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जमशेदपुर: कोर्ट के आदेश को भी ठेंगा दिखा रही बिष्टुपुर पुलिस, कार लूट मामले में अब तक दर्ज नहीं की FIR

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जमशेदपुर, 24 मई 2026: लौहनगरी में पुलिसिया कार्यशैली पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अब आलम यह है कि आम जनता तो दूर, बिष्टुपुर पुलिस के लिए माननीय न्यायालय का आदेश भी कोई मायने नहीं रखता। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत द्वारा आदेश जारी किए जाने के बावजूद बिष्टुपुर थाना पुलिस ने पीड़ित की प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की है। इस संबंध में पीड़ित ने 15 मई 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) जमशेदपुर को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।IMG 20260524 WA0007 IMG 20260524 WA0006

​क्या है पूरा मामला?

​मामला कार लूट और मारपीट से जुड़ा है। सोनारी सीपी क्लब के रहने वाले नरेश कुमार के साथ गत 11 जनवरी 2026 की शाम को यह वारदात हुई थी। पीड़ित नरेश कुमार ने बताया कि 11 जनवरी की शाम वे बिष्टुपुर में अपनी कार (संख्या: JH-05DD-9486) पार्क कर जुडियो मॉल (Zudio Mall) जा रहे थे। इसी दौरान करणदीप सिंह नामक व्यक्ति (मोबाइल धारक: 7979810030) उनके पास आया और उन्हें बातों में उलझा लिया।b 1

​जबरन कार में बैठाकर मारपीट, कोरे कागज पर लिखवाया अंगूठा

​पीड़ित के अनुसार, कुछ ही देर में एक अन्य कार से करणदीप के 5-6 साथी वहां आ धमके। उन लोगों ने नरेश कुमार के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जबरन अपनी कार में बैठा लिया। चलती कार में नरेश के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनकी आंख, चेहरे और छाती पर गंभीर चोटें आईं।a 2

​इसके बाद आरोपी उन्हें साकची गाढ़ाबासा स्थित एक कमरे में ले गए। वहां आरोपियों ने पीड़ित और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर एक कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए और जबरन लिखवा लिया कि पैसे के एवज में कार बेच दी गई है। डरे-सहमे नरेश कुमार ने अपनी जान बचाने के लिए आरोपियों की बात मान ली। आरोपी उनकी कार लूटकर फरार हो गए, जो आज तक बरामद नहीं हो सकी है।

​थाना से लेकर SSP तक नहीं हुई सुनवाई, तब ली कोर्ट की शरण

​पीड़ित नरेश कुमार ने कार बरामदगी और आरोपियों पर कार्रवाई के लिए घटना के दिन ही यानी 11 जनवरी को बिष्टुपुर थाना में और 14 जनवरी को वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी थी। जब पुलिस स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो थक-हारकर पीड़ित को अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा।

​न्यायालय में शिकायत वाद दर्ज होने के बाद, दिनांक 13 अप्रैल 2026 को माननीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत ने धारा 175(4) BNNS 2023 के तहत बिष्टुपुर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश जारी किया। यह आदेश बिष्टुपुर पुलिस को दिनांक 28 अप्रैल 2026 को प्राप्त भी हो गया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक मामले में केस दर्ज नहीं किया है।

​अदालत और एसएसपी के आदेशों की सरेआम अनदेखी करने वाली बिष्टुपुर पुलिस की भूमिका अब संदेह के घेरे में है। पीड़ित परिवार आज भी खौफ के साए में जीने को मजबूर है और इंसाफ के लिए दर-दर भटक रहा है।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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