समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जन शिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने विभिन्न प्रखंड एवं शहरी क्षेत्र से आए नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। इस दौरान नागरिकों द्वारा पुश्तैनी जमीन पर अवैध दखल, जमीन विवाद, स्वास्थ्य समस्या, मुख्य सड़क पर पार्किंग, स्कूल फीस में रियायत, चारदिवारी पर आपत्ति समेत अन्य जनहित से जुड़ी समस्याएं और मांगपत्र को रखा ।
उपायुक्त द्वारा सभी नागरिकों की समस्याओं को क्रमवार सुनते हुए प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को अग्रसारित कर स्पष्ट निर्देश दिया गया कि प्रत्येक आवेदन पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें । कई आवेदनों का ऑन द स्पॉट समाधान किया गया । उपायुक्त द्वारा सभी विभागीय पदाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जन शिकायत निवारण दिवस में प्राप्त आवेदनों का निष्पादन प्राथमिकता से करेंगे। विभागीय समीक्षा के क्रम में जनशिकायत में प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा नियमित की जा रही है ताकि जनसमस्याओं का समाधान त्वरित रूप से किया जा सके।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2023 बैच के पदाधिकारी श्री अर्नव मिश्रा ने धालभूम अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के रूप में आज पदभार ग्रहण किया। पदभार ग्रहण के पश्चात नवपदस्थापित अनुमंडल पदाधिकारी ने जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने उपायुक्त को अपनी ओर से नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
शिष्टाचार भेंट के दौरान उपायुक्त द्वारा श्री मिश्रा को उनके नवीन दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी गईं एवं प्रशासनिक कार्यों के सुचारु संचालन, जनहित से जुड़े विषयों के प्रभावी निष्पादन तथा अनुमंडल क्षेत्र में बेहतर विधि-व्यवस्था संधारण के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 11 प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपने दो दिवसीय विंटर स्टडी टूर के समापन अवसर पर समाहरणालय में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत करते हुए जिले की प्रशासनिक संरचना, औद्योगिक विकास, जनजातीय बहुल क्षेत्र में प्रशासनिक चुनौतियों, नवाचार आधारित शासन एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की।
उपायुक्त ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि फील्ड स्तर का प्रशासनिक अनुभव नीति निर्माण की नींव होता है और ऐसे शैक्षणिक भ्रमण अधिकारियों को जमीनी वास्तविकताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जमशेदपुर के औद्योगिक मॉडल, सार्वजनिक-निजी भागीदारी, संसाधन प्रबंधन तथा सामाजिक समावेशन पर भी अपने अनुभव साझा किए। शिष्टाचार भेंट के दौरान प्रशिक्षु अधिकारी श्री हरिप्रसाथ एम, श्री सुशांत कुमार, सुश्री शिवानी मोहन, श्री सक्षम भाटिया, श्री पाटिल कृष्णा बाबरुवान, सुश्री कुमुद मिश्रा, सुश्री फरखंदा कुरैशी, श्री दिव्यांश मीणा, श्री अभिषेक कुमार सिंह, सुश्री गोवसिका पी.आर. एवं श्री अंकित पांडेय उपस्थित रहे।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने जिले में प्राप्त सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए उपायुक्त के प्रति आभार व्यक्त किया तथा अध्ययन भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों को अपने प्रशासनिक प्रशिक्षण में अत्यंत उपयोगी बताया। यह संवादात्मक बैठक प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक रही।
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के नवपदस्थापित अनुमंडल पदाधिकारी अर्नव मिश्रा से समाजसेवी करनदीप सिंह ने शिष्टाचार मुलाकात की।
इस अवसर पर उन्होंने पुष्पगुच्छ भेंट कर एसडीओ का स्वागत किया और उन्हें नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
मुलाकात के दौरान वरिष्ठ नागरिक भवन के सदस्य शिवाजी पांडे भी मुख्य रूप से उपस्थित थे। करनदीप सिंह ने नए एसडीओ के उज्जवल कार्यकाल की कामना करते हुए जनहित के मुद्दों पर चर्चा की। एसडीओ अर्णव मिश्रा ने भी इस शुभकामना के लिए आभार व्यक्त किया।
आदित्यपुर थाना अंतर्गत हरिओम नगर में पत्रकार अंकित शुभम और उनके परिवार के सदस्यों पर जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना रात करीब 11:30 बजे के आसपास की बताई जा रही है, जब कथित तौर पर सुभाष यादव के परिवार के सदस्यों ने मारपीट कर पत्रकार और उनके परिजनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है।
अंकित शुभम के पिता के अनुसार, घटना के दौरान उन्होंने अपने बेटे को बचाने की कई बार कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उसे घेरकर बेरहमी से पीटा, जिससे वह लहूलुहान हो गया। आरोप है कि हमलावरों ने चार पहिया वाहन से चढ़ाकर जान से मारने की कोशिश भी की। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से किसी तरह स्थिति संभली और बड़ी अनहोनी टल गई।
परिजनों का कहना है कि मारपीट के बाद अंकित शुभम से सोने की चेन छीनने का प्रयास किया गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि सुभाष यादव का घर गली के अंतिम छोर पर है, जहां वाहन खड़े करने को लेकर पहले हल्की बहस हुई थी। इसके बाद आरोप है कि सुभाष यादव ने अपने रिश्तेदार, कथित तौर पर सीआरपीएफ जवान संजीव कुमार को बुलाया और लाठी-डंडों के साथ घर में घुसकर अंकित शुभम के पिता, माता और बहन के साथ मारपीट की गई।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, सुभाष यादव पर पहले भी आसपास के लोगों से बदतमीजी करने के आरोप लगते रहे हैं। बताया गया कि रास्ते में वाहन खड़े होने पर वह कई बार मनमाने तरीके से गाड़ियों को पलट देता है, जिससे इलाके में पहले से असंतोष था।
आदित्यपुर थाना पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में पार्किंग को लेकर नोकझोंक के बाद मारपीट की बात सामने आई है। अंकित शुभम को गंभीर चोटें आई हैं, खासकर नाक से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ है। थाना प्रभारी ने कहा कि लिखित आवेदन के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
घटना की जानकारी जुटाने पहुंचे मीडिया कर्मियों के साथ भी कथित तौर पर सुभाष यादव के परिवार के सदस्यों द्वारा बदतमीजी किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड में एक बड़े हादसे की खबर आ रही है। ऑटो और टैंकर की जोरदार भिड़ंत हो गयी। इस घटना में 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं 5 लोगों की हालत गंभीर है। घटना बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ के पास की है। घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी दुख जताया है। मरने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है।
पुलिस के मुताबिक बरहेट-बरहड़वा मुख्य पथ पर छोटा रांगा डांड़ पुल मोड़ ऑटो और तेल टेंकर में भिड़ंत हो गयी। ऑटो बरहड़वा की तरफ जा रहा था, जबकि दूसरी दिशा से तेल टैंकर आ रहा था। टैंकर और आटो में जोरदार टक्कर हो गयी। इस दुर्घटना में 4 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। हादसे का शिकार हुए सभी लोगों को तत्काल अस्पातल ले जाया गया।
इस बीच इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर कुछ लोगों ने रांगा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पतना में तोड़फोड़ भी की। अस्पताल की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हालांकि पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है। पुलिस शवों को पाेस्टमार्टम के लिए ले जाना चाहती थी लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें रोक दिया है। हालांकि प्रशासन के साथ पुलिस की टीम मौके पर मौजूद है।
मृतकों में रांगा थाना क्षेत्र के बड़ा रांगा गांव का 40 वर्षीय समरा साह, घटियारी की 30 वर्षीय रंदनी सोरेन, डाहूजोर की छह वर्षीय शांति हेम्ब्रम और ऑटो चालक बरहड़वा थाना क्षेत्र का बिशनपुर निवासी 34 वर्षीय अमल दत्ता शामिल है। पुलिस के मुताबिक घायलों में डाहूजोर निवासी 8 वर्षीय सगुन हांसदा, 8 साल की नेहा मुर्मू, बड़ा रांगा निवासी 35 वर्षीय भोला साहा, अठगावां निवासी तालामय हेम्ब्रम और आठ वर्षीय बाबूराम शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि सभी घायलों की हालत गंभीर है। सभी यात्री डहुआजोड़ चौक पर उतरने वाले थे लेकिन उससे पूर्व ही हादसा हो गया। स्वास्थ्य मंत्री ने घटना को लेकर कहा कि घटना की सूचना मिलते ही मैंने त्वरित कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन, साहिबगंज को तत्काल रांगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजने का निर्देश दिया है, ताकि घायलों को हर संभव और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मौके पर सभी आवश्यक डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मी पहुंच चुके हैं और घायलों की जान बचाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया जा रहा है।
निलंबित आइएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे के खास सहयोगी आटोमोबाइल कारोबारी विनय सिंह को रिमांड पर सात दिनों की पूछताछ के बाद एसीबी ने शुक्रवार को पुन: हजारीबाग के लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में भेज दिया है।
विनय सिंह हजारीबाग में वन भूमि घोटाला केस में गिरफ्तार होने के बाद से ही जेल में बंद है। इस केस में उसकी पत्नी स्निग्धा सिंह अभी फरार हैं, जिसकी तलाश में एसीबी ने बिहार से लेकर दिल्ली तक छापेमारी कर ली है, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका है।
विनय सिंह शराब घोटाला, जमीन घोटला व आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आरोपित है। रांची स्थित एसीबी मुख्यालय में विनय सिंह से सर्वाधिक प्रश्न आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में पूछे गए। रिमांड पर की गई पूछताछ से एसीबी संतुष्ट नहीं है।
एसीबी ने पूर्व में जब्त दस्तावेजों के आधार पर विनय सिंह से सवाल पूछे, वित्तीय लेन-देन, करोड़ों की चल-अचल संपत्ति की खरीद आदि से संबंधित मामले में दस्तावेज के आधार पर विनय सिंह से एसीबी ने सवाल-जवाब किया, लेकिन उसने हर प्रश्न पर एक ही जवाब दिया कि उसे कुछ याद नहीं है।
कोविड काल में डोरंडा में खरीदे गए डेढ़ करोड़ रुपये के फ्लैट के मामले में उसने बताया कि पूर्व में व्यवसाय से किए गए बचत के पैसे से उसने फ्लैट खरीदा था। कोविड काल में इसके अतिरिक्त भी कई जगहों पर भारी मात्रा में रुपयों के निवेश की जानकारी एसीबी को मिली है।
एसीबी को शक है कि सभी रुपये निलंबित आइएएस विनय कुमार चौबे से जुड़े काले धन हैं।
रिमांड पर पूछताछ के क्रम में ही कार के शोरूम में भी छापा
विनय सिंह से पूछताछ के क्रम में ही एसीबी ने विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह के नियंत्रण वाले कार के छह शोरूम में भी छापेमारी की। इन शोरूम से एसीबी ने डिजिटल उपकरण, निवेश व आइटीआर से संबंधित कागजात को भी जब्त की है, जिसके आधार पर एसीबी अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी।
एसीबी ने जिन शोरूम में छापेमारी की थी, उनमें रांची में करमटोली चौक के समीप निदान बिल्डिंग स्थित महिंद्रा नेक्सजेन सोल्यूसंस, डिबडिह स्थित एसएस मोटोजेन प्राइवेट लिमिटेड (टाटा मोटर्स शोरूम), कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित एसएस मोटोजेन प्राइवेट लिमिटेड, देवघर के मोहनपुर लोटवावर्न स्थित टाटा मोटर्स शोरूम, मोटोजेन, धनबाद के बरवाड्डा कशियाटर्न स्थित मोटोजेन शोरूम, एचएन मोटर्स शोरूम पंडुकी शामिल थे।
श्रवण जालान ने अब तक नहीं दिया राणी सती डेकोर के आय-व्यय का ब्यौरा
एसीबी ने शुक्रवार को भी टिंबर कारोबारी श्रवण जालान से पूछताछ की। एसीबी ने उससे उसके फर्म श्री राणी सती डेकोर के आय-व्यय से संबंधित ब्यौरा मांगा था। श्रवण जालान से आयकर रिटर्न से संबंधित कागजात भी मांगा गया था। उसने एसीबी को अब तक उपरोक्त कागजात उपलब्ध नहीं कराया है।
एसीबी ने श्रवण जालान के रिश्तेदार व दुमका के टायर कारोबारी नवीन पटवारी से भी आय-व्यय से संबंधित ब्यौरा के साथ एसीबी में उपस्थित होने के लिए कहा था। नवीन पटवारी केवल एक ही दिन एसीबी के कार्यालय में आया, उसके बाद अब तक उपरोक्त कागजात के साथ नहीं पहुंचा है।
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 4 जनवरी को शहर में यातायात व्यवस्था में आंशिक बदलाव किया गया है। पर्व के दौरान शहर में शांति, सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा यह निर्णय लिया गया है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जनवरी को सुबह 5 बजे से रात 11 बजे तक शहर में सभी प्रकार के भारी वाहनों का परिचालन पूर्णतः वर्जित रहेगा। हालांकि, यात्री सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है।
झारखंड की जेलों में कक्षपाल के 1,733 पदों पर नियुक्ति के लिए नौ जनवरी से आठ फरवरी तक आनलाइन फार्म भरे जाएंगे। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने शुक्रवार को झारखंड कक्षपाल प्रतियोगिता परीक्षा-2025 के लिए आवेदन प्रक्रिया का नया कार्यक्रम घोषित कर दिया है।
इससे पहले आयोग ने अपरिहार्य कारण बताते हुए आवेदन प्रकिया स्थगित कर दी थी। अब इस परीक्षा के लिए नए सिरे से आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, आनलाइन आवेदन के बाद 10 फरवरी मध्य रात्रि तक परीक्षा शुल्क भुगतान होगा तथा फोटो एवं हस्ताक्षर अपलोड होगा।
11 से 13 फरवरी की मध्य रात्रि तक आनलाइन आवेदन पत्र में की गई किसी भी अशुद्ध प्रविष्टि को संशोधित किया जा सकेगा। इधर, आयोग ने इस प्रतियोगिता परीक्षा में खेलकूद कोटा में आरक्षण के प्रविधान को भी विज्ञापन में सम्मिलित कर लिया है।
खेलकूद कोटा के अंतर्गत आरक्षण का दावा कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग द्वारा 11 सितंबर 2007 को जारी संकल्प के आधार पर दिया जाएगा।
सीधी नियुक्ति के लिए भारतीय ओलंपिक संघ अथवा उससे संबद्ध फेडरेशनों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में द्वितीय/तृतीय स्थान, झारखंड ओलंपिक संघ अथवा उससे संबद्ध संघों द्वारा आयोजित चैंपियनशिप में प्रथम स्थान तथा राष्ट्रीय रिकार्ड स्थापित करने वाले खिलाड़ियों को आरक्षण का लाभ मिलेगा।
बताते चलें कि कक्षपाल के कुल 1,733 पदों पर नियुक्ति होनी है, जिनमें 1,698 नियमित तथा 35 बैकलाग पद सम्मिलित हैं। कुल नियमित पदों में 1634 पद पुरुषों तथा 64 पद महिलाओं के लिए हैं।
बताते चलें कि पहले इस प्रतियोगिता परीक्षा के लिए छह नवंबर से आनलाइन फार्म भरे जाने थे, लेकिन ऐन वक्त पर आवेदन की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई।
झारखंड की राजनीति और चुनावी भविष्य को प्रभावित करने वाली एक बड़ी प्रशासनिक कवायद शुरू होने वाली है। राज्य में 10 फरवरी के बाद किसी भी समय मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की जा सकती है।
इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को पूरी तरह ‘साफ-सुथरा’ करने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए राज्य के करीब 12 लाख मतदाताओं के नाम कटने की तलवार लटक गई है। इस विशेष पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों को परखने के लिए भारतीय चुनाव आयोग की एक उच्चस्तरीय टीम 8 जनवरी को झारखंड पहुंच रही है। आयोग की टीम राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर ‘पैतृक मैपिंग’ की प्रगति की समीक्षा करेगी।
क्या है 2003 का ‘मैपिंग फॉर्मूला’?
गौरतलब है कि अब तक राज्य में मैपिंग का करीब 78% काम पूरा कर लिया गया है। इस बार की प्रक्रिया सामान्य नहीं है। निर्वाचन विभाग 2024 की वर्तमान मतदाता सूची का मिलान 2003 की मतदाता सूची से कर रहा है। इसे ‘पैतृक मैपिंग’ कहा जा रहा है। झारखंड में वर्तमान में लगभग 2.65 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से 1.61 करोड़ की मैपिंग हो चुकी है। जिन वोटरों के नाम या उनके पूर्वजों के विवरण 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहे हैं या जो सत्यापन के लिए पर्याप्त दस्तावेज नहीं दे पा रहे हैं, उन्हें सूची से बाहर किया जा सकता है। इसमें मृत, पलायन कर चुके और एक से अधिक स्थान पर दर्ज नाम शामिल हैं।
BLOs पर भारी दबाव
इस पूरी प्रक्रिया की सबसे कमजोर कड़ी बूथ लेवल अधिकारी (BLO) साबित हो रहे हैं। साहिबगंज सहित कई जिलों से आई रिपोर्ट्स के अनुसार, BLOs पर काम का अत्यधिक बोझ है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हमें खुलेआम चेतावनी दी जाती है कि यदि लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो नौकरी से सस्पेंड कर दिया जाएगा।” अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि 60-70 साल की उम्र के कई बुजुर्ग मतदाता 2024 की लिस्ट में तो हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड 2003 की लिस्ट से गायब है। ऐसे में उनका सत्यापन करना एक पहेली बन गया है। SIR प्रक्रिया के औपचारिक आगाज के बाद, चुनाव विभाग घर-घर जाकर गणन फॉर्म भरवाएगा। यह फॉर्म भरना हर मतदाता के लिए अनिवार्य होगा। मतदाताओं में भ्रम और पैनिक
इसमें दी गई जानकारी के आधार पर ही तय होगा कि संबंधित व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में बना रहेगा या नहीं। गलत दस्तावेज देने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। चूंकि 2003 के बाद राज्य की जनसंख्या और मतदाता आधार में बड़ा बदलाव आया है, इसलिए 2003 की सूची को आधार बनाने से आम जनता में भ्रम की स्थिति है। विशेषकर उन परिवारों में चिंता अधिक है जिनके सदस्य 2003 के बाद बालिग हुए और वोटर बने।