षा बल लगातार अभियान चला रहे हैं। इस दौरान आईजी अमोल होमकर ने जानकारी देते हुए बताया कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सलियों में हड़कंप मचा हुआ है।

15 लाख रुपये का इनाम घोषित था

आपको बता दें कि इंदल का नाम झारखंड का कुख्यात उग्रवादियों में शामिल है। सरकार ने इंदल के खिलाफ 15 लाख के इनाम की भी घोषणा की हुई थी। इसके खिलाफ 147 से अधिक मामले दर्ज हैं। इंदल 20 सालों से माओवादी संगठनों से जुड़ा हुआ था कई घटनाओं को अंजाम दे चुका था। माना जा रहा है कि इंदल के आत्मसमर्पण से माओवादी संगठन पर बड़ा हमला है।

आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति का असर

इंदल के आत्मसर्पण के बाद आईजी अमोल होमकर ने जानकारी देते हुए बताया कि झारखंड में नक्सलियों के खात्मे को लेकर जंगलों में अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में सुरक्षा बलों को कई बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नक्सलियों में हड़कंप मचा हुआ है। साथ ही सरकार की आत्म समर्पण पुर्नवास नीति के तहत नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्य धारा से जुड़ रहे हैं। इस आत्म समर्पण नीति के तहत कई बड़े नक्सलियों ने हथियार डाला है। नक्सली पलायन करने को मजबूर हैं। झारखंड में चल रही अभियान के वजह के चतरा के सभी माओवादी संगठन के सदस्य बिहार की ओर बढ़ गए हैं। हम लगातार नक्सलियों के खात्मे के लिए अभियान चला रहे हैं।

मणिपुर : हिंसा पर सख्त सरकार, दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश

मणिपुर में आदिवासी आंदोलन के दौरान बुधवार को हिंसा हुई, जिसकी चपेट में आठ जिले आ गए। अब मणिपुर के हिंसाग्रस्त माहौल को देखते हुए राज्यपाल ने कुछ इलाकों में दंगाइयों को देखते ही गोली मारने के आदेश दे दिए हैं।
मणिपुर के राज्यपाल ने कुछ इलाकों में दंगाइयों को देखते ही गोली मार देने के राज्य सरकार के फैसले को मंजूरी दे दी है। इससे पहले हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई थी। राज्य में अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है।

मणिपुर में असम राइफल्स की 34 और सेना की 9 कंपनियां तैनात हैं। इनके अलावा गृह मंत्रालय ने रैपिड एक्शन फोर्स की भी पांच कंपनियों को मणिपुर भेज दिया है। हालांकि, इसके बावजूद मणिपुर में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है।

बताया जा रहा है कि अब तक साढ़े सात हजार लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा चुका है। हालात को देखते हुए आठ जिलों- इम्फाल वेस्ट, काकचिंग, थौबाल, जिरिबाम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इसके अलावा, पूरे राज्य में अगले पांच दिन के लिए मोबाइल इंटरनेट को बंद कर दिया गया है। हालांकि, ब्रॉडबैंड सर्विसेस चालू रहेंगी।

बवाल किस बात पर?

◆ इस सारे बवाल की जड़ को ‘कब्जे की जंग’ भी माना जा सकता है. इसे ऐसे समझिए कि मैतेई समुदाय की आबादी यहां 53 फीसदी से ज्यादा है, लेकिन वो सिर्फ घाटी में बस सकते हैं.
◆ वहीं, नागा और कुकी समुदाय की आबादी 40 फीसदी के आसपास है और वो पहाड़ी इलाकों में बसे हैं, जो राज्य का 90 फीसदी इलाका है.
◆ मणिपुर में एक कानून है, जिसके तहत आदिवासियों के लिए कुछ खास प्रावधान किए गए हैं. इसके तहत, पहाड़ी इलाकों में सिर्फ आदिवासी ही बस सकते हैं.
◆ चूंकि, मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं मिला है, इसलिए वो पहाड़ी इलाकों में नहीं बस सकते. जबकि, नागा और कुकी जैसे आदिवासी समुदाय चाहें तो घाटी वाले इलाकों में जाकर रह सकते हैं.
◆ मैतेई और नागा-कुकी के बीच विवाद की यही असल वजह है। इसलिए मैतेई ने भी खुद को अनुसूचित जाति का दर्जा दिए जाने की मांग की थी।

कैसे शुरू हुआ बवाल

◆ दरअसल, हाल ही में मणिपुर हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस एमवी मुरलीधरन ने एक आदेश दिया था। इस आदेश में हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को मैतेई को भी अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने की मांग पर विचार करने को कहा था।
◆ मैतेई समुदाय को एसटी का दर्जा की मांग करने वाले संगठन का कहना है कि ये सिर्फ नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का मुद्दा नहीं है, बल्कि ये पैतृक जमीन, संस्कृति और पहचान का मसला है। संगठन का कहना है कि मैतेई समुदाय को म्यांमार और आसपास के पड़ोसी राज्यों से आने वाले अवैध प्रवासियों से खतरा है।
◆ इसी के विरोध में ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर (ATSUM) ने ‘आदिवासी एकता मार्च’ निकाला था। इसी एकता मार्च के दौरान हिंसा भड़क गई।

काशीडीह भोग वितरण मामले में कोर्ट ने दी अभय सिंह को जमानत

जमशेदपुर : कदमा के शास्त्री नगर में विगत दिनों हुए हिंसा के बाद 10 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी के नेता अभय सिंह को जिला प्रशासन ने काशीडीह स्थित उनके निवास स्थान से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। प्रशासन द्वारा अभय सिंह के ऊपर कदमा हिंसा मामले को लेकर कई धाराएं लगाई थी। इन्हीं धाराओं में एक धारा 2021 के दुर्गा पूजा भोग वितरण का भी था। उस समय के जिला उपायुक्त सूरज कुमार के साथ भोग वितरण को लेकर भाजपा नेता अभय सिंह का मतभेद हो गया था। जिसके बाद जिला प्रशासन ने उनके ऊपर मामला भी दर्ज किया था और कदमा मामले में अभियुक्त बनाये जाने के बाद पुराने मामले को भी साथ में जोड़ दिया गया था।

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अभय सिंह की गिरफ्तारी के 25 दिन बाद आज जमशेदपुर कोर्ट ने उन्हें काशीडीह भोग वितरण मामले में जमानत दे दी है। उनके समर्थकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कदमा हिंसा मामले में बेबुनियाद धाराओं को भी जल्द ही झूठा साबित किया जाएगा, उन्हें न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।

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