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सोनारी थाना क्षेत्र में अवैध धंधेबाजों का ‘राज’: पुलिस और माफिया की ‘जुगलबंदी’ से जनता त्रस्त, वर्दी पर उठ रहे गंभीर सवाल

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​जमशेदपुर: सोनारी थाना क्षेत्र इन दिनों अपराध और अवैध कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा आम है कि थाना अब पुलिस पदाधिकारियों के हाथ में नहीं, बल्कि अवैध धंधेबाजों के रहम-ओ-करम पर चल रहा है। आरोप है कि पुलिस और अपराधियों की इस ‘मिलीभगत’ के कारण क्षेत्र में चोरी और स्नैचिंग जैसी घटनाएं आम बात हो गई हैं, जबकि वरीय पुलिस पदाधिकारियों को इस जमीनी हकीकत से पूरी तरह अंधेरे में रखा गया है।

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​अवैध कारोबारियों की लंबी फेहरिस्त: कौन चला रहा ‘समानांतर सरकार’?

​सोनारी के विभिन्न इलाकों में गांजा, शराब, मटका और अवैध लॉटरी का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन गिरोहों में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • ​नशीले पदार्थ और लॉटरी: गुदड़ी बाजार का किशन बालमुचू, एरोड्रम बाजार का सूरज साहू, राम मंदिर चौक का शंकर, कागल नगर टेंपो स्टैंड का गंगा कर्मकार, खूंटाडीह का मनी दास, लहरी बस्ती का कलाम व शफीक और सेंटर कागलनगर का ननका।
  • ​लॉटरी माफिया: बंटी और जीतू प्रसाद के गिरोह सक्रिय हैं। चर्चा है कि बंटी माफिया ने पुलिस के कथित सहयोग से परदेसी पाड़ा में एक घर पर अवैध कब्जा भी कर रखा है।
  • ​बालू माफिया: परशुराम महतो, शिवलाल महतो, श्रीनिवास महतो, पिंटू, विवेक सिंह और विजय प्रसाद जैसे नाम सोनारी थाना के कथित संरक्षण में बालू का अवैध कारोबार संचालित कर रहे हैं।

​वसूली का अड्डा बना अतिक्रमण

​आरोप है कि सरकारी और टिस्को की जमीनों पर अतिक्रमण कर घर बनाने के खेल में पीसीआर (PCR) और टाइगर मोबाइल के जवान अवैध वसूली में लिप्त रहते हैं। कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है और छोटे-मोटे प्यादों को जेल भेजकर मुख्य माफियाओं को सुरक्षित बचा लिया जाता है।

​स्थानांतरण के बावजूद ‘जमे’ हैं अधिकारी: आखिर क्यों?

​सोनारी क्षेत्र में इन धंधेबाजों के बढ़े मनोबल का एक मुख्य कारण पुलिस अधिकारियों का लंबे समय तक एक ही थाने में जमे रहना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार:

​”दारोगा शिवम राज, एएसआई योगेश, एएसआई उमेश सिंह, एएसआई संजय यादव और एएसआई मनोज पांडेय जैसे अधिकारी पिछले तीन वर्षों से स्थानांतरण के बावजूद घूम-फिरकर दोबारा इसी थाने में पदस्थापित हो जाते हैं। इन अधिकारियों के कथित आतंक और कार्यशैली से जनता में भारी रोष है।”

​वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग

​सोनारी की जनता अब पुलिस महानिरीक्षक और एसएसपी से मांग कर रही है कि इस ‘थाना-माफिया नेक्सस’ को तोड़ा जाए और वर्षों से एक ही थाने में जमे अधिकारियों पर नकेल कसी जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बहाल हो सके।

​ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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