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BREAKING: जमशेदपुर में आतंकी हमले का ‘इंटरपोल’ अलर्ट; एक दर्जन से ज्यादा स्लीपर सेल सक्रिय, निशाने पर टाटा स्टील और टाटा मोटर्स

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​जमशेदपुर: झारखंड की औद्योगिक राजधानी जमशेदपुर को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और चिंताजनक खुफिया रिपोर्ट सामने आई है। इंटरपोल (Interpol) ने झारखंड सरकार को आगाह किया है कि जमशेदपुर में आतंकी हमले की बड़ी साजिश रची जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, शहर में एक दर्जन से अधिक ‘स्लीपर सेल’ मौजूद हैं, जिनके तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े होने की आशंका है।

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​पाकिस्तान से मिल रहा प्रशिक्षण और निर्देश

​सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर में सक्रिय स्लीपर सेल के सदस्य सीमा पार (पाकिस्तान) के संपर्क में हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से कई संदिग्धों ने पाकिस्तान जाकर हथियारों का प्रशिक्षण भी लिया है। इस इनपुट के बाद राज्य सरकार हाई-लेवल मीटिंग बुलाने की तैयारी कर रही है और IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) व झारखंड इंटेलिजेंस को चौबीसों घंटे निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

​सैयद मोहम्मद अर्शियान: नेटवर्क का मास्टरमाइंड!

​रिपोर्ट में इस नेटवर्क को लीड करने वाले मुख्य संदिग्ध का नाम भी सामने आया है। आजाद नगर के जाकिरनगर (रोड नंबर-14) निवासी सैयद मोहम्मद अर्शियान इस पूरे सिंडिकेट का नेतृत्व कर रहा है। अर्शियान पिछले 7-8 वर्षों से फरार है और NIA व ATS की टीमें उसकी तलाश में कई बार जमशेदपुर में छापेमारी कर चुकी हैं।

​अलकायदा कनेक्शन और पुरानी कड़ियां

​जमशेदपुर में आतंकी गतिविधियों का इतिहास पुराना रहा है:

  • ​अब्दुल शमी: 2016 में दिल्ली पुलिस ने अलकायदा से जुड़े आतंकी अब्दुल शमी को गिरफ्तार किया था, जो पाकिस्तान में ट्रेनिंग ले चुका था।
  • ​अब्दुल रहमान उर्फ कटकी: ओडिशा के कटक से पकड़े गए कटकी को झारखंड और ओडिशा में अलकायदा का नेटवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी। शमी इसी कटकी का करीबी था।

​आतंकियों के निशाने पर क्यों है जमशेदपुर?

​सुरक्षा एजेंसियों ने शहर की संवेदनशीलता के चार मुख्य कारण बताए हैं:

  1. ​औद्योगिक केंद्र: टाटा स्टील और टाटा मोटर्स जैसी राष्ट्रीय महत्व की इकाइयां ‘हाई इम्पैक्ट टारगेट’ हैं।
  2. ​कनेक्टिविटी: ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार से सीधी सीमाएं संदिग्धों की आवाजाही को आसान बनाती हैं।
  3. ​लॉजिस्टिक हब: टाटानगर रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे का मजबूत नेटवर्क।
  4. ​इतिहास: पूर्व में सिमी (SIMI) और अलकायदा के संदिग्धों की यहाँ से गिरफ्तारी हो चुकी है।

​सियासी और कानूनी हलकों में चिंता

​जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने इस रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जमशेदपुर में अंतर्राष्ट्रीय अपराधियों की मौजूदगी पहले भी देखी गई है। प्रशासन को अपनी खुफिया टीम (Local Intelligence) को सक्रिय कर जल्द से जल्द संदिग्धों को गिरफ्तार करना चाहिए।

​वहीं, जमशेदपुर कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि बड़े उद्योग घरानों और संवेदनशील रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के लिए पुलिस को अपना सूचना तंत्र मजबूत करना होगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

​तीसरी धारा न्यूज की अपील: शहरवासी सतर्क रहें। अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

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