
ताजा खबर











रांची: मध्य-पूर्व (मिडल ईस्ट) में छिड़े भीषण युद्ध और ईरान-इजरायल संघर्ष की आग अब झारखंड के घरों तक पहुँच गई है। रांची के रहने वाले अतुल उरांव और उनकी पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा, जो अपने सुनहरे भविष्य के सपने संजोकर हनीमून के लिए दुबई गए थे, अब वहां के बिगड़ते हालातों के बीच फंस गए हैं।

अतुल उरांव, जो Steel Authority of India Limited (सेल) में एक जिम्मेदार अधिकारी हैं, अपनी पत्नी डॉ. कंचन के साथ शादी के बाद छुट्टियां बिताने दुबई गए थे। उनकी वापसी के लिए आज, 4 मार्च के टिकट बुक थे। लेकिन युद्ध के तनाव और हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अचानक रद्द कर दी गईं।
दुबई से जारी एक भावुक वीडियो में इस जोड़े ने अपनी बेबसी जाहिर की है। वीडियो में अतुल और डॉ. कंचन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे वहां असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और जल्द से जल्द झारखंड लौटना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजधानी रांची में उनके परिवार और शुभचिंतकों की चिंता बढ़ा दी है।
“हम यहां फंस गए हैं, सभी फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं। हालात खराब हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी, कृपया हमें वापस सुरक्षित घर बुलाने में मदद करें।” — अतुल उरांव (वायरल वीडियो से)
बता दें कि मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य हमलों और अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद खाड़ी देशों से उड़ान भरना जोखिम भरा हो गया है। दुबई जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हब से भी उड़ानों का संचालन ठप होने से हजारों भारतीय पर्यटक वहां फंस गए हैं, जिनमें रांची का यह जोड़ा भी शामिल है।
झारखंड सरकार और विदेश मंत्रालय से अब उम्मीदें टिकी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग कर सोशल मीडिया पर लोग लगातार इस दंपति की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं। सेल (SAIL) प्रबंधन भी अपने अधिकारी की सुरक्षा को लेकर चिंतित है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में होली की तैयारियों के बीच एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। चाईबासा के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत आरगुंडी गांव में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में विभाग के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) मंटू अग्रवाल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, उत्पाद आयुक्त निरंजन तिवारी को चाईबासा-चक्रधरपुर मुख्य मार्ग के पास स्थित आरगुंडी गांव में अवैध शराब निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी। इस आधार पर 8 से 10 सदस्यीय टीम छापेमारी के लिए गांव पहुंची। जैसे ही टीम ने चिन्हित घर में तलाशी शुरू की, अवैध कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति ने अचानक दावली (धारदार हथियार) से टीम पर हमला बोल दिया।
हमलावर का मुख्य निशाना एएसआई मंटू अग्रवाल बने। आरोपी ने उनके गर्दन और पीठ पर जोरदार वार किया, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। टीम के अन्य सदस्यों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शोर मचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तीर-धनुष और पारंपरिक हथियारों के साथ मौके पर जुट गए और पूरी टीम को गांव से खदेड़ दिया।
गंभीर रूप से घायल मंटू अग्रवाल को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति गंभीर लेकिन स्थिर बनी हुई है। घटना की पुष्टि करते हुए अवर निरीक्षक रामचंद्र ठाकुर ने बताया कि विभाग अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है और यह कार्रवाई उसी का हिस्सा थी।
तीसरी धारा न्यूज की अपील: होली के त्यौहार पर शांति बनाए रखें और कानून को हाथ में न लें। प्रशासन अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त है, ऐसे में जनता का सहयोग अपेक्षित है।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

मुंबई/नई दिल्ली: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के बादलों ने भारतीय शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था की नींव हिला दी है। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक बाजारों में मचे हड़कंप का सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर देखने को मिला। मात्र दो कारोबारी सत्रों में भारतीय निवेशकों की करीब 9.7 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति खाक हो गई है।

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में ‘रक्तपात’ जैसी स्थिति रही। चौतरफा बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक धराशायी हो गए:
युद्ध के डर से विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसे निकालकर सुरक्षित निवेश (जैसे सोना और डॉलर) की ओर रुख किया है। इसका परिणाम यह हुआ कि भारतीय रुपया इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपया 55 पैसे गिरकर 92.03 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा ने 92 का स्तर पार किया है।
बाजार में इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
बिकवाली के इस दौर में सबसे ज्यादा मार दिग्गज कंपनियों पर पड़ी। L&T, इंडिगो, अडानी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस के शेयरों में 3% से 6% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, असली चिंता महंगाई और विकास दर को लेकर है। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को पैनिक (घबराहट) में आकर बिकवाली न करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि के निवेशक इस गिरावट का फायदा उठाकर अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

रांची: झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के विकास को नई ऊंचाई देने पर सहमति बनी है। टाटा समूह ने झारखंड में पारंपरिक स्टील उद्योग से लेकर भविष्य की तकनीक ‘ग्रीन एनर्जी’ तक में भारी निवेश का रोडमैप तैयार किया है।

बैठक का सबसे मुख्य आकर्षण टाटा स्टील द्वारा घोषित 11,000 करोड़ रुपये का निवेश रहा। इस राशि का उपयोग स्टील निर्माण में आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। खास बात यह है कि यह विस्तार पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) होगा, जो झारखंड को औद्योगिक प्रदूषण कम करने में मदद करेगा।
एन. चंद्रशेखरन ने जानकारी दी कि टाटा समूह जमशेदपुर में हाइड्रोजन आधारित ट्रकों के निर्माण पर तेजी से काम कर रहा है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए यह प्रोजेक्ट न केवल परिवहन क्षेत्र में क्रांति लाएगा, बल्कि झारखंड को ‘ग्रीन एनर्जी’ सेक्टर में देश का अग्रणी राज्य बना देगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने टाटा समूह से आग्रह किया कि वे केवल भारी उद्योगों तक सीमित न रहकर ज्ञान आधारित उद्योगों (Knowledge-based industries) जैसे:
औद्योगिक निवेश के साथ-साथ टाटा समूह अब झारखंड के पर्यटन और आतिथ्य (Hospitality) क्षेत्र में भी हाथ आजमाने जा रहा है। समूह रांची में एक बड़े होटल प्रोजेक्ट की संभावनाओं को तलाश रहा है। यदि यह योजना सफल रहती है, तो आने वाले समय में राज्य के अन्य जिलों में भी टाटा के होटल्स देखने को मिल सकते हैं, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
बैठक में मौजूद प्रमुख चेहरे:
इस महत्वपूर्ण चर्चा के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार, टाटा स्टील के एमडी टी.वी. नरेंद्रन, उपाध्यक्ष डी.बी. सुंदररामन और चीफ रेजिडेंट एग्जीक्यूटिव संजय मोहन श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

जमशेदपुर: शहर के व्यापारियों के लिए लंबे समय से खौफ का पर्याय बना कुख्यात अपराधी मनीष सिंह आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मानगो थाना क्षेत्र के गोल्डन लीफ रिसॉर्ट में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया।

हाल ही में जेल से छूटने के बाद मनीष सिंह ने शहर के कई बड़े कारोबारियों से रंगदारी मांगनी शुरू कर दी थी। लगातार मिल रही धमकियों के कारण व्यापार जगत में भारी दहशत का माहौल था। बता दें कि मनीष पर रंगदारी, आर्म्स एक्ट और गोलीबारी समेत कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
मनीष सिंह की गिरफ्तारी में देरी को लेकर पुलिस प्रशासन पर लगातार सवाल उठ रहे थे। इसी लापरवाही के चलते हाल ही में जुगसलाई थाना प्रभारी बैजनाथ कुमार को निलंबित कर दिया गया था। उनकी जगह दो दिन पूर्व ही कमान संभालने वाले नए थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी ने पदभार संभालते ही सक्रियता दिखाई। उन्होंने टीम के साथ रिसॉर्ट में छापेमारी कर इस बड़ी सफलता को अंजाम दिया।
हालांकि पुलिस इसे एक बड़ी कामयाबी मान रही है, लेकिन शहर में इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं भी तेज हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह पुलिसिया दबाव के कारण किया गया एक तरह का ‘सरेंडर’ है। सवाल उठाए जा रहे हैं कि अगर अपराधी को सरेंडर ही करना था तो वह सीधे थाने क्यों नहीं गया? रिसॉर्ट में कमरा लेकर ठहरने और फिर वहां से गिरफ्तारी की कहानी पर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है।
इस गिरफ्तारी के बाद शहर के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब मनीष सिंह से पूछताछ कर रही है ताकि उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क और मददगारों का खुलासा किया जा सके।

जमशेदपुर: झारखंड की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक खुफिया रिपोर्ट सामने आई है। इंटरपोल (Interpol) ने झारखंड सरकार को आगाह किया है कि जमशेदपुर में आतंकी हमले की बड़ी साजिश रची जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में एक दर्जन से अधिक ‘स्लीपर सेल’ मौजूद हैं, जिनके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े होने की आशंका है।

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर में सक्रिय स्लीपर सेल के सदस्य सीमा पार (पाकिस्तान) के संपर्क में हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई संदिग्धों ने पाकिस्तान जाकर हथियारों का प्रशिक्षण भी लिया है। इस इनपुट के बाद राज्य सरकार हाई-लेवल मीटिंग बुलाने की तैयारी कर रही है और IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) व झारखंड इंटेलिजेंस को चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
रिपोर्ट में इस नेटवर्क को लीड करने वाले मुख्य संदिग्ध का नाम भी सामने आया है। आजाद नगर के जाकिरनगर (रोड नंबर-14) निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान इस पूरे सिंडिकेट का नेतृत्व कर रहा है। अर्शियान पिछले 7-8 वर्षों से फरार है और NIA व ATS की टीमें उसकी तलाश में कई बार जमशेदपुर में छापेमारी कर चुकी हैं।
जमशेदपुर में आतंकी गतिविधियों का इतिहास पुराना रहा है:
सुरक्षा एजेंसियों ने शहर की संवेदनशीलता के चार मुख्य कारण बताए हैं:
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने इस रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जमशेदपुर में अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों की मौजूदगी पहले भी देखी गई है। प्रशासन को अपनी खुफिया टीम (Local Intelligence) को सक्रिय कर जल्द से जल्द संदिग्धों को गिरफ्तार करना चाहिए।
वहीं, जमशेदपुर कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि बड़े उद्योग घरानों और संवेदनशील रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के लिए पुलिस को अपना सूचना तंत्र मजबूत करना होगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
तीसरी धारा न्यूज की अपील: शहरवासी सतर्क रहें। अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

मुंबई/दलाल स्ट्रीट: पश्चिम एशिया (इजरायल-ईरान) में बढ़ते युद्ध के तनाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिख रहा है। बुधवार, 4 मार्च को बाजार खुलते ही कोहराम मच गया। भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने गोता लगा दिया है।

आज सुबह बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही। निवेशकों में युद्ध के कारण वैश्विक मंदी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का डर साफ देखा गया:
बाजार में अस्थिरता के बीच विदेशी और घरेलू निवेशकों के रुख में बड़ा अंतर देखा गया है:
बता दें कि सोमवार, 2 मार्च को भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन और तेल बाजार को अनिश्चित कर दिया है। सोमवार को सेंसेक्स जहाँ 1048 अंक टूटकर 80,238 पर बंद हुआ था, वहीं आज की गिरावट ने बाजार को 79,000 के स्तर की ओर धकेल दिया है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ (इंतजार करो और देखो) की नीति अपनानी चाहिए और जल्दबाजी में खरीदारी से बचना चाहिए।

तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और इजरायली हमलों के बीच ईरान में सत्ता के सबसे ऊंचे शिखर पर बड़ा बदलाव हुआ है। सूत्रों के अनुसार, मारे गए अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का अगला ‘सुप्रीम लीडर’ (सर्वोच्च नेता) चुन लिया गया है। ईरान की शक्तिशाली ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने मंगलवार को हुई आपातकालीन वर्चुअल मीटिंग में उनके नाम पर मुहर लगा दी।

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा का चयन ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के भारी दबाव में किया गया है।
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई अपने पिता के ‘इनर सर्कल’ के सबसे प्रभावशाली सदस्य माने जाते रहे हैं।
ईरान के संविधान के अनुसार, 88 सदस्यों वाली मौलवियों की संस्था ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ही सर्वोच्च नेता की नियुक्ति या उसे हटाने का अधिकार रखती है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को दो गोपनीय वर्चुअल मीटिंग्स बुलाई गईं, जिसमें देश की सुरक्षा और स्थिरता को देखते हुए मोजतबा के नाम पर सहमति बनी।
मोजतबा खामेनेई के सामने चुनौतियां पहाड़ जैसी हैं। एक तरफ उनके पिता और पूरी टॉप मिलिट्री लीडरशिप का खात्मा हो चुका है, तो दूसरी तरफ इजरायल और अमेरिका के हमले जारी हैं। उनके नेतृत्व में ईरान की विदेश नीति और परमाणु कार्यक्रम किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
तीसरी धारा न्यूज का विश्लेषण: हालांकि सरकारी मीडिया ने अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि घोषणा केवल सुरक्षा कारणों से रोकी गई है। मोजतबा का आना ईरान में ‘हार्डलाइनर्स’ (कट्टरपंथियों) की पकड़ और मजबूत होने का संकेत है।

मनोरंजन डेस्क: बॉलीवुड के ‘बादशाह’ और दुनिया के सबसे मशहूर अभिनेताओं में शुमार शाहरुख खान इन दिनों एक अजीबोगरीब वजह से अंतरराष्ट्रीय चर्चा में हैं। ऑस्ट्रेलिया के मशहूर क्विज़ शो ‘मिलियनेयर हॉट सीट’ (Millionaire Hot Seat) का एक वीडियो और स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है, जिसने ‘ग्लोबल आइकन’ की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है।

’मिलियनेयर हॉट सीट’ (जो भारत के केबीसी जैसा ही शो है) में एक कंटेस्टेंट से 50,000 ऑस्ट्रेलियन डॉलर के लिए सवाल पूछा गया: “शाहरुख खान मुख्य रूप से किस क्षेत्र में अपने काम के लिए जाने जाते हैं?”
सवाल के चार विकल्प थे:
हैरानी की बात यह रही कि कंटेस्टेंट को शाहरुख के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और उसने ‘सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट’ विकल्प चुन लिया।
कंटेस्टेंट के इस गलत जवाब ने इंटरनेट पर दो फाड़ कर दिए हैं। जहां शाहरुख के आलोचक उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, वहीं फैंस उनके बचाव में उतर आए हैं।
यह बहस इस बात पर टिक गई है कि क्या वाकई कोई कलाकार पूरी दुनिया में एक जैसा मशहूर हो सकता है? शाहरुख खान को लॉस एंजिल्स से लेकर लंदन और दुबई तक करोड़ों लोग जानते हैं, लेकिन इस घटना ने दिखाया कि दुनिया के कुछ हिस्सों में अब भी लोग उनके नाम से अनजान हैं।

तेहरान/तेल अवीव: पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान को एक और बड़ा झटका लगा है। इजरायली मीडिया के दावों के अनुसार, ईरान के नव-नियुक्त कार्यवाहक रक्षा मंत्री सैयद माजिद अब अल-रेज़ा (Sayyed Majid Ebn Al-Reza) एक हवाई हमले में मारे गए हैं। यह घटना तब सामने आई है जब ईरान अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और पूरी सैन्य कमान के खात्मे के बाद अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के साझा हमले (ऑपरेशन रोरिंग लायन) में ईरान के पूर्व रक्षा मंत्री जनरल अजीज नासिरजादेह और सेना प्रमुख अब्दुल रहीम मौसवी मारे गए थे। नासिरजादेह की मौत के बाद राष्ट्रपति मसूद पेजेशक्यान ने तत्काल प्रभाव से ब्रिगेडियर जनरल सैयद माजिद अब अल-रेज़ा को रक्षा मंत्रालय की कमान सौंपी थी। लेकिन कार्यभार संभालने के महज 48 घंटों के भीतर ही वे भी हमले का शिकार हो गए।
सैयद माजिद ईरान के बेहद प्रभावशाली सैन्य अधिकारियों में गिने जाते थे:
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे “अस्तित्व के खतरों को खत्म करने का अभियान” बताया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ईरान में शासन परिवर्तन (Regime Change) का एक बड़ा अवसर करार दिया है।
मंगलवार (3 मार्च) को युद्ध के चौथे दिन भी तेहरान और आसपास के इलाकों में बमबारी जारी है। ईरानी रेड क्रेसेंट के मुताबिक, अब तक 787 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरा विश्व एक बड़े आर्थिक और ऊर्जा संकट की कगार पर खड़ा है।
तीसरी धारा न्यूज की विशेष रिपोर्ट।