एक नई सोच, एक नई धारा

बिहार की सियासत में ‘भविष्यवाणी’ का शोर: तेज प्रताप ने सम्राट चौधरी को बताया ‘मुख्यमंत्री’, कहा- सिलेक्टेड हों या इलेक्टेड, पद पर तो हैं

पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को लेकर एक बड़ा बयान दिया। अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाने वाले तेज प्रताप ने न केवल सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने को अपनी ‘भविष्यवाणी’ की जीत बताया, बल्कि शैक्षणिक योग्यता और ‘सिलेक्टेड मुख्यमंत्री’ जैसे सवालों पर उनका बचाव भी किया।n7087211241776415469294a1943541c05c769388163fbfa7499ba9bb1ced7a789d7d0dc8494f39dcd33d59

“मेरी भविष्यवाणी सच हुई, अब एक महीने का इंतजार”

​मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कानून-व्यवस्था पर चिंता तो जताई, लेकिन मुख्यमंत्री को समय देने की बात भी कही। उन्होंने कहा:

​”बिहार का लॉ एंड ऑर्डर चरमराया हुआ है, यह सब जानते हैं। लेकिन सम्राट चौधरी को कल ही (15 अप्रैल) नई जिम्मेदारी मिली है। हम लोग एक-दो महीने इंतजार करेंगे कि वे सरकार कैसे चलाते हैं।”

 

​तेज प्रताप ने आगे दावा किया कि उन्होंने पहले ही कह दिया था कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि पहली भविष्यवाणी सच हो गई है और अगली भविष्यवाणी वे एक महीने बाद करेंगे।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भाई तेजस्वी के बयान से अलग राह: “मुख्यमंत्री तो हैं…”

​जब पत्रकारों ने उन्हें याद दिलाया कि उनके भाई तेजस्वी यादव सम्राट चौधरी को ‘इलेक्टेड’ नहीं बल्कि ‘सिलेक्टेड’ मुख्यमंत्री कह रहे हैं, तो तेज प्रताप का जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा, “अब वे इलेक्टेड हैं या सिलेक्टेड, इससे क्या फर्क पड़ता है? मुख्यमंत्री के पद पर तो वे हैं ही।”

​वहीं, सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता (सातवीं फेल होने के दावों) पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि अगर डिग्रियां गिनाने बैठेंगे तो बहुत सारे मंत्री और विधायक इस श्रेणी में आ जाएंगे।

तेज प्रताप के जन्मदिन पर पहुंचे लालू यादव

​बयानों की गरमागरम बहस के बीच गुरुवार (16 अप्रैल) को तेज प्रताप यादव के आवास पर भावुक नजारा भी देखने को मिला। तेज प्रताप के जन्मदिन के अवसर पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव खुद उनके घर पहुंचे। लालू यादव ने बेटे को गले लगाकर आशीर्वाद दिया और वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। परिवार के अन्य सदस्यों और समर्थकों ने भी उन्हें जन्मदिन की ढेरों बधाई दी।

मुख्य बिंदु: एक नजर में

घटना

विवरण

मुख्य बयान

सम्राट चौधरी का सिलेक्टेड/इलेक्टेड विवाद पर बचाव।

दावा

मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी सच होने का दावा।

अवधि

सरकार के कामकाज को परखने के लिए 2 महीने का समय दिया।

खास पल

पिता लालू यादव ने जन्मदिन पर आवास जाकर दिया आशीर्वाद।

तीसरी धारा न्यूज के लिए पटना से ब्यूरो रिपोर्ट

नारी शक्ति का शंखनाद: संसद में देर रात तक गूंजी महिला आरक्षण और परिसीमन की आवाज, आज होगा महा-मतदान

नई दिल्ली: भारतीय संसदीय इतिहास में गुरुवार की रात एक मील का पत्थर साबित हुई। महिला आरक्षण, संविधान संशोधन और परिसीमन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर लोकसभा में देर रात 1:20 बजे तक मैराथन चर्चा चली। इस दौरान सदन में महिला सांसदों की सक्रिय भागीदारी और जज्बे को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनकी जमकर सराहना की।n7086796181776339420346468fd050cf66fc239fb7c6da89d8d1d367bea607dd61bc1a86f2b2c3f0b8b41d

पीएम मोदी का ‘नारी शक्ति’ को नमन

​शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक प्रेरक पोस्ट के जरिए देश की महिलाओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। पीएम ने लिखा:

​”हमारी नारी शक्ति सशक्त भारत की पहचान है। देश की माताएं-बहनें और बेटियां अपनी अटूट संकल्पशक्ति, निष्ठा और सेवाभाव से आज हर क्षेत्र में भारतवर्ष का गौरव बढ़ा रही हैं।”

 

​प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में देवी शक्ति की स्तुति करते हुए संस्कृत श्लोक भी साझा किया, जिसमें जगत की रक्षा करने वाली मां अंबिका को नमन किया गया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

संसद की कार्यवाही की मुख्य बातें

  • गारंटी और अपील: पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से इन विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो दल इसका विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में इसकी बड़ी राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
  • परिसीमन पर स्पष्टीकरण: सीटों के बंटवारे और परिसीमन को लेकर विपक्षी दलों की चिंताओं पर पीएम ने ‘खरी-खरी’ सुनाते हुए कहा कि जो अनुपात पहले से चला आ रहा है, उसमें कोई बदलाव नहीं होगा। सीटों की संख्या में वृद्धि भी उसी तय अनुपात के आधार पर की जाएगी।
  • कानून हुआ प्रभावी: इस चर्चा के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम यह रहा कि महिला आरक्षण अधिनियम 2023 (16 अप्रैल से) देशभर में प्रभावी हो गया है। केंद्रीय विधि मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।

आज शाम 4 बजे होगी ‘अग्निपरीक्षा’

​सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन ऐतिहासिक विधेयक पेश किए हैं:

  1. संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026
  2. परिसीमन विधेयक 2026
  3. संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026

विपक्ष का रुख: कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का तर्क है कि महिला आरक्षण को परिसीमन की शर्त से मुक्त रखा जाना चाहिए ताकि इसे 2029 के चुनावों से ही लागू किया जा सके। विपक्ष ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की हिस्सेदारी को लेकर भी चिंता जताई है।

वोटिंग का समय: शुक्रवार को इन विधेयकों पर चर्चा पूरी होने के बाद शाम 4:00 बजे मत विभाजन (Voting) होगा। देश की नजरें आज संसद के निचले सदन पर टिकी हैं, जहां महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिखी जानी है।

तीसरी धारा न्यूज के लिए ब्यूरो रिपोर्ट

‘यह किसी की जीत नहीं, पूरे राष्ट्र की सफलता’: महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी का विपक्ष को करारा जवाब

नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) पर चल रही ऐतिहासिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 16 अप्रैल को लोकसभा को संबोधित किया। प्रधानमंत्री का यह भाषण न केवल महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना, बल्कि उन्होंने ‘राजनीतिक श्रेय’ (Credit) की राजनीति पर भी विराम लगाने का प्रयास किया।n7086796181776339420346468fd050cf66fc239fb7c6da89d8d1d367bea607dd61bc1a86f2b2c3f0b8b41d

श्रेय के विवाद पर पीएम का ‘ब्लैंक चेक’ ऑफर

​विपक्ष द्वारा बिल का श्रेय लेने की कोशिशों पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अगर बात सिर्फ क्रेडिट की है, तो आप ले लीजिए। यहाँ बैठा कोई भी व्यक्ति अपनी फोटो छपवा सकता है, मैं क्रेडिट देने के लिए आपको ब्लैंक चेक देने को तैयार हूँ।” उन्होंने यहाँ तक कहा कि सरकार विज्ञापनों में विपक्ष की फोटो लगाने में भी संकोच नहीं करेगी, क्योंकि लक्ष्य राष्ट्रहित है, राजनीति नहीं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

भाषण की 5 बड़ी बातें:

  • राष्ट्र की एकता सर्वोपरि: दक्षिण बनाम उत्तर की बहस और परिसीमन के विरोध पर पीएम ने कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें देश को ‘टुकड़े-टुकड़े’ में बांटने का अधिकार नहीं दिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि परिसीमन से किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा।
  • नीति और नियत: अपनी ओबीसी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी ‘सबका साथ, सबका विकास’ सुनिश्चित करना है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब नियत साफ हो, तो शब्दों के खेल (गारंटी या वादे) की जरूरत नहीं पड़ती।
  • महिलाओं की बुद्धिमत्ता पर भरोसा: कोटे के भीतर कोटे (Sub-quota) की मांग पर पीएम ने कहा, “देश की बहनों की बुद्धिमत्ता पर भरोसा रखें। पहले 33% महिलाओं को संसद आने दें, वे खुद अपने प्रतिनिधित्व का मार्ग तय करेंगी।”
  • सामूहिक सफलता: प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बिल का पारित होना मोदी या किसी एक दल की व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की जीत के रूप में इतिहास में दर्ज होगी।
  • 30 साल का इंतज़ार खत्म करने का समय: उन्होंने कहा कि यह मुद्दा पिछले तीन दशकों से लंबित है और अब इसे और टालना देश के हित में नहीं है। प्रक्रिया को और अधिक देरी से बचाने के लिए सामूहिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।

सर्वसम्मति की अपील

​प्रधानमंत्री मोदी ने सदन के सभी दलों से इस बिल को सर्वसम्मति से पारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब कोई निर्णय सर्वसम्मति से होता है, तो उसका प्रभाव और ताकत कई गुना बढ़ जाती है।

​प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने जहाँ सदन में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया, वहीं विपक्षी दल अब भी इसके लागू होने की समयसीमा और परिसीमन की शर्तों पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

​’जल बचाएं, भविष्य बचाएं’: कालीमाटी उच्च विद्यालय में ‘जल पखवाड़ा’ का आगाज, बच्चों ने लिया संरक्षण का संकल्प

जमशेदपुर (जेम्को): जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जेम्को स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय कालीमाटी में 15 दिवसीय ‘जल पखवाड़ा’ (16 से 30 अप्रैल 2026) का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले दिन विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक स्वर में जल बचाने की सामूहिक शपथ ली।IMG 20260416 WA0006

पोस्टर और पेंटिंग के जरिए दिया संदेश

​अभियान के पहले दिन स्कूली बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। आकर्षक पोस्टरों और पेंटिंग के माध्यम से विद्यार्थियों ने ‘बूंद-बूंद पानी सहेजने’ की महत्ता को दर्शाया। बच्चों के बीच इस अभियान को लेकर खासा उत्साह देखा गया, जहां उन्होंने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं पानी बचाएंगे, बल्कि समाज को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

“जल व्यर्थ करना भविष्य को संकट में डालना”

​विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री धनंजय श्रीवास्तव ने बच्चों को संबोधित करते हुए जल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा:

​”जल ही जीवन का आधार है। आज हम जिस पानी को व्यर्थ कर रहे हैं, वह हमारे आने वाले कल के लिए बड़ा संकट पैदा कर सकता है। हमें अपनी आदतों में बदलाव लाकर पानी की बर्बादी रोकनी होगी।”IMG 20260416 WA0009

 

30 अप्रैल तक चलेंगे जागरूकता कार्यक्रम

​प्रधानाध्यापक ने बताया कि यह अभियान 30 अप्रैल तक निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान समुदाय को जागरूक करने के लिए कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है, जिनमें शामिल हैं:

  • ​प्रतिदिन प्रभात फेरी का आयोजन।
  • ​जल संरक्षण पर पोस्टर प्रतियोगिता
  • ​छात्र-छात्राओं के लिए क्विज़ (प्रश्नोत्तरी) कार्यक्रम

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

​इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सदस्य कंचन कुमारी, करनदीप सिंह, एंजेलिना टीगा, राकेश कुमार, रितु सिंह, सरिता समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। विद्यालय का यह साझा प्रयास ‘हमारा झारखंड, हमारा भविष्य’ के संदेश को धरातल पर उतारने की एक सराहनीय पहल है।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

दिल्ली हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: कोमा में पड़े जवान की पत्नी को मिली IVF जारी रखने की अनुमति

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रजनन अधिकारों और मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कोमा जैसी स्थिति में अस्पताल में भर्ती एक सेना के जवान की पत्नी को IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में पति की पहले दी गई सहमति को ही वैध माना जाएगा।IMG 20260416 150221

क्या है पूरा मामला?

​जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने यह फैसला जवान की पत्नी द्वारा दायर याचिका पर सुनाया। याचिकाकर्ता के अनुसार:

  • जून 2023: दंपति ने आपसी सहमति से संतान प्राप्ति के लिए IVF प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया था।
  • जुलाई 2025: गश्त के दौरान ऊंचाई से गिरने के कारण जवान के सिर में गंभीर चोट (ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी) आई, जिसके बाद से वह कोमा जैसी स्थिति में सेना के अस्पताल में भर्ती हैं।
  • अवरोध: पति की शारीरिक स्थिति को देखते हुए अस्पताल ने IVF प्रक्रिया रोक दी थी, जिसके खिलाफ पत्नी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

अदालत की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ

​कोर्ट ने अपने 13 अप्रैल के फैसले में असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) विनियमन अधिनियम की व्याख्या करते हुए कई अहम बातें कहीं:

  1. पूर्व सहमति ही पर्याप्त: कोर्ट ने कहा कि जब प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब जवान ने अपनी सहमति दी थी। रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे लगे कि पति की मंशा बदल गई थी।
  2. प्रजनन स्वायत्तता एक मौलिक अधिकार: जस्टिस कौरव ने जोर देकर कहा कि संविधान के तहत मातृत्व, गरिमा और प्रजनन संबंधी स्वायत्तता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। किसी भी कानूनी प्रक्रिया की व्याख्या इस अधिकार को बढ़ावा देने के लिए होनी चाहिए, न कि इसे बाधित करने के लिए।
  3. कठोर नियमों से ऊपर न्याय: अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल प्रक्रियात्मक नियमों के कठोर पालन के लिए कानून के मूल उद्देश्य को नष्ट नहीं किया जा सकता। यदि प्रक्रिया पूरी नहीं करने दी जाती, तो पति की पहले दी गई सहमति व्यर्थ हो जाती।

श्रीमद्भागवत पुराण का उल्लेख

​फैसले के दौरान अदालत ने आध्यात्मिक और दार्शनिक पहलू को भी छुआ। भागवत पुराण का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा:

​”एक जीवित प्राणी को दैव (भाग्य) की देखरेख में शरीर प्राप्त होता है। किसी को माता-पिता बनने का सौभाग्य मिलेगा या नहीं, यह अंततः नियति ही तय करती है, इंसान नहीं।”

 

निष्कर्ष

​अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे IVF प्रक्रिया को उसके तार्किक निष्कर्ष तक ले जाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं और पति के जेनेटिक मटीरियल को सुरक्षित रखें। यह फैसला उन परिवारों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है जो कानूनी पेचीदगियों के कारण अपने प्रजनन अधिकारों से वंचित रह जाते हैं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क

बड़ी खबर: पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक आमिर हमजा पर जानलेवा हमला, लाहौर में अज्ञात हमलावरों ने मारी गोलियां
  • लाहौर/इंटरनेशनल डेस्क | ‘तीसरी धारा न्यूज’ पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठनों के आकाओं पर अज्ञात हमलावरों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताज़ा घटनाक्रम में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में से एक और कुख्यात आतंकी आमिर हमजा पर लाहौर में जानलेवा हमला हुआ है। अज्ञात बंदूकधारियों ने उसे निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।n708652618177632562768185ef6346a0f881dfa61c31b1b4cb822d9e9ec73df133f6388edc673bda4a8b29

न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर हुआ हमला

​मिली जानकारी के अनुसार, आमिर हमजा पर यह हमला लाहौर में एक स्थानीय न्यूज चैनल के दफ्तर के ठीक बाहर हुआ। घात लगाए बैठे हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। सूत्रों का दावा है कि हमजा को कई गोलियां लगी हैं और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन या पाकिस्तानी अधिकारियों ने अभी तक उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

कौन है आमिर हमजा?

​आमिर हमजा केवल एक आतंकी कमांडर ही नहीं, बल्कि लश्कर-ए-तैयबा का वैचारिक चेहरा भी रहा है।

  • हाफिज सईद का करीबी: इसे लश्कर प्रमुख हाफिज सईद का सबसे विश्वसनीय सिपहसालार माना जाता था।
  • भर्ती और फंडिंग का जिम्मा: लश्कर के लिए चंदा जुटाना, नए आतंकियों की भर्ती करना और अन्य संगठनों के साथ रणनीतिक सौदेबाजी करना हमजा का मुख्य काम था।
  • यूएस ट्रेजरी की सूची में शामिल: अमेरिका ने हमजा को वैश्विक आतंकी घोषित कर रखा है।
  • जैश-ए-मनकफा का गठन: साल 2018 में वित्तीय अनियमितताओं के चलते लश्कर से दूरी होने के बाद उसने ‘जैश-ए-मनकफा’ नामक अपना अलग गुट बना लिया था।

भारत के खिलाफ साजिशों में रहा शामिल

​आमिर हमजा का नाम भारत में हुए कई आतंकी हमलों की साजिशों से जुड़ा रहा है। वह अफगान मुजाहिदीन का अनुभवी कमांडर रहा है और उसने भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कई जहरीली किताबें भी लिखी हैं। लंबे समय से वह भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर था।

पाकिस्तान में बढ़ता ‘अनजान’ हमलावरों का खौफ

​पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के भीतर भारत विरोधी आतंकियों की रहस्यमयी मौतों और हमलों का सिलसिला बढ़ा है। आमिर हमजा पर हुआ यह हमला इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। पाकिस्तानी हुक्मरान और सुरक्षा एजेंसियां इस घटना पर फिलहाल चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे वहां के आतंकी हलकों में भारी डर का माहौल है।

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जमशेदपुर: दुर्गा वाहिनी एवं मातृ शक्ति संगठन को सशक्त बनाने की योजना तैयार, अरुण सिंह ने महिलाओं को दी नई जिम्मेदारी

जमशेदपुर | संवाददाता विश्व हिंदू परिषद (VHP) जमशेदपुर महानगर द्वारा बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। महानगर अध्यक्ष अजय गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई और संगठन को सशक्त बनाने के लिए मातृशक्ति व दुर्गा वाहिनी के विस्तार पर चर्चा की गई।IMG 20260416 WA0003

सामाजिक समरसता के प्रतीक बाबा साहब को किया नमन कार्यक्रम की शुरुआत में विभाग मंत्री अरुण सिंह ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने न केवल दलित समाज के संघर्ष को आवाज दी, बल्कि भारतीय कानून और शिक्षा व्यवस्था में भी ऐतिहासिक योगदान दिया। विहिप ने उनकी जयंती को ‘सामाजिक समरसता दिवस’ के रूप में मनाकर एकजुटता का संदेश दिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

“लव-जिहाद को रोकने के लिए संगठन का सशक्त होना जरूरी” – अरुण सिंह बैठक को संबोधित करते हुए विभाग मंत्री अरुण सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि झारखंड राज्य में बढ़ते लव-जिहाद जैसे मामलों को रोकने के लिए मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी को धरातल पर मजबूत करना होगा। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में दुर्गा वाहिनी के प्रशिक्षण वर्गों से जुड़ें और आत्मरक्षा व समाज रक्षा के लिए तैयार रहें।IMG 20260416 WA0004

इन पदाधिकारियों को मिला नया दायित्व संगठन की सक्रियता बढ़ाने के लिए विभाग मंत्री ने नई नियुक्तियों की घोषणा की, जिन्हें महानगर अध्यक्ष अजय गुप्ता ने सम्मानित कर पदभार सौंपा:

  • सिमरन कौर: संयोजिका, दुर्गा वाहिनी (बारीडीह)
  • नीलम मिश्रा: संयोजिका, दुर्गा वाहिनी (साकची)
  • बबीता पांडे: संयोजिका, दुर्गा वाहिनी (कदमा)
  • नंदिनी नाग व संजू कुमारी: सह-संयोजिका, दुर्गा वाहिनी (बिष्टुपुर)
  • उषा शारदा: सह-प्रमुख, मातृशक्ति (जुगसलाई)
  • सुधा प्रसाद: सह-प्रमुख, मातृशक्ति (मानगो)
  • आकाश दास: मंत्री (जुगसलाई)
  • सौरभ गुप्ता: संयोजक, बजरंग दल (जुगसलाई)

एकजुटता ही संगठन की शक्ति अध्यक्ष अजय गुप्ता ने सभी नए पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि संगठन में आपसी सहयोग और समन्वय ही हमारी असली ताकत है। बैठक में मुख्य रूप से सविता सिंह, कुंती भारती, चंद्रिका भगत, चंदन दास, अमित शारदा, सविता ठाकुर, ममता सिंह, अर्चना सिंह और रितु झा सहित मातृशक्ति व दुर्गा वाहिनी की दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।

रिपोर्ट: तीसरी धारा न्यूज डेस्क, जमशेदपुर

बेंगलुरु: कलयुगी बेटे की हैवानियत, बीमारी से तंग आकर लकवाग्रस्त वृद्ध माँ को चौथी मंजिल से नीचे फेंका, मौत

बेंगलुरु: मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आई है। यहाँ के राजराजेश्वरी नगर (RR Nagar) इलाके में एक 42 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी 72 वर्षीय बुजुर्ग माँ को घर की चौथी मंजिल से नीचे फेंक कर मौत के घाट उतार दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी बेटा अपनी माँ की लंबी बीमारी और सेवा-टहल से तंग आ चुका था।n708627552177631837063704ea4597f0d62b8fd1b1d8c2f76026d65296b1cd9ecbf2f5fec0c8abe2f77490

5 साल से बिस्तर पर थी पीड़िता

​मृतक महिला की पहचान सावित्रम्मा (72) के रूप में हुई है। सावित्रम्मा पिछले करीब 4-5 वर्षों से लकवे (Paralysis) की बीमारी से जूझ रही थीं और पूरी तरह बिस्तर पर निर्भर थीं। आरोपी बेटे की पहचान वेंकटेश के रूप में हुई है, जिसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

साजिश के तहत छत पर ले गया आरोपी

​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह परिवार बीईएमएल (BEML) लेआउट स्थित एक चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर रहता था। वेंकटेश शादीशुदा है और अपनी पत्नी व माँ के साथ इसी फ्लैट में रहता था।

​घटना के दिन, वेंकटेश अपनी लाचार माँ को सहारा देकर या किसी बहाने से दूसरी मंजिल से सीधे चौथी मंजिल की छत पर ले गया। वहाँ पहुँचते ही उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपनी माँ को नीचे धक्का दे दिया। जमीन पर गिरते ही सावित्रम्मा की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

राहगीरों ने पुलिस को दी सूचना

​जिस वक्त यह घटना हुई, वहाँ से गुजर रहे कुछ लोगों ने महिला को ऊंचाई से गिरते देखा। तत्काल स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया है।

मानसिक स्थिति और वित्तीय एंगल की जाँच

​पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाओं के सही क्रम का पता लगाया जा सके।

  • मेडिकल जांच: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वारदात के वक्त आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक थी, इसके लिए उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है।
  • वित्तीय कारण: पुलिस मामले में वित्तीय पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इस हत्या के पीछे कोई संपत्ति या पैसों का विवाद तो नहीं था।

तीसरी धारा न्यूज डेस्क

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टीसीएस नासिक बीपीओ में बड़ा खुलासा: यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण सिंडिकेट का भंडाफोड़, एचआर मैनेजर निदा खान मुख्य आरोपी

नासिक: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की बीपीओ यूनिट से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस की 40 दिनों की सघन और गुप्त जांच के बाद एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जहां कॉर्पोरेट की आड़ में महिला कर्मचारियों का शोषण और जबरन धर्मांतरण का खेल चल रहा था। इस मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और एचआर मैनेजर निदा खान समेत कई टीम लीडर्स को गिरफ्तार किया गया है।n708488625177625323308549321f76a1539e09b3d7234f28824c69e2f21257b51fd749b10f838491f3287c

मुख्य साजिशकर्ता के रूप में निदा खान का नाम

​इस पूरे प्रकरण में निदा खान की भूमिका सबसे चौंकाने वाली रही है। वह नासिक यूनिट में प्रबंधकीय एचआर पद पर तैनात थीं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह आंतरिक शिकायत निवारण समिति (ICC) की सदस्य भी थीं।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

​उनकी जिम्मेदारी कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और POSH (यौन उत्पीड़न निवारण) अधिनियम को लागू करना था। जांच के अनुसार, निदा खान ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए पीड़ितों की शिकायतों को दबाया और आरोपियों को संरक्षण दिया।

कैसे चलता था शोषण का जाल?

​पुलिस जांच और पीड़ितों के बयानों से मिली जानकारी के अनुसार, यह शोषण एक संगठित तरीके से किया जा रहा था:

  • लालच और दबाव: 18 से 25 वर्ष की युवतियों को बेहतर सैलरी और प्रमोशन का झांसा देकर फंसाया जाता था।
  • गंभीर आरोप: आरोपी टीम लीडर्स (आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तर, दानिश शेख व अन्य) पर शारीरिक शोषण, ब्लैकमेल और बलात्कार जैसे संगीन आरोप लगे हैं।
  • सांस्कृतिक और धार्मिक उत्पीड़न: युवतियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें नमाज पढ़ने, रोजा रखने और मांसाहार करने के लिए मजबूर किया गया। कइयों पर धर्म परिवर्तन का दबाव भी बनाया गया।

शिकायतों को किया गया अनसुना

​रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ितों ने लगभग 78 ईमेल और चैट के जरिए निदा खान तक अपनी आपबीती पहुंचाई थी। आरोप है कि निदा खान ने इन शिकायतों पर कोई कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों से कहा कि “कॉर्पोरेट जगत में यह सब आम है।” ### अब तक की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए निदा खान सहित छह टीम लीडर्स को गिरफ्तार कर लिया है। निदा खान, जो सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं, ने कथित तौर पर जनवरी 2026 में कंपनी छोड़ दी थी, लेकिन जांच की आंच उन तक पहुंच गई।

​यह मामला कॉर्पोरेट इंडिया में महिलाओं की सुरक्षा और आंतरिक शिकायत समितियों (ICC) की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस इस सिंडिकेट के अन्य संभावित कनेक्शनों की तलाश कर रही है।

महिला सुरक्षा के लिए छात्र का ‘सुरक्षा कवच’: ऑटो-टैक्सी में एक स्कैन से पुलिस तक पहुँचेगी आपकी लोकेशन

नई दिल्ली/तिरुपति: आधुनिक तकनीक के इस दौर में जहाँ एक ओर अपराध बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर युवा तकनीक का इस्तेमाल लोगों की जान बचाने के लिए कर रहे हैं। आंध्र प्रदेश की मोहन बाबू यूनिवर्सिटी के छात्र जी श्रीनिवास रेड्डी ने एक ऐसा अनूठा QR कोड विकसित किया है, जो सफर के दौरान महिलाओं और आम यात्रियों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ का काम करेगा।n7085158571776242752296a54b76018968cd8baade52a64318b80fb2b16b74f65c7b7f55dcb8d8d03f7cd9

क्या है यह तकनीक और कैसे करती है काम?

​अक्सर ऑटो या टैक्सी में सफर करते समय यात्री, विशेषकर महिलाएँ, असुरक्षित महसूस करती हैं। श्रीनिवास द्वारा तैयार किया गया यह खास QR कोड वाहन में ड्राइवर की सीट के पीछे लगाया जाएगा।

  • लाइव लोकेशन शेयरिंग: खतरे की स्थिति में यात्री जैसे ही इस कोड को स्कैन करेगा, उसकी लाइव लोकेशन तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और नजदीकी गश्ती दल (Patrolling Units) के साथ साझा हो जाएगी।
  • त्वरित कार्रवाई: पुलिस इस तकनीक की मदद से वाहन को रियल-टाइम में ट्रैक कर सकती है और तुरंत मौके पर मदद भेज सकती है।
  • फीडबैक और रेटिंग: इसमें ड्राइवर के व्यवहार के आधार पर रेटिंग देने की सुविधा भी है। खराब रेटिंग मिलने पर पुलिस संबंधित ड्राइवर पर कड़ी नजर रख सकती है।

पुलिस प्रशासन का मिला भरपूर सहयोग

​इस नवाचार को जमीन पर उतारने में पुलिस अधिकारियों का भी बड़ा योगदान रहा है। श्रीनिवास ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में उन्हें डीसीपी शेख शरीना बेगम का मार्गदर्शन मिला। इस तकनीक को आईपीएस अधिकारी एस. वी. राजशेखर बाबू द्वारा लॉन्च किया गया, जो छात्र की इस उपलब्धि पर पुलिस के भरोसे को दर्शाता है।WhatsApp Image 2026 03 07 at 17.22.01

समाज के लिए क्यों है जरूरी?

​यह तकनीक उन हजारों लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो रोजाना लोकल ट्रांसपोर्ट का उपयोग करते हैं। ड्राइवर का व्यवहार संदिग्ध लगने या रास्ता भटकने जैसी स्थितियों में यह QR कोड एक बटन दबाने जैसा आसान और प्रभावी समाधान है। श्रीनिवास रेड्डी का यह प्रयास इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे किताबी ज्ञान को असल दुनिया की समस्याओं को सुलझाने में लगाया जा सकता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज

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