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तीसरी धारा न्यूज | सीनी, 15 अगस्त 2026
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर सीनी और इसके आसपास के क्षेत्रों में राष्ट्रीय पर्व अत्यंत धूमधाम, उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस दौरान विभिन्न शैक्षणिक, प्रशासनिक, रेलवे संस्थानों और सामाजिक स्थलों पर सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।


रेलवे और प्रशासनिक संस्थानों में हुआ ध्वजारोहण
सीनी स्थित सेरसा मैदान में क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य मनोज कुमार सिंह द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। रेलवे इंस्टीट्यूट सीनी में उप मुख्य अभियंता (इंजीनियरिंग वर्कशॉप) गुप्तेश्वर मांझी ने तिरंगा फहराकर राष्ट्र को नमन किया। वहीं सुरक्षा और प्रशासनिक संस्थानों की बात करें तो सीनी ओपी थाना परिसर में थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह, आरपीएफ थाना में प्रभारी शैलेश चन्द्रा तथा जीआरपी थाना में प्रभारी नागेश्वर राम रविदास ने पूरी गरिमा के साथ ध्वजारोहण किया।



विद्यालयों और सामाजिक स्थलों पर दिखा राष्ट्रप्रेम का उत्साह
स्वर्णपुर वार्ड तथा उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय (आंबेडकर खेल मैदान) परिसर में मूलवासी कारूवा समाज के प्रदेश कोषाध्यक्ष गुरूचरण मुखी एवं रंजन कारूवा द्वारा ध्वजारोहण संपन्न हुआ। इसके अलावा रेलवे मेन्स यूनियन कार्यालय परिसर में शाखा अध्यक्ष विश्वजीत बड़ाइक, संजय कुमार गांगुली, सुनील कुमार महतो एवं मितेद्र प्रसाद की मुख्य उपस्थिति में तिरंगा फहराया गया। स्वतंत्रता दिवस का यह जश्न खरसावां और महालिमोरुप के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से देखने को मिला।


अमर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
समारोह के दौरान देशभक्ति की गहरी भावना देखने को मिली। उपस्थित सभी लोगों ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अमर स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानियों की शहीद बेदी पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया।



समारोह में ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस अवसर पर सीएचआई गोपाल प्रसाद, व्यास कुमार रजक, देवाशीष दास, एन केशव, श्याम बिहारी दास, अरविंद सतपति, श्रीयेश झा, गोविंदा मुखी, सुदर्शन मुखी, कृष्णेंदु कर्मकार और कुसुम मुखी समेत भारी संख्या में स्थानीय नागरिक, रेलकर्मी और समाजसेवी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
– तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर, 15 अगस्त 2026
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर बर्मामाइन्स स्थित खालसा उच्च व मध्य विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण समारोह अत्यंत धूमधाम, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रप्रेम के रंग में रंगा नजर आया और छात्र-छात्राओं, शिक्षकों व अभिभावकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।


मुख्य अतिथि संतोख सिंह संधु ने फहराया तिरंगा
समारोह के मुख्य अतिथि ‘संधु ट्यूब डिवीजन लिमिटेड’ के निदेशक सरदार संतोख सिंह संधु थे। उन्होंने विद्यालय परिसर में पूरी गरिमा के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के उपरांत उपस्थित जनसमूह द्वारा राष्ट्रगान का गायन किया गया और सभी ने देश की एकता, अखंडता, शांति तथा समृद्धि की कामना की।



बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने मनमोहक गिद्धा, पारंपरिक आदिवासी नृत्य और देशभक्ति गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों की खूब तालियां बटोरीं। संपूर्ण कार्यक्रम देशभक्ति की भावना और सांस्कृतिक विविधता से सराबोर रहा।


गणमान्य अतिथियों ने दिया देशसेवा का संदेश
समारोह में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने छात्र-छात्राओं को स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया और उन्हें देश का जिम्मेदार व कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में प्रबंधन समिति के अध्यक्ष सलविंदर सिंह, विद्यालय सचिव सुखपाल सिंह, सह-सचिव सतबीर सिंह सोमू, स्कूल इंस्पेक्टर रविंद्रर सिंह गिल, मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार सिंह, जोग सिंह, हरभजन सिंह, सुखदेव सिंह, लखबीर सिंह, गुरमीत सिंह बंटी, जसबीर सिंह, सरबजीत सिंह, जितेंदर सिंह, गुरु दर्शन सिंह, सरताज सिंह, गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सदस्य, स्त्री सत्संग सभा और नौजवान सभा के पदाधिकारी व सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

– तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज | नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026
80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण समारोह से एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया है, जिसने देश भर में नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच दिखी असहजता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं।



राष्ट्रगीत के दौरान असहज दिखा शीर्ष नेतृत्व
ध्वजारोहण कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत कई दिग्गज नेता मंच पर मौजूद थे। ध्वजारोहण के तुरंत बाद जब राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की धुन बजी, तो शुरुआत में सभी नेता सावधान की मुद्रा में खड़े होकर पंक्तियां गुनगुनाते दिखे। हालांकि, राष्ट्रगीत का प्राथमिक पद पूरा होते ही मंच पर अचानक असहजता की स्थिति बन गई। वायरल वीडियो में धुन जारी रहने के दौरान ही नेता सावधान की मुद्रा छोड़कर आपस में बातचीत करते, इधर-उधर कदम बढ़ाते और कार्यकर्ताओं को इशारा कर बुलाते नजर आए।




संसद से नया कानून पारित होने के बाद कानूनी संकट
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कानूनी पहलू भी बेहद अहम हो गए हैं। हाल ही में संसद द्वारा पारित नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद ‘वंदे मातरम’ को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान ही संवैधानिक दर्जा और कानूनी संरक्षण हासिल हो चुका है। ऐसे में राष्ट्रगीत के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा या असम्मान को अब कानूनन गंभीर श्रेणी में रखा जा रहा है।

3 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान
नए कानून की धारा-3 में किए गए कड़े संशोधनों के अनुसार, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गान को जानबूझकर रोकने या उसमें व्यवधान डालने पर दोषी पाए जाने पर पहली बार 3 साल तक की कैद या जुर्माना (या दोनों) हो सकता है। वहीं, दोबारा ऐसा अपराध करने पर कम से कम 1 वर्ष की अनिवार्य जेल की सजा का प्रावधान है। इसी वजह से यह वायरल वीडियो कानूनी और राजनीतिक तौर पर कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत बनता दिख रहा है।
राजनीतिक घमासान और स्पष्टीकरण का इंतजार
स्वतंत्रता दिवस के इस मंच से आई तस्वीरों के बाद सोशल मीडिया पर ‘वंदे मातरम’ के सम्मान को लेकर बहस छिड़ गई है। जहां एक तरफ भाजपा व अन्य दल इसे राष्ट्रगीत का अनादर बताकर हमलावर हैं, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले और वीडियो में दिख रही परिस्थितियों को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।
– तीसरी धारा न्यूज

पोर्टल: तीसरी धारा न्यूज | स्थान: जमशेदपुर (कदमा) | दिनांक: 13 अगस्त 2026
लोहनगरी जमशेदपुर के कदमा क्षेत्र में आज उस समय माहौल बेहद भावुक हो उठा, जब शहर के वरिष्ठ एवं प्रखर समाजसेवी श्री सावन मुखी जी के श्रद्धेय पिताजी स्व. गोरख मुखी जी की तीसरी पुण्यतिथि के अवसर पर एक भव्य एवं भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कदमा स्थित उनके आवास परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में सुबह से ही श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा। पूरे क्षेत्र में स्व. गोरख मुखी जी के सामाजिक कार्यों और उनके सरल व्यक्तित्व को याद करते हुए माहौल पूरी तरह भक्तिमय और नमन योग्य बना रहा।
श्रद्धांजलि सभा की शुरुआत स्व. गोरख मुखी जी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी गणमान्य लोगों, परिजनों एवं स्थानीय नागरिकों ने बारी-बारी से स्वर्गीय गोरख मुखी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा नमन किया। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिवार को यह अपार दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की गई। (ॐ शांति! 🙏💐)
इस पुण्यतिथि समारोह में क्षेत्र के कई दिग्गज जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता जी के बड़े भाई टप्पू गुप्ता, झामुमो नेता बबन राय, लल्टू महतो, सरायकेला जिला झामुमो नेता लल्टू महतो, झामुमो युवा नेता सिमरन भाटिया, काँग्रेस नेता राजकुमार दास, भाजपा नेता कमलेश मुखी, जदयू नेता राजेश प्रसाद मुखी एवं जदयू नेता मोना सूर्यवंशी शामिल थे। सभी नेताओं ने सावन मुखी जी से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।
वहीं दूसरी ओर, विभिन्न जनसंगठनों और छात्र संगठनों की ओर से भी भारी उपस्थिति देखने को मिली। जेएलकेएम (JLKM) की ओर से पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष तपन महतो, कोल्हान अध्यक्ष नवीन महतो, कोल्हान उपाध्यक्ष अंकित महतो, एससी मोर्चा कोल्हान अध्यक्ष राजा कालिंदी तथा जमशेदपुर महानगर प्रेस प्रभारी राम प्रसाद महतो ने भी स्व. गोरख मुखी जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके अलावा कुर्मी सेना छात्र मोर्चा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष सुमित महतो, हिंदू जागरण मंच के जिला अध्यक्ष बलबीर मंडल तथा समाजसेवी अरब सागर ने भी सभा में शिरकत कर अपनी ओर से भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
सभा के समापन अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने स्व. गोरख मुखी जी के जीवन-आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे सदैव समाज के दबे-कुचले वर्गों के उत्थान और जनकल्याण के कार्यों के लिए समर्पित रहे। उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है। अंत में आयोजक सावन मुखी जी एवं उनके परिवार के सदस्यों ने श्रद्धांजलि सभा में पधारे सभी अतिथियों, नेताओं, समाजसेवियों एवं क्षेत्रवासियों का तहे दिल से आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।
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तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 12 अगस्त 2026
प्रतिभा केंद्र मैदान में जुटे विभिन्न दलों व संगठनों के प्रतिनिधि
गोविंदपुर अन्ना चौक के समीप बीते दिनों हुई भीषण सड़क दुर्घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में आक्रोश और गहराती चिंता का माहौल है। लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नकेल कसने और जर्जर यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य से गोविंदपुर स्थित प्रतिभा केंद्र मैदान में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय व सामाजिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभा में हादसों में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया गया और सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब प्रशासन के ढुलमुल रवैये को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भारी वाहनों के नो-एंट्री समय में बदलाव की मांग
बैठक के तुरंत बाद प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उप विकास आयुक्त (डीडीसी) तथा ट्रैफिक डीएसपी से मुलाकात की और क्षेत्रवासियों की जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए 7 सूत्री मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में प्रमुख रूप से भारी वाहनों के परिचालन समय में बदलाव करने की मांग की गई है। प्रतिनिधियों ने मांग उठाई कि सुबह 5:00 बजे से 9:00 बजे तक, दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक और संध्या 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक भारी वाहनों का परिचालन पूर्णतः प्रतिबंधित (नो-एंट्री) रखा जाए। इसके साथ ही गोविंदपुर के सभी प्रवेश एवं निकासी मार्गों पर नो-एंट्री के समय को दर्शाने वाले बड़े व स्पष्ट साइन बोर्ड लगाने की मांग की गई।

4 मौतों वाले डेंजर जोन में बैरिकेडिंग और स्पीड ब्रेकर की गुहार
सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करना अनिवार्य बताया गया। प्रतिनिधिमंडल ने पूरे क्षेत्र में 10 किमी/घंटा की अधिकतम गति सीमा तय करने और प्रमुख स्थानों पर 20 गति-सीमा साइन बोर्ड लगाने की मांग की। इसके अलावा, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर कम से कम 10 स्पीड ब्रेकर बनाने का आग्रह किया गया। विशेष रूप से गोविंदपुर गिट्टी मशीन के समीप घनी आबादी वाले क्षेत्र में लोहे की मजबूत बैरिकेडिंग कराने पर जोर दिया गया, जहाँ अब तक हुए हादसों में 4 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक पोस्ट और नो-पार्किंग पर सख्ती की मांग
क्षेत्र में अंधेरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव के लिए अन्ना चौक से काली मंदिर तक समुचित स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग उठाई गई, जिसके लिए निर्वाण बिजली कंपनी से सहयोग लेने का सुझाव दिया गया है। साथ ही गोविंदपुर में यातायात पुलिस कर्मियों के बेहतर संचालन के लिए 5 कमरों के ट्रैफिक पोस्ट की व्यवस्था करने और सड़कों के किनारे अवैध रूप से खड़े नो-पार्किंग वाहनों को तुरंत हटाने के कड़े निर्देश जारी करने की अपील की गई। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन का रुख अपनाया जाएगा। वहीं अधिकारियों ने जल्द ही सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
— तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज
जमशेदपुर | 12 अगस्त 2026
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा करेंगे और इसके बाद दोबारा नियुक्ति की मांग नहीं करेंगे। चंद्रशेखरन का यह लगभग एक दशक लंबा कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होगा।
अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने भारत के सबसे बड़े बिजनेस ग्रुप को एयरलाइंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी और डिजिटल कारोबार वाले आधुनिक ग्रुप में बदल दिया।
बोर्ड को दी फैसले की जानकारी
मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, 63 वर्षीय चंद्रशेखरन ने टाटा संस के बोर्ड को अपने निर्णय के बारे में बता दिया है। वह चेयरमैन के तौर पर फरवरी 2027 तक अपने कार्यकाल के आधिकारिक रूप से खत्म होने तक पद पर बने रहेंगे।
अनिश्चितता के बीच आया फैसला
चंद्रशेखरन के जाने का असर पूरे ग्रुप पर पड़ेगा। वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टाटा मोटर्स और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स समेत कई अन्य टाटा कंपनियों के भी चेयरमैन हैं। साल 2017 में टाटा संस को संभालने के बाद से ग्रुप के बिजनेस विस्तार में उनकी अहम भूमिका रही है।
उनका यह फैसला 18 अगस्त की मीटिंग और टाटा ट्रस्ट्स (जिसके पास टाटा संस की लगभग 66% हिस्सेदारी है) के वोटिंग रुख को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच आया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा को चंद्रशेखरन के पद पर बने रहने के पक्ष में नहीं देखा जा रहा था।
सर रतन टाटा ट्रस्ट पर फैसलों की रोक
टाटा संस के प्रमुख शेयरहोल्डर्स में से एक, सर रतन टाटा ट्रस्ट को फिलहाल महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर ने जांच लंबित रहने तक जरूरी फैसले लेने से रोक दिया है। टाटा संस के ‘आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन’ के तहत, सर रतन टाटा ट्रस्ट और सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट द्वारा मिलकर नामित किए गए ट्रस्टी ही AGM में वोट करने के लिए अधिकृत हैं।
नोएल टाटा, डेरियस खंबाटा और जहांगीर जहांगीर समेत सर रतन टाटा ट्रस्ट के कुछ ट्रस्टियों ने चैरिटी कमिश्नर से मीटिंग में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी है, जबकि विजय सिंह और वेणु श्रीनिवासन ने इस अनुरोध पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस अनिश्चितता से एक विवादित वोट की संभावना बढ़ गई थी, जिससे चंद्रशेखरन की चेयरमैनशिप पर असर पड़ सकता था। इसी प्रक्रिया के पूरा होने से पहले ही उन्होंने पद छोड़ने का फैसला कर लिया।
चंद्रशेखरन के दौर में वित्तीय मजबूती
चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा ग्रुप के वित्तीय आंकड़ों में बड़ा उछाल देखने को मिला:
तीसरी धारा न्यूज

तीसरी धारा न्यूज | जमशेदपुर | 11 अगस्त 2026
छात्रों पर लाठीचार्ज और पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे भाजपा कार्यकर्ता
झारखंड सरकार की छात्र विरोधी कार्यशैली, युवाओं पर हुए लाठीचार्ज और JSSC व JPSC जैसी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ भाजपा परसुडीह मंडल द्वारा आयोजित बंद का व्यापक असर देखने को मिला। मंगलवार सुबह से ही भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और क्षेत्र के बाजारों में घूम-घूमकर दुकानदारों एवं व्यवसायियों से शांतिपूर्ण समर्थन की अपील की। आम नागरिकों और व्यापारियों के सहयोग से क्षेत्र में बंदी पूरी तरह असरदार रही।
भाजपा परसुडीह मंडल अध्यक्ष सुमित कुमार शर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस सरकार को युवाओं और छात्रों की मांगें सुननी चाहिए, वही उनकी आवाज को लाठियों के बल पर दबा रही है। उन्होंने कहा कि JSSC और JPSC जैसी राज्य स्तरीय परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में लटक गया है। दिन-रात मेहनत करने वाले युवाओं का पूरी व्यवस्था से विश्वास उठ चुका है। सरकार को बयानबाजी छोड़कर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

सुमित शर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा छात्रों और युवाओं के हक की लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी। जनता की आवाज दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परसुडीह की सफल बंदी ने यह साबित कर दिया है कि आम जनता और व्यापारी वर्ग वर्तमान सरकार की नीतियों से पूरी तरह असंतुष्ट हैं।

कार्यक्रम के अंत में मंडल अध्यक्ष ने बंदी को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के व्यवसायियों, युवाओं और आम नागरिकों का आभार जताया। इस विरोध प्रदर्शन एवं बंदी अभियान में मुख्य रूप से विजय विश्वकर्मा, अशोक सिंहा, गिरजा दुबे, आरती ओझा, दीपक वर्णवाल, दुर्गा सेनापति, दीपक करवा, संजीव कुमार ठाकुर, कपिल शर्मा, दुलाल राय, बच्चू चक्रवर्ती, गोविंदो कर्मकार, पप्पू चक्रवर्ती सहित सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल रहे।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज, जमशेदपुर

जमशेदपुर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आहूत ‘झारखंड बंद’ का जमशेदपुर में कोई खास असर देखने को नहीं मिला। सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में आम जनजीवन पूरी तरह से सामान्य बना रहा। रोजमर्रा की तरह ही शहर की तमाम दुकानें, मुख्य बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और छोटे-बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान बिना किसी बाधा के खुले रहे।
शहर के प्रमुख क्षेत्रों साकची, बिष्टुपुर, गोलमुरी और मानगो में सुबह से ही चहल-पहल देखी गई। सड़कों पर व्यावसायिक और निजी वाहनों का आवागमन सामान्य दिनों की भांति जारी रहा। स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों ने भी अपने-अपने प्रतिष्ठान खोलकर रोजाना का कारोबार जारी रखा, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि इस बंद का जमशेदपुर के जनजीवन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के युवा नेता सिमरन भाटिया ने इस स्थिति पर अपना बयान जारी करते हुए भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य और जमशेदपुर की समझदार जनता ने भाजपा के बंद के आह्वान को पूरी तरह से नकार दिया है। जनता अब विपक्ष के ऐसे हथकंडों के झांसे में आने वाली नहीं है।
झामुमो नेता ने आगे कहा कि जमशेदपुर के व्यापारी, उद्यमी और आम नागरिक शहर में केवल शांति, सौहार्द और निरंतर विकास चाहते हैं। शहर की दुकानों और बाजारों का सामान्य रूप से खुला रहना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि राज्य की जनता को वर्तमान सरकार की नीतियों और नेतृत्व पर पूरा विश्वास है।
अपने बयान के अंत में सिमरन भाटिया ने कहा कि विपक्ष केवल अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने के लिए इस प्रकार के बंद का आयोजन कर रहा है, जिससे आम जनता को परेशानी हो। लेकिन जमशेदपुर की जनता ने दुकानें खोलकर यह संदेश दे दिया है कि वे विपक्ष की अनर्गल राजनीति और बहकावे में आने वाले नहीं हैं।

जमशेदपुर: झारखंड की राजनीति में इन दिनों सबसे बेचैन करने वाली तस्वीर राजधानी रांची में विधानसभा के बाहर दिखाई दी, जहां JPSC और JSSC परीक्षाओं की पारदर्शिता तथा रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों छात्रों पर पुलिस को वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठियों का प्रयोग करना पड़ा। 10 अगस्त को 17 दिनों से चले आ रहे छात्र आंदोलन ने विधानसभा घेराव के दौरान हिंसक रूप ले लिया। बैरिकेडिंग तोड़ने और पथराव के बीच हुए लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए हैं, वहीं पुलिसकर्मी भी मूकदर्शक बनने के बजाय बल प्रयोग करते नजर आए।
घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने एक तरफ स्थिति संभालने के लिए पुलिस-प्रशासन को धन्यवाद दिया, वहीं दूसरी तरफ छात्रों की मांगों के प्रति संवेदनशीलता और संवाद की बात दोहराई। हालांकि, इस दोहरे रवैये पर सवाल उठ रहे हैं कि यदि सरकार सचमुच युवाओं की आवाज सुनने के प्रति गंभीर है, तो 17 दिनों तक चले शांत आंदोलन के बाद भी सीधे संवाद के बजाय सड़कों पर लाठियां क्यों खड़ी की गईं।
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को कूटनीतिक रास्तों और मध्यस्थों को छोड़कर सीधे छात्रों के बीच जाकर उनकी विधिसम्मत मांगों को स्वीकार करने की सलाह दी है। उन्होंने इस आंदोलन को प्रशासनिक ढिलाई और व्यवस्थागत भ्रष्टाचार की झलक करार दिया। वहीं, केंद्र में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा भी पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना किए जाने से गठबंधन सरकार पर प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव काफी बढ़ गया है।
परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठे सवालों ने युवाओं के मन में अविश्वास का गहरा चक्र बना दिया है। जानकार मानते हैं कि लाठियों के दम पर आंदोलन को भले ही अस्थायी रूप से दबाया जा सकता है, लेकिन युवाओं के मन से अविश्वास को मिटाने के लिए सरकार को राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर सीधी बातचीत, निष्पक्ष जांच और ठोस फैसलों का रास्ता अपनाना होगा।

जमशेदपुर: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, पूर्वी सिंहभूम ने जिला मुख्यालय (डीसी ऑफिस) पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुख्य गेट और आवाजाही के रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि जिले के एडीसी (अपर उपायुक्त) द्वारा झारखंड आंदोलनकारियों को लगातार अपमानित किया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
मोर्चा के इस घेराव और सड़क जाम के कारण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गई हैं। आंदोलनकारियों ने सभी आम व प्रशासनिक वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है, हालांकि आपातकालीन स्थिति को देखते हुए केवल एंबुलेंस को ही निकलने का रास्ता दिया जा रहा है। अन्य सभी वाहनों को जुबली पार्क गोलचक्कर से डायवर्ट कर वैकल्पिक मार्गों की ओर भेजा जा रहा है।
घटनास्थल पर बनी विषम परिस्थिति को संभालने के लिए पुलिसकर्मी मौजूद जरूर हैं, लेकिन फिलहाल वे मूकदर्शक बने हुए हैं। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक आंदोलनकारियों के स्वाभिमान की रक्षा नहीं होती और संबंधित अधिकारी के रवैये पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका यह विरोध जारी रहेगा।