एक नई सोच, एक नई धारा

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अजित पवार का विमान दुर्घटना में निधन: महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग का अंत

बारामती / मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कद्दावर नेता अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती हवाई अड्डे के पास एक दुखद चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया। इस हादसे में उनके साथ विमान में सवार चार अन्य लोगों की भी जान चली गई। अजित पवार के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक क्षेत्र बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया।

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शरद पवार की भावुक श्रद्धांजलि

​NCP (SP) प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने अजित पवार को याद करते हुए कहा:

  • जनता के नेता: वे एक समर्पित और सक्षम नेता थे, जो हमेशा जमीन से जुड़े रहे।
  • विकास का विजन: बारामती के विकास और जनता की समस्याओं को हल करने में उनका कोई सानी नहीं था।
  • विरासत: शरद पवार ने विश्वास जताया कि परिवार की नई पीढ़ी अजित दादा के मूल्यों और उनकी कार्यशैली को आगे ले जाएगी।

राजनीतिक उत्तराधिकार पर सस्पेंस और शरद पवार का रुख

​अजित पवार के निधन के तुरंत बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भविष्य के फैसलों और नेतृत्व को लेकर उठ रहे सवालों पर शरद पवार ने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल इन चर्चाओं का हिस्सा नहीं हैं।

प्रमुख बिंदु:

  • मुंबई में सक्रियता: शरद पवार ने बताया कि राजनीतिक निर्णयों को लेकर चर्चा मुंबई में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच हो रही है।
  • सुनेत्रा पवार की भूमिका: जब शरद पवार से सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की खबरों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने इसे पार्टी का आंतरिक निर्णय बताया।
  • अज्ञानता: पवार ने साफ किया कि हाल के दिनों में अखबारों के माध्यम से ही उन्हें कुछ गतिविधियों का पता चला है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उनसे किसी ने इस बारे में चर्चा नहीं की है।
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जमशेदपुर: मैक्सीजोन ठगी कांड में गोविंदा, मनोज तिवारी और शक्ति कपूर समेत 7 पर FIR दर्ज

जमशेदपुर, 31 जनवरी 2026: गाजियाबाद की विवादित कंपनी ‘मैक्सीजोन टच प्राइवेट लिमिटेड’ के खिलाफ जमशेदपुर के साकची थाने में गबन और धोखाधड़ी का एक और बड़ा मामला दर्ज हुआ है। अदालत के आदेश पर दर्ज इस प्राथमिकी (FIR) में कंपनी के निदेशकों के साथ-साथ विज्ञापन के जरिए भरोसा दिलाने वाले फिल्म अभिनेता व सांसद मनोज तिवारी, गोविंदा, चंकी पांडे और शक्ति कपूर को भी नामजद किया गया है।

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8 लाख के निवेश पर 15% ब्याज का झांसा

​बर्मामाइंस निवासी जसपाल सिंह की शिकायत के अनुसार, उन्होंने कंपनी की जमशेदपुर शाखा के प्रबंधक शिव नारायण पात्रो के माध्यम से 8 लाख रुपये का निवेश किया था। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि हर महीने 15 प्रतिशत का आकर्षक ब्याज मिलेगा। हालांकि, न तो उन्हें ब्याज की राशि मिली और न ही उनका मूल धन वापस किया गया।

फिल्मी सितारों का चेहरा दिखाकर लूटी गाढ़ी कमाई

​शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें निवेश के लिए प्रेरित करने हेतु नामी फिल्म अभिनेताओं के विज्ञापन और प्रचार वीडियो दिखाए गए थे।

  • भरोसे का आधार: वादी ने कहा कि सितारों की उपस्थिति के कारण उन्हें लगा कि कंपनी पूरी तरह सुरक्षित है।
  • आरोप: यह दावा किया गया कि नामी कलाकार कंपनी के सक्रिय समर्थन में हैं, जिसके झांसे में आकर उन्होंने बड़ी रकम दांव पर लगा दी।

कौन-कौन हैं आरोपी?

श्रेणीनाम
अभिनेता/सितारेमनोज तिवारी (सांसद), गोविंदा, चंकी पांडे, शक्ति कपूर
कंपनी निदेशकचंद्रभूषण सिंह और प्रियंका सिंह
स्थानीय प्रबंधकशिव नारायण पात्रो (जमशेदपुर शाखा)

निदेशक पहले ही जा चुके हैं जेल

​उल्लेखनीय है कि मैक्सीजोन कंपनी के मुख्य निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह (मूल निवासी, वैशाली, बिहार) को पिछले साल कोडरमा रेलवे स्टेशन से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वर्तमान में दोनों जेल में बंद हैं। पुलिस जांच के अनुसार, इस कंपनी ने देश भर में हजारों लोगों को अपना शिकार बनाकर करोड़ों रुपये का गबन किया है।

थाना प्रभारी का बयान: साकची थानेदार ने पुष्टि की है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है। अभिनेताओं की भूमिका और कंपनी के दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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झारखंड के स्कूलों में बुनियादी ढांचे की सुध: 8 मार्च तक हर स्कूल में होगा शौचालय और शुद्ध पेयजल

रांची: झारखंड के सरकारी स्कूलों में छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) से पहले राज्य के उन सभी स्कूलों में शौचालय और पेयजल की सुविधा बहाल कर दी जाएगी, जहाँ अब तक इनका अभाव था।

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चिंताजनक आंकड़े: सैकड़ों स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी

​वर्तमान में झारखंड में 35,454 सरकारी स्कूल संचालित हैं, लेकिन आंकड़ों की हकीकत शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है:

  • छात्राओं के लिए शौचालय: 516 स्कूलों में छात्राओं के लिए कोई शौचालय नहीं है।
  • छात्रों के लिए शौचालय: 792 स्कूलों में छात्रों के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
  • पेयजल संकट: 495 स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं है।

प्रधानमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार की सक्रियता

​दिसंबर में मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्राओं के लिए शत-प्रतिशत शौचालय सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। उन्होंने विशेष रूप से 8 मार्च तक इन कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसी गंभीरता को देखते हुए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य निदेशक शशि रंजन ने सभी उपायुक्तों (DCs) को कड़े निर्देश जारी किए हैं।

शौचालय न होने से बढ़ता ‘ड्रॉपआउट’

​निर्देश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि स्कूलों में शौचालय की कमी या उनकी खराब स्थिति का सीधा असर छात्राओं की उपस्थिति पर पड़ता है।

मुख्य चिंताएं:

  • ​सुविधाओं के अभाव में छात्राएं स्कूल से अनुपस्थित रहने लगती हैं।
  • ​स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और स्वच्छता की कमी के कारण छात्राओं में ‘ड्रॉपआउट’ (स्कूल छोड़ना) का प्रतिशत बढ़ जाता है।

समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश

​राज्य निदेशक ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों में शौचालय उपयोग के लायक नहीं हैं या जहाँ इनकी संख्या कम है, वहां युद्ध स्तर पर निर्माण और मरम्मत का कार्य किया जाए। इसका उद्देश्य न केवल बुनियादी ढांचा सुधारना है, बल्कि छात्राओं के लिए एक सुरक्षित और गरिमामय शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना भी है।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

| श्रेणी | स्कूलों की संख्या (सुविधा विहीन) |

| छात्राओं के लिए शौचालय नहीं | 516 |

| छात्रों के लिए शौचालय नहीं | 792 |

| पेयजल की सुविधा नहीं | 495 |

| लक्ष्य तिथि | 08 मार्च 2026 |

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आयकर रेड अपडेट: बाबा ग्रुप के ठिकानों पर दूसरे दिन भी छापेमारी; 1.25 करोड़ कैश बरामद, भारी मात्रा में जेवर मिले

रांची/पटना: आयकर विभाग (Income Tax Department) की अनुसंधान शाखा द्वारा बाबा ग्रुप और उससे जुड़े अनाज कारोबारियों के खिलाफ शुरू की गई महा-छापेमारी शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार को दूसरे दिन की कार्रवाई के दौरान टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी, जिसमें एक कारोबारी के ठिकाने से 1.25 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की गई है।

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बिहार और झारखंड के 40 ठिकानों पर दबिश

​गुरुवार सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई रांची, जमशेदपुर, पटना, गयाजी और औरंगाबाद के कुल 40 ठिकानों पर एक साथ चल रही है।

  • रांची: टीम ने नगड़ी, कांके रोड, हरमू रोड और बरियातू स्थित बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग के परिसरों की तलाशी ली।
  • बिहार: गयाजी और औरंगाबाद में चावल कारोबारियों और आढ़तियों के 10-10 ठिकानों पर छापेमारी की गई।

भारी मात्रा में बेहिसाब संपत्ति का खुलासा

​सूत्रों के अनुसार, केवल नकदी ही नहीं बल्कि चावल कारोबारियों के ठिकानों से भारी मात्रा में जेवर भी मिले हैं। आयकर विभाग के अधिकारी वर्तमान में इन जेवरातों के मूल्यांकन (Evaluation) और उनके स्रोतों की जांच में जुटे हैं। इसके अतिरिक्त:

  • कच्चा व्यापार: आढ़तियों के यहां से कच्चे व्यापार (बगैर बिल के लेन-देन) से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
  • डिजिटल सबूत: छापेमारी के दौरान कई हार्ड डिस्क और डिजिटल दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनसे करोड़ों की टैक्स चोरी का खुलासा होने की उम्मीद है।

इन इलाकों में रही टीम की सक्रियता

​रांची के नगड़ी स्थित बंधेया बाबा राइस मिल और मेला टिकरा के पास स्थित मिलों में शुक्रवार देर रात तक कागजातों की स्क्रूटनी चलती रही। हरमू रोड और कांके रोड स्थित ग्रुप के आवासीय और कार्यालय परिसरों को भी सुरक्षा बलों के घेरे में रखा गया है।

अगला कदम:

​आयकर सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई शनिवार को भी जारी रहेगी। जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर ग्रुप के निदेशकों और सहयोगियों से पूछताछ की जाएगी। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह नेटवर्क किस तरह से टैक्स चोरी और बेहिसाब संपत्ति के निवेश को अंजाम दे रहा था।

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जमशेदपुर: बिष्टुपुर के राम मंदिर के पास से बाइक चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई चोरों की करतूत

जमशेदपुर: शहर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत राम मंदिर के समीप स्थित फ्रेंडली कॉम्प्लेक्स के सामने से शनिवार को चोरों ने एक युवक की मोटरसाइकिल पर हाथ साफ कर दिया। चोरी की यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें चोरों की तस्वीर साफ दिखाई दे रही है।

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काम पर गया था युवक, वापस आया तो बाइक गायब

​जानकारी के अनुसार, गणेश करुआ नामक युवक अपनी बाइक फ्रेंडली कॉम्प्लेक्स के बाहर खड़ी कर किसी काम से अंदर गया था। जब वह थोड़ी देर बाद वापस लौटा, तो अपनी बाइक को उस स्थान से नदारद पाया। काफी खोजबीन के बाद भी जब बाइक का कुछ पता नहीं चला, तो गणेश ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने का प्रयास किया।

सीसीटीवी में दिखा चोरी का मंजर

​फुटेज देखने पर साफ हुआ कि बाइक को किसी अज्ञात चोर ने चुराया है। सीसीटीवी में चोरों की गतिविधियां और चेहरा स्पष्ट नजर आ रहा है, जिसके आधार पर अब उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

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पुलिस में शिकायत दर्ज

​पीड़ित गणेश करुआ ने इस संबंध में बिष्टुपुर थाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और चोरों की धरपकड़ के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

सावधानी संदेश: बिष्टुपुर जैसे व्यस्त क्षेत्रों में वाहन पार्क करते समय डबल लॉक का प्रयोग करें और हमेशा सुरक्षित या सीसीटीवी की निगरानी वाले पार्किंग क्षेत्र का ही चुनाव करें।

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झारखंड: पदोन्नत DSP अफसरों की नई पोस्टिंग जारी; अखिलेश मंडल समेत कई अधिकारियों को विशेष शाखा की जिम्मेदारी

रांची: झारखंड सरकार के गृह विभाग ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए नवनियुक्त पुलिस उपाधीक्षकों (DSP) की पोस्टिंग का आदेश जारी कर दिया है। हाल ही में पदोन्नत हुए कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अब नई जिम्मेदारियों के साथ विभिन्न विभागों में तैनात किया गया है।

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विशेष शाखा (Special Branch) में मिली तैनाती

​जारी आदेश के अनुसार, पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में से एक बड़ा हिस्सा विशेष शाखा (Special Branch) को सौंपा गया है। खुफिया और रणनीतिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण इस विभाग में निम्नलिखित अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है:

  • अखिलेश मंडल: पुलिस उपाधीक्षक के पद पर पदोन्नत होने के बाद अखिलेश मंडल को रांची स्थित विशेष शाखा में तैनात किया गया है।
  • सरोज कुमार सिंह: इन्हें भी विशेष शाखा में ही अपनी सेवा देने का निर्देश मिला है।
  • शैलेष प्रसाद: पदोन्नति के पश्चात इनकी नई पोस्टिंग भी विशेष शाखा में की गई है।
  • विनोद उरांव: इन्हें भी विशेष शाखा ज्वाइन करने का आदेश जारी हुआ है।

प्रशासनिक मजबूती की ओर कदम

​गृह विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना के बाद इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए पदों पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। जानकारों का मानना है कि रिक्त पड़े पदों पर इन अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूती मिलेगी।

मुख्य बिंदु:

  • जारीकर्ता: गृह विभाग, झारखंड सरकार।
  • प्रमुख पोस्टिंग: रांची विशेष शाखा।
  • अधिकारी: अखिलेश मंडल, सरोज कुमार सिंह, शैलेष प्रसाद और विनोद उरांव।
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एनआईटी जमशेदपुर में ‘श्री अन्न’ की धूम: उद्यमिता प्रशिक्षण के जरिए आत्मनिर्भर बन रहे प्रतिभागी

जमशेदपुर, 31 जनवरी 2026: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर का यांत्रिक अभियंत्रण विभाग इन दिनों “मिलेट (श्री अन्न) की खेती, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन” के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्वावलंबन का पाठ पढ़ा रहा है। एमएसएमई (MSME) द्वारा प्रायोजित यह छह-साप्ताहिक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम (ESDP) 22 जनवरी से शुरू होकर 2 मार्च 2026 तक चलेगा।

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कुट्टू के पकौड़े और कटलेट: स्वाद के साथ सेहत की ट्रेनिंग

​कार्यक्रम के नवीनतम सत्र में प्रतिभागियों ने डॉ. पद्मजा त्रिपाठी के मार्गदर्शन में कुट्टू (Buckwheat) आधारित व्यंजनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया। प्रशिक्षण के दौरान आलू, ब्रोकोली, बैंगन और फूलगोभी के साथ पौष्टिक पकौड़े और कटलेट बनाने की विधियां सिखाई गईं। प्रत्येक सत्र में नई रेसिपी, वैज्ञानिक पैकेजिंग और मार्केटिंग के गुर सिखाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

खेती से लेकर स्टार्टअप तक का सफर

​यह कार्यक्रम केवल खाना पकाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मिलेट्स से जुड़े संपूर्ण व्यापार चक्र (Business Cycle) को कवर किया जा रहा है:

  • वैज्ञानिक खेती: कटाई-उपरांत प्रसंस्करण और भंडारण की उन्नत तकनीक।
  • मशीनरी ज्ञान: मिलेट्स के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक उपकरणों की जानकारी।
  • व्यापार रणनीति: बिजनेस प्लान तैयार करना, बाजार के अवसरों की पहचान और वित्तीय सहायता योजनाओं (Start-up Guidance) की जानकारी।

निदेशक ने चखा मिलेट्स का स्वाद

​सत्र के समापन पर एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने उप निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ. परमानंद कुमार के साथ तैयार किए गए व्यंजनों का स्वाद लिया। प्रो. सूत्रधार ने कहा:

​”एनआईटी जमशेदपुर सामुदायिक विकास और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी राष्ट्रीय पहलों के लिए प्रतिबद्ध है। मिलेट्स जैसे जलवायु-अनुकूल और पोषक तत्वों से भरपूर अनाज खाद्य सुरक्षा और स्वरोजगार के लिए अपार संभावनाएं रखते हैं।”

समन्वय और सहभागिता

​इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का समन्वय डॉ. दुलारी हांसदाह, डॉ. विशेष रंजन कर और डॉ. अशोक बारिक द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्र के किसान, इच्छुक उद्यमी, स्वयं सहायता समूह (SHGs) और बेरोजगार युवा बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

प्रमुख बिंदु एक नज़र में:

  • विषय: मिलेट प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन।
  • लक्ष्य: ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत उद्यमिता विकास।
  • प्रशिक्षक: डॉ. पद्मजा त्रिपाठी (खाद्य उत्पाद एवं पैकेजिंग विशेषज्ञ)।
  • अवधि: 22 जनवरी – 02 मार्च 2026।
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जमशेदपुर: गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा में श्रद्धा के साथ मनाया गया बाबा दीप सिंह जी का जन्मदिवस; प्रधान भगवान सिंह सम्मानित

जमशेदपुर, 31 जनवरी 2026: जुगसलाई स्थित गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा कमेटी द्वारा महान सिख शहीद बाबा दीप सिंह जी का जन्मदिवस (प्रकाश उत्सव) अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विशेष कीर्तन दरबार सजाया गया और पंथ की सेवा करने वाली प्रमुख हस्तियों को सम्मानित किया गया।

कीर्तन और गुरुमत विचार

​धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत ज्ञानी गुरदीप सिंह निक्कू के कीर्तनी जत्थे द्वारा की गई, जिन्होंने अपनी सुमधुर आवाज में गुरुबाणी कीर्तन और गुरमत विचारों के जरिए संगत को निहाल किया।

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दोबारा प्रधान चुने जाने पर भगवान सिंह का अभिनंदन

​इस समारोह का एक मुख्य आकर्षण सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (CGPC) के वर्तमान प्रधान भगवान सिंह का सम्मान रहा। उन्हें अगले 3 वर्षों के लिए पुनः निर्विरोध प्रधान चुने जाने पर गौरी शंकर रोड गुरुद्वारा कमेटी ने पूरी टीम के साथ ‘सरोपा’ और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

सिख जगत की प्रमुख हस्तियां हुईं सम्मानित

​गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सीजीपीसी की पूरी टीम को सम्मानित किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • सरदार शैलेंद्र सिंह (चेयरमैन, सीजीपीसी)
  • चंचल सिंह (उपाध्यक्ष)
  • अमरजीत सिंह व गुरचरण सिंह बिल्ला (महासचिव)
  • सुरेंद्र सिंह शिंदे व पतवंत सिंह (सलाहकार)
  • गुरदीप सिंह सलूजा (संपादक, सिख चैनल)

बाबा दीप सिंह जी के जीवन पर प्रकाश

​अपने संबोधन में भगवान सिंह और शैलेंद्र सिंह ने बाबा दीप सिंह जी के अद्वितीय बलिदान और वीरता के बारे में संगत को बताया। उन्होंने कहा कि बाबा जी का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ लड़ने और धर्म की रक्षा करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने भव्य आयोजन के लिए सुरेंद्र सिंह और उनकी पूरी टीम का आभार व्यक्त किया।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​कार्यक्रम को सफल बनाने में अमरजीत सिंह गांधी, सरबजीत सिंह बाउ, हरजीत सिंह लाडी, पम्मा, हरमीत सिंह, और नौजवान सभा के प्रधान जुगनू सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्त्री सत्संग सभा की ओर से प्रधान इंद्रजीत कौर, रज्जी कौर और सतवंत कौर सहित बड़ी संख्या में संगत ने माथा टेका और गुरु का लंगर छका।

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जमशेदपुर: सिंहभूम डाक प्रमंडल के दो ‘स्तंभ’ हुए सेवानिवृत्त; उमेश कुमार और महेश नायक को दी गई भावभीनी विदाई

जमशेदपुर, 31 जनवरी 2026: भारतीय डाक विभाग के सिंहभूम प्रमंडल में आज एक युग का समापन हुआ। अपनी निष्ठावान और लंबी सेवाओं के बाद श्री उमेश कुमार और श्री महेश नायक राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। स्थानीय मंडलीय कार्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में दोनों अनुभवी कर्मियों को उनके सराहनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

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वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहा समर्पण

​विदाई समारोह में सिंहभूम मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक श्री उदयभान सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने दोनों कर्मियों को पुष्प गुच्छ भेंट करते हुए कहा:

​”विभाग के प्रति उमेश जी और महेश जी का समर्पण और कार्यकुशलता आने वाली पीढ़ी के कर्मचारियों के लिए एक मिसाल है। डाक विभाग जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में निष्कलंक सेवा देना अत्यंत गर्व की बात है।”

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​वरीय डाक पाल श्री सुधीर कुमार और उप डाक अधीक्षक श्री विश्वजीत रॉय ने भी अपने संबोधन में दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की।

सम्मान और स्मृतियों का संगम

​विदाई की बेला में सहकर्मियों की आंखें नम थीं। कार्यालय के सदस्यों ने अपनी आत्मीयता प्रकट करते हुए दोनों वरिष्ठ साथियों को:

  • स्मृति चिह्न (मोमेंटो) और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
  • ​उपहार भेंट किए और उनके साथ बिताए गए दशकों पुराने पेशेवर अनुभवों को साझा किया।

मंच संचालन और धन्यवाद

​समारोह का जीवंत संचालन श्रीमती रीना रानी भकत द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर श्री सुनील कुमार दास ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार जताया और विदा ले रहे साथियों के सुखद सेवानिवृत्त जीवन की मंगलकामना की।

एक नज़र में कार्यक्रम:

  • संस्थान: सिंहभूम डाक प्रमंडल, जमशेदपुर।
  • सेवानिवृत्त कर्मी: श्री उमेश कुमार एवं श्री महेश नायक।
  • मुख्य अतिथि: वरिष्ठ डाक अधीक्षक श्री उदयभान सिंह।
  • मुख्य आकर्षण: सम्मान समारोह एवं स्मृति चिह्न भेंट।
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सी. सुब्रमण्यम—भारत की ‘हरित क्रांति’ के वे गुमनाम नायक, जिन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाया

नई दिल्ली: आधुनिक भारत के इतिहास में जब भी कृषि और खाद्य सुरक्षा की बात होगी, चिदंबरम सुब्रमण्यम का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिया जाएगा। पूर्व केंद्रीय खाद्य और कृषि मंत्री, जिन्हें ‘भारत की हरित क्रांति का वास्तुकार’ कहा जाता है, एक ऐसे नेता थे जिन्होंने देश को भुखमरी के मुहाने से निकालकर अन्न के भंडार तक पहुँचाया, लेकिन कभी इसका व्यक्तिगत श्रेय नहीं लिया।

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संकट के समय में ‘साहसी’ नेतृत्व

​1960 के दशक में भारत एक गंभीर खाद्यान्न संकट और अकाल की स्थिति से जूझ रहा था। उस समय भारत अनाज के लिए पूरी तरह से अमेरिका (PL-480 आयात) पर निर्भर था। कृषि मंत्री के रूप में सुब्रमण्यम ने एक साहसिक निर्णय लिया—उन्होंने पारंपरिक खेती को वैज्ञानिक पद्धति में बदलने का बीड़ा उठाया।

हरित क्रांति के स्तंभ: बीज, उर्वरक और विज्ञान

​सुब्रमण्यम ने केवल नीतियां नहीं बनाईं, बल्कि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच की दूरी को मिटाया। उनके योगदान के मुख्य बिंदु थे:

  • वैज्ञानिक साझेदारी: उन्होंने प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन के साथ मिलकर कार्य किया।
  • HYV बीजों की शुरुआत: अधिक उपज देने वाली किस्म (HYV) के बीजों और रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को प्रोत्साहित किया।
  • सिंचाई और समर्थन: पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुनिश्चित सिंचाई और बफर स्टॉक तंत्र की नींव रखी।

शिक्षा से रक्षा तक: एक बहुआयामी व्यक्तित्व

​सुब्रमण्यम केवल कृषि तक सीमित नहीं थे। वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी और कुशल प्रशासक भी थे:

  • शिक्षा: उन्होंने भारत में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई IITs और इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
  • रक्षा: 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान रक्षा मंत्री के रूप में उनकी भूमिका निर्णायक रही।
  • वित्त और उद्योग: तमिलनाडु और केंद्र सरकार में वित्त और इस्पात मंत्रालयों को संभालते हुए उन्होंने औद्योगिक विकास को नई दिशा दी।

विरासत और सम्मान

​राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा और दूरदर्शिता को देखते हुए, 1998 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से नवाजा गया। 7 नवंबर 2000 को उनके निधन के बाद भी, भारत का गेहूं और चावल उत्पादन में विश्व में अग्रणी होना उनकी सबसे बड़ी विरासत है।

“वे सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध और निर्णयों में साहसी थे। विरोध के बावजूद अपने विश्वास पर दृढ़ रहना उनकी सबसे बड़ी खूबी थी।”

निष्कर्ष

​सी. सुब्रमण्यम का जीवन सिखाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। आज जब हम खाद्य सुरक्षा का आनंद ले रहे हैं, तो यह उन “भगीरथी प्रयासों” का परिणाम है जो सुब्रमण्यम ने दशकों पहले किए थे। वे सच्चे अर्थों में आधुनिक भारत के निर्माता थे।

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