एक नई सोच, एक नई धारा

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जमशेदपुर: गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा में श्रद्धा के साथ मनाया गया बाबा दीप सिंह जी का जन्मदिवस; प्रधान भगवान सिंह सम्मानित

जमशेदपुर, 31 जनवरी 2026: जुगसलाई स्थित गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा कमेटी द्वारा महान सिख शहीद बाबा दीप सिंह जी का जन्मदिवस (प्रकाश उत्सव) अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विशेष कीर्तन दरबार सजाया गया और पंथ की सेवा करने वाली प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया।

कीर्तन और गुरुमत विचार

​धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत ज्ञानी गुरदीप सिंह निक्कू के कीर्तनी जत्थे द्वारा की गई, जिन्होंने अपनी सुमधुर आवाज में गुरुबाणी कीर्तन और गुरमत विचारों के जरिए संगत को निहाल किया।

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दोबारा प्रधान चुने जाने पर भगवान सिंह का अभिनंदन

​इस समारोह का एक मुख्य आकर्षण सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC) के वर्तमान प्रधान भगवान सिंह का सम्मान रहा। उन्हें अगले 3 वर्षों के लिए पुनः निर्विरोध प्रधान चुने जाने पर गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा कमेटी ने पूरी टीम के साथ ‘सरोपा’ और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

सिख जगत की प्रमुख हस्तियां हुईं सम्मानित

​गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सीजीपीसी की पूरी टीम को सम्मानित किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • सरदार शैलेंद्र सिंह (चेयरमैन, सीजीपीसी)
  • चंचल सिंह (उपाध्यक्ष)
  • अमरजीत सिंह व गुरचरण सिंह बिल्ला (महासचिव)
  • सुरेंद्र सिंह शिंदे व पतवंत सिंह (सलाहकार)
  • गुरदीप सिंह सलूजा (संपादक, सिख चैनल)

बाबा दीप सिंह जी के जीवन पर प्रकाश

​अपने संबोधन में भगवान सिंह और शैलेंद्र सिंह ने बाबा दीप सिंह जी के अद्वितीय बलिदान और वीरता के बारे में संगत को बताया। उन्होंने कहा कि बाबा जी का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने और धर्म की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने भव्य आयोजन के लिए सुरेंद्र सिंह और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​कार्यक्रम को सफल बनाने में अमरजीत सिंह गांधी, सरबजीत सिंह बाउ, हरजीत सिंह लाडी, पम्मा, हरमीत सिंह, और नौजवान सभा के प्रधान जुगनू सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्त्री सत्संग सभा की ओर से प्रधान इंद्रजीत कौर, रज्जी कौर और सतवंत कौर सहित बड़ी संख्या में संगत ने माथा टेका और गुरु का लंगर छका।

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जमशेदपुर: सिंहभूम डाक प्रमंडल के दो ‘स्तंभ’ हुए सेवानिवृत्त; उमेश कुमार और महेश नायक को दी गई भावभीनी विदाई

जमशेदपुर, 31 जनवरी 2026: भारतीय डाक विभाग के सिंहभूम प्रमंडल में आज एक युग का समापन हुआ। अपनी निष्ठावान और लंबी सेवाओं के बाद श्री उमेश कुमार और श्री महेश नायक राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। स्थानीय मंडलीय कार्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में दोनों अनुभवी कर्मियों को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

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वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहा समर्पण

​विदाई समारोह में सिंहभूम मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक श्री उदयभान सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने दोनों कर्मियों को पुष्प गुच्छ भेंट करते हुए कहा:

​”विभाग के प्रति उमेश जी और महेश जी का समर्पण और कार्यकुशलता आने वाली पीढ़ी के कर्मचारियों के लिए एक मिसाल है। डाक विभाग जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में निष्कलंक सेवा देना अत्यंत गर्व की बात है।”

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​वरीय डाक पाल श्री सुधीर कुमार और उप डाक अधीक्षक श्री विश्वजीत रॉय ने भी अपने संबोधन में दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की।

सम्मान और स्मृतियों का संगम

​विदाई की बेला में सहकर्मियों की आंखें नम थीं। कार्यालय के सदस्यों ने अपनी आत्मीयता प्रकट करते हुए दोनों वरिष्ठ साथियों को:

  • स्मृति चिह्न (मोमेंटो) और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
  • ​उपहार भेंट किए और उनके साथ बिताए गए दशकों पुराने पेशेवर अनुभवों को साझा किया।

मंच संचालन और धन्यवाद

​समारोह का जीवंत संचालन श्रीमती रीना रानी भकत द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर श्री सुनील कुमार दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार जताया और विदा ले रहे साथियों के सुखद सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामना की।

एक नज़र में कार्यक्रम:

  • संस्थान: सिंहभूम डाक प्रमंडल, जमशेदपुर।
  • सेवानिवृत्त कर्मी: श्री उमेश कुमार एवं श्री महेश नायक।
  • मुख्य अतिथि: वरिष्ठ डाक अधीक्षक श्री उदयभान सिंह।
  • मुख्य आकर्षण: सम्मान समारोह एवं स्मृति चिह्न भेंट।
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सी. सुब्रमण्यम—भारत की ‘हरित क्रांति’ के वे गुमनाम नायक, जिन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाया

नई दिल्ली: आधुनिक भारत के इतिहास में जब भी कृषि और खाद्य सुरक्षा की बात होगी, चिदंबरम सुब्रमण्यम का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिया जाएगा। पूर्व केंद्रीय खाद्य और कृषि मंत्री, जिन्हें ‘भारत की हरित क्रांति का वास्तुकार’ कहा जाता है, एक ऐसे नेता थे जिन्होंने देश को भुखमरी के मुहाने से निकालकर अन्न के भंडार तक पहुँचाया, लेकिन कभी इसका व्यक्तिगत श्रेय नहीं लिया।

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संकट के समय में ‘साहसी’ नेतृत्व

​1960 के दशक में भारत एक गंभीर खाद्यान्न संकट और अकाल की स्थिति से जूझ रहा था। उस समय भारत अनाज के लिए पूरी तरह से अमेरिका (PL-480 आयात) पर निर्भर था। कृषि मंत्री के रूप में सुब्रमण्यम ने एक साहसिक निर्णय लिया—उन्होंने पारंपरिक खेती को वैज्ञानिक पद्धति में बदलने का बीड़ा उठाया।

हरित क्रांति के स्तंभ: बीज, उर्वरक और विज्ञान

​सुब्रमण्यम ने केवल नीतियां नहीं बनाईं, बल्कि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच की दूरी को मिटाया। उनके योगदान के मुख्य बिंदु थे:

  • वैज्ञानिक साझेदारी: उन्होंने प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन के साथ मिलकर कार्य किया।
  • HYV बीजों की शुरुआत: अधिक उपज देने वाली किस्म (HYV) के बीजों और रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को प्रोत्साहित किया।
  • सिंचाई और समर्थन: पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुनिश्चित सिंचाई और बफर स्टॉक तंत्र की नींव रखी।

शिक्षा से रक्षा तक: एक बहुआयामी व्यक्तित्व

​सुब्रमण्यम केवल कृषि तक सीमित नहीं थे। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी और कुशल प्रशासक भी थे:

  • शिक्षा: उन्होंने भारत में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई IITs और इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • रक्षा: 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान रक्षा मंत्री के रूप में उनकी भूमिका निर्णायक रही।
  • वित्त और उद्योग: तमिलनाडु और केंद्र सरकार में वित्त और इस्पात मंत्रालयों को संभालते हुए उन्होंने औद्योगिक विकास को नई दिशा दी।

विरासत और सम्मान

​राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा और दूरदर्शिता को देखते हुए, 1998 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया। 7 नवंबर 2000 को उनके निधन के बाद भी, भारत का गेहूं और चावल उत्पादन में विश्व में अग्रणी होना उनकी सबसे बड़ी विरासत है।

“वे सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध और निर्णयों में साहसी थे। विरोध के बावजूद अपने विश्वास पर दृढ़ रहना उनकी सबसे बड़ी खूबी थी।”

निष्कर्ष

​सी. सुब्रमण्यम का जीवन सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। आज जब हम खाद्य सुरक्षा का आनंद ले रहे हैं, तो यह उन “भगीरथी प्रयासों” का परिणाम है जो सुब्रमण्यम ने दशकों पहले किए थे। वे सच्चे अर्थों में आधुनिक भारत के निर्माता थे।

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पोटका: कालिकापुर राधा गोविंद मंदिर में बनेगा भव्य ‘शिखर चूड़ा’, ग्रामीणों ने लिया संकल्प

पोटका, 31 जनवरी 2026: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत कालिकापुर स्थित ऐतिहासिक राधा गोविंद मंदिर की भव्यता में जल्द ही चार चांद लगने वाले हैं। जया एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार को मंदिर प्रांगण में आयोजित एक विशेष बैठक में ग्रामीणों और भक्तों ने सर्वसम्मति से मंदिर के ‘शिखर चूड़ा’ निर्माण का निर्णय लिया है।

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भक्तों और प्रतिनिधियों का जुटा महासंगम

​बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, मंदिर पुजारी और बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान मंदिर की संरचना को पूर्ण और आकर्षक बनाने हेतु शिखर चूड़ा निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने का संकल्प लिया गया।

प्रमुख उपस्थित सदस्य:

  • जनप्रतिनिधि: पंचायत समिति सदस्य दीपक कुमार भकत, ग्राम प्रधान सुबल चन्द्र भकत, वॉर्ड सदस्य वंदना कैवर्त और सरस्वती भकत।
  • पुजारी वर्ग: मुख्य पुजारी तरणीसेन दास एवं सह-पुजारी रजनी कांत दास।
  • महिला समिति: ‘माता शची ठाकुरानी महिला समिति’ की अध्यक्ष शची रानी भकत के नेतृत्व में दर्जनों महिला सदस्य।

सहयोग की अपील

​मुख्य पुजारी तरणीसेन दास ने इस पुनीत कार्य के लिए सभी कृष्ण प्रेमियों और भक्तों से श्रद्धा अनुसार तन, मन और धन से सहयोग करने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि मंदिर का शिखर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे गांव की एकता और संस्कृति का भी केंद्र बनेगा।

सामुदायिक एकता की मिसाल

​बैठक के दौरान मंदिर संचालन समिति और ग्रामीणों ने मिलकर निर्माण कार्य की रूपरेखा पर चर्चा की। इस अवसर पर रामकृष्ण भकत, वी.वी. करण, दिलीप भकत, तापस दत्त, और समीर भकत सहित सैकड़ों की संख्या में कृष्ण प्रेमी उपस्थित थे, जिन्होंने इस कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

एक नज़र में मुख्य विवरण:

  • स्थान: राधा गोविंद मंदिर, कालिकापुर (पोटका)।
  • निर्णय: शिखर चूड़ा का निर्माण।
  • अवसर: जया एकादशी के पावन उपलक्ष्य में।
  • प्रमुख समिति: माता शची ठाकुरानी महिला समिति।
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शोक: बंगाल इंजीनियर्स के जवान प्रनन्य कुमार शर्मा का निधन, कल जमशेदपुर के स्वर्णरेखा घाट पर दिया जाएगा ‘गार्ड ऑफ ऑनर’

जमशेदपुर, 31 जनवरी 2026: जमशेदपुर के राहरगोड़ा निवासी और भारतीय सेना के ‘बंगाल इंजीनियर्स’ में कार्यरत प्रनन्य कुमार शर्मा (46 वर्ष) का रुड़की में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से निधन हो गया। वीर जवान का पार्थिव शरीर हवाई मार्ग से रांची और फिर वहां से एम्बुलेंस द्वारा जमशेदपुर लाया गया है। वर्तमान में उनके पार्थिव शरीर को टाटा मोटर्स अस्पताल के मर्चरी में रखा गया है।

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कल सुबह दी जाएगी अंतिम विदाई

​जवान प्रनन्य कुमार शर्मा की अंतिम यात्रा कल, यानी 1 फरवरी को निकाली जाएगी। कार्यक्रम का विवरण इस प्रकार है:

  • सुबह 9:00 बजे: पार्थिव शरीर टाटा मोटर्स अस्पताल से उनके राहरगोड़ा स्थित निवास स्थान पर ले जाया जाएगा।
  • पारिवारिक रस्म: आवास पर धार्मिक रीति-रिवाजों के बाद भारतीय सेना की ओर से उन्हें सम्मान स्वरूप राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) भेंट किया जाएगा।
  • सुबह 11:00 बजे: अंतिम यात्रा भुइयांडीह स्थित स्वर्णरेखा घाट पहुंचेगी।

सेना देगी ‘गार्ड ऑफ ऑनर’

​स्वर्णरेखा घाट पर भारतीय सेना की टुकड़ी अपने वीर साथी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ (सलामी) देगी। इस गौरवपूर्ण और भावुक क्षण में जल, थल और नभ—तीनों सेनाओं के पूर्व सैनिक भी शामिल होंगे और पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देंगे। पूर्व सैनिक सुशील कुमार सिंह ने बताया कि सेना द्वारा इसकी पूरी तैयारी की जा रही है।

मूल रूप से बांका के निवासी थे प्रनन्य

​प्रनन्य कुमार शर्मा मूल रूप से बिहार के चांदन (बांका) के रहने वाले थे। वे अपने पीछे पत्नी प्रिया शर्मा, बेटी प्राची शर्मा और भाई के परिवार को छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर से राहरगोड़ा क्षेत्र और उनके पैतृक गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

श्रद्धांजलि: देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जांबाज सैनिक प्रनन्य कुमार शर्मा को उनकी कर्तव्यनिष्ठा के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। ‘टीम जेमिनी’ की ओर से वीर जवान को विनम्र श्रद्धांजलि।

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जमशेदपुर: ‘स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान’ का आगाज; सिविल सर्जन बोले- “व्यवहार में उतारें गांधीजी के आदर्श”

जमशेदपुर, 31 जनवरी 2026: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि और ‘एंटी लेप्रोसी डे’ के अवसर पर साकची स्थित शहरी कुष्ठ केंद्र में “स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान-2026” का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों और गणमान्य अतिथियों ने बापू के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

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13 फरवरी तक चलेगा विशेष पखवाड़ा

​जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने बताया कि यह अभियान 30 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान:

  • ​सहिया दीदी घर-घर, स्कूल, आंगनवाड़ी और हाट-बाजारों में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता फैलाएंगी।
  • ​ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा और कुष्ठ रोग से मुक्त हुए व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।

जिले में मिले 127 नए मरीज, मुफ्त इलाज शुरू

​जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि नवंबर-दिसंबर 2025 में चलाए गए खोज अभियान के दौरान जिले में 127 नए कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई है। इन सभी मरीजों को नि:शुल्क MDT (Multi-Drug Therapy) दवा उपलब्ध करा दी गई है।

सिविल सर्जन की अपील: “कुष्ठ रोगियों से करें सामान्य व्यवहार”

​मुख्य अतिथि और सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने अपने संबोधन में गांधीजी के ‘कुष्ठ मुक्त समाज’ के सपने को याद किया। उन्होंने कहा:

​”कुष्ठ उन्मूलन की शपथ केवल कागजों तक सीमित न रहे, इसे अपने व्यवहार में लाएं। कुष्ठ रोगियों के साथ सामान्य व्यवहार करें और उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास करें। ईमानदारी और निष्ठा से किया गया प्रयास ही हमें सफलता दिलाएगा।”

सम्मान से खिले चेहरे: 84 लोगों को मिला ‘निकुष्ठ सेवा सम्मान’

​कार्यक्रम के दौरान कुष्ठ उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले योद्धाओं को सम्मानित किया गया:

  • निकुष्ठ शिक्षा सम्मान: कुष्ठ आश्रमों के बच्चों को प्रदान किया गया।
  • निकुष्ठ सेवा सम्मान: जिले के विभिन्न केंद्रों से आईं सहियाओं और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों सहित कुल 84 लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

शपथ के साथ हुआ समापन

​कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने उपायुक्त (DC) द्वारा हस्ताक्षरित संदेश को पढ़कर कुष्ठ उन्मूलन की सामूहिक शपथ ली। इस दौरान अपाल इंडिया के उपाध्यक्ष जवाहर राम पासवान और जिला कुष्ठ कल्याण समिति के महामंत्री मो. जैनुद्दीन ने स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना की।

एक नजर में अभियान:

विवरणजानकारी
अभियान का नामस्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान-2026
अवधि30 जनवरी से 13 फरवरी 2026
मुख्य लक्ष्यकुष्ठ मुक्त समाज और जागरूकता
हालिया उपलब्धि127 नए मरीजों की पहचान और मुफ्त इलाज
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जमशेदपुर: उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने जनता दरबार में सुनीं समस्याएं, 40 से अधिक आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश

जमशेदपुर, 30 जनवरी 2026: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) श्री कर्ण सत्यार्थी ने शुक्रवार को समाहरणालय में आयोजित ‘जन शिकायत निवारण दिवस’ के माध्यम से जिले के नागरिकों की समस्याओं का सीधा समाधान किया। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों और शहरी क्षेत्रों से आए 40 से अधिक लोगों ने अपनी शिकायतें और सुझाव उपायुक्त के समक्ष रखे।

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इन प्रमुख समस्याओं पर रहा फोकस

​जनता दरबार के दौरान आवेदकों ने विविध समस्याओं को लेकर अपनी बात रखी, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल थे:

  • भूमि संबंधी विवाद: अवैध कब्जा, जमीन से जुड़ी धमकी और भू-विवाद के मामले।
  • सामाजिक कल्याण: राशन कार्ड, मंइयां सम्मान योजना का लाभ और झारखंड आंदोलनकारियों द्वारा पेंशन की मांग।
  • शिक्षा एवं स्वास्थ्य: बच्चों के नामांकन में आ रही बाधाएं और चिकित्सकीय इलाज हेतु सहायता।
  • प्रशासनिक मांगें: दुकान आवंटन और आर्म्स लाइसेंस से संबंधित आवेदन।
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ऑन द स्पॉट समाधान और अधिकारियों को अल्टीमेटम

​उपायुक्त ने संवेदनशीलता दिखाते हुए कई शिकायतों का मौके पर ही (On the Spot) निष्पादन कर दिया। शेष आवेदनों के लिए उन्होंने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को कड़ी हिदायत दी:

  1. समयबद्ध कार्रवाई: सभी प्राप्त आवेदनों पर एक निश्चित समय सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
  2. प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन: जन शिकायत से जुड़े मामलों को अन्य कार्यों की तुलना में प्राथमिकता दी जाए।
  3. नियमित समीक्षा: उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विभागीय समीक्षा बैठकों के दौरान इन शिकायतों के समाधान की प्रगति की भी जांच की जा रही है।
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जमशेदपुर: बागबेड़ा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो अलग-अलग मामलों के अभियुक्त गिरफ्तार, भेजे गए जेल

जमशेदपुर, 30 जनवरी 2026: शहर में अपराध नियंत्रण और वारंटियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बागबेड़ा थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में फरार चल रहे अभियुक्तों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

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केस 1: गंभीर धाराओं में वांछित सुमित चंद्रवंशी गिरफ्तार

​बागबेड़ा पुलिस ने कांड संख्या 23/2025 के प्राथमिक अभियुक्त सुमित चंद्रवंशी (22 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। सुमित पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं (126(2), 115(1), 352, 109, 303(2), 3(5)) के तहत मामला दर्ज था।

  • पता: गड़ावासा, गोवर्धन बाबा मंदिर के पास, बागबेड़ा।
  • ​पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर इसे धर दबोचा।

केस 2: 7 साल पुराने मामले का वारंटी चढ़ा हत्थे

​दूसरे मामले में पुलिस ने कांड संख्या 65/2019 के वारंटी सनी कुमार रजक (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। सनी पिछले लंबे समय से पुलिस की नजरों से बच रहा था। उस पर मारपीट और धमकी देने सहित IPC की धारा 323, 452, 427 और 506 के तहत मामला लंबित था।

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पुलिस की अपील

​बागबेड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि:

​”यदि आपके आसपास कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। आपकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।”

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

| अभियुक्त का नाम | कांड संख्या | संबंधित धाराएं | स्थिति |

| सुमित चंद्रवंशी | 23/2025 | BNS की विभिन्न धाराएं | न्यायिक हिरासत में |

| सनी कुमार रजक | 65/2019 | 323/452/427/506 IPC | न्यायिक हिरासत में |

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बेंगलुरु: कॉन्फिडेंट ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सीजे रॉय ने की आत्महत्या, आयकर छापेमारी के बाद उठाया कदम

बेंगलुरु: शहर के रियल एस्टेट जगत से एक स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। केरल स्थित प्रसिद्ध रियल्टी फर्म ‘कॉन्फिडेंट ग्रुप’ के संस्थापक और चेयरमैन डॉ. सीजे रॉय ने गुरुवार को बेंगलुरु के रिचमंड रोड स्थित अपने कार्यालय में कथित तौर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

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घटना का विवरण

​पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब आयकर विभाग (IT) की टीम कंपनी के परिसरों में तलाशी अभियान चला रही थी। बताया जा रहा है कि रॉय ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली।

  • चश्मदीदों का बयान: कार्यालय में मौजूद स्टाफ सदस्यों ने कमरे से गोली चलने की आवाज सुनी। जब वे अंदर पहुंचे, तो डॉ. रॉय खून से लथपथ पाए गए।
  • तत्काल कार्रवाई: उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

जांच के दायरे में संपत्ति

​आयकर विभाग की यह छापेमारी कथित तौर पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के मामले से जुड़ी थी। सूत्रों का कहना है कि रॉय पिछले कुछ घंटों से चल रही इस कार्रवाई के कारण भारी मानसिक तनाव में थे।

पुलिस का बयान: “प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और फॉरेंसिक टीम साक्ष्य जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों की पुष्टि की जाएगी।”

डॉ. सीजे रॉय का सफर

​डॉ. सीजे रॉय को दक्षिण भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में एक बड़े विजनरी के रूप में जाना जाता था। उनके नेतृत्व में कॉन्फिडेंट ग्रुप ने बेंगलुरु, कोच्चि और दुबई जैसे शहरों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे किए थे। व्यापार के अलावा, वे अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली और सामाजिक कार्यों के लिए भी चर्चा में रहते थे।

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जमशेदपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: कैरव गांधी अपहरण कांड का खुलासा, एनकाउंटर में 3 अपराधी घायल, कुल 6 गिरफ्तार

जमशेदपुर, 30 जनवरी: लौहनगरी के चर्चित उद्यमी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के अपहरण मामले में जमशेदपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने बिहार के विभिन्न जिलों से इस कांड में शामिल 6 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ भी हुई, जिसमें तीन अपराधी घायल हो गए हैं।

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बिहार से हुई गिरफ्तारियां, एनकाउंटर में घायल हुए अपराधी

​वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) पीयूष पांडे ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी बिहार के अलग-अलग जिलों से की गई है। कल देर शाम जब पुलिस टीम गिरफ्तार अपराधियों को लेकर हथियार बरामद करने गई थी, तब तीन अपराधियों ने पुलिस का हथियार छीनकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिससे तीन अपराधी घायल हो गए। घायलों का इलाज फिलहाल एमजीएम (MGM) अस्पताल में चल रहा है।

बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई

​पुलिस ने अपराधियों के पास से घटना में प्रयुक्त सामग्री भी बरामद की है:

  • वाहन: अपहरण में इस्तेमाल की गई स्कार्पियो गाड़ी।
  • हथियार: दो देशी कट्टा और जिंदा गोलियां।
  • गिरफ्तारी: कुल 6 शातिर अपराधी पुलिस की गिरफ्त में।

क्या था मामला?

​उद्यमी पुत्र कैरव गांधी का अपहरण कदमा के लिंक रोड से स्कार्पियो सवार अपराधियों ने किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य की DGP तदासा मिश्रा ने खुद जमशेदपुर का दौरा कर जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे।

​SSP के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में 6 स्पेशल टीमें बनाई गई थीं, जो बिहार, बंगाल और झारखंड में लगातार छापेमारी कर रही थीं। पुलिस के बढ़ते दबाव (दबिश) को देखते हुए अपहरणकर्ता कैरव को बिहार-झारखंड बॉर्डर के पास छोड़कर भाग गए थे। 13 दिनों के बाद पुलिस ने कैरव को बिहार के नालंदा जिले के हाईवे से सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंपा था।

एसएसपी का बयान

​एसएसपी पीयूष पांडे ने बताया कि पुलिस टीम लगातार अपराधियों के पीछे लगी हुई थी। सभी गिरफ्तार अपराधियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस गिरोह के अन्य नेटवर्क की भी तलाश कर रही है।

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