एक नई सोच, एक नई धारा

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महिला सुरक्षा के लिए आगे आई ‘सेवा ही लक्ष्य’ की टीम; रात में परेशानी होने पर तुरंत इस नंबर पर करें संपर्क

जमशेदपुर/झारखंड: राज्य में महिलाओं और बहनों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक संस्था ‘सेवा ही लक्ष्य (युवाशक्ति)’ ने एक विशेष पहल की शुरुआत की है। संस्था ने घोषणा की है कि रात के समय किसी भी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा महसूस होने पर महिलाएं सीधे उनकी टीम से मदद मांग सकती हैं।IMG 20260514 WA0003

“माँ-बहन सुरक्षित, तो झारखंड सुरक्षित”

​संस्था के सक्रिय सदस्य पीयूष ठाकुर ने इस मुहिम को सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्मों पर साझा करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, “अगर हमारी माँ-बहनें सुरक्षित हैं, तभी हमारा झारखंड सुरक्षित रह सकता है।”b 1

​पीयूष ठाकुर ने महिलाओं से अपील की है कि यदि राह चलते समय या कहीं घूमने जाने के दौरान कोई भी लड़का छेड़खानी या अभद्र व्यवहार करता है, तो उसे बर्दाश्त न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं और सहायता के लिए संस्था की टीम को सूचित करें।IMG 20260514 WA0004

समाज सेवा के लिए समर्पित युवाशक्ति

​’सेवा ही लक्ष्य (युवाशक्ति)’ एक ऐसी संस्था है जो हर प्रकार की सामाजिक गतिविधियों और सेवा भाव के लिए जानी जाती है। संस्था के सदस्य हमेशा समाज हित के कार्यों में तत्पर रहते हैं।

​संस्था के अध्यक्ष श्री बिकाश दे एवं मीडिया प्रभारी आयुष सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि पूरी युवाशक्ति पीयूष ठाकुर के इस विचार के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था के सभी युवा हमेशा समाज की भलाई और सुरक्षा के लिए तत्पर हैं और भविष्य में भी रहेंगे।a 2

मदद के लिए यहाँ करें संपर्क

​यदि किसी भी महिला या बहन को रात के समय या किसी भी विषम परिस्थिति में सहायता की आवश्यकता हो, तो वे संस्था के इस हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकती हैं:

सम्पर्क सूत्र: 9608088055

 

तीसरी धारा न्यूज़ की अपील

​सामाजिक सुरक्षा के लिए युवाओं का इस प्रकार आगे आना एक सकारात्मक संदेश है। तीसरी धारा न्यूज़ इस पहल की सराहना करता है और पाठकों से अपील करता है कि इस जानकारी को अधिक से अधिक साझा करें ताकि जरूरत पड़ने पर किसी की मदद हो सके।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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महंगाई का झटका: अमूल के बाद मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम, आज से नई दरें लागू

तीसरी धारा न्यूज

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देश के उपभोक्ताओं के लिए सुबह की चाय अब और महंगी होने वाली है। अमूल के बाद देश की दूसरी बड़ी डेयरी कंपनी, मदर डेयरी ने भी दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई दरें आज यानी 14 मई, 2026 से लागू हो गई हैं।n71212599517787227263901c5abde284c1ebf1db9d7d98ebc9945fd2c764bee58e61bbadcb16672a311547

​अमूल के इन उत्पादों पर बढ़ी कीमतें

​गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने बताया कि यह बढ़ोतरी अमूल के मुख्य और सबसे ज्यादा बिकने वाले वेरिएंट्स पर लागू होगी। इनमें शामिल हैं:

  • ​अमूल गोल्ड
  • ​अमूल ताजा
  • ​अमूल काऊ मिल्क (गाय का दूध)
  • ​अमूल बफेलो मिल्क (भैंस का दूध)
  • ​अमूल स्लिम एंड ट्रिम
  • ​अमूल स्टैंडर्ड मिल्क
  • ​अमूल टी-स्पेशलb 1

​मदर डेयरी के नए रेट्स (Delhi NCR)

दी गई जानकारी के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में दूध की संशोधित कीमतें इस प्रकार हैं:

वेरिएंट

पुराना दाम (₹/लीटर)

नया दाम (₹/लीटर)

बल्क वेंडेड मिल्क (टोकन मिल्क)

56

58

फुल क्रीम मिल्क

70

72

टोंड मिल्क

58

60

डबल टोंड मिल्क (लाइव लाइट)

52

54

काऊ मिल्क (गाय का दूध)

60

62

प्रो मिल्क

70

72

क्यों बढ़े दाम?

​कंपनियों ने इस बढ़ोतरी के पीछे उत्पादन और परिचालन लागत में वृद्धि को मुख्य कारण बताया है।a 2

  • GCMMF (अमूल): पशुओं के चारे, पैकेजिंग फिल्म और ईंधन की लागत में भारी इजाफा हुआ है। यह वृद्धि प्रति लीटर लगभग 2.5% से 3.5% के बीच है।
  • मदर डेयरी: कंपनी के अनुसार, पिछले एक साल में किसानों से दूध खरीदने की लागत में 6% की वृद्धि हुई है। मदर डेयरी अपनी कमाई का करीब 75-80% हिस्सा किसानों के कल्याण और दूध की खरीद पर खर्च करती है।

​दोनों ही कंपनियों का कहना है कि उन्होंने उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को कम करने का प्रयास किया है, लेकिन किसानों के हितों और बढ़ती लागत के बीच संतुलन बनाने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था। हालांकि, इस बढ़ोतरी से आम जनता के घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ना तय है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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डिजिटल ब्लैकआउट का खतरा! क्या ईरान के कब्जे में होगा दुनिया का इंटरनेट? WhatsApp और UPI सेवाओं पर संकट की आहट

नई दिल्ली/दुबई: टेक जगत से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। जिस इंटरनेट, WhatsApp और ऑनलाइन बैंकिंग (UPI) पर आज दुनिया टिकी है, उस पर अब ईरान अपना नियंत्रण बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से आई इस रिपोर्ट ने वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।1 KRDXJUlO1Oj4t K 57yRXg

होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया का ‘डिजिटल टोल गेट’

​ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान समुद्र के नीचे बिछी उन अंडर-सी इंटरनेट केबल्स (Submarine Cables) पर अपना कंट्रोल करने की योजना बना रहा है, जिनसे होकर दुनिया का अधिकांश डेटा गुजरता है। ईरानी अधिकारी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को एक ‘छिपे हुए डिजिटल हाईवे’ के रूप में देख रहे हैं।b 1

​आपको जानकर हैरानी होगी कि इन केबल्स के जरिए रोजाना लगभग 10 ट्रिलियन डॉलर (100 खरब डॉलर) का वैश्विक वित्तीय लेन-देन होता है। ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले डेटा के लिए ‘डिजिटल टोल’ वसूलने की तीन चरणों वाली योजना (3-Phase Plan) पर काम कर रहा है।

टेक दिग्गजों के लिए ‘ईरानी कानून’ की शर्त

​ईरान की इस योजना का असर केवल इंटरनेट की रफ्तार पर नहीं, बल्कि डेटा सुरक्षा और संप्रभुता पर भी पड़ेगा। ईरान की शर्तों के अनुसार:

  • मेटा (WhatsApp/FB), अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों को ईरान के कानूनों के तहत काम करना पड़ सकता है।
  • ​इन केबलों की मरम्मत और रखरखाव (Maintenance) का पूरा जिम्मा ईरानी कंपनियों को सौंपना पड़ सकता है।
  • ​डेटा ट्रांसफर के बदले भारी-भरकम ‘ट्रांजिट फीस’ चुकानी पड़ सकती है।a 2

आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा असर?

​अगर ईरान इस ‘डिजिटल टोल’ को लागू करता है, तो गूगल, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों का ऑपरेशनल खर्च बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा:

  1. महंगे होंगे सब्सक्रिप्शन: गूगल वन (Google One), माइक्रोसॉफ्ट 365 जैसी सेवाओं के दाम बढ़ सकते हैं।
  2. बैंकिंग और UPI: वैश्विक डेटा रूटिंग बाधित होने से ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट (UPI) में तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं।
  3. क्लाउड सर्विस: कंपनियों के लिए क्लाउड स्टोरेज महंगा हो सकता है, जिससे ऐप्स और सर्विसेज की कीमतें बढ़ेंगी।

निष्कर्ष

​यदि ईरान अपनी इस योजना में सफल रहता है, तो यह वैश्विक इंटरनेट के विकेंद्रीकृत स्वरूप के लिए एक बड़ा झटका होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह न केवल आर्थिक बल्कि सामरिक दृष्टि से भी दुनिया को अस्थिर कर सकता है। क्या दुनिया के बड़े देश इस ‘डिजिटल घेराबंदी’ को रोकने के लिए आगे आएंगे? यह देखने वाली बात होगी।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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सरायकेला: पुलिसिया गुंडागर्दी! आधी रात को घर में घुसकर युवक को उठाया, मां ने टाइगर मोबाइल के जवानों पर लगाया छेड़खानी का गंभीर आरोप

सरायकेला/आदित्यपुर: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाने की पुलिस पर कानून की धज्जियां उड़ाने और एक महिला की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित मां पुतुल गोप ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई है।177060fe93d8d57b45b24ce27e39f3e5ab5965a4b2c87a413c22eab6ba1f9131.0

आधी रात को बिना वारंट घर में तांडव

​पीड़ित महिला के अनुसार, बीते सोमवार की रात करीब 1 बजे आदित्यपुर थाना प्रभारी विनोद तिर्की, टाइगर मोबाइल के जवान नीतीश पांडे, राघवेंद्र सिंह और अन्य पुलिसकर्मी जबरन उनके घर में घुस आए। आरोप है कि पुलिस के पास न तो कोई वारंट था और न ही छापेमारी के दौरान कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद थी। पुलिस ने सोते हुए युवक जिसू गोप को जबरन उठाया और थाने ले गई।b 1

“हमें खुश कर दो, बेटे को छोड़ देंगे” – छेड़खानी का आरोप

​घटना का सबसे शर्मनाक पहलू पुलिसकर्मियों की कथित बदतमीजी है। पुतुल गोप ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया कि टाइगर मोबाइल के जवानों ने उनके साथ छेड़खानी की और अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा, “तुम हमें खुश कर दो, तो मैं तुम्हारे बेटे को छोड़ दूंगा।” जब महिला के छोटे बेटे ने अपनी मां को बचाने का प्रयास किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसे भी झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी।a 2

थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर और सुसाइड की चेतावनी

​परिजनों का आरोप है कि जिसू गोप को थाने में ले जाकर बेरहमी से पीटा गया और उसे किसी पुराने आर्म्स एक्ट के मामले को कबूल करने के लिए मजबूर किया गया। मां ने बताया कि पुलिसिया प्रताड़ना से टूटकर जिसू ने आत्महत्या तक की बात कही है। हालांकि, आज पुलिस ने उसे घायल अवस्था में छोड़ दिया है, लेकिन उसके शरीर पर बने चोट के निशान पुलिस की बर्बरता बयां कर रहे हैं।

मामले पर एसपी का कड़ा रुख

​यह पूरा मामला क्षेत्र में हुई एक वाहन तोड़फोड़ की घटना से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें पुलिस को जिसू पर संदेह था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी निधि द्विवेदी ने कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि:

  • ​वर्दी का दुरुपयोग करने वाले पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
  • ​महिला की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले आरोपियों पर उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई है।
  • ​दोष सिद्ध होने पर संबंधित पुलिसकर्मियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

तीसरी धारा न्यूज़ का सवाल

​क्या कानून की रक्षा करने वाली पुलिस खुद रक्षक से भक्षक बन गई है? आधी रात को बिना महिला पुलिसकर्मी के किसी महिला के घर में घुसना और अभद्र टिप्पणी करना किस प्रोटोकॉल का हिस्सा है? उम्मीद है कि एसपी की जांच में पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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लोको पायलट हत्याकांड: मुख्य आरोपी राजकिशोर और बेटे ने कोर्ट में किया सरेंडर, पुलिस को 4 दिनों की रिमांड मिली

जमशेदपुर: शहर के बहुचर्चित लोको पायलट जीके गौतम (ज्ञानेंद्र कुमार गौतम) हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मामले के मुख्य आरोपी राजकिशोर और उसके बड़े बेटे अनिकेत ने मंगलवार को जमशेदपुर न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस पिछले 15 दिनों से दोनों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी, लेकिन आरोपियों ने बेहद नाटकीय तरीके से पुलिस को चकमा देकर सरेंडर की प्रक्रिया पूरी की।65b6b0fe3c3156811d0600ff659684b93d869ff50cc276afe5cb6ffc0529a1b4.0

पुलिस को चकमा देकर गेट नंबर-3 से घुसे आरोपी

​आरोपियों ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए एक सोची-समझी रणनीति अपनाई। जब पुलिस शहर और बाहर के ठिकानों पर दबिश दे रही थी, तब दोनों आरोपी चुपके से अदालत के गेट नंबर-3 से परिसर के भीतर दाखिल हो गए। जब तक पुलिस को इसकी भनक लगती, तब तक उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना मिश्रा की अदालत में सरेंडर कर दिया। अदालत ने दोनों को तत्काल न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।b 1

4 दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर, खुलेंगे कई राज

​हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने आरोपियों की 6 दिनों की रिमांड मांगी थी। अदालत ने सुनवाई के बाद बुधवार (आज) से 4 दिनों की पुलिस रिमांड मंजूर की है। इस दौरान पुलिस आरोपियों से निम्नलिखित बिंदुओं पर पूछताछ करेगी:

  • ​हत्याकांड का असली मास्टरमाइंड कौन है?
  • ​वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों की पहचान और ठिकाने।
  • ​हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों की बरामदगी।

जमीन विवाद ने ली लोको पायलट की जान

​बता दें कि बीते 26 अप्रैल की रात टाटा स्टेशन के रनिंग रूम के ठीक सामने लोको पायलट जीके गौतम की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में अब तक यह स्पष्ट हुआ है कि इस खूनी खेल के पीछे जमीन का विवाद मुख्य कारण था। इस मामले में पुलिस अब तक 8 संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है।a 2

अब शूटरों पर पुलिस की नजर

​मुख्य आरोपियों के सरेंडर और रिमांड पर मिलने के बाद अब पुलिस की टीमें शूटरों की तलाश में छापेमारी तेज कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से कई अहम साक्ष्य मिलेंगे, जिससे इस सनसनीखेज हत्याकांड के सभी पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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झारखंड: व्यवस्था की बलि चढ़ा ‘मसीहा’; गुमला में डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण एंबुलेंस चालक की तड़पकर मौत

गुमला (कामडारा): झारखंड के गुमला जिले से स्वास्थ्य विभाग की एक शर्मनाक और हृदयविदारक तस्वीर सामने आई है। कामडारा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में ड्यूटी डॉक्टर की लापरवाही और अनुपस्थिति ने एक ऐसे व्यक्ति की जान ले ली, जिसने अपने जीवन के 15 साल दूसरों को अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने में लगा दिए थे।351b598c8774b4d0eee7007ee81fd2eb237593a019c47e58dfb63724d1088233.0

क्या है पूरा मामला?

​मृतक की पहचान 45 वर्षीय संदीप प्रधान के रूप में हुई है, जो लंबे समय से एंबुलेंस चालक के रूप में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, अचानक संदीप के पेट में तेज दर्द उठा, जिसके बाद परिजन उन्हें लेकर तत्काल कामडारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। विडंबना देखिए कि जिस अस्पताल की चौखट पर वे रोज मरीजों को लाते थे, वहां उन्हें खुद प्राथमिक उपचार तक नसीब नहीं हुआ। अस्पताल में उस समय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर मौजूद नहीं थीं।b 1

ड्यूटी रोस्टर में नाम, पर कुर्सी खाली

​परिजनों का आरोप है कि संदीप अस्पताल में तड़पते रहे, लेकिन कोई चिकित्सक उन्हें देखने वाला नहीं था। जांच में सामने आया कि ड्यूटी रोस्टर के अनुसार उस समय महिला चिकित्सक डॉ. सविता कुमारी की तैनाती थी, लेकिन वे केंद्र से नदारद थीं। इलाज में हुई इसी देरी के कारण संदीप ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया।a 2

ग्रामीणों का आक्रोश और हंगामा

​संदीप की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जब डॉ. सविता कुमारी अस्पताल पहुंचीं, तो उन्होंने पहले अपनी ड्यूटी होने से ही इनकार कर दिया। हालांकि, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुनील खलको द्वारा रोस्टर की जांच करने पर डॉक्टर की लापरवाही की पुष्टि हो गई।

ग्रामीणों के गंभीर आरोप:

  • ​डॉक्टर सप्ताह में मात्र दो दिन कुछ घंटों के लिए अस्पताल आती हैं।
  • ​अस्पताल में नाइट ड्यूटी का पालन नहीं किया जाता है।
  • ​शिकायतों के बावजूद उच्च अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।

प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला

​नाराज ग्रामीणों ने रांची-सिमडेगा मुख्य मार्ग जाम करने की चेतावनी दी थी, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और अस्पताल प्रबंधन द्वारा दोषी डॉक्टर पर कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।

तीसरी धारा न्यूज़ की टिप्पणी

​एक एंबुलेंस चालक जो समाज के लिए जीवन रक्षक था, उसका सिस्टम की लापरवाही से दम तोड़ देना पूरे स्वास्थ्य महकमे पर सवालिया निशान खड़ा करता है। क्या बायोमेट्रिक हाजिरी और कागजी रोस्टर केवल खानापूर्ति के लिए हैं? क्या सरकार इन “लापरवाह” केंद्रों पर लगाम कसेगी?

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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आर्थिक देशभक्ति: पीएम मोदी ने पेश की मिसाल, अपने काफिले से हटाईं गाड़ियां; देश को दिया सादगी का संदेश

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के लिए ‘आर्थिक देशभक्ति’ का मंत्र दिया है। इस मुहिम को केवल शब्दों तक सीमित न रखते हुए, प्रधानमंत्री ने स्वयं उदाहरण पेश कर नेतृत्व की एक नई मिसाल कायम की है।

खुद से शुरुआत: छोटा हुआ पीएम का काफिला

​प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक काफिले के आकार में दो गाड़ियों की कटौती कर उसे छोटा करने का निर्णय लिया है। खास बात यह है कि यह फैसला सुरक्षा मानकों और SPG (विशेष सुरक्षा समूह) के कड़े प्रोटोकॉल को बरकरार रखते हुए लिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुरक्षा तकनीकों के समन्वय से सुरक्षा घेरे को अभेद्य रखते हुए भी संसाधनों का अनुकूलन (Optimization) संभव है।b 1

ईंधन संरक्षण और विदेशी मुद्रा पर नजर

​पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है। पीएम मोदी के इस कदम का सीधा संदेश ईंधन संरक्षण (Fuel Conservation) और सरकारी तंत्र में मितव्ययिता (Austerity) लाना है।

​प्रधानमंत्री के इस फैसले का व्यापक असर भी दिखने लगा है:

  • गृह मंत्री अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी अपने काफिले छोटे करने की घोषणा की है।
  • ​विभिन्न मंत्रालयों ने अपने दैनिक परिचालन खर्चों में कटौती की योजना बनाई है।
  • ​सरकारी अधिकारियों को मेट्रो, सार्वजनिक परिवहन और ‘कार पूलिंग’ अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।a 2

7 सूत्रीय अपील और सोने से परहेज

​हाल ही में हैदराबाद में दिए अपने संबोधन में पीएम मोदी ने नागरिकों के सामने एक रोडमैप रखा था। उन्होंने वैश्विक महंगाई से लड़ने के लिए जनता से 7 महत्वपूर्ण अपीलें की थीं, जिनमें प्रमुख हैं:

    1. स्वर्ण त्याग: आगामी एक वर्ष तक सोना खरीदने से बचना।
    2. ईंधन की बचत: निजी वाहनों का सीमित उपयोग और ऊर्जा संरक्षण।
    3. स्वदेशी को बढ़ावा: आयातित वस्तुओं के बजाय स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता।

“जब देश संकट से जूझ रहा हो, तो शासन को भी त्याग कर जनता को प्रेरित करना चाहिए।”प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 

निष्कर्ष

​प्रधानमंत्री का ‘लीड बाई एग्जांपल’ (स्वयं उदाहरण बनकर नेतृत्व करना) दृष्टिकोण जनता में यह विश्वास पैदा कर रहा है कि उनकी अपील केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में उठाया गया एक आवश्यक कदम है। सत्ता के शीर्ष से शुरू हुई यह सादगी की लहर अब पूरे प्रशासनिक तंत्र और आम जनमानस में ‘आर्थिक देशभक्ति’ की भावना को प्रबल कर रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट, तीसरी धारा न्यूज़

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जमशेदपुर में गहराया ईंधन संकट: पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें, कई जगह ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड से जनता परेशान

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में पिछले दो-तीन दिनों से ईंधन की भारी किल्लत देखी जा रही है। शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल के लिए वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई प्रमुख पंपों पर ‘नो फ्यूल’ (No Fuel) के बोर्ड लटका दिए गए हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।IMG 20260512 083301

पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल

​शहर के साकची, बिष्टुपुर, मानगो और टेल्को जैसे व्यस्त इलाकों में स्थित पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जिन पंपों पर तेल उपलब्ध है, वहां वाहनों की कतारें मुख्य सड़कों तक पहुंच गई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।b 1

जनता में भारी रोष

​ईंधन की इस अचानक कमी ने नौकरीपेशा लोगों, स्कूली बच्चों के अभिभावकों और ट्रांसपोर्टरों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक तरफ सरकार ईंधन बचाने की अपील कर रही है, और दूसरी तरफ बाजार में उपलब्धता की कमी ने दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऑटो और कमर्शियल वाहन चालकों को भी अपना काम बंद करना पड़ रहा है।a 2

संकट की मुख्य वजह?

​हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी बड़ी तकनीकी खराबी की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि वैश्विक ईंधन संकट की आहट और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में आई बाधा इसकी मुख्य वजह हो सकती है। वहीं, कुछ लोग इसे भविष्य में कीमतों में होने वाले बदलाव की आशंका से भी जोड़कर देख रहे हैं।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

​शहर की जनता ने जिला प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को पेट्रोल पंपों पर तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करानी चाहिए और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। फिलहाल, लोग इस उम्मीद में एक पंप से दूसरे पंप के चक्कर काट रहे हैं कि कहीं उन्हें अपनी गाड़ी के लिए कुछ लीटर पेट्रोल मिल जाए।

तीसरी धारा न्यूज

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नक्सलियों के अभेद्य किले ‘बूढ़ा पहाड़’ पहुंचे सीआरपीएफ स्पेशल डीजी, जवानों का बढ़ाया हौसला

गढ़वा: सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी दीपक कुमार ने मंगलवार को गढ़वा जिले के सुदूरवर्ती बड़गड़ थाना क्षेत्र स्थित बूढ़ा पहाड़ कैंप का दौरा किया। एक समय में नक्सलियों का सबसे मजबूत और अभेद्य किला माना जाने वाला यह क्षेत्र अब सुरक्षा और विकास के नए दौर से गुजर रहा है। स्पेशल डीजी ने इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और चल रही विकास योजनाओं का जायजा लिया।n7120553561778651747710eccddaf83bea4dd1556bc61b2515719583085d9efecc84b2f373a9497f994e7b

भयमुक्त वातावरण और विकास की नई इबारत

​निरीक्षण के दौरान स्पेशल डीजी ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित यह दुर्गम क्षेत्र कभी नक्सलियों का गढ़ था, जहाँ लोग खौफ के साये में जीने को मजबूर थे। लेकिन आज जिला प्रशासन, गढ़वा पुलिस और सीआरपीएफ के साझा प्रयासों से यहाँ स्थिति बदली है। अब यहाँ भयमुक्त वातावरण है और विकास की किरणें घर-घर तक पहुंच रही हैं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और ऑपरेशनल तैयारियों की भी समीक्षा की।b 1

बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट योजना की समीक्षा

​दौरे के दौरान स्पेशल डीजी ने राज्य सरकार द्वारा संचालित “बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट योजना” की प्रगति की जांच की। उन्होंने अधिकारियों के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की। डीजी ने सख्त निर्देश दिए कि चुनौती अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए सक्रिय नक्सलियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाए।a 2

जवानों की वीरता को सलाम

​बूढ़ा पहाड़ का भ्रमण करने के बाद स्पेशल डीजी गढ़वा स्थित सीआरपीएफ 172 बटालियन के मुख्यालय पहुंचे। वहां आयोजित ‘सैनिक सम्मेलन’ में उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए उनकी वीरता और साहस की जमकर सराहना की।

​इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान उनके साथ:

  • ​सीआरपीएफ आईजी साकेत कुमार
  • ​डीआईजी पंकज कुमार
  • ​पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल
  • ​गढ़वा एसपी आशुतोष शेखर
  • ​172 बटालियन के कमांडेंट अमरेंद्र कुमार सिंह

​सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सशस्त्र जवान मुख्य रूप से उपस्थित थे।

तीसरी धारा न्यूज

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जमशेदपुरः टाटानगर रेलवे यार्ड में तेंदुए जैसे वन्यजीव के देखे जाने की खबर से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें झाड़ियों के बीच एक जंगली जानवर घूमता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मियों और आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटानगर रेलवे प्रबंधन ने तत्काल जमशेदपुर के डीएफओ सबा आलम अंसारी को औपचारिक पत्र भेजते हुए वायरल वीडियो साझा किया है। रेलवे प्रशासन ने वन विभाग से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाने की मांग की है। रेलवे यार्ड का इलाका काफी संवेदनशील माना जाता है, जहां दिन-रात रेल कर्मचारियों की आवाजाही और ट्रेनों की शंटिंग का कार्य चलता रहता है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। डीएफओ के निर्देश पर रिसर्चर इमरान और फॉरेस्टर मिथुन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम इलाके की निगरानी कर रही है और ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी भी की जा रही है। रेलवे कॉलोनियों और यार्ड के आसपास रहने वाले लोगों में डर का माहौल है। यार्ड का बड़ा हिस्सा झाड़ियों और सुनसान इलाकों से घिरा होने के कारण खतरा बढ़ गया है। इसे देखते हुए रेलवे और वन विभाग ने संयुक्त रूप से लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि रात में सुनसान रास्तों पर अकेले न जाएं, बच्चों को बाहर अकेला न छोड़ें और किसी भी जंगली जानवर को देखकर उसके पास जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करें, बल्कि तुरंत प्रशासन को सूचना दें। फिलहाल पूरे यार्ड क्षेत्र में विशेष निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है। वन विभाग की जांच रिपोर्ट और ट्रैप कैमरों के फुटेज आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे यार्ड में तेंदुए जैसा एक वन्यजीव देखे जाने की खबर से पूरे रेल क्षेत्र में दहशत फैल गई है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें झाड़ियों के बीच एक जंगली जानवर को घूमते हुए देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद यार्ड में काम करने वाले रेल कर्मचारियों और नजदीकी कॉलोनियों के निवासियों में डर का माहौल है।32c2d2c01e9619c8b31b4edbac6ffb9e0daaea64e32314e2db05b7663981cf6a.0

रेलवे प्रबंधन ने वन विभाग को लिखा पत्र

​मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटानगर रेलवे प्रबंधन ने तत्काल जमशेदपुर के डीएफओ (DFO) सबा आलम अंसारी को औपचारिक पत्र भेजकर घटना की जानकारी दी है। वायरल वीडियो को साक्ष्य के तौर पर साझा करते हुए रेलवे प्रशासन ने मांग की है कि वन विभाग जल्द से जल्द रेस्क्यू अभियान चलाए। बता दें कि रेलवे यार्ड एक संवेदनशील इलाका है, जहां दिन-रात ट्रेनों की शंटिंग और कर्मचारियों का आवागमन बना रहता है।b 1

जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम

​सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम हरकत में आ गई है। डीएफओ के निर्देश पर रिसर्चर इमरान और फॉरेस्टर मिथुन के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम यार्ड भेजी गई है।

  • निगरानी: टीम पूरे इलाके में पगमार्क (पदचिह्न) की तलाश कर रही है।
  • ट्रैप कैमरे: जानवर की पहचान सुनिश्चित करने के लिए इलाके में ट्रैप कैमरे लगाने की तैयारी की जा रही है।

प्रशासन की ओर से सतर्क रहने की अपील

​यार्ड का एक बड़ा हिस्सा घनी झाड़ियों और सुनसान इलाकों से घिरा हुआ है, जिससे जंगली जानवरों के छिपने की संभावना बढ़ जाती है। इसे देखते हुए रेलवे और वन विभाग ने संयुक्त रूप से एडवायजरी जारी की है:a 2

  1. ​रात के समय सुनसान रास्तों पर अकेले जाने से बचें।
  2. ​बच्चों को घर से बाहर अकेला न छोड़ें।
  3. ​किसी भी वन्यजीव को देखकर उसके करीब जाने या वीडियो बनाने की कोशिश न करें।
  4. ​जानवर दिखने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

​फिलहाल, वन विभाग की जांच रिपोर्ट और कैमरों के फुटेज का इंतज़ार किया जा रहा है ताकि पुष्टि हो सके कि दिखाई देने वाला जानवर तेंदुआ ही है या कोई अन्य वन्यजीव। पूरे क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।

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