तीसरी धारा न्यूज / जमशेदपुर:
जमशेदपुर में आगामी डांडिया और गरबा उत्सव को लेकर सांस्कृतिक मर्यादा बनाए रखने की मांग तेज हो गई है। ‘सेवा ही लक्ष्य (युवाशक्ति)’ संस्था की ओर से शहर के आयोजकों से यह विशेष अपील की गई है कि धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों के दौरान किसी भी प्रकार के अश्लील, द्विअर्थी और अभद्र गानों का प्रयोग न किया जाए। संस्था ने इसे लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से भी सख्त दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।
सांस्कृतिक परंपरा और नारी सम्मान से जुड़ा है पर्व
संस्था के संस्थापक श्री पीयूष ठाकुर ने कहा कि डांडिया और गरबा हमारी सनातन सांस्कृतिक परंपरा और माता दुर्गा की आराधना से जुड़े पवित्र उत्सव हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में माताएं, बहनें, युवतियां और छोटे बच्चे शामिल होते हैं। ऐसे में डीजे और कार्यक्रमों पर बजने वाले संगीत की मर्यादा का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि पारिवारिक माहौल सुरक्षित बना रहे।
पारंपरिक और भक्ति संगीत को प्राथमिकता देने की अपील
संस्था की ओर से जारी अपील में स्पष्ट किया गया है कि उनका उद्देश्य किसी भी सांस्कृतिक या व्यावसायिक आयोजन का विरोध करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि त्योहारों की पवित्रता और सामाजिक सौहार्द को कायम रखना है। आयोजकों से अनुरोध किया गया है कि वे आधुनिक फूहड़ गानों के बजाय पारंपरिक गरबा, भक्ति गीत और मर्यादित संगीत को ही प्राथमिकता दें।
प्रशासन से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह
‘सेवा ही लक्ष्य’ संस्था ने जमशेदपुर जिला एवं पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सभी डांडिया पंडालों और आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाए। साथ ही, महिला सुरक्षा और सांस्कृतिक मर्यादा के उल्लंघन को रोकने के लिए आयोजकों हेतु कड़े नियम और निर्देश तय किए जाएं, ताकि शहर में पर्व का माहौल शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हो सके।
📌 तीसरी धारा न्यूज
त्योहार हमारी संस्कृति की पहचान हैं, उनकी पवित्रता और मर्यादा बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है!


















