एक नई सोच, एक नई धारा

झारखंड में कोचिंग संस्थानों पर कसा शिकंजा: राज्यपाल ने ‘कोचिंग सेंटर विनियमन विधेयक-2025’ को दी मंजूरी

1002302846
SFD

रांची: झारखंड के शिक्षा जगत में पारदर्शिता और अनुशासन लाने के लिए मंगलवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ‘झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक-2025’ को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही राज्य में अब कोचिंग सेंटरों के लिए पंजीकरण से लेकर फीस और सुरक्षा तक के कड़े नियम प्रभावी हो जाएंगे।

1002302846

अनिवार्य पंजीकरण और त्रिस्तरीय ढांचा

​नए कानून के तहत, राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों को सरकारी वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

  • समयसीमा: कानून लागू होने के 6 महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।
  • कैंपस नियम: एक ही संस्थान के अलग-अलग जिलों या क्षेत्रों में स्थित हर कैंपस का अलग पंजीकरण अनिवार्य है।
  • नियामक समिति: जिला स्तर पर उपायुक्त (DC) की अध्यक्षता में समिति बनेगी, जबकि राज्य स्तर पर सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी की अध्यक्षता में प्राधिकरण का गठन होगा।

छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर जोर

​विधेयक में छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए क्रांतिकारी प्रावधान किए गए हैं:

  • काउंसलर की नियुक्ति: हर 1000 छात्रों पर एक मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर रखना अनिवार्य होगा।
  • निःशुल्क सेवा: साल में कम से कम 200 दिनों तक छात्रों को मुफ्त काउंसलिंग देनी होगी।
  • समय सीमा: कोचिंग संस्थान केवल सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक ही संचालित किए जा सकेंगे।

भ्रामक विज्ञापनों और फीस पर लगाम

​अक्सर देखा जाता है कि कोचिंग संस्थान सफलता के गलत दावे कर छात्रों को लुभाते हैं, अब ऐसा करना भारी पड़ेगा:

  • विज्ञापन नियम: रैंक, मार्क्स या सफलता दर को लेकर झूठे दावे करने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
  • पारदर्शिता: फीस स्ट्रक्चर को नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करना होगा और रिफंड पॉलिसी को वेबसाइट पर सार्वजनिक करना अनिवार्य है।
  • बैंक गारंटी: नगर निगम क्षेत्रों में 5 लाख, नगर परिषदों में 1 लाख और अन्य क्षेत्रों में 50 हजार रुपये की बैंक गारंटी देनी होगी।

उल्लंघन पर भारी जुर्माना और सजा

​नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के लिए दंड के कड़े प्रावधान हैं:

  1. पहली बार उल्लंघन: 5 लाख रुपये तक का जुर्माना।
  2. दूसरी बार उल्लंघन: 10 लाख रुपये तक का जुर्माना।
  3. तीसरी बार: पंजीकरण रद्द (Cancel) कर दिया जाएगा और संस्थान को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
error: Content is protected !!